संपत्ति कर के मुद्दे पर महापौर की ओछी राजनीति
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 14 अप्रैल। शहर में बढ़े हुए संपत्ति कर को लेकर अब सियासी संग्राम तेज हो गया है। सोमवार को कांग्रेस ने नगर निगम का घेराव कर महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घेराव के पहले ही महापौर ने नगर निगम आयुक्त को अनुपस्थित कर दिया, ताकि कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद न रहे और ज्ञापन स्वीकार न किया जा सके। हालांकि बाद में नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (ईई) दीपक खांडे और राजस्व अधिकारी राजेश तिवारी ने कांग्रेस का ज्ञापन लिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और संपत्ति कर में कमी की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने तीखा हमला बोलते कहा कि महापौर कांग्रेस के आंदोलन से घबरा गए हैं। यही कारण है कि उन्होंने आयुक्त को पहले ही हटा दिया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान बताते कहा कि जनता के मुद्दों से भागना किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा तय किया गया संपत्ति कर पूरी तरह अव्यवस्थित और गलत है। जिससे आम नागरिकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में संपत्ति कर निर्धारण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल के लिए एक समान कर दर लागू करना तर्कसंगत नहीं है। प्रत्येक मंजिल के उपयोग और मूल्य के आधार पर अलग-अलग दरें होनी चाहिए।
शहर के मुख्य मार्गों और अंदरूनी बस्तियों के लिए एक जैसी दरें तय कर दी गई है। जबकि इन क्षेत्रों के बाजार मूल्य और सुविधाएं अलग-अलग हैं। घरों के खाली हिस्से, आंगन या खाली प्लॉट पर भी टैक्स लगाया जा रहा है, जिसे कांग्रेस ने पूरी तरह अनुचित बताया। दुकानों और व्यवसायिक परिसरों के लिए भी समान दर लागू कर दी गई है। जबकि उनकी स्थिति और आय में काफी अंतर होता है।
कांग्रेस ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते कहा है कि यदि संपत्ति कर में जल्द सुधार कर दरों को कम नहीं किया गया तो पार्टी आम जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। नेताओं ने कहा कि नगर निगम को चाहिए कि वह कलेक्टर गाईड लाइन और वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते कर निर्धारण पर पुनर्विचार करें, ताकि लोगों को राहत मिल सके। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार, पूर्व महापौर हेमा सुदेश देशमुख, पार्षद हफीज खान, श्रीकिशन खंडेलवाल, दिनेश शर्मा, रमेश राठौड़, झमन देवांगन, राकेश जोशी, माया शर्मा, गणेश पवार, रमेश डाकलिया, विनय झा, अशोक फडऩवीस, विनोद यादव, आसिफ अली, मनीष गौतम, प्रज्ञा गुप्ता, चेतन भानुशाली, सिद्धार्थ डोंगरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।