बस्तर
कलेक्टर ने बढ़ाया मनोबल, कहा- सहभागिता ही सबसे बड़ी जीत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 3 दिसम्बर। जगदलपुर का इंदिरा स्टेडियम समर्पण बुधवार को और खेल भावना के एक अद्भुत संगम का गवाह बना, जब विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर जिले के दिव्यांग बच्चों के लिए खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सर्व शिक्षा अभियान द्वारा आयोजित इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में जिले के सभी सात विकासखंडों से दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया, जिससे पूरे वातावरण में नई ऊर्जा का संचार हुआ।
इस महत्वपूर्ण आयोजन को और भी खास बनाने के लिए कलेक्टर हरिस एस स्वयं आयोजन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने न केवल प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि अपने उद्बोधन में उन्हें संबोधित करते हुए एक गहरा संदेश दिया। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि इन प्रतियोगिताओं में केवल खेल कौशल का प्रदर्शन नहीं हो रहा है, बल्कि यह जीवन में चुनौतियों का सामना करने की अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा हमारी दृष्टि में इन खेलों में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण आपकी सहभागिता है। आप सभी ने जिस साहस और दृढ़ संकल्प के साथ इन प्रतियोगिताओं में शामिल होने का निर्णय लिया है वह अपने आप में एक बड़ी जीत है। उन्होंने सभी बच्चों को ट्रैक पर उतरने और खेल भावना दिखाने के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं, जिसने उनके आत्मविश्वास को और बढ़ाया।
प्रशासन का एकजुट समर्थन भी इस आयोजन की सफलता का एक प्रमुख कारण रहा। खिलाडिय़ों का उत्साह बढ़ाने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, अनुविभागीय दंडाधिकारी ऋषिकेश तिवारी और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता राजीव बतरा, समग्र शिक्षा के सहायक परियोजना समन्वयक सूरज निर्मलकर, राजेश त्यागी सहित कई अन्य अधिकारी मंच पर उपस्थित थे। उनकी उपस्थिति ने यह सुनिश्चित किया कि खिलाडिय़ों को यह महसूस हो कि जिला प्रशासन उनकी प्रतिभा को पहचानता है और उनके हर प्रयास में उनके साथ खड़ा है।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे और उनकी विशिष्ट प्रतिभाओं को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं।
यह प्रतियोगिता समावेशी शिक्षा के सिद्धांत को नई ऊर्जा देते हुए आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य न केवल दिव्यांग छात्र-छात्राओं की खेल प्रतिभा को मंच देना था, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, सहभागिता और उत्साह का संचार करना भी था। प्रतियोगिता को प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकेण्डरी स्तर पर विभाजित किया गया था, जिनके अनुरूप कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, 50 मीटर स्प्रिंट, स्प्रिट बॉल थ्रो, गोला फेंक, फुटबॉल, मटका फोड़, एकल गीत और सामूहिक गीत जैसी रोचक स्पर्धाएं तय की गईं। इन स्पर्धाओं ने न केवल बच्चों की क्षमताओं को परखा, बल्कि उनके भीतर आनंद और आत्मविश्वास भी जगाया। प्रतियोगिता के सफल समापन पर सभी प्रतिभागियों को उनके जज्बे के लिए सम्मानित किया गया। यह दिन जगदलपुर के लिए न केवल खेल का दिन रहा, बल्कि आशा, प्रेरणा और समावेश के मजबूत संदेश का दिन भी बन गया।


