रायपुर

10 हजार करोड़ की चूक पर पर्दा, बैंक को ढाल बना जिम्मेदारों को बचाने का आरोप
16-Apr-2026 6:23 PM
10 हजार करोड़ की चूक पर पर्दा, बैंक को ढाल बना जिम्मेदारों को बचाने का आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 16 अप्रैल। मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन भुगतान से जुड़े लगभग साढ़े 10 हजार करोड़ रुपये के मामले में सामने आई गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर पेंशनरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।  भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में केवल बैंक को दोषी ठहराकर वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

महासंघ के प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, संगठन मंत्री टी.पी. सिंह, रायपुर संभाग अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिन्हा एवं जिला अध्यक्ष आर.जी. बोहरे सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकार को इस गंभीर त्रुटि पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से पेंशनरों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

महासंघ ने यह भी मांग की है कि पिछले 5-6 वर्षों से लंबित महंगाई राहत (डीआर) एरियर का तत्काल भुगतान किया जाए, ताकि बढ़ती महंगाई के इस दौर में वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों को राहत मिल सके।

प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि महासंघ वर्ष 2018-19 से ही शासन को इस आर्थिक गड़बड़ी के बारे में लगातार अवगत कराता रहा है, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।


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