महासमुन्द

सामग्री खरीद में वित्तीय अनियमितता: कॉलेज के प्राचार्य समेत 4 निलंबित
30-Dec-2025 3:01 PM
सामग्री खरीद में वित्तीय अनियमितता: कॉलेज के प्राचार्य समेत 4 निलंबित

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
महासमुंद, 30 दिसंबर।
महासमुंद जिले के एक कालेज में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने जेम पोर्टल के माध्यम से 1.06 करोड़ रुपए की सामग्री खरीद में वित्तीय अनियमितता और नियमों की अनदेखी के आरोप में शासकीय आदर्श महाविद्यालय लोहारकोट के प्राचार्य डॉ.एसएस तिवारी सहित क्रय समिति के चार सहायक प्राध्यापकों को निलंबित कर दिया है।

उच्च शिक्षा आयुक्त के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्राचार्य डॉ. एसएस तिवारी ने अक्टूबर और नवंबर 2025 के बीच शासन की अनिवार्य अनुमति के बिना करोड़ों रुपए की सामग्री खरीदी। भंडार क्रय नियमों के तहत 50 हजार रुपए से अधिक की खरीद के लिए निविदा आमंत्रित करना अनिवार्य है। लेकिन आरोप है कि बगैर टेडर सामग्री खरीदकर प्राचार्य ने एल-वन मोड का उपयोग करके अपनी पसंदीदा फर्मों को लाभ पहुंचाया।

जांच में यह भी सामने आया है कि जिन तीन प्रमुख फर्मों सागर इंडस्ट्रीज, सिंघानिया ग्रुप और ओशन इंटरप्राइजेस से सामग्री खरीदी गई, वे संभवत: जांजगीर के एक ही परिवार से संबंधित हैं। महज दो महीने के भीतर इतनी बड़ी राशि की खरीद और तत्काल आपूर्ति मिलीभगत की ओर संकेत करती है। इसके अतिरिक्त प्राचार्य ने क्रय समिति में कॉलेज के स्टाफ के बजाय बाहरी सदस्यों को शामिल किया था, जो नियमों के विरुद्ध है।

निलंबित किए गए लोगों में प्राचार्य डॉ. एसएस तिवारी के साथ शासकीय कॉलेज पिथौरा के चार सहायक प्राध्यापक डॉ. सीमा अग्रवाल, डा. बृहस्पत सिंह विशाल,पीठी सिंह ठाकुर और डॉ.एसएस दीवान शामिल हैं। निलंबन अवधि के दौरान इन सभी का मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक कार्यालय, रायपुर निर्धारित किया गया है। जांच समिति ने इनके खिलाफ  प्राथमिकी एफ्आईआर दर्ज करने और संबंधित राशि की वसूली की भी सिफारिश की है।
 


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