छत्तीसगढ़ » सुकमा

Date : 18-Jan-2020

सुरक्षा बल के जवानों ने दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया, कोर्ट में पेश

सुकमा, 18 जनवरी। फ ुलपगड़ी थाना क्षेत्र में सुरक्षा बल के जवानों ने दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि दोनों नक्सली इलाके में कई वारदातों में शामिल थे। फि लहाल पुलिस ने दोनों कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। 

मिली जानकारी के अनुसार सीएएफ और जिला बल के जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान फ ुलपगड़ी थाना क्षेत्र के जंगल से दो नक्सली को धर दबोचा। फिलहाल गिरफ्तार नक्सलियों के नाम का खुलासा नहीं हो पाया है।

 

 

 

 

 


Date : 18-Jan-2020

मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का निरीक्षण, एएनएम से मलेरिया के बारे में कुछ जानकारी एवं सुझाव दिए

कोंटा, 18 जनवरी। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के तहत शुक्रवार को निरीक्षण में रायपुर से आए डॉ. विश्वास, डॉ आनंद राव और साथ में डॉ. कपिल कश्यप बीएमओ कोंटा द्वारा मरईगुड़ा और किस्टाराम में निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बालक आश्रम मरईगुड़ा में जाकर बच्चों से पूछा कि मलेरिया टेस्ट हुवा की नहीं एवं पैर के अंगूठे में निशान को देखे। किस्टाराम में घर-घर जाकर सर्वे किया गया। एएनएम से मलेरिया के बारे में कुछ जानकारी एवं सुझाव दिए गए। अभी तक गोलापल्ली सेक्टर में कुल 2745 लोगों का टेस्ट किया गया है, जिसमें 193 लोगों का सामान्य आया है। जिसको ंएसीटी किट एवं प्रिमाक्विन की मात्रा दे दिया गया है।


Date : 18-Jan-2020

दोरनापाल सीआरपीएफ कैम्प पर रात में मंडराए अज्ञात ड्रोन, नक्सल इलाके में सनसनी, ड्रोन कर रहा था पुसवाड़ा कैम्प व दोरनापाल हेडक्वार्टर की निगरानी, जवान अलर्ट

सीआरपीएफ ने अपने ड्रोन को पीछा करने उड़ाया तो ड्रोन हुआ गायब, 3 महीने में दूसरी घटना, नक्सलियों द्वारा ड्रोन से नजर रखने की आशंका

छत्तीसगढ़ संवाददाता

दोरनापाल, 18 जनवरी। सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित कैम्पों में अज्ञात ड्रोन की निगरानी फिर से देखने को मिलने लगी है, इसको लेकर सुरक्षा एजेंसी सतर्क हो गए हैं। बीते दिनों किस्टाराम में ड्रोन देखे जाने के बाद दोरनापाल के सीआरपीएफ 74 वाहिनी के हेडक्वार्टर व अंदरूनी पुसवाड़ा कैम्प में नजर आया, जिसके बाद 74 वाहिनी मुख्यालय से अज्ञात ड्रोन का पीछा करने अपना ड्रोन उड़ाया, पर रेंज से बाहर हो जाने से ड्रोन को नहीं ढूंढा जा सका। इसकी पुष्टि सुकमा एसपी शलभ सिन्हा ने की है कि देर रात पुसवाड़ा में ड्रोन देखा गया वहीं सीआरपीएफ के अनुसार दोरनापाल में भी कैम्प के ऊपर ड्रोन मंडरा रहा था, जिसके बाद जवानों के अपना ड्रोन उड़ाया।

बता दें कि बीते 3 महीने से नक्सलप्रभावित सुकमा जिले के अंदरूनी कैम्पों में ये दूसरी बार अज्ञात ड्रोन के देखे जाने का मामला सामने आया है। जब दोरनापाल सीआरपीएफ मुख्यालय तक अज्ञात ड्रोन पहुंचा पर सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और वक्त रहते जवानों के ड्रोन उड़ाने से पूरी तरह कैम्प का मुआयना नहीं कर सका। लम्बे समय से कैम्पों पर नजर से किसी कैम्प को निशाना बनाने की कोशिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं और प्रदेश से लेकर केंद्रीय स्तर पर बैठक में इसकी चर्चा हो चुकी है जिसमें ड्रोन को देखते ही धरासायी करने के निर्देश जवानों को दिए गए हैं। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि आखिर ड्रोन आ कहां से रहा है। पुलिस के अधिकारी अब इस बात की पुष्टि नही कर रहे हैं कि ये ड्रोन नक्सलियों का है कि या किसी और का है ।

अज्ञात ड्रोन का पीछा किया जवानों के ड्रोन ने

गौरतलब है कि शुक्रवार के रात 09 बजे नक्सल प्रभावित जिला सुकमा के दोरनापाल सीआरपीएफ 74 वाहिनी मुख्यालय के ऊपर और अंदरूनी इलाका पुसवाड़ा कैंप के आसपास रात में अचानक जवानों को ड्रोन दिखाई दिया जो 15 से 20 मिनट तक कैम्प के ऊपर मंडराता रहा। जिसके बाद पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया है। बताया जा रहा है कि, ड्रोन देखे जाने के बाद आला अधिकारियों के निर्देश पर जवानों द्वारा कैम्प के ड्रोन से उसका पीछा करने की कोशिश की गई लेकिन कुछ ही मिनटों बाद वह अदृष्य हो गया। इसके बाद से ही ड्रोन के रेंज वाले इलाकों में सुरक्षाबलों द्वारा पूछताछ किया जा रहा है ।

बड़ी वारदात की फिराक में हो सकते हैं नक्सली

बीते 3 महीने से बेशक अज्ञात रूप से  दूसरी बार ड्रोन के माध्यम से कैम्प पर नजर बना रहे है पर केवल नजर बनाना ही नक्सलियों का मकसद नहीं बल्कि निशाना बनाने कैम्पो की स्थिति जानने का सीधा संसाधन एक ड्रोन ही हो सकता है । जिन इलाकों में इस तरह के संसाधनों का अभाव हो वहां एक एक से अधिक ड्रोन का इस्तेमाल किया जाना सुरक्षा बलों के लिए चौका देना वाली बात है । बीते दिनों से सेंट्रल कमेटी मेम्बर रमन्ना की मौत के बाद से नक्सलियों की चुप्पी किसी बड़ी वारदात की ओर इशारा कर रही है। हालांकि लगातार इसको लेकर बैठकें जारी है और जवानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है । मगर ड्रोन से नजर बनाना कैम्प में हमले की तैयारी के अलावा सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान बांटना भी हो सकता है नक्सलियों की इस साजिश पर सुरक्षा एजेंसियां नजर बनाए हुए है । हालांकि अभी अधिकारी इसकी पुष्टि नही कर रहे ।

इस मामले में जब सुकमा एसपी शलभ सिन्हा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, ड्रोन दिखाई देने की बात सामने आई है जिसका जवानों ने पीछा भी किया लेकिन जांच के बाद ही बताया जा सकता है कि वह ड्रोन नक्सलियों का ही है।

वहीं बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने भी यही कहा कि, अभी इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती कि, ड्रोन नक्सलियों का ही है। वहीं आशंका यह भी जताई जा रही है कि, अभी राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी गणतंत्र दिवस नजदीक है। इस बात से यह आशंका जताई जा रही है कि, नक्सली इस दिन किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में है। जवानों को अलर्ट किया गया है ।


Date : 17-Jan-2020

नाटक से बच्चों ने दी यातायात नियमों की जानकारी, नाटक को राठी मार्ट की ओर से 500 रुपए का पुरस्कार मिला 

सुकमा, 17 जनवरी। यातायात सप्ताह के दौरान उस वक्त लोग हैरत में पड़ गए, जब मंच पर यमराज और उनकी सेना उतर आई और लोगों को यातायात नियमों की जानकारी देने लगे। इस दौरान यम सेना ने एक नाटक किया, जिसे मौजूद लोगों ने खूब सराहा। वहीं इस नाटक को राठी मार्ट की ओर से 500 रुपए का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। 

मिली जानकारी के अनुसार 31वां राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा सप्ताह जागरूकता कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड में किया गया। यहां यातायात पुलिस ने बीते एक सप्ताह में उनके द्वारा चलाये गए कार्यक्रमों की जानकारी दी। इसमे 57 चालकों का लाइसेंस रजिट्रेशन कराया गया। साथ ही वाहन चालकों को बीमा के बारे में जानकारी दी गई वही स्कूल व कालेजो में कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं शाम को संवाद कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें वाहन चालकों, नागरिक, बस एजेंट से चर्चा की गई और उनकी राय भी ली गई।

 जिला मुख्यालय के अलावा कई थानों में यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। वहीं यातायात प्रभारी परमिल दास ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2017 में सडक़ दुर्घटना में सुकमा जिले में 24 की मृत्यु, 2018 में 30 की मौत, 2019 में 42 मौत हुई है। लगातार आकड़ों में इजाफ ा हो रहा है, जिसे रोकना होगा। यातायात नियमों को तोड़ते है तो 11 प्रकरणों में 3 पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। यातायाता 3934 प्रकरण दर्ज कर 13 लाख वसूले गए और 32 प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया। एसपी शलभ सिन्हा, सीजीएम भारद्वराज, फ ारुख अली मौजूद थे। 


Date : 15-Jan-2020

मकर संक्रांति पर अनोखा होता है सुकमा का नजारा, मुर्गा लड़ाई होता है आकर्षण का केंद्र, मेले में पहुंचते हैं सैकड़ों 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 15 जनवरी।
पूरे देश में आज मकर संक्रांति का पर्व धूम-धाम से मनाया गया। जहां कुछ लोगों ने इस पर्व पर एक दूसरे को तिल के लड्डू और मिठाइयां खिलाई। वहीं कुछ लोगों ने इस पर्व पर दान के महत्व को समझते हुए दान दक्षिणा किया, लेकिन मकर संक्रांति का पर्व छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र बस्तर में अनोखे अंदाज में मनाया जाता है। इस पर्व के लिए इलाके के लोगों को पूरा साल भर इंतजार रहता है।

दरअसल मकर संक्रांति के पर्व पर सुकमा में मेले का आयोजन किया जाता है। ऐसा नहीं है कि यह मेला एक दो साल से यहां कराया जा रहा है, इस मेले का आयोजन सुकमा में दो दशकों से होते आया है। मेले का अपना अलग महत्व है। मेले में शामिल होने के लिए इलाके के ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी लोग यहां आते हैं। मेले में जहां तरह-तरह की चीजें लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। 

वहीं इस दौरान होने वाले मुर्गा लड़ाई लोग साल भर इंतजार करते हैं। मुर्गा लड़ाई में शामिल होने सैकड़ों लोग मकर संक्रांति पर सुकमा पहुंचते हैं साथ ही हजारों लोग सिर्फ  मुर्गा लड़ाई देखने यहां आते हैं।

हालांकि स्थाई जगह आबंटित नहीं किए जाने के चलते हर बार मेला अलग-अलग जगह पर कराया जाता है, लेकिन इसका रोमांच देखते ही बनता है। मेले के लिए इस बार प्रशासन ने मात्र दो दिन की ही अनुमति दी है। जबकि आयोजकों ने चार दिनों तक रखने की अनुमति मांगी थी।

पड़ोसी प्रदेश से भी पहुंचते हंै लोग
इस मेले का क्रेज इतना है कि पड़ोसी प्रदेश ओडिशा के मलकानगिरी जिले के भी लोग पहुंचते है। तीन दिनों में सबसे ज्यादा भीड़ दूसरे दिन रहती है। आयोजकों का कहना है कि इस मेले में संस्कृति और परम्परा दोनों है। आदिवासी बाहुल्य इलाका होने के कारण यहां पर मेले के प्रति लोगों की रूचि ज्यादा रहती है। 

जात-पात का भेदभाव भूलकर उमड़ती है भीड़
सबसे अहम बात यह है कि इस मेले में लोग जात-पात और उंच-नीच के भेदभाव को भुलाकर यहां पहुंचते हैं। साथ ही सिर्फ  हिन्दू या आदिवासी समुदाय ही नहीं बल्कि हर धर्म और जाति के लोग मुर्गा लड़ाई में शामिल होते हैं।


Date : 15-Jan-2020

स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिये साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर इंस्पायर अवार्ड मानक योजना चलाई, जिले के 6 विद्यार्थियों का चयन

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 15 जनवरी।
इंस्पायर योजना के तहत स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिये साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग डीएसटी ने राष्ट्रीय स्तर पर इंस्पायर अवार्ड मानक योजना चलाई है। जिसमें देश के सभी मान्यता प्राप्त सरकारी एवं निजी स्कूली बच्चों को मॉडल और अन्य वैज्ञानिक आविष्कारों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इंस्पायर अवार्ड मानक के मॉडलों का सम्भाग, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना है ।

इसी योजना के तहत संभाग स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का दो दिवसीय आयोजन बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में किया गया। कलेक्टर  चन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी जे के प्रसाद के कुशल नेतृत्व में उक्त प्रतियोगिता में सुकमा जिले के 78 प्रतिभागियों ने अपने वैज्ञानिक सोच को प्रस्तुत किया था। इस सोच के अनुरूप मॉडल तैयार करने के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को दस हजार रुपये भी दिया गया । जिसमें से 62 प्रतिभागियों ने अपने मॉडल प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर चयनित प्रतिभागियों के साथ उनके मार्गदर्शक शिक्षक भी उपस्थित हुए। सुकमा जिले के नोडल अधिकारी एवं सहायक परियोजना समन्वयक गुलराज शर्मा ने बताया कि संभाग स्तरीय इस प्रतियोगिता में सुकमा जिले के 6 प्रतिभागियों के चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिये किया गया है। जिसमें विकासखण्ड सुकमा से राहुल कुमार, शासकीय माध्यमिक शाला गीदम, संतोष कुमार, पोटाकेबिन गादीरास विकासखण्ड छिंदगढ़ से कुमारी दामिनी साहू, मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल रोकेल एवं विकासखण्ड कोण्टा से कु. दुर्गा ठाकुर, शासकीय कन्या माध्यमिक शाला कोण्टा एवं डी.साई तेजा, मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल कोण्टा जोगा, पोटाकेबिन मरईगुड़ा का चयन हुआ। अब ये प्रतिभागी राज्य स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में शामिल होंगे।

 


Date : 14-Jan-2020

सड़क सुरक्षा सप्ताह के चौथे दिन लाइसेंस बनाने के लिए कैंप, उमड़ी भीड़, पुलिस को भेज रहे हेलमेट वाली सेल्फी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 14 जनवरी।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के चौथे दिन लाइसेंस बनाने के लिए कैंप लगाया गया। जिसमें भीड़ उमड़ पड़ी है, साथ ही यहां आए लोग सेल्फ ी प्वॉइंट पर जाकर सेल्फ ी भी ले रहे हैं। 

डीएसपी अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि आज जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड पर लाइसेंस बनाने की टीम को बैठाया गया है, जिसमें लोगों को लाइसेंस बनाने के फ ार्म देने और पूरी प्रक्रिया की जा रही है। आरटीओ की टीम को भी बैठाया गया। साथ ही यातायात नियमों के पालन को लेकर एक बैनर बनाया गया, जहां आने वालों के हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। उसके बाद एक मोटर साइकिल रखी गई, जहां हेलमेट पहनकर सेल्फ ी खींची जा रही है। उसके बाद उन सेल्फ ी का लक्की ड्रा निकाला जाएगा। पुलिस के इस अभियान से सैकड़ों युवा जुड़ रहे हैं।

 


Date : 12-Jan-2020

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मासिक रेडियोवार्ता कार्यक्रम लोकवाणी की छठवीं कड़ी को सुकमा जिले में उत्साहपूर्वक सुना गया

सुकमा, 12 जनवरी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मासिक रेडियोवार्ता कार्यक्रम लोकवाणी की छठवीं कड़ी को सुकमा जिले में उत्साहपूर्वक सुना गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पिछले एक वर्ष में किए गए कार्यों पर हुई चर्चा को लोगों ने स्थानीय बस स्टैंड में सुना और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सेवा और जतन की भावना के साथ किए गए कार्यों की सराहना  की। 

सुकमावासी  संतोष गुप्ता द्वारा सात डिसमिल जमीन की पट्टे और छोटे रकबे की जमीन के पट्टे का पंजीयन की सहुलियत दिए जाने पर मुख्यमंत्री के प्रति जताए गए आभार का प्रसारण भी इस लोकवाणी में किए जाने से श्रोताओं का उत्साह कई गुना बढ़ गया।

नगरपालिका अध्यक्ष जगन्नाथ (राजू) साहू ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की संस्कृति से युवाओं को जोडऩे के लिए युवा उत्सव के भव्य आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोडऩे का अच्छा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही युवाओं के रोजगार के लिए उठाए गए कदमों के भी अच्छे परिणाम दिख रहे हैं। उन्होंने सिंचाई की सुविधाएं बढ़ाने के लिए शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जलसंरक्षण और जलसंवर्धन आज बहुत बड़ी आवश्यकता है।

पार्षद आयशा हुसैन ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि शिक्षकों की कमी को दूर कर ही अच्छी शिक्षा बच्चों को दी जा सकती है। उन्होंने लीवर ट्रांसप्लान्ट, किडऩी ट्रांसप्लान्ट, कॉर्निया ट्रांसप्लान्ट, हृदय ट्रांसप्लान्ट, कैंसर, हृदय रोग, एनीमिया, सिकलसेल जैसी बीमारियों के इलाज के लिए डॉ खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना एवं मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की प्रशंसा की। रेडियोवार्ता पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए  राजेश नारा ने कहा कि युवाओं को स्थानीय संस्कृृति से जोडऩे के साथ ही खेलों के विकास के लिए शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए शासन द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है।