चारामा में जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत पर एक दिवसीय कार्यक्रम
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
चारामा, 28 नवंबर। शासकीय शहीद गेंदसिंह महाविद्यालय चारामा में ‘जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत—ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान’ विषय पर 27 नवंबर को एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सतीश लाटिया (प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा छत्तीसगढ़), विशिष्ट अतिथि जागेश्वरी भास्कर (अध्यक्ष, जनपद पंचायत चारामा), अंकित जैन (अध्यक्ष, जनभागीदारी समिति) तथा अन्य अतिथि मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के.के. मरकाम ने की। संचालन जनजाति गौरव समिति के संयोजक कुलेश्वर प्रसाद और सह संयोजक महेश कतलाम ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा, शहीद गेंदसिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, रानी दुर्गावती, भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्रों पर दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण और राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार’ के साथ किया गया।
इसके बाद अतिथियों ने जनजाति नायकों से संबंधित प्रदर्शनी, विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई रंगोली, चित्रकला, पोस्टर और छत्तीसगढ़ी व्यंजन का अवलोकन किया।
मुख्य वक्ता विकेश कुमार हिचामी ने कहा कि जनजातीय समाज का ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक योगदान महत्वपूर्ण रहा है। इसको हर वर्ग को जानना जरूरी है। उन्होंने बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गेंदसिंह और रानी दुर्गावती के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को इस विरासत के बारे में जानना चाहिए।
उन्होंने कहा कि—बिरसा मुंडा प्रकृति से जुड़ाव रखने वाले नेतृत्वकर्ता थे। छत्तीसगढ़ के कई जननायकों ने अंग्रेज शासन के विरुद्ध संघर्ष में भूमिका निभाई। जनजाति समाज प्रकृति पूजक परंपरा से जुड़ा है।
जनभागीदारी समिति अध्यक्ष अंकित जैन ने कहा कि जनजाति समाज भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है और युवा पीढ़ी को जनजाति नायकों के योगदान को समझना चाहिए।
मुख्य अतिथि सतीश लाटिया ने बिरसा मुंडा के नेतृत्व और उनके प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को संगठित किया और ब्रिटिश शासन तथा अन्य शोषणकारी प्रवृत्तियों के खिलाफ जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जनजाति नायकों ने स्वाभिमान की रक्षा के लिए विद्रोह का मार्ग अपनाया और समाज को दिशा दी।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने जनजातीय लोकनृत्य प्रस्तुत किया। प्राचार्य ने अतिथियों को मोमेंटो और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। चित्रकला, रंगोली, छत्तीसगढ़ी व्यंजन और अन्य गतिविधियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।