‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 11 मई। दंतेवाड़ा प्रशासन द्वारा दूरस्थ गांव मैं योजनाओं के लाभ को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। जिससे अंतिम व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मयस्सर हो सके।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने इंद्रावती नदी के तटीय ग्राम तुमरीगुण्डा का जायजा लिया।
उन्होंने गांव में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं एवं शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव एवं ग्रामीणजनों के साथ बैठक कर गांव की समस्याओं से अवगत होते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
श्री ध्रुव ने सबसे पहले गांव में राशन कार्ड की स्थिति की जानकारी लेते हुए पूछा कि सभी पात्र हितग्राहियों के राशन कार्ड बने हैं या नहीं? सभी ग्रामीणों को नियमित रूप से राशन प्राप्त हो रहा है या नहीं? उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र परिवार राशन योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
कुंआं निर्माण से जल प्रबंध
इसके पश्चात कलेक्टर ने गांव में पेयजल के बारे पूछा। जिसमें ग्रामीणों द्वारा कुछ स्थानों पर पानी की समस्या होने की जानकारी देने पर उन्होंने सरपंच एवं सचिव को आवश्यक स्थानों पर रिंग कुआँ निर्माण की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को पेयजल की समस्या न हो, इसके लिए प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए।
इस दौरान कलेक्टर ने वृद्धावस्था पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं, आयुष्मान कार्ड एवं आधार कार्ड की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों के सभी आवश्यक दस्तावेज एवं योजनाओं का लाभ समय-सीमा में दिया जाए।
कलेक्टर श्री ध्रुव ने विशेष रूप से बच्चों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार बारसूर को निर्देश दिए कि गांव के सभी बच्चों के जाति प्रमाण पत्र शत-प्रतिशत बनाए जाएं। साथ ही आश्रम एवं स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने हेतु सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश प्रदान करने को कहा इसके अलावा कलेक्टर ने नए निर्वाचित हुए सरपंचों के क्षमता विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने 25 से 30 मई के मध्य विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि सरपंचों को गांव के समग्र विकास, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा किसानों की आय बढ़ाने संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से सरपंच ग्रामीणों को छोटे-छोटे स्वरोजगार एवं कृषि आधारित कार्यों के लिए प्रेरित कर सकेंगे, जिससे गांव की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। निरीक्षण के दौरान ग्राम सरपंच द्वारा गांव में छोटी पुल-पुलिया निर्माण की मांग रखी गई, जिस पर कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत करने तथा त्वरित स्वीकृति की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान श्री ध्रुव गांव के बुजुर्ग ग्रामीण जोगुराम के घर पहुंचे। कलेक्टर उनके घर पहुंचे और आत्मीयता से बातचीत करते हुए पूछा कि उन्हें नियमित रूप से राशन मिल रहा है या नहीं, गांव में विद्युत व्यवस्था कैसी है तथा बिजली कटौती की समस्या तो नहीं होती। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में जानकारी लेते हुए पूछा कि उन्हें आवास स्वीकृत हुआ है या नहीं। श्री जोगुराम ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है।