धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 17 फरवरी । अधिवक्ता संघ कुरूद द्वारा रायगढ़ घटना को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया तथा कुरूद अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले न्यायालयों में काली पट्टी लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया गया। राजस्व अधिकारियों की मनमानी के विरोध में अधिवक्ता संघ कुरूद द्वारा राज्यपाल के नाम का ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा गया।
ज्ञात हो कि विगत तीन दिनों से सम्पूर्ण तहसील न्यायालय को अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा तालाबन्दी किया गया है जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।
रायगढ़ जिला में पिछले दिनों राजस्व विभाग एवं वकीलों के बीच हुए विवाद मामले में कुरुद के अधिवक्ताओं का कहना है कि राजस्व अधिकारियों द्वारा जानबूझकर निर्दोष अधिवक्ताओं के विरुद्ध विभिन्न अजमानतीय धाराओ में एफआईआर दर्ज करवा दिया गया है, जबकि राजस्व अधिकारियों के द्वारा मारपीट एवं गाली गलौज अधिवक्ता साथियो के साथ किया गया है।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि व मानवाधिकार विभाग के प्रदेश सचिव रमेश पांडेय ने रायगढ़ में राजस्व अधिकारियों और वकीलों के बीच हुए विवाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि राजस्व विभाग द्वारा वकीलों के विरुद्ध जो आंदोलन किया जा रहा है वह गलत है यहाँ तक कि तहसील कार्यालय में ताला बंदी कर आम आदमी के हितों की अनदेखी कर अनिश्चित कालीन हड़ताल करना कतई उचित नहीं है। अधिवक्ता पांडेय ने कहा कि स्थानीय स्तर पर हुए किसी विवाद को प्रदेश स्तर पर विवाद का विषय नही बनाया जाना चाहिए क्योंकि हर मामले की परिस्थिति अलग अलग होती है, किसी विषय को तिल का ताड़ नही बनाना चाहिए क्योंकि दोषी वयक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही हो गई है और प्रशासन अपनी कार्यवाही कर रहा है हमे अपनी जवाबदारी निभानी चाहिए ताकि वयवस्था बनी रहे और आम जनता के हितों की रक्षा हो सके।
कुरुद अधिवक्ता संघ की ओर से ज्ञापन देने वालों में एलके द्विवेदी, मोहेंद्र चंद्राकर, वीरेंद्र श्रीवास्तव, गुनवन्त सोलके,नरेंद्र साहू, बीडी साहू,यशवंत साहू, हेमन्त सिन्हा, जयप्रकाश साहू, महेन्द्र साहू, भुनेश्वरी साहू, दीपक साहू, एसपी लाम्बा, हेमन्त निर्मलकर, दीपक परमार, गुलेश्वर साहू, देवकरण साहू, प्रदीप यादव, तरुण यदु, सन्तोष बैस, तोष चक्रधारी, राकेश देवांगन शामिल थे ।


