दुर्ग

आईआईटी भिलाई और निगम के बीच महत्वपूर्ण समझौता
01-Dec-2025 8:09 PM
आईआईटी भिलाई और निगम के बीच महत्वपूर्ण समझौता

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

भिलाई नगर, 1 दिसंबर।  नगर पालिक निगम  भिलाई और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान  भिलाई ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य भिलाई शहर में संपत्ति कर प्रणाली को अधिक कुशल, पारदर्शी और सटीक बनाना है।

 इस एमओयू के तहत आईआईटी भिलाई द्वारा नगर पालिक निगम भिलाई के लिए शहर की मकानों, जमीनों, एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का एक व्यापक ड्रोन सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर शहर की सभी संपत्तियों का सटीक मानचित्रण  किया जाएगा, जिससे उनके वास्तविक क्षेत्रफल और उपयोग का पता लगाया जा सके।

इससे निगम क्षेत्र के भीतर सभी नई और बिना रिकॉर्ड वाली संपत्तियों की पहचान कर पाएंगे। संपत्ति के आकार और प्रकार के आधार पर सम्पत्ति कर के निर्धारण को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाया जाएगा।

शहर के संपत्ति रिकॉर्ड का एक उच्च-रिज़ॉल्यूशन, डिजिटल और अद्यतन डेटाबेस तैयार होगा। एकत्र किए गए डेटा का उपयोग भविष्य के शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जाएगा।

इस अवसर पर, नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने कहा कि आईआईटी भिलाई जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ यह सहयोग भिलाई को स्मार्ट सिटी की दिशा में एक कदम आगे ले जाएगा। ड्रोन तकनीक से कर वसूली की प्रक्रिया में अभूतपूर्व पारदर्शिता और दक्षता आएगी।

आईआईटी भिलाई के निदेशक ने इस साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आईआईटी भिलाई शहर के विकास में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और शोध क्षमताओं का योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह परियोजना सरकारी प्रशासन में तकनीकी हस्तक्षेप का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

नगर पालिक निगम भिलाई आम जनता से अपील करता है कि वे सर्वेक्षण कार्य में लगी आईआईटी भिलाई की टीम का सहयोग करें और उन्हें अपनी संपत्ति के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान करें। यह सर्वेक्षण शहर के प्रत्येक नागरिक के हित में है और यह सुनिश्चित करेगा कि कर निर्धारण की प्रक्रिया निष्पक्ष और न्यायसंगत हो।


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