दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 30 नवंबर। अपने ही बड़े भाई की सिलबट्टा एवं लाठी से वार कर हत्या कर देने वाले आरोपी को कोर्ट ने सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के विनोद कुजूर की कोर्ट ने धारा 302 के तहत आजीवन कारावास, 1000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की भी सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक एम.के. दिल्लीवार में पैरवी की थी।
28 फरवरी 2023 को शंकर नगर वार्ड 11 निवासी आरोपी विनय प्रताप ठाकुर ने पारिवारिक विवाद के चलते अपने ही बड़े भाई विश्वजीत सिंह ठाकुर उर्फ गोलू को बेरहमी से मार डाला था। घटना के वक्त घर में आरोपी के माता-पिता भी मौजूद थे। 28 फरवरी को शाम 4 बजे विनय ठाकुर ने अपने पिता कोमल सिंह ठाकुर और मां सविता सिंह ठाकुर को कमरे में बंद कर दिया और कहा कि उसके ही बड़े भाई विश्वजीत के पास मत जाना और उससे बात मत करना। इसके बाद आरोपी विनय ठाकुर अपने भाई विश्वजीत के कमरे में गया, जहां विश्वजीत उसे खाने का सामान लाने के लिए पैसे दे रहा था।
इस दौरान विनय ने कहा कि इस घर में मेरा राज चलेगा तुम्हारे पैसे से कुछ नहीं आएगा। गुस्से में आकर उसने अपने भाई विश्वजीत पर हमला कर दिया।
मृतक के पिता और मां ने पुलिस को बताया कि उनके कमरे में विवाद कर गला दबाने और सिल बट्टा पटकने की आवाज आ रही थी। कुछ ही देर बाद आरोपी ने बाहर जाकर कमरे का दरवाजा खोला। जब परिजन बाहर निकले तो देखा कि विश्वजीत लहूलुहान हालत में मृत पड़ा हुआ है। उसके सिर पर गंभीर चोटे थी। मोहन नगर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच में लिया था।


