रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 अप्रैल। आयकर विभाग के अधिकारी कर्मचारियों का संयुक्त संगठन ने गुरुवार से चरणबद्घ आंदोलन शुरू किया है। आज देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी भोजनावकाश के दौरान नारेबाजी प्रदर्शन किया गया।
सरकारी खजाने के लिए साल में 23 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा की वसूली करने वाले ये अधिकारी कर्मचारी परेशान हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर प्रमोशन और काम के दबाव समेत 10 लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की हैं। इन कर्मचारियों ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेस पर लगातार उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है।
इनकम टैक्स इम्पलाईज फेडरेशन और इनकम टैक्स विभाग में प्रोमोटी अधिकारियों के संगठन इनकम टैक्स गजेटेड ऑफिसर्स एसोसिएशन ने मिल कर ज्वॉइंट कांउसिल ऑफ एक्शन बनाया है। दोनों संगठन 97त्न स्टाफ का प्रतिनिधित्व करते हैं।इनका कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे सात चरणों का आंदोलन करेंगे।
बीते 6 अप्रैल को इन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के रेवेन्यू सेक्रेटरी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में जेसीए ने 10 लंबित मुद्दों का जिक्र किया है। इनमें ‘करिअर उन्नति में रुकावटें और प्रमोशन की कम संभावनाएं, अव्यवहारिक वार्षिक सामान्य तबादले, अस्थिर सेवा शर्तें, काम का बेवजह दबाव, अवास्तविक लक्ष्य और कर्मचारियों तथा जरूरी बुनियादी ढांचे की भारी कमी ने हमारे सदस्यों को बिल्कुल हाशिये पर धकेल दिया है।’
जेसीए के मुताबकि वे सात चरणों वाले आंदोलन का सहारा लेंगे। इसकी शुरुआत आज से इसके बाद आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 20 अप्रैल को‘काली पट्टी’ लगाना और 27 से सांख्यिकीय रिपोर्ट न तैयार करना न जमा करना। 4 मई को आयुक्त कार्यालयों के सामने धरना। 7 म?ई को हाफ डे वर्किंग (लंच के बाद)। 13 म?ई को एक दिवसीय हड़ताल।
जेसीए ने यह भी कहा है कि उनके कैडर की समीक्षा और पुनर्गठन 13 साल पहले हुआ था और यह उस समय से लंबित है।


