रायपुर

10-12 वीं परीक्षाओं के नतीजे अगले हफ्ते संभव
24-Apr-2026 7:39 PM
10-12 वीं परीक्षाओं के नतीजे अगले हफ्ते संभव

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 24 अप्रैल। छत्तीसगढ़ माशिमं की फरवरी में हुई 10-12 वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे अगले हफ्ते जारी हो सकते हैं।इन परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पूरा हो गया है। मंडल के उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि रिजल्ट 30 अप्रैल या 1 मई को जारी हो सकते हैं। रिजल्ट बनाने टेबूलेशन , अंकसूचियां बनाने का काम अंतिम चरण में है। द्वितीय अवसर परीक्षा प्रणाली को देखते हुए रिजल्ट के साथ मेरिट लिस्ट जारी किए जाने की संभावना कम है। यह सूची द्वितीय अवसर परीक्षा के बाद जारी की जा सकती है।

इस वर्ष 10 की परीक्षा में 3.21 लाख और 12 वीं में 2.46 लाख छात्र छात्राएं शामिल हुईं। ये परीक्षा 20 फरवरी से शुरू हुई थी। 12 वीं हिंदी पेपर लीक होने पर उसे रद्द करते हुए 10 अप्रैल को यह पुन: ली गई।

सीएम साय से मांगा समय

यह नतीजे सीएम विष्णु देव साय के हाथों जारी कराने के प्रयास में है। मंडल की ओर से सीएम से समय मांगा गया है। पिछले वर्ष भी सीएम विष्णु देव साय ने 7 मई को जारी किए थे। इस बार  मप्र में सीएम ने जारी किए हैं इसे देखते हुए यहां भी सीएम के हाथों ही घोषित कराने की संभावना है। उससे पहले स्कूल शिक्षा मंत्री ही जारी करते रहे हैं।

स्कूलों में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों से ही पढ़ाई

रायपुर, 24 अप्रैल।  सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों से ही पढ़ाई होगी। इस मामले में मुख्य सचिव विकासशील ने संज्ञान लेकर सभी कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को पत्र भेजकर निगरानी करने कहा है।

 श्री शील ने लिखा है कि   पालकों के माध्यम से विभाग/ शासन को सूचना प्राप्त हो रही है कि निजी विद्यालयों द्वारा एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तक के स्थान पर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें क्रय करने हेतु विद्यार्थियों एवं पालकों को बाध्य किया जा रहा है।इस संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि निजी विद्यालय जहां सीजी बोर्ड से संबद्धता प्राप्त कर अध्यापन कराया जाता है, वहां पहली से 10वीं तक पाठ्यपुस्तकें एस.सी.ई.आर.टी. की छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम से प्रकाशित पुस्तकें विद्यार्थियों को नि:शुल्क प्रदाय किया जाता है। अत: इन विद्यालयों में विद्यार्थियों/पालकों को किसी अन्य प्रकाशकों की पुस्तके क्रय करने हेतु बाध्य न  किया जाए। इसी प्रकार सी.बी.एस.ई. से संबद्धता प्राप्त विद्यालयों में एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का अध्यापन कराया जाता है। पालकों से प्राय: यह शिकायत प्राप्त होती है कि अशासकीय विद्यालयों द्वारा उन्हें दुकान विशेष से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है।

 ऐसी कार्यवाही करने कहा है -कक्षा पहली से आठवीं तक नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है यह सभी विद्यार्थियों को शिक्षा सुलभ कराने की दृष्टि से लागू किया गया है। अत: कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों हेतु एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा प्रकाशित पुस्तकें लागू करवायें ताकि पालकों पर निजी पुस्तकों का अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पडे।

 कक्षा नवमी से 12 वीं के विद्यार्थियों हेतु किसी दुकान विशेष से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने हेतु बाध्य नहीं किया जाना सुनिश्चित करें।


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