निधन के साथ भारतीय सिने जगत का एक युग समाप्त हो गया-अरुण
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 30 नवंबर। 28 नवंबर की शाम दुर्ग शहर के हृदय स्थल पुराना बस स्टैंड में एक ऐसा भावुक, अविस्मरणीय दृश्य देखने को मिला जिसने हर संगीतप्रेमी के मन को गहराई से स्पर्श कर दिया। भारतीय सिनेमा के सदाबहार, सुप्रसिद्ध ‘ही-मैन’ स्वर्गीय धर्मेंद्र देओल को दुर्ग-भिलाई के गायक कलाकारों, संगीत साधकों और नागरिकों ने गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ मंच दुर्ग एवं दुर्ग सांस्कृतिक मंच के बैनर तले आयोजित किया गया, जहाँ कला, संगीत और संवेदनाओं ने मिलकर एक ऐसी संध्याराग रचा जो हमेशा के लिए स्मृतियों में अंकित रहेगा। कार्यक्रम की शुरुआत मंच के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत, सचिव तुलसी सोनी, दिनेश जैन एवं गुलाब चौहान द्वारा स्व. धर्मेंद्र के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद मंच के प्रधान संरक्षक एवं समाजसेवी कैलाश जैन बरमेचा तथा पूर्व विधायक अरुण वोरा ने पुष्पांजलि अर्पित कर अभिनेता धर्मेंद्र के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।
पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा धर्मेंद्र के निधन ने भारतीय सिने जगत में एक ऐसी रिक्तता छोड़ी है जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। उनकी फिल्मों, उनके संवादों, उनके व्यक्तित्व ने लाखों दिलों को छुआ है। वे एक कालजयी अध्याय थे—और रहेंगे। दुर्ग-भिलाई के गायक कलाकारों ने धर्मेंद्र पर फिल्माए गीतों को समर्पित कर एक से बढक़र एक प्रस्तुति दी।
भावनाओं, संगीत और यादों से सजा यह माहौल किसी ‘स्मृति समारोह’ से कम नहीं था। मुख्य रूप से प्रस्तुति देने वाले कलाकार थे गुलाब चौहान, तुलसी सोनी, त्रिलोक सोनी, यूनुस चौहान, बहादुर अली थारानी, तरुण देशमुख, अनिल शुक्ला, हीरा मानिकपुरी, मुश्ताक भाई, संजय दुबे, मदन डोंगरे, दुर्गा भाई, अलीम कुरेशी, रविशंकर साहू, महेश सोनकर, मतीन भाई, रमन सिंह, संजय घाटे, नेहल जैन, मनिंदर भाटिया, देवानंद साहू एवं अन्य कलाकारों ने अपनी सुरभरी प्रस्तुतियों से वातावरण को भाव-विभोर किया।