सडक़ दुर्घटना में घायल की मदद करें, मददगार को 25 हजार की प्रोत्साहन राशि
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 29 मार्च। नवा बिहान जन जागरूकता अभियान के तहत सुरक्षित और जागरूक समाज के लिए महासमुंद पुलिस ने पहल करते हुए बताया कि साइबर सुरक्षा- ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 डायल करें, आपकी सतर्कता ही आपका बचाव है।
इस दौरान चाइल्ड लाइन नंबर 1098, डायल 112, महिला एवं बच्चों से संबंधित कानून के संबंध में जानकारी दी गई ।
उपस्थित लोगों से अपील की गई कि नशे को ‘ना’ कहें और खुशहाल जीवन को ‘हॉं’ कहें। बताया कि यातायात सुरक्षा आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प है। नेक इंसान बनकर सडक़ दुर्घटना में घायल की मदद करें। शासन द्वारा मददगार को 25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
जिला पुलिस द्वारा पिथौरा थाना के समक्ष स्काउट गाइड के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के लिए एक विशेष जागरूकता शिविर में पुलिस टीम ने साइबर अपराधों की रोकथाम, महिला सुरक्षा और नशा मुक्ति पर विस्तृत जानकारी साझा की।
पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट की धमकी, सेक्सटॉर्शन और फेक ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से होने वाली ठगी के प्रति सचेत किया।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। युवाओं को साइबर स्टॉकिंग की रिपोर्ट करने और मजबूत पासवर्ड बनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। किसी भी ऑनलाइन ठगी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग करने की सलाह दी गई। साथ ही यातायात सुरक्षा के नियमों का पालन करने की शपथ भी दिलाई गई।
बढ़ते नवीनतम साइबर क्राईम के बारे में बताया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सुरक्षा एवं प्राईवेसी को ध्यान में रखते हुए सावधानी पूर्वक सोशल मीडिया में व्यवहार करें। सोशल मीडिया में अनजान लोगों को रियल लाईफ में सत्यापन किये बिना उनका फें्रडशीप रिक्वेस्ट एक्सेप्ट न करने, सोशल मीडिया में सायबर बुलिंग, सायबर स्टाकिंग, फेक प्रोफाईल के संबंध में तत्काल रिपोर्ट करें, सोशल मीडिया में पोस्ट थर्ड पार्टी एप्स, लिंक अंजान से न जुडऩे, सोशल मीडिया में पर्सनल व सेंसिटीव जानकारी ना शेयर करने मजबूत पासवर्ड बनाने, लोगों को गुमराह करने से संबंधित फारवर्डेड मैसेज या पोस्ट को बिना सत्यता के सोशल मीडिया में ना शेयर करने, व्हाट्सएप, ट्वीटर, फेसबुक, इन्सटाग्राम, टेलीग्राम आदि में प्राईवेसी सेटिंग, टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन करने हेतु, शेयर बाजार में निवेश के नाम पर फेक ट्रेडिंग एप के नाम पर ठगी, सेक्सटार्शन, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर ठगी करने एवं ‘एपीके’ फाईल लिंक को ओपन न करने आदि अपराधों के बारे में रोकथाम हेतु जागरूक कर सायबर हेल्प लाईन नंबर 1930 में ऑनलाईन शिकायत दर्ज करने के अलावा अपने निकटतम पुलिस थाना या सायबर थाना जाकर रिपोर्ट करने हेतु कहा गया।
कहा कि किसी भी अनजान नम्बरों से आए वीडियो कॉल अटेंड ना करें, यदि किसी परिचित के द्वारा फोन पर पैसे की मांग की जाती है तो स्वयं उस परिचित को दुबारा फोन लगाकर फोन नंबर की तस्दिक करें, किसी अनजान लिंक पर कभी भी क्लिक न करें,कोई भी अनजान व्यक्ति फोन करके यदि यह कहे कि आपके नाम से एफ आई आर हो गया है आपको जेल जाने से बचने के लिए आपको पैसा देना पड़ेगा, तो किसी भी प्रकार से कोई फोन पे, गूगल-पे के माध्यम से पैसा ना भेजें।
पुलिस ऑफिसर, सीबीआई या जज, बैंक ऑफिसर या अन्य कोई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करे तो डरें नहीं, किसी भी तरह के ऐसे ऑफर जिसमें पैसा दुगुना करने का लालच दिया जाता है उन पर विश्वास ना करें, आदि के बारे में बताया गया तथा साइबर फ्रॉड होने पर टोल फ्री नंबर 1930 एवं साइबर थाना में शिकायत करने बताया गया साथ ही नशे के दुष्परिणाम एवं नशे से बचने के बारे में बताया गया।
यातायात सुरक्षा संबंधी जानकारी मे सडक़ दुर्घटना होने पर घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता, पुलिस को सूचना, देकर गुड सेमेरिटन का कर्तव्य निभाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। डायल-112 और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर-1098 के महत्व को भी साझा किया गया। जिसमें लगभग 80 छात्राएं एवं शिक्षक शिक्षिकाएं लाभान्वित हुए।