‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 2 जनवरी। अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल की। बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन के तीसरे दिन भी पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ हड़ताल जारी रही, जिसमें बलौदाबाजार जिले के सभी शासकीय कार्यालय में तालाबंदी रही। जिले के अलग-अलग विभागों के सभी कैडर के शासकीय कर्मचारियों ने मोदी की गारंटी लागू करो और अव नई साहिबो डीए एरियर्स ले के रहिबो नारे लगाए। हड़ताल के तीसरे दिन भी शासकीय दफ्तर में सन्नाटा पसरा रहा। कलेक्ट्रेट, तहसील कार्यालय, स्कूल, अस्पताल और अन्य विभागीय दफ्तरों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। दूर दराज से आये ग्रामीण और आम नागरिकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। फेडरेशन का कहना है कि यह उनकी अस्मिता और वादों को पूरा कराने की लड़ाई है। सरकार में आने से पूर्व मोदी की गारंटी के रूप में जो संकल्प पत्र बीजेपी ने जारी किया था, उसे लागू करने की कर्मचारी संगठनों की मांग सहित कई मांगें हैं। फेडरेशन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान जो वादे किए गए थे, अब तक धरातल पर नहीं उतरा गया है । डीए और लंबित एरियर्स की राशि के कारण कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनकी मुख्य मांगों में चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वादों को तत्काल लागू करना लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति को दूर करना केंद्र के समान महंगाई भत्ता और गृह भाड़ा भत्ता की मांग कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्लेसमेंट कर्मचारियों को परमानेंट करना महत्वपूर्ण मांग शामिल है। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए फेडरेशन के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि हमने बार-बार सरकार को चेतावनी दी थी, लेकिन हमारी जायज मांगों को ध्यान नहीं दिया गया। मोदी की गारंटी सिर्फ एक नारा ही नहीं कर्मचारियों से किया गया वादा था, जिसे निभाना ही होगा अगर तीन दिनों में हमारी बात नहीं मानी गई तो आने वाले समय में अनिश्चितकालीन हड़ताल की रूपरेखा ने एक विशाल रैली निकाल कर सरकार को अपनी ताकत दिखाई। हजारों की संख्या में शासकीय कर्मचारियों ने इसमें हिस्सा लिया और एक स्वर में अपनी मांगों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम से ज्ञापन सौंपा।
रैली में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक डॉ. एल एस ध्रुव, मनोज कुमार दुबे, संतोष वैष्णव, वायल रॉबर्ट,रमेश नेगी,कामता जांगड़े,भीम सेन,पी के हिरवानी ,रामलाल साहू,बी एल दिवाकर,प्रकाश कुमार तिवारी, सुरेश कुमार पैकरा,विजय साहू,अरुण साहू,मनबोथ टंडन,माखन चंद्राकर,सुश्री बालेश्वरी साहू, दिगेंद्र वर्मा,अविनाश तिवारी, चेतन बघेल,भूपेंद्र गिलहरे, मूरित श्रीवास,चितेश्वर वर्मा,देवेंद्र साहू,बेनीराम,कमलेश धनगर,राजपाल सिंह,रमेश वर्मा, श्रीराम ध्रुव,एस बाघमार,एम एल नायक,वी के सीरमोर ,विनोद कुर्रे,टीकाराम यादव, आर एस कंवर,प्रकाश जाधव,जामवंत वर्मा,गौरीशंकर वैष्णव, विक्रम रॉय ,अशोक कुमार शर्मा,एम पी बांधे,रोशन देवांगन, दीपक मिश्रा आदि शामिल रहे।