रायपुर
रेवड़ी की तरह नहीं बटेंगे इस बार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 अप्रैल। बीते कुछ वर्षों में अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया में जोन स्तर पर बड़े घालमेल को देखते हुए रेल मंत्रालय ने इस वर्ष से पूरी प्रक्रिया बदल दी है। बताया जा रहा है कि बीते वर्षों में फील्ड स्टाफ के बजाय महाप्रबंधकों, मंडल प्रबंधकों के आफिस स्टाफ को नामिनेट किए जाने से उन्हें भी पुरस्कृत किया जाता रहा है। इस वर्ष से ऐसा नहीं चलेगा। यही वजह है कि सालाना 10-11 अप्रैल को होने वाला पुरस्कार वितरण समारोह इस वर्ष अब तक नहीं हो पाया है।
रेल्वे बोर्ड के सचिव देवेंद्र कुमार ने 21 अप्रैल को सभी जोन महाप्रबंधकों को पत्र जारी कर इस संबंध में ताकीद किया है। उन्होंने कहा है कि रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) द्वारा दिए जाने वाले पूरे अवार्ड इको-सिस्टम को बदला गया है ।और बदले हुए नियमों के आधार पर, रेल मंत्रालय लेवल पर योग्य रेलवे कर्मचारियों से अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2026 के लिए नॉमिनेशन मंगाए गए हैं। इस बार से अवार्ड पाने वालों की संख्या ज़्यादा से ज्यादा 100 होगी। मरणोपरांत रेल कर्मियों के मामलों को छोडक़र अब किसी भी कार्यरत कर्मचारी को कोई कैश नहीं दिया जाएगा। मृतक के परिजनों को ?50,000/- होगा। अब अवार्ड पाने वालों को मेरिट सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
मैन-ऑन-रोल के आधार पर ज़ोन/क्क-वाइज़ कोटा तय किया गया है। इसके अनुसार, अलग-अलग ज़ोनल/क्क/दूसरी यूनिट्स द्वारा बोर्ड ऑफि़स को भेजे जाने वाले अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार के लिए नॉमिनेशन का कोटा भी रिवाइज़्ड कर दिया गया है।
अति विशिष्ट रेल अवार्ड के लिए ऑफिसर्स/स्टाफ के नॉमिनेशन, ऊपर बताए गए कोटे के हिसाब से 5 मई तक रेलवे बोर्ड को निर्धारित फॉर्मेट में जोन महाप्रबंधक की मंज़ूरी से भेजे जा सकते हैं। नामांकन केवल क्षेत्र में (फील्ड)कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के पक्ष में ही किए जाने चाहिए, जब तक कि कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के संबंध में कोई वास्तविक अपवाद न हो। क्षेत्रीय रेलवे द्वारा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि क्रू (लोको पायलट सहायक पायलट यानी इंजन ड्राइवर, ट्रेन मैनेजर) के लिए पर्याप्त संख्या में नामांकन प्रस्तुत किए जाएं, ताकि उन्हें उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। इसी प्रकार, टीटीई को भी उनके अच्छे व्यवहार, अधिकतम जुर्माना वसूली, या अन्य असाधारण योगदान आदि के लिए उचित प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए।
इन श्रेणी के तहत नामांकन हो सकेंगे
नए नवाचार/ प्रक्रियाएं/ कार्यप्रणाली , जिनसे खर्च में बचत, उत्पादकता में सुधार, आयात प्रतिस्थापन आदि हुआ हो। व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना किए गए सराहनीय कार्य, जिनसे रेलवे पर जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हुई हो। कमाई बढ़ाने और बिना टिकट यात्रा, चोरी आदि की घटनाओं से निपटने के लिए किए गए विशेष प्रयास।
परिचालन, सुरक्षा और संरक्षा में सुधार, तथा परिसंपत्तियों के बेहतर रखरखाव और उपयोग के लिए किया गया अनुकरणीय कार्य।
परियोजनाओं आदि को रिकॉर्ड समय में पूरा करना। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, जिससे राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली हो।
किसी अन्य क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन। नामांकन उपर्युक्त सात श्रेणियों में से किसी एक तक ही सीमित हो सकता है। यह भी कहा गया है कि नामांकन केवल 31 दिसंबर 2025 तक किए गए कार्यों के लिए ही किए जाएंगे। विवरण में उस श्रेणी के संबंध में असाधारण बिंदुओं का उल्लेख होना चाहिए, जिसके लिए नामांकन किया जा रहा है।


