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-समीर ख़ान
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कलेक्टर और निगम आयुक्त को नोटिस जारी किया है.
भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में हाई कोर्ट में लगातार जनहित याचिकाएं दायर की जा रही हैं. आज इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई, वहीं एक नई जनहित याचिका पर भी अदालत में सुनवाई की गई है.
इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई से कई लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों के मामले में 31 दिसंबर को हाई कोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं. पहली याचिका हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईनाणी की ओर से लगाई गई थी, जबकि दूसरी याचिका पूर्व पार्षद महेश गर्ग और कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी की ओर से दायर की गई थी.
जिसमें 31 दिसंबर को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नगर निगम को अंतरिम आदेश जारी करते हुए सभी प्रभावित लोगों का मुफ्त इलाज कराने और क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे. इन्हीं आदेशों के पालन में आज 2 जनवरी को नगर निगम की ओर से स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश की गई.
वहीं आज इस मामले में एक तीसरी जनहित याचिका भी हाई कोर्ट में दायर की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को नोटिस जारी किए हैं.
तीसरी याचिका पर अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी, जबकि पहले से दायर दो जनहित याचिकाओं पर 6 जनवरी को सुनवाई निर्धारित की गई है.


