साढ़े 4 करोड़ से अधिक का गांजा-नशीली टैबलेट जब्त, 13 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,1 अप्रैल। अवैध गांजा कारोबार के खिलाफ महासमुंद जिला पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन निश्चय के तहत एएनटीएफ और स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के बड़े सिंडिकेट को मात्र 10 घंटे में ध्वस्त कर दिया।
कल पुलिस ने चार अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश देकर 636 किलो गांजा और 700 नशीली टैबलेट जब्त की है, जिसकी कुल कीमत 4 करोड़ 61 लाख 67 हजार 506 रुपए आंकी गई है और 13 तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक बसना पुलिस ने ओडिशा से राजस्थान के लिए निकली बोलेरो पिकअप गाड़ी को रोका। जांच करने पर गाड़ी में 20 कार्टन में गांजा भरा मिला। यहां चालक के अलावा गाड़ी मालिक भी आरोपी निकला।
एसपी प्रभात कुमार, एएसपी प्रतिभा पडिय ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस लेकर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने घेराबंदी कर सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 7 आरोपी उत्तर प्रदेश, प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों के हैं। जबकि 6 आरोपी छत्तीसगढ़ के निवासी हैं।
पुलिस का मानना है कि मुखबिरी और तकनीकी विश्लेषण के आगे पैकर्स एंड मूवर्स से लेकर परिवहन करने वाले सब फेल हो गए हैं।
कल गिरफ्तार आरोपियों में इमवन (37) राजस्थान, शिव मोहित साहू (27), निवासी सिंगरौली, पुष्पेंद्र साहू (21) सिंगरौली, युबरान (19), निवासी रिया, केशव दखल (22), राहुल अग्निहोली (37), निवासी मैनपुरी, देवशरण माने (46), निवासी जांजगीर-चांप (खरीददार), किशोर रातिया (25), निवासी भरण, निवासी ओडिशा शामिल हंै।
नशीली टेबलेट के आरोपी राकेश कुमार साहू (32), महासमुंद, मनोज कुमार सोनमेर (33), मुन्ना महासमुंद, सलीम कुरैशी (32), नयापारा, महासमुंद, रिंकू चन्द्रकर (34) बेमचा, रमेश उर्फ सोनू (30), खरोरा, महासमुंद शामिल हैं।
तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए सामान्य बाइक, लग्जरी कार, पिकअप और ड्रायफ्रूट्स से भरे ट्रक का इस्तेमाल किया था। लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेटर के जरिए रास्तों की रेकी भी की जा रही थी।
महासमुंद पुलिस ने पिछले तीन महीनों में 63 प्रकरणों में कुल 40 क्विंटल (4054 किलो) गांजा बरामद किया है और कुल 165 तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
एसपी प्रभात कुमार का कहना है कि ऑपरेशन निश्चय के तहत नशे के विरुद्ध यह जंग तब तक जारी रहेगी जब तक एक जिले से इस नेटवर्क की जड़ें पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती।
बताया कि इस बार गांजा नेटवर्क को तोडऩे में महासमुंद पुलिस को बिलालपुर और रामपुर कमिश्नरेट क्राइम से भी त्वरित सहयोग मिला। यहीं वजह है कि बड़ी सफलता मिली।
जानकारी दी कि महासमुंद सिटी कोतवाली पुलिस ने आरपीएफ की मदद से रेलवे स्टेशन के पास दबिश देकर 5 स्थानीय युवकों को पकड़ा। इनके पास से 700 जग प्रतिबंधित नशीली फैम्सूल (स्पैस्मों प्रोक्सीवन प्लस) जब्त की गई। ये आरोपी आपस में माल का बंटवारा कर शहर में खपाने की तैयारी में थे।