रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 अप्रैल। छत्तीसगढ़ में पेंशनरों के एरियर भुगतान को लेकर अब टकराव की स्थिति बनती जा रही है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने बैंकों की कार्यप्रणाली पर सीधा हमला बोलते हुए इसे पेंशनरों के अधिकारों पर डाका करार दिया है।
प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने तीखे शब्दों में कहा कि 8 अप्रैल 2026 को शासन द्वारा जनवरी 2026 से 3त्न डीआर देने का आदेश जारी होने के बाद भी अधिकांश बैंक जानबूझकर एरियर रोककर बैठे हैं। यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि पेंशनरों का आर्थिक शोषण है।
उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 13 अप्रैल को ही एरियर भुगतान कर अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक सहित अन्य बैंक पेंशनरों को उनके ही पैसे के लिए दर-दर भटकने पर मजबूर कर रहे हैं।
महासंघ ने साफ कहा है कि यह रवैया अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक के स्पष्ट नियमों के तहत एरियर या पेंशन भुगतान में देरी होने पर संबंधित बैंक को 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना अनिवार्य है और यह भुगतान स्वत: होना चाहिए। इसके बावजूद बैंकों द्वारा नियमों की खुली अनदेखी करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
महासंघ ने सरकार को चेतावनी देते हुए मांग रखी है किसभी बैंकों से तत्काल 3त्न डीआर एरियर का भुगतान कराया जाए।
देरी की अवधि का 8 प्रतिशत ब्याज अनिवार्य रूप से पेंशनरों के खातों में जमा कराया जाए।
दोषी बैंकों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही महासंघ ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित 2त्न डीआर (जनवरी 2026 से) का आदेश छत्तीसगढ़ सरकार तत्काल जारी करे, अन्यथा इसे पेंशनरों के साथ लगातार हो रहे अन्याय की कड़ी माना जाएगा।
इस मुद्दे पर महासंघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे. पी. मिश्रा, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, प्रदेश संगठन मंत्री टी. पी. सिंह, अरुण तिवारी तथा संभागीय अध्यक्ष क्रमश: बी. एल. गजपाल (दुर्ग), शैलेन्द्र सिन्हा (रायपुर), राजेन्द्र कश्यप (बिलासपुर), गुरुचरण सिंह (सरगुजा) ने एक सुर में कहा कि यदि तत्काल भुगतान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।


