रायपुर
2025-26 के लिए वितरण होना बाकी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 15 अप्रैल। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घटिया साड़ी वितरण के मामले पर बवाल मचा है। बताया गया कि एक-दो सप्लायरों ने वित्तीय वर्ष-2025-26 के लिए साड़ी सप्लाई करने से मना कर दिया है। इन सबके बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी की राशि उनके खाते में अंतरित करने की भी मांग उठी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग छत्तीसगढ़ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित यूनिफार्म (साड़ी) में गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई शुरू की है, लेकिन अभी सप्लायरों पर सीधे तौर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सिर्फ खराब साडिय़ों को बदलने के निर्देश दिए हैं।
खास बात ये है कि वितरण में गड़बड़ी 2024-25 की है। वर्ष-2025-26 के लिए वितरण होना बाकी है। सूत्र बताते हैं कि पिछली गड़बडिय़ों के बाद एक-दो नये सप्लायरों ने साड़ी सप्लाई करने से आनाकानी कर रहे हैं। कुछ ने तो इस सिलसिले में महिला बाल विकास संचालक सुश्री रेणुका श्रीवास्तव से चर्चा भी की है। यूनिफार्म के रूप में करीब डेढ़ लाख साडिय़ों का वितरण होना है। इन सबके बीच विभाग को साड़ी सप्लाई का टेंडर निरस्त कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के खाते में देने का भी सुझाव दिया गया है। करीब 500 रुपये तक की साड़ी देने का प्रावधान है। इस सिलसिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ विभागीय मंत्री से चर्चा कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024-25 के लिए आंगनबाड़ी सेवाओं के तहत यूनिफार्म वितरण का कार्य छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को सौंपा गया था। लेकिन कई जिलों से शिकायतें मिलीं कि कुछ साडिय़ों की लंबाई तय मापदंड से कम है, वहीं कुछ की बुनाई भी सही नहीं है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए संचालनालय स्तर पर गठित समिति ने जांच की, जिसमें गुणवत्ता मानकों के विपरीत साडिय़ों की पुष्टि हुई। बहरहाल, विवादों को देखते हुए और कुछ सप्लायरों के पीछे हटने से आगे की सप्लाई पर रोक लग सकती है।


