‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 29 नवंबर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार को राजीव भवन, जगदलपुर में प्रेसवार्ता कर जमीन गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी, हसदेव अरण्य क्षेत्र से जुड़े निर्णयों, कानून-व्यवस्था, मतदाता सूची के एसआईआर कार्य और धान खरीदी व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
जमीन गाइडलाइन दरों
में बढ़ोतरी पर टिप्पणी
दीपक बैज ने कहा कि जमीन गाइडलाइन दरों में 10 से 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। उनका कहना है कि इससे व्यवसायियों, किसानों, मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के लोगों पर आर्थिक प्रभाव पड़ेगा तथा संपत्ति क्रय-विक्रय की क्षमता प्रभावित होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कुछ लोगों द्वारा हाल के वर्षों में की गई जमीन खरीद तथा उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की वजह से बाजार मूल्य बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैज ने कहा कि इस संबंध में भूमि खरीद की जांच होने पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
हसदेव अरण्य से जुड़े मुद्दे
बैज ने कहा कि राज्य सरकार ने केते एक्सटेंशन ओपन कास्ट कोल माइंस और पिट-हेड कोल वॉशरी परियोजना के लिए 1,742.60 हेक्टेयर वनभूमि को गैर-वन उपयोग में परिवर्तित करने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव अब केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय के पास है और स्वीकृति मिलने पर पेड़ों की बड़ी संख्या में कटाई की संभावनाएँ होंगी।
बैज ने यह भी कहा कि स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी समुदायों ने इस क्षेत्र में नए खनन कार्यों पर आपत्ति जताई है, और कई ग्राम सभाओं ने विरोध में प्रस्ताव पारित किए हैं।
डीजी सम्मेलन और कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी
दीपक बैज ने कहा कि डीजी कांफ्रेंस की मेजबानी कर रहे छत्तीसगढ़ में पिछले छह महीनों से स्थाई डीजी की नियुक्ति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षा और अपराध नियंत्रण से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है तथा यह भी कहा कि कई गंभीर अपराधों के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं।
एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल
बैज ने कहा कि मतदाता सूची के एसआईआर कार्य को लेकर प्रक्रिया पूर्ण होने के दावों और वास्तविक स्थिति में अंतर है। उन्होंने कहा कि फार्म वितरण और एसआईआर पूरा होने की दर घोषित आंकड़ों से कम है।
उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में एसआईआर की अंतिम तिथि नजदीक होने के बावजूद किसान धान बेचने के कारण उपलब्ध नहीं हो पा रहे, इसलिए समयसीमा बढ़ाने की मांग की।
धान खरीदी व्यवस्था पर आरोप
बैज ने कहा कि धान खरीदी के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल की घोषित सीमा के अनुरूप खरीद नहीं हो रही। उनका कहना है कि कई सोसायटियों में खरीदी 16 से 19 क्विंटल के बीच सीमित है।
उन्होंने कहा कि कई किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहे हैं और पोर्टल पर पंजीयन अधूरे हैं, जिससे किसानों को समस्याएँ आ रही हैं।
प्रेसवार्ता में सुशील मौर्य, रेखचंद जैन, प्रेमशंकर शुक्ला, लता निषाद, बलराम यादव, कविता साहू, रोजविन दास, हनुमान द्विवेदी, रविशंकर तिवारी, रामशंकर राव, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।