रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 15 अप्रैल। डॉ अंबेडकर की 135 वीं जयंती के अवसर पर रायपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाइज यूनियन ने मंगलवार को परिचर्चा आयोजित की। इसमें बीमाकर्मियों व अधिकारियों के साथ राजधानी के विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए द्य डॉ अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण के पश्चात शेखर नाग व साथियों जनगीत प्रस्तुत किए। परिचर्चा का आरंभ करते हुए एलआईसी मंडल प्रबंधक श्रीतिग्गा ने कहा कि बाबा साहेब के कार्यों व शिक्षाओं से प्रेरणा की जरूरत है। वरिष्ठ पेंशनर साथी दिलीप भगत ने विस्तार के साथ बाबा साहेब के जीवन व उनके संघर्ष पर प्रकाश डाला।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ संजीव खुदशाह ने कहा कि बाबा साहेब वैचारिक क्रांति के अग्रदूत थे। संस्कृतिकर्मी शेखर नाग ने कहा कि डॉ अंबेडकर के विचारों को सही अर्थों में आत्मसात करते हुए मनुवाद पर आधारित सामाजिक व्यवस्था में बदलाव के संघर्ष को आगे बढ़ाना होगा।
परिचर्चा के मुख्य वक्ता आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने कहा कि डॉ अंबेडकर की 135 वीं जयंती में भारत अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। खुलेआम विचारों की हत्या हो रही है द्य कॉर्पोरेट व सांप्रदायिकता के नापाक गठबंधन ने संवैधानिक मूल्यों, अधिकारों, लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व धर्मनिरपेक्षता पर हमला बोल दिया है। उदारीकरण व निजीकरण के पैरोकारों ने राजकीय उद्यमों व सार्वजनिक क्षेत्रों को समाप्त करने की मुहिम छेड़ दी है। परिचर्चा को सी जेड आई ई के सहसचिव द्वय वी एस बघेल,सुरेंद्र शर्मा आर डी आई ई यू की महिला समिति की सचिव अनुसुइया ठाकुर ने भी संबोधित किया। परिचर्चा की अध्यक्षता एवं संचालन आर डी आई ई यू के अध्यक्ष राजेश पराते और महासचिव गजेन्द्र पटेल ने आभार जताया ।


