‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 23 मार्च । जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) महासमुंद में प्राचार्य अरुण प्रधान एवं उप प्राचार्य उमादेवी शर्मा के मार्गदर्शन एवं कला शिक्षा प्रभारी व्याख्याता संतोष साहू एवं सांस्कृतिक प्रभारी टेकराम सेन के संयोजन में विविध संस्कृतियों पर आधारित कला उत्सव का आयोजन किया गया ।
इस अवसर पर ओडिशा, पं. बंगाल, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडू एवं महाराष्ट्र के वेशभूषा संस्कृति, रहन सहन, खानपान, रीति-रिवाज, परंपरा एवं विशेष व्यंजनों पर आधारित स्टाल सृजित कर विविधता में एकता का परिचय छात्राध्यापकों ने दिया। समस्त स्टाल का अवलोकन पश्चात प्राचार्य अरुण प्रधान एवं उप प्राचार्य उमादेवी शर्मा ने कहा कि भारत एक बहुरंगी चुनरी के समान अत्यंत ही समृद्घ एवं प्यारा देश है ।
इस आयोजन से हमें हमारे भारतीय संस्कृति को समझने का अवसर मिला है । कला शिक्षा प्रभारी संतोष साहू ने कहा कि कला उत्सव एवं कला शिक्षा के माध्यम से हम हमारे विद्यालयों में नवाचार ला सकते हैं।
उक्त उत्सव के दौरान प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्राध्यापकों ने अपने अपने राज्य के संस्कृति के अनुरुप प्राचार्य सहित सभी सदस्यों का अनूठे अंदाज में अभिनंदन किया एवं संचालन करते हुये व्याख्याता टेकराम सेन द्वारा सभी राज्यों की भाषाओं पर आधारित पंक्तियों से कार्यक्रम को नई ऊंचाईयां दी।
कार्यक्रम के दौरान सभी राज्यों से एकल नृत्य एवं सामूहिक नृत्य ने सभी को झूमने के लिये मजबूर कर दिया । विशेषकर एकल नृत्य में राजस्थानी, महाराष्ट्रीयन पं. बंगाल एवं छत्तीसगढ़ नृत्य में पुष्पलता, तन्नू दीवान, धर्मेन्द्र जगत एवं राजश्री ने एवं सामूहिक नृत्य में उड़ीसा, हरियाणा, गुजरात, पंजाब, तमिलनाडु संस्कृति पर अनुज नायक, कल्याणी ध्रुव, मन्नू नेताम, नूतन साहू, शुभम पोर्ते एवं साथियों ने आकर्षक व विहंगम प्रस्तुति दी ।
कार्यक्रम की सफलता में सहायक प्राध्यापक के. सिंग, राजेश चंद्राकर, सुलभा द्विवेदी एम.डी. वर्मा, सुमन दीवान, दुर्गा सिन्हा, किरण कन्नौजे, तिलोतमा प्रधान, लक्ष्मी सिन्हा, ईश्वर चंद्राकर, झरना साहू सहित कार्यालयीन स्टाफ से सुनील मरकाम, सुषेण दीवान, आकांक्षा साहू, प्रदीप साहू, योगेन्द्र पाण्डे, मीना साहू, गरिमा सिंह राजपूत, तरुण चंद्राकर, हीरामन, अजय, उदित का विशेष योगदान रहा । छात्राध्यापकों की ओर से मीना ठाकुर, टोमन भंडारी, तनुजा ध्रुव, पायल चंद्राकर, कुसुम दीवान, ज्योति जगत, इन्दूमती ध्रुव, कल्याणी ध्रुव, भारती कालसा, गुंजा साहू सहित समस्त छात्राध्यापकों ने बढ़-चढकऱ हिस्सा लेते हुये कार्यक्रम को सफल बनाया । संचालन अपने अनूठे अंदाज में व्याख्याता टेकराम सेन व आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक राजेश चंद्राकर ने किया ।