‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 16 मार्च। जिला न्यायालय दंतेवाड़ा में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 4,728 मामलों का निराकरण किया गया। इन मामलों में 4,10,52,768 रुपये की राशि का अवार्ड पारित किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य के निर्देशानुसार राजस्व जिला दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और बचेली के न्यायालयों को शामिल करते हुए कुल 10 खंडपीठों का गठन किया गया। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों में भी खंडपीठ गठित की गई थी।
न्यायालयों में लंबित कुल 4,810 नियमित मामलों को लोक अदालत में रखा गया था, जिनमें से 4,728 मामलों का निराकरण किया गया। यह लोक अदालत वर्चुअल और भौतिक दोनों माध्यमों से आयोजित की गई।
मामलों के निराकरण के लिए दंतेवाड़ा न्यायालय में विभिन्न खंडपीठों का गठन किया गया था। इनमें परिवार न्यायालय के न्यायाधीश हरीश कुमार अवस्थी, प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहन प्रसाद गुप्ता, विशेष न्यायालय (नक्सल प्रकरण) के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार जायसवाल, द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी.पी. सिंह दांगी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी अपूर्वा दांगी तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हर्षवर्धन जायसवाल शामिल रहे। इसी प्रकार व्यवहार न्यायालय बीजापुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रोजमीन खाखा, सुकमा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश चौहान तथा बचेली में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्वेता ठाकुर की खंडपीठ गठित की गई थी।
लोक अदालत में विभिन्न संस्थाओं के प्रकरण भी रखे गए थे। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, बीएसएनएल, श्रीराम फाइनेंस, चोला मंडलम फाइनेंस, नगर पंचायत बारसूर, विद्युत विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामले शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा पक्षकारों को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। साथ ही लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की गई।