धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरूद, 5 जनवरी। कुरुद विधानसभा के गातापार में लोककला महोत्सव में शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खाद बीज की कमी, बिजली बिल में वृद्धि, टोकन, धान खरीद में अवस्था, भुगतान के लिए भटकते किसानों का मुद्दा उठा मौजूदा भाजपा सरकार को जमकर लताड़ा। उन्होंने डबल इंजन को ट्रबल इंजन की सरकार बताते हुए कहा कि नक्सली समस्या खत्म करने के नाम पर भाजपा आदिवासियों का दमन कर बस्तर को कारपोरेट के हवाले करने जा रही है। छत्तीसगढ़ को बचाने के लिए हमें एकजुट होकर लडाई लडऩी होगी।
रविवार को कुरूद ब्लॉक के ग्राम गातापार (कोर्रा) में आयोजित तीन दिवसीय लोक कला महोत्सव के समापन समारोह में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, जयंती और तीज त्यौहारों को संरक्षित कर उसे संजोने का काम किया। इसके लिए समय समय पर सरकारी छुट्टी भी घोषित कि गई। लेकिन रिमोट कंट्रोल से चलने वाली भाजपा सरकार यह सब फिर भूल गई। ऐसे में इस गांव के युवाओं द्वारा लोक कला महोत्सव के आयोजन कर हमारी संस्कृति परंपरा, कला को जिंदा रखने का प्रयास प्रशंसनीय है।
श्री बघेल ने विष्णुदेव साय पर निशाना साधते हुए कहा कि मेहनतकश किसानों की समस्या सुनने सरकार तैयार नहीं है, यह बेहद दुर्भाग्य है। भाजपा राज में किसानों खाद बीज से लेकर टोकन, बिक्री और भुगतान के लिए भटकना पड़ रहा है। इस सरकार ने खसरा, रकबा घटा दिया है। जिससे प्रदेश में डेढ़ लाख किसानों की पांच लाख एकड़ जमीन कम हो गई है। ऑनलाइन ऑफलाइन सिस्टम में फूल छाप वालों का सांय सांय टोकन कटा, बाकी किसान मुंह ताकते रह गए।
डबल इंजन की सरकार में किसानों को 13 सौ की डीएपी को 2 हजार और तीन सौ की यूरिया को सात सौ में खरीदना पड़ा। ये कैसी डबल इंजन की सरकार है। भूपेश बघेल ने कहा कि किसानों को आज धान का मुल्य 31सौ मिल रहा है वह कांग्रेस सरकार की देन है। अगर उनकी सरकार होती तो धान की कीमत 4 हजार तक पहुंच जाती। सोसायटियों में खरीदे गए धान का उठाव नहीं हो रहा है। पिछले साल का धान अभी भी सड़ रहा है, यही स्थिति रही तो अगले साल खरीदी होगी भी नहीं कहना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि साय सरकार एक हजार महतारी वंदन की राशि दे रही है। हम होते तो डेढ़ हजार देते। हमने आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल खोले और भाजपा सरकार दारू भट्टी खोल रही है। हमने छत्तीसगढिय़ों की सरकार बना मान, सम्मान बढ़ाया है। लेकिन ये लोग समाज को अपमानित कर एक दूसरे को लड़ा रहे हैं।
श्री बघेल ने बस्तर, जशपुर, सरगुजा में जल जंगल जमीन बचाने चल रहे जन आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम और गृहमंत्री की नजर छत्तीसगढ़ के मिनरल और फारेस्ट पर है। एक पेड़ मां के नाम पर लोगों को उलझा कर छत्तीसगढ़ के जंगलों से लाखों पेड़ धड़ल्ले से काटे जा रहे हैं। धर्म की आड़ में छत्तीसगढ़ को लुटने वालों को सत्ता से बेदखल करने के लिए हमें एकजुटता के साथ अपने पुरखों के जैसे लड़ाई लडऩे की जरूरत है। अंत में भूपेश बघेल ने कांग्रेसियों को तीन साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारी करने की समझाइश दी।
इसके पूर्व विधायक ओंकार साहू, अम्बिका मरकाम, पूर्व विधायक लेखराम साहू, गिरिश देवांगन ने साय सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस अवसर पर शरद लोहाना, भरत नाहर, आलोक चंद्राकर, गोविंद साहू, शारदा साहू, राजू साहू, विनोद जैन, धर्मेंद्र कुर्रे, बसंत साहू सहित आयोजन समिति के सदस्य, ग्रामीण एवं कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


