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13-Jul-2020 9:52 PM

12वीं बोर्ड में  83.74 फीसदी परीक्षा परिणामों के साथ प्रदेश में छठवें स्थान पर

अमन सिंह भदौरिया
दोरनापाल, 13 जुलाई(छत्तीसगढ़)।
यंू तो सुकमा जिले को अति संवेदनशील जिले के तौर पर देखा जाता है, जहां शासन के लिए 2 चीजें प्रमुख समस्या के तौर पर बड़ी चुनौती है पहला नक्सलवाद और दूसरा शिक्षा। ये दोनों ही मसले इतने आसान नहीं जो कुछ सालों में खत्म हो जाएं, क्योंकि 2006 में सलवा जुडूम के बाद से शिक्षा को पटरी पर लाने एक दशक से ज्यादा वक्त लग गए और कल तक जो सुकमा दसवीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों में प्रदेश में 15वें और 22वें स्थान में हुआ करता था वो आज पहले स्थान पर है । 

ज्ञात हो कि सुकमा  जिला पिछले साल 10वीं के नतीजों को लेकर पूरे प्रदेश में पांचवें स्थान पर था और महज एक वर्ष के अंतराल में वर्तमान कलेक्टर चंदन कुमार ने प्रथम स्थान पर ला खड़ा कर दिया।

चंदन कुमार अब 12वीं के नतीजे को भी सुकमा में पूरे प्रदेश में बेहतर हो, को लेकर प्रयास शुरू कर दिए हैं। हालांकि 12वीं के नतीजे भी सुकमा के पिछले साल की तुलना में इस बार अच्छा रहा है। यह पूरे राज्य में इस बार छठवें स्थान पर रहा है। 

सुकमा के एक अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि दसवीं व बारहवीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में कई नए नए ट्रिक अपना कर बच्चों को इंस्पायर किए। कई कार्यक्रम चलाकर शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने अनेकों प्रयास लगातार जारी रखे। नतीजा यह रहा कि साल दर साल नतीजे बेहतर आते गए। 
चार साल बाद इस साल कलेक्टर चंदन कुमार के व्यक्तिगत रुचि व प्रयास से दसवीं बोर्ड का नतीजा 90 फीसदी रहा और सुकमा जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंच गया।  पिछले साल 77.61 फीसदी नतीजों के साथ सुकमा प्रदेश में पांचवें स्थान पर था। साल 2018 में 69.44 फीसदी रिजल्ट के साथ सुकमा 15वें और 2017 में 55.47 फीसदी अंक के साथ 22वें स्थान पर था। 

इसी तरह इस साल 12वीं बोर्ड में सुकमा 83.74 फीसदी परीक्षा परिणामों के साथ प्रदेश में छठवें स्थान पर रहा। पिछले साल 81.39 फीसदी रिजल्ट के साथ जिला 9वें स्थान पर था। जबकि साल 2016 में 12वीं का रिजल्ट महज 38.6 फीसदी ही था।

परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए चलाया गया था प्रगति कार्यक्रम
प्रगति कार्यक्रम से बोर्ड एग्जाम में रिजल्ट बेहतर आए शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए कलेक्टर चंदन कुमार के मार्गदर्शन में शैक्षणिक वर्ष 2019-20 में पूरे साल भर प्रगति कार्यक्रम चलाया गया। बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के परिणाम बेहतर लाने के उद्देश्य से चलाए गए प्रगति कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। बच्चों का मासिक मूल्यांकन करने के साथ खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों में एकेडेमिक ऑडिटर की व्यवस्था की गई। वर्कशॉप आयोजित कर शिक्षकों के साथ बच्चों को बोर्ड एग्जाम के लिए जरुरी टिप्स व दिशा निर्देश लगातार दिए गए।

   सुकमा  कलेक्टर चंदन कुमार का कहना है कि इस बार काफी अच्छा रिजल्ट आया है। सभी लोगों ने मिलकर काम किया है बच्चे उनके माता पिता व शिक्षकों ने काफी मेहनत की है, उनके संयुक्त प्रयास का फल रहा है और जिला प्रशासन उनके शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रयासरत रहा है और आगे भी रहेगा। इसके लिए हमने जिले में एक स्किम चलाया था जिसमें लगातार बच्चों की सतत मॉनिटरिंग करते रहते थे, इसी के तहत अच्छा रिजल्ट आया है। आगे भी प्रयास जारी रहेगा।

 

 


13-Jul-2020 9:11 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

सुकमा, 13 जुलाई। जिले में सुकमा नगर पालिका क्षेत्र के अन्तर्गत भूमि व्यवस्थापन योजना के अन्तर्गत अब तक 43 नागरिकों द्वारा एक करोड़ आठ लाख रूपये राशि जमा कर भू-स्वामी आबंटन प्राप्त कर लिया गया हैं। वहीं कोंटा नगरीय क्षेत्र के अन्तर्गत 45 नागरिकों ने लगभग 26 लाख रूपये और दोरनापाल नगर पंचायत क्षेत्र के अन्तर्गत 90 लोगों ने लगभग 60 लाख रूपये राशि जमा कर भू - स्वामी आबंटन ले लिया हैं। इस प्रकार जिले में 178 लोगों ने भूमि व्यवस्थापन योजना के तहत भू-स्वामी आबंटन प्राप्त किया है। 

 कलेक्टर चन्दन कुमार द्वारा सभी एसडीएम और तहसीलदारों को भूमि व्यवस्थापन के प्रकरणों को शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस योजना में 15 साल का भू-भाटक एकमुश्त जमा करने पर भू-स्वामी को इसके अगले 15 सालों के लिए भी भू-भाटक जमा करने से छूट मिल रही है। 

   कलेक्टर चन्दन कुमार ने कहा है कि नगरीय निकायों में निवासरत नागरिक अपनी पात्रता अनुसार शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाना चाहिए और अतिक्रमण के आरोप, अतिक्रमित भूमि प्रकरण में बार-बार पेशी व कब्जा तोड़े जाने की चिंता से मुक्ति पाना चाहिए। जिले में तेजी से चल रहे विकास कार्यों के लिए भूमि की आवश्यकता होने पर अतिक्रमित भूमि को खाली कराया जा सकता है और बदले में कब्जाधारी को पुनर्वास नीति के तहत किसी भी प्रकार के मुआवजे की पात्रता नहीं होगी, जबकि शासन की नई नीति के तहत शासकीय भूमि का आबंटन कराने वाले भू-स्वामी को पुनर्वास नीति के तहत मुआवजा आदि सुविधाओं की पात्रता होगी। 


13-Jul-2020 9:05 PM

सुकमा, 13 जुलाई। प्रयास आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं के लिए प्रवेश चयन परीक्षा 14 जुलाई एवं एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा छठवीं के लिए प्रवेश चयन परीक्षा 16 जुलाई को आयोजित किया जाना था, जिसे आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के निर्देशानुसार अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है। 
उक्त परीक्षा हेतु आगामी तिथि की घोषणा पृथक से की जाएगी।

 

 


12-Jul-2020 10:50 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दोरनापाल, 12 जुलाई।
सुकमा जिले के अंचल क्षेत्र से पढ़ई तुंहर दुआर की एक तस्वीर सामने आ रही है। अनलॉक 2.0 के दौरान स्कूल बंद होने के बावजूद बच्चे शिक्षा से ना बिछड़ जाए, इसलिए गांव के पेड़ के नीचे पढ़ाई हो रही है जिसमें शासन के गाइडलाइन के अनुरूप छोटी-छोटी टुकडिय़ों में बच्चों को पढ़ाया सिखाया जा रहा है और साथ ही सामाजिक दूरी का भी सुरक्षा के उपकरणों के साथ पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यह तस्वीर सुकमा जिले के मूरतोडा के गोल्लागुड़ा की है जहां पेड़ के नीचे दरी बिछाए बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
 गौरतलब है कि शहरी इलाकों में शासन के गाइडलाइन के अनुरूप ऑनलाइन क्लास लगाई जा रही है, मगर दूरस्थ व अति संवेदनशील सुकमा जिले में ज्यादातर इलाके नेटवर्कविहीन व उपकरणों का अभाव भी है, ऐसे में कुछ इसी तरह पढ़ाई की जा रही है। पिछले 3 दिनों से कुछ इसी तरह यहां क्लास लग रही है और बच्चे भी लंबे समय बाद क्लास लगने से अति उत्साहित हैं और लगन से पढ़ाई कर रहे हैं।

 


10-Jul-2020 9:40 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

सुकमा, 10 जुलाई। लोकेन्द्र कुमार नायक संकुल समन्वयक कोर्रा के नेतृत्व में शिक्षकों द्वारा बच्चों के भविष्य को बचाने हेतु एक अनूठी पहल की गई है। इसके तहत शिक्षकों द्वारा बच्चों व पालकों को 2-2 मास्क, हैंड सेनिटाइजर, व बच्चों को सहायक शिक्षण सामग्री वितरण करते हुए ग्राम के चौपाल में एकत्र कर सोशल डिस्टेंस में बिठाकर ऑनलाइन व ऑफलाइन अध्यापन का कार्य किया जा रहा है। साथ ही कोरोना से बचाव के तरीके सभी ग्रामवासियों को सीखा रहे हैं।

 शिक्षकों द्वारा अपने स्कूली क्षेत्र में जाकर बच्चों के घर में अध्यापन करवाया जा रहा है। साथ ही शिक्षकों ने स्वयं ही आपस में मिलकर 2000 मास्क बनाकर बच्चों और ग्रामीणों को वितरण किया। साथ ही सेनिटाइजर से बच्चों हाथ धुलवाकर उनके घर के सामने कक्षा ली जा रही है। बच्चे अपने शिक्षक को 4 माह बाद अपने करीब पाकर उत्साहित दिख रहे थे। शिक्षकों द्वारा किये जा रहे इस अभिनव पहल की प्रशंसा हो रही है।

 


10-Jul-2020 9:38 PM

सुकमा, 10 जुलाई। कोरोना काल में सुकमा ब्लॉक के शिक्षकों द्वारा शिक्षा व्यवस्था को पुन: पटरी में लाने की पहल की सराहना हो रही है। शिक्षकों द्वारा बच्चों को घर-घर मोहल्ले में जाकर पढ़ाने से पालक और बच्चों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। 

ज्ञात हो कि गत दिनों सुकमा विकासखंड के सहदेव गोंडाने बीईओ, अल्फ्रेड सूना बीआरसी, प्रफुल्ल डेनियल एबीईओ, रजनीश सिंह जिला, ब्लाक नोडल आशीष राम नोडल अधिकारी (पढ़ई तुम्हर दुआर ) व संकुल समन्वयकों द्वारा जोन स्तरीय शिक्षकों के साथ बैठक ली गई। बैठक में ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति का प्लान तैयार किया गया। बच्चों के उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिया संबंधित स्कूल के प्रधान अध्यापक व शिक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। प्रति शनिवार को ऑनलाईन कक्षा में बच्चों की उपस्थिति प्रतिवेदन संकुल में देना होगा। ऑफ़ लाईन के लिए शिक्षक स्वयं से बच्चों के घर घर मोहल्ले में जाकर होम वर्क, अध्ययन सामग्री दे रहे हैं। 

 


10-Jul-2020 7:25 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

तोंगपाल, 10 जुलाई। सुुकमा जिला के पुसपाल थाना पुलिस ने गुरुवार देर रात दो लोगों को करीब 2 लाख 15 हज़ार रु के गांजा समेत गिरफ्तार किया है, वहीं परिवहन में लगी 1 मोटरसायकल को भी पकड़ा है।

पुलिस ने बताया कि 9 जुलाई को मुखबीर की सूचना पर ग्राम गुम्मा बैलाडीलापारा के पास  मोटर सायकल से बिक्री के लिए परिवहन करते हुये 2 गांजा तस्कर गोविंद उर्फ गोबिंदो मण्डल निवासी एमव्ही 83 पदमगिरी थाना मलकानगिरी ओडिशा एवं बैशनाब मण्डल निवासी एमव्ही 84 पदमगिरी थाना मलकानगिरी जिला मलकानगिरी ओडिशा को घेराबंदी कर पकड़ा गया। दोनों आरोपियों के कब्जे से एक लाल रंग की मोटर सायकल एवं दो प्लास्टिक बोरी में 8 पैकेट में 43 किलो 420 ग्राम मादक पदार्थ गांजा जिसकी कीमत दो लाख पन्द्रह हजार को जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई में थाना पुसपाल के थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रवीण मिंज , उप निरीक्षक होशियार सिंह पैकरा, उप निरीक्षक विजय पटेल, सउनि शंकर लाल साहू , सउनि बनवाली राम सोनकर एवं थाना एवं डीआरजी बल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


09-Jul-2020 9:14 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता
दोरनापाल, 9 जुलाई।
सुकमा जिले के पालामडगु पंचायत में जंगली फुटु खाने से एक ही परिवार के 6 लोग बीमार पड़ गए। इतना ही नहीं एकाएक सभी को बीमार पड़ता देख गांव में एक तरह से दहशत का माहौल बन गया क्योंकि एकाएक इनके बीमार पडऩे की वजह समझ नहीं आ रही थी। अंतत: फूड प्वाइजनिंग की बात सामने आई जिसके बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी। इसी दौरान जग्गावरम कोलाईगुडा इलाके में मलेरिया की जांच करने निकली और पूरे मामले की जानकारी दी। जिसके बाद आ रहे डॉ. मुकेश बक्शी व उनकी टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार किया इसके अलावा खेतों में बेहोश पड़े अन्य जिन्हें ग्रामीणों ने रोक लिया। इसके अलावा खेतों में बेहोश पड़े अन्य मरीजों को खाट के माध्यम से  निकाला गया ।                    

बुधवार को सुकमा जिले के अति संवेदनशील पालामडग़ु में जंगली फुटू खाने से एक परिवार के 6 लोग बीमार पड़ गए जिनमें से सिर्फ 2 लोग घर पर थे वहीं 4 अन्य जंगल में बेहोश पड़े रहे। जब गांव में चिल्लाने की आवाज सुनी तो हड़कंप मच गया जिसके बाद परिवार के अन्य लोगों को खोजने टुकड़ी निकली। एक किमी दूर खेतों में अन्य मरीज मिले जिन्हें खाट के माध्यम से निकाला गया। फूड पॉइजनिंग से एक वृध्दा,एक गर्भवती महिला एक युवती समेत 3 अन्य पुरुष बीमार हुए जिनको गांव में एम्बुलेंस मंगवाकर अस्पताल रेफर किया गया, फिलहाल सभी स्वस्थ हैं ।

 डॉ. मुकेश बक्शी चिकित्सक ,आरएमए का कहना है कि फूड पॉइजनिंग की वजह से एक ही परिवार के 6 लोग बीमार पड़ गए थे हमारी टीम उस इलाके में मलेरिया टेस्ट के लिए निकली हुई थी इसी दौरान जब हमारी वापसी हो रही थी तो ग्रामीणों ने हमें इसकी सूचना दी जिसके बाद हमने प्राथमिक तौर पर उपचार किया और एंबुलेंस मंगवा कर उन्हें उचित चिकित्सा के लिए तत्काल रेफर कर दिया फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य है कई बार जानकारी के अभाव में हम गलत चीजें खा लेते हैं खाने-पीने में हमें हमेशा गम्भीरता बरतनी चाहिए । 

 

 


09-Jul-2020 9:06 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता

सुकमा, 9 जुलाई।  भारतीय जनता पार्टी इस समय पूरे देश में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के प्रथम वर्ष की सफलताओं व जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य कर रही है ।

 इसी कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जिलाध्यक्ष हूँगाराम मरकाम के आदेशानुसार सुकमा मण्डल में मंडलाध्यक्ष -विनोद सिंह बैस के मार्गदर्शन पर सुकमा मण्डल में  इस अभियान के प्रभारी मड़कम भीमा ने  सुकमा मण्डल के शक्तिकेन्द्र गादीरास में और ग्राम झलियारास में व्यक्तिगत संपर्क अभियान कर केंद्र सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुँचाया और पत्रक वितरण किया । 

साथ ही कोरोना काल में लोगो ंके बीच पहुंच लोगों को सुरक्षित व सजग रहने के लिए प्रेरित किया। किसानों को 15 जुलाई से पहले पहले फसल बीमा करने के लिए सलाह दी साथ ही फसल बीमा योजना के लाभ के बारे में बताया , क्रेडिट कार्ड से किसानों को जरूर बना कर इसका लाभ लेने की सलाह किसानों को दी । 

मड़कम भीमा(अभियान प्रभारी)  ने बताया कि आज हम लोगों के बीच मोदी जी के दूसरे कार्यकाल के प्रथम वर्ष पूर्ण होने पर लोगों के बीच पहुंचे है। मोदी जी की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उनको लाभ दिलाना ही हमारा लक्ष्य है।

 

 


08-Jul-2020 9:57 PM

सुकमा। आज दोपहर करीब 12 बजे सुकमा जिले में पांच दिन बारिश के बाद जब मौसम खुला तो सूर्य कुछ इस तरह से दिखाई देने लगा। कइयों ने इस शानदार दृश्य को अपने कैमरे में कैद किया। लगभग 1 घण्टे से ज्यादा सूर्य पर इस प्रकार का गोला बना रहा। बुजुर्गों का कहना है कि मौसम के कारण ऐसा आम तौर पर देखा जाता है कि सूर्य पर इंद्रधनुष के जैसी गोलाकार वृत्त बन जाती है इससे यह देखने में सुंदर दिखता है।

 


07-Jul-2020 9:34 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
सुकमा/तोंगपाल, 7 जुलाई।
नक्सल प्रभावित ग्राम पालेंम में शिक्षा से वंचित छात्रों को राज्य स्काउट गाइड उपाध्यक्ष दीपिका शोरी द्वारा पाठ्यसामग्री बांटी गई।
कोरोना काल में शिक्षण संस्थानों के बन्द होने से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे निरन्तर शिक्षा से दूर होते जा रहे हैं। हालांकि शासन ने ऑनलाईन पढ़ाई शिक्षा की व्यवस्था की है परन्तु विकासखण्ड छिंदगढ़ के अधिकांश पालक व छात्र ऐसे है जिनके गाँव में या तो नेटवर्क नहीं है या उनके पास ऐसे मोबाईल नहीं है जिनसे वो ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कर सकें। कुछ ऐसी ही परिस्थिति विकास खण्ड छिंदगढ़ के ग्रापं पालेंम की है यहाँ के बच्चों को इस संबंध में जानकारी नहीं है,हालांकि यहां के शिक्षक बामनराम कश्यप अपने मोबाईल से बच्चों को पढ़ा रहे हैं परन्तु कभी दो तो कभी चार बच्चे ही आते हैं व अक्सर ऐसी परिस्थिति होती है कि जब बच्चे पहुंचते है तो नेटवर्क खराब हो जाता है जिससे बच्चों की शिक्षा के प्रति रूचि कम होती जा रही है।

यहां के युवक अशोक, विजय आदि लोगों ने  बच्चों की यह समस्या राज्य स्काउट गाइड उपाध्यक्ष दीपिका शोरी को बताई तो उन्होंने नक्सल प्रभावित ग्राम पालेंम में पहुंच कर बच्चों की पढ़ाई में रुचि बनी रहे, यह सोचकर उनसे बात की व उनकी जरूरत पूछी व पहली से पांचवी तक अध्धयन करने वाले छात्रों को उनकी आवश्यकतानुसार पेन, कॉपी, किताबें, रबर, पेंसिल, कम्पाक्स बॉक्स आदि का नि:शुल्क वितरण किया व अन्य पाठ्य सामग्री भी देने का वादा किया व गाँव के युवकों को इस सम्बन्ध में जानकारी देने हेतु कहा।

बामनराम कश्यप, शिक्षक पालेंम ने बताया, मैं अपने मोबाईल से बच्चों को पढ़ा रहा हूं पर बच्चे इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं अक्सर नेटवर्क खराब होने के कारण आवाज सही नहीं आती है।
दीपिका शोरी ने बताया कि मैं एक आदिवासी महिला हूं व पढ़ाई का महत्व समझती हूं  कोरोना काल में ग्रामीण अंचल के बच्चे पढ़ाई से दूर होते जा रहे है जो कि एक चिंतनीय विषय है, इसलिए मैंने यह एक छोटा सा प्रयास शुरू किया है जिसमें पालेंम से मैंने शुरुवात की है। इस तरह अन्य गांव में जाकर भी बच्चों के बीच इस प्रकार के कार्य करना है, जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बनी रहे।

 


07-Jul-2020 9:31 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

सुकमा, 7 जुलाई। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर  चन्दन कुमार ने मनरेगा के मजदूरों का भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों के अन्तर्गत गठित समितियों का पुनगर्ठन करने के निर्देश संबंधित विभाग प्रमुखों को दिए। इसके साथ ही कलेक्टर ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिकों को योग्यतानुसार रोजगार प्रदान करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने नरवा, गरूवा, घुरूवा व बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि संबंधित जारीकर्ता अधिकारी बिना विलम्ब के पात्रता अनुसार जाति प्रमाण पत्र जारी करें। कलेक्टर ने कहा कि किसी के भाई-बहन या पिता के जाति प्रमाण पत्र व वंशावली के आधार पर भी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है। कलेक्टर ने सभी समितियों में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण की जानकारी ली। 

कलेक्टर ने मानसून के दौरान भी शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित के लिए पहुंचविहीन क्षेत्र की प्रसुताओं को प्रसव की संभावित तिथि से पूर्व स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुपोषण की दर को कम करने के लिए सभी पोषण पुनर्वास केन्द्रों में बच्चों को भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी और सहायिका भर्ती की कार्यवाही तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी आवश्यक सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 


06-Jul-2020 10:15 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
सुकमा, 6 जुलाई।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पर्यावरण संरक्षण संवर्धन तथा कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा सुकमा जिले में 6 जुलाई को मुनगा महाअभियान का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि हरीश कवासी जिला पंचायत अध्यक्ष सुकमा ने छिन्दगढ़ विकासखण्ड के पोटाकेबिन परिसर रोकेल में मुनगा पौधारोपण कर इस महाअभियान का शुभारंभ किया।

मुनगा महाअभियान के अन्तर्गत शासकीय स्कूलों के छात्रावास, आश्रम, एवं आंगनबाड़ी आदि भवनों के परिसरों में मुनगा वृक्षारोपण का कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि छिंदगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष देवलीबाई नाग और उपाध्यक्ष नजीम खान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी वृक्षारोपण किया गया। 

हरीश कवासी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कुपोषण मुक्त राज्य बनाने की पहल की गई है। इसे मूर्त रूप देने में मुनगा के पौधे का भी महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा, क्योंकि मुनगा स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभदायक है। उन्होंने लोगों को पौधारोपण के लिए भी प्रेरित किया। 

गौरतलब है कि मुनगा और मुनगा के पत्तियों में प्रचुर मात्रा में विटामिन, प्रोटीन, आयरन, और जिंक जैसे मिनरल पाए जाते हंै। इसलिए मुनगा और उसके भाजी के उपयोग करने से कुपोषण से भी छुटकारा पाया जा सकता है। सुकमा जिला के स्कूलों छात्रावासों आश्रमों और आंगनबाड़ी केंद्रों के परिसरों में मुनगा वृक्षारोपण से मुनगा की सहजता से उपलब्धता होगी जिससे इन संस्थानों में पढऩे वाले बच्चों और आंगनबाड़ी केंद्र के हितग्राही महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। साथ ही परिसरों में हरियाली सहित पर्यावरण संरक्षण तथा संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुनगा की इन खूबियों को देखते हुए ही इसके रोपण के लिए अभियान प्रारंभ किया गया है।

 


05-Jul-2020 9:11 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
सुकमा, 5 जुलाई।
आज विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कोंटा की अध्यक्षता में पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के तहत संचालित ऑनलाइन कक्षाओं की समीक्षा की गई। इस ऑनलाइन मीटिंग में जि़ला नोडल रजनीश सिंह, ब्लॉक नोडल श्रीनिवास वासु,एवं प्रधान अध्यापक सुशील कुमार श्रीवास जुड़े।

गत माह 15 जून से प्रति दिवस कक्षा 5,8 एवं 10वीं की विकासखण्ड स्तरीय ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन नियमित रूप से किया जा रहा है, अब तक 50 से अधिक कक्षाओं के संचालन किया जा चुका है। किंतु इन ऑनलाइन कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति बहुत ही कम होने के कारण जि़ला शिक्षा कार्यालय सुकमा के द्वारा ऑनलाईन कक्षाओं के बेहतर संचालन के लिए सम्पूर्ण जि़ले के लिए एक कार्ययोजना बनाकर कक्षा संचालन के लिए विभिन्न स्तरों पर दायित्व दिए गए एवं समय सारणी तय कर कक्षाओं के संचालन का दायित्व दिया गया। 

आज इसी संबंध में एक विशेष ऑनलाइन बैठक का आयोजन कर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कोण्टा के द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि ऑनलाइन शिक्षा समय की जरूरत है, कोई भी शिक्षक लापरवाही ना करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई होगी। 

इस अवसर पर प्रधान अध्यापक सुशील श्रीवास ने समय सारणी एवं कक्षा संचालन को लेकर आवश्यक जानकारी साझा की,  वहीं ब्लॉक नोडल श्रीनिवास वासु ने तकनीकी पक्ष की जानकारी देते हुए कहा कि अब प्रतिदिन कक्षा 1ली से 12वीं तक की ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। वर्चुअल शाला के सभी शिक्षकों को निर्धारित समय सारणी के अनुसार कक्षा का संचालन करना अनिवार्य है तथा सभी शिक्षकों को इन ऑनलाइन कक्षाओं की जानकारी को अभिलेख संधारण करना होगा। 
वेबएक्स मीटिंग एप्प के माध्यम से आयोजित इस बैठक में विकासखण्ड कोन्टा के समस्त प्राचार्य एवं संकुल समन्वयक शामिल हुए।

 


01-Jul-2020 9:02 PM

अमन सिंह भदौरिया
दोरनापाल, 1 जुलाई ('छत्तीसगढ़')।
कोरोना वायरस की महामारी कुछ महीनों पहले आई है, पर मलेरिया का प्रकोप बस्तर में बरसों से है। ऐसे में दुर्गम इलाकों में हर हालात को चुनौती देते हुए मलेरिया वॉरियर्स की भूमिका भी यहां के कई डॉक्टर निभा रहे हैं। 

कुछ डॉक्टर्स ऐसे भी हैं, जो सेवाभाव से अतिरिक्त समय भी संवेदनशील इलाकों में आदिवासियों को दे रहे हैं। इन्हीं में वे डॉक्टर भी शामिल हैं जो बिना अपनी चिंता करें, दिन-रात एक कर अस्पताल में रहने के साथ साथ अंदरूनी पहुंचविहीन इलाकों में पहुंच कर मरीजों की जांच कर इलाज कर रहे हैं। इन्हीं में से एक मुकेश बक्शी हैं जो चिंतागुफा में पदस्थ हंै, जिन्हें मलेरिया मुक्त बस्तर की जिम्मेदारी मिली है। डॉ. बक्शी के उत्कृष्ट कार्य के लिए 3 बार राज्य शासन द्वारा सम्मानित भी किया गया है। 
वहीं दूसरे डॉक्टर हैं मराईगुड़ा वन में पदस्थ डॉ. वैष्णव, जो इस वायरस से जंग लड़ मानवहित की रक्षा कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त गंभीर परिस्थितियों जैसे सर्पदंश, गर्भवती का रेस्क्यू दुर्घटना में भी सैकड़ों जाने अपने कार्यकाल में बचाते आए हैं। कोविड-19 की संक्रमण की दौर में डॉ. वैष्णव कोरोना के कर्मवीर बनकर खड़े हैं।

 एक ओर वायरस के डर जब लोग घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते, तब ऐसे परिस्थिति में यह जाबांज हैं, जो बिना भय के अंदरूनी इलाकों में जान जोखिम में डाल कर स्वास्थ्य सेवा करने में जुट कर अब तक लॉकडाउन के दरमियान तीन हजार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर इलाज किया। इन दिनों आंध्र व तेलंगाना के रेड जोन से अंदरूनी इलाकों में हजारों की संख्या में मजदूर पहुंचने के बावजूद अंदरूनी इलाक़ों में काम कर रहे डॉक्टर का न तो हौसला डिगा है और न ही बेहतर करने में कोई कमी आई हैं।

 जिला प्रशासन सुकमा की मार्गदर्शन अंदरूनी क्षेत्र किस्टाराम, गोल्लापल्ली, टेटेमडग़ु, पालचलमा, बण्डा, मेहता, पालाचलमा जैसे दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के साथ साथ ग्रामीणों को कोरोना वायरस से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं। मूलत: कवर्धा निवासी डॉ. रूद्रमणी वैष्णव ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा के दौरान कहा कि कोरोना महामारी के कारण सब कुछ बदल गया है। ऐसी बीमारी जिसकी कोई दवा ही नहीं हैं बावजूद इसके परिवार के चिंता किये बैगर मरीजों की सेवा की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक न एक दिन वायरस खत्म होगा, कोरोना महामारी से जंग जीती जा सकेगी। बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं हैं बस, एहतियात बरतकर इसे हरा सकते हैं। इस वक्त पूरा देश कोरोना से युद्ध लड़ रहा हैं जिसमें हम भी सैनिकों की भूमिका में हैं। कोरोना महामारी का संक्रमण अंदरूनी इलाके तक पहुंचने नहीं देने कितना भी दूरी तय करने हमारी टीम तैयार है। जहां वायरस को रोकने के साथ साथ अंदरूनी इलाके के ग्रामीणों का ख्याल रखना हमारा काम है। 

मां को है गर्व 
डॉ. वैष्णव की माता मोती वैष्णव ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि बेटे को घर से गए करीब चार माह हो गए हैं, जब भी डॉक्टरों की बीमार होने की खबर मिलती हैं तो बेटे की याद आ जाती है। उसी चिंता में मन विचलित हो जाता हे। चिंता रहती हैं कि कहीं कुछ न हो न जाए, लेकिन ये उसका काम है। ऐसे खतरनाक महामारी से निपटने मेरा पुत्र भी जंग में शामिल हैं, उनके कार्य से मुझे गर्व महसूस होता है।सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश लखमा ने कहा कि दुर्गम इलाके में डॉक्टर्स सेवाभाव से काम कर रहे हैं, जिसकी जितनी भी तारीफ की जाए, कम है।

 


01-Jul-2020 9:01 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

सुकमा, 1 जुलाई। कलेक्टर चंदन कुमार ने वापस लौटने वाले मजदूरों के रोजगार के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में मंगलवार को आयोजित समय सीमा बैठक में जानकारी ली। लाईवलीहुड कॉलेज के प्रभारी सहायक संचालक ने बताया कि मजदूरों के नियोजन के लिए 1 से 3 जुलाई तक विभिन्न स्थानों पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा और मजदूरों को दक्षता के अनुसार रोजगार से जोड़ा जाएगा। स्किल मैपिंग के आधार पर प्रवासी श्रमिकों की काउंसिलिंग तीनों विकासखण्ड में रखी गई है। 

मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने विकास कार्यों की समीक्षा की और कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पोर्टल में किसानों की दर्ज जानकारी के सुधार कार्य की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जाहिर की। 

उन्होंने कोंटा तहसील क्षेत्र में शासन की नई भू-व्यवस्थापन नीति के तहत कार्यवाही और अन्य राजस्व प्रकरणों के धीमे निराकरण पर नाराजगी जाहिर करते हुए तहसीलदार को वेतन रोकने की चेतावनी दी। कलेक्टर ने श्रमिक कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रवासी मजदूरों के धीमे पंजीयन पर भी नाराजगी जाहिर की। 

 


01-Jul-2020 8:57 PM

सुकमा, 1 जुलाई। कोरोना पॉजिटिव पाए गए सीआरपीएफ के दो जवान भी अब स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें मेडिकल कॉलेज जगदलपुर से डिस्चार्ज कर दिया गया है। सीआरपीएफ की 150वीं और 223वीं बटालियन के इन जवानों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि 24 जून को की गई थी, जिसके बाद इन्हें मेडिकल कॉलेज जगदलपुर भेज दिया गया था। जवानों के स्वस्थ होने के बाद मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज कर दिया गया है तथा नियमानुसार उन्हें 14 दिनों तक क्वॉरंटीन में रखा जाएगा। 

 


01-Jul-2020 8:54 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

सुकमा, 1 जुलाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जाति प्रमाण पत्र के अभाव में होने वाली परेशानी को देखते हुए अब जाति और निवास प्रमाण पत्रों की घर-पहुंच सेवा प्रारंभ करने की घोषणा की है। सुकमा जिला प्रशासन द्वारा जाति प्रमाण पत्र की घर पहुंच सेवा लगभग एक साल पहले शुरू की गई और अब तक साढ़े दस हजार से अधिक बच्चों को जाति प्रमाण पत्र दिया जा चुका है।

सुकमा जिला प्रशासन द्वारा की गई खास पहल के कारण विद्यार्थियों और उनके पालकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाना पड़ा, बल्कि शिक्षा और राजस्व विभाग के मैदानी अमलों ने जाति प्रमाण पत्र के लिए जरूरी दस्तावेजों का प्रबंध किया और इन दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन माध्यम से जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किए गए। तहसीलदार और अनुविभागीय दण्डाधिकारियों द्वारा इन आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिन्हें पुन: अध्यापकों के माध्यम से बच्चों को वितरित किया जा रहा है। 

सुकमा जिला प्रशासन द्वारा इस शैक्षणिक सत्र में दूसरी कक्षा से पांचवीं कक्षा के 25 हजार से अधिक बच्चों के जाति प्रमाण पत्र वितरित करने की तैयारी की जा रही है, जिससे शैक्षणिक सत्र में ही विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र मिल सके और शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। इस सत्र में कक्षा दूसरी से पांचवीं के 25,432 विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।

 

 


30-Jun-2020 10:50 PM

सुकमा, 30 जून। जिले के दोरनापाल में सड़क निर्माण के दौरान रास्ते की जद में आ रहे मंदिर को पुनस्र्थापित किया जाएगा। कलेक्टर चंदन कुमार ने धार्मिक, साामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सद्भावना बनाए रखने हेतु आयोजित बैठक में कहा कि रास्ते की जद में आ रहे मंदिर की प्रतिमा को पुनस्र्थापित किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि सुकमा अपने सद्भावनापूर्ण व्यवहार के लिए जाना जाता है और उसकी यह पहचान कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के साथ बैठक की गई है और संयम, नियंत्रण, समझदारी और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में चर्चा की गई है। नागरिकों द्वारा सौंपे गए 6 सूत्रीय मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए मापदंड के अनुसार कार्य किया जाएगा। बैठक में पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित विभिन्न धार्मिक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

 


30-Jun-2020 10:45 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दोरनापाल, 30 जून।
सुकमा जिले के दोरनापाल में बीते दिनों सड़क चौड़ीकरण के दौरान मंदिर की मूर्ति टूटने के विवाद के बाद सर्व हिंदू समाज द्वारा हनुमान जी की खण्डित मूर्ति को ससम्मान विसर्जित किया गया, साथ ही क्षमा याचना भी की गई। 

इस दौरान नगर के हिंदू संगठन के पुरुष युवा महिलाएं व पुलिस अफसर भी मौजूद रहे, जिन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ हनुमान जी की आरती कर मूर्ति को सम्मान विसर्जित किया। सोमवार को हुई बैठक में सर्व हिंदू संगठन ने कलेक्टर को 6 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

        ज्ञात हो कि बीते दिनों हनुमान जी की मूर्ति टूटने के बाद सैकड़ों की संख्या में हिंदू संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया था। विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल द्वारा तहसीलदार, सीएमओ व ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करने की मांग के साथ एफआईआर दर्ज कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई और एफआईआर दर्ज नहीं करने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी शासन-प्रशासन को दी गई है।

विरोध प्रदर्शन के बाद कलेक्टर चंदन कुमार ने सर्व हिंदू संगठन से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत के माध्यम से मामले को सुलझाने की पहल की। सोमवार को 15 सदस्य समिति के साथ कलेक्टर चंदन कुमार, एसपी शलभ सिन्हा, एएसपी सिद्धार्थ तिवारी द्वारा बैठक ली, जिसमें सीएमओ कृष्णा राव व तहसीलदार महेंद्र लहरे भी मौजूद रहे, साथ ही जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

 कलेक्टर चंदन कुमार ने इस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की अपील सभी से की और कहा-हमारा मकसद किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं था किन्हीं कारणों से इस तरह की स्थिति बनी। जिसके बाद सर्व हिंदू कमेटी की तरफ से कलेक्टर के समक्ष 6 सूत्रीय मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। हालांकि संगठन को प्रशासन की स्पष्ट प्रतिक्रिया का अब भी इंतजार है और उसके बाद ही आगे बैठक के बाद आगे बढऩे की बात कह रहे हैं।

 


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