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हाईकोर्ट से चैतन्य बघेल को जमानत मिली, ईडी और ईओडब्ल्यू ने किया मामला दर्ज, जुलाई से थे गिरफ्तार
02-Jan-2026 6:13 PM
हाईकोर्ट से चैतन्य बघेल को जमानत मिली, ईडी और ईओडब्ल्यू ने किया मामला दर्ज, जुलाई से थे गिरफ्तार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 2 जनवरी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से राहत मिली है। लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने चैतन्य बघेल की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए आज आदेश जारी किया। इससे पहले कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था। यह उनका जन्मदिन था। तब से वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनकी ओर से प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्तारी को चुनौती दी गई थी और यह दलील दी गई कि जांच में उन्होंने पूरा सहयोग किया, इसके बावजूद सीधे गिरफ्तारी की गई।

प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में दावा किया कि शराब घोटाले से अर्जित धन को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश कर उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई। ईडी के मुताबिक चैतन्य बघेल को सीधे तौर पर 16.70 करोड़ रुपए की ब्लैक मनी मिली। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि करीब 1000 करोड़ रुपए की कैश हैंडलिंग घोटाले के नेटवर्क के जरिए हुई।

ईडी की जांच में सामने आया कि बघेल डेवलपर्स के ‘विठ्ठल ग्रीन’ प्रोजेक्ट में घोटाले की रकम लगाई गई। कंसल्टेंट के बयान और डिजिटल डिवाइस की जांच में यह संकेत मिले कि वास्तविक लागत 13 से 15 करोड़ रुपए थी, जबकि रिकॉर्ड में महज 7.14 करोड़ दिखाए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि 4.2 करोड़ रुपए का नकद भुगतान रिकॉर्ड से बाहर किया गया।

जांच में कई कारोबारियों और कथित बिचौलियों के बयान सामने आए, जिनमें शराब घोटाले की रकम को अलग-अलग माध्यमों से घुमाकर निवेश करने की बात कही गई। ईडी के अनुसार, ज्वेलर्स, ठेकेदारों और रियल एस्टेट सौदों के जरिए कैश ट्रांजेक्शन किए गए।

चैतन्य बघेल की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि गिरफ्तारी का आधार मुख्य रूप से एक गवाह के बयान पर रखा गया, जबकि आरोपी को न तो समन दिया गया और न ही बयान दर्ज किया गया। बचाव पक्ष ने इसे कानून प्रक्रिया के विपरीत बताया।

इस अहम मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा के समक्ष हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत पर निर्णय दिया।


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