छत्तीसगढ़ » सुकमा

Previous12Next
Date : 03-Apr-2020

सोशल डिस्टेंस के बीच दिहाड़ी मजदूरों को मास्क-राहत सामग्री वितरित
सुकमा से पहुंचा फायर ब्रिगेड, चौक-चौराहे किए गए सैनिटाइज

छत्तीसगढ़ संवाददाता
 दोरनापाल, 3 अप्रैल।
कोरोना वायरस के जंग में पूरे देश में लॉकडाउन है। दोरनापाल नगर पंचायत भी पूरी तरह से लॉकडाउन का पालन कर रही है।  प्रशासन, पुलिस  व नगर पंचायत के सभी कर्मचारी 24 घंटे लॉकडाउन को सफल बनाने में लगे हुए हैं। वहीं गरीब व दिहाड़ी मजदूरों को राहत देने भही राशन सामग्री का वितरण शुरू कर दिया गया है और लोगों को सामाडिक दूरी (सोशल डिस्टेंस) के बीच राशन के साथ मास्क वितरण कर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है 

  गुरुवार को जिला मुख्यालय सुकमा से फायर बिग्रेड की वाहन मंगवाकर दोरनापाल नगर पंचायत के सीएमओ कृष्णा राव ने नगर के मुख्य चौक चौराहों सहित मुख्य मार्गों को सैनिटाइज किया। साथ ही राव ने जानकारी दी कि हर रोज नगर के हर गली मोहल्लों में सेनेटाइजर का छिडक़ाव किया जाएगा, साथ ही हर वार्ड में हाथ धोने के लिए व्यवस्था किया गया। और बाहरी क्षेत्रों से आये हुए लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था किया गया। आगामी दिनों में सूखा राशन जरूरतमंद लोगों को वितरण करने की तैयारी की जा रही है। 

कृष्णा राव नगर पंचायत सीएमओ कहते हैं कि पूरा विश्व इस वक्त कोविड-19 से बचाव के लिए संघर्षरत है। जिसके चलते पूरा देश लॉकडाउन है। इस दौरान कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के साथ साथ लोगों की मदद करना भी बेहद जरूरी है। जिसमें दोरनापाल के नगरवासी भी बड़े स्तर पर सहयोग कर रहे हैं।

चिन्हित लोगों को बांटे जा रहे राशन के थैले
 कोरोना के चलते लॉकडाउन से गरीब तबके के लोगों के प्रभावित जनजीवन को राहत देने स्थानीय प्रशासन अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, ठेकेदारों, व्यापारियों, कर्मचारियों व पत्रकारों की सामूहिक सहभागिता से सूची अनुरूप 261 परिवारों तक राशन पहुंचाने का काम नगरीय प्रशासन ने शुरू करवा दिया जिसमें कर्मचारी वार्ड क्रमांक 8, 9, 10 जो सबसे ज्यादा प्रभावित है वहां के चिन्हित लोगों को राशन सामग्री वितरण की गई। इस राशन में केवल वही सामग्री का थैला तैयार किया गया है जो शासकीय राशन दुकानों नहीं मिलती है। जिसमें आलू प्याज हल्दी मिर्ची तेल सोया बड़ी दाल जैसी सामग्री है इसके साथ ही जैन लोगों के राशन कार्ड नहीं है उन्हें दस 10 किलो चावल भी प्रशासन द्वारा मुहैया कराई जा रही है।

दोरनापाल सीएमओ कृष्णा राव का कहना है कि लॉकडाउन से नगरीय क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूरों के जनजीवन पर ज्यादा प्रभावित दिख रहा है जिसको ध्यान में रखते हुए राहत सामग्री तैयार की गई है। इसे 261 चिन्हित दिहाड़ी मजदूरों में प्राथमिक तौर पर बांटा जा रहा है अन्य को भी चिन्हित करने का काम जारी है। जिन परिवार के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी राशन मुहैया कराया जाएगा। लॉकडाउन के चलते कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे,  इसके लिए हम प्रयासरत हैं। 
 


Date : 03-Apr-2020

कलेक्टर ने लिया कोंटा स्थित आईसोलेशन केंद्र का जायजा

सुकमा, 3 अप्रैल। कलेक्टर चन्दन कुमार ने आज कोन्टा पहुंचकर यहां बनाये गए आइसोलेशन में की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा भी साथ में मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन के कारण जिले के कोन्टा बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। कलेक्टर चंदन कुमार ने सबसे पहले सील किये गए  बॉर्डर  का जायजा लिया। उन्होंने 11 लोगों को आईसोलेशन में रखे गए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के भवन और 92 लोगों को आइसोलेशन में रखे गए पोटाकेबिन में की गई व्यवस्था का जायजा लिया। 

पोटा केबिन में 37 महिला और 55 पुरुषों को निगरानी में रखा गया है। इनमें ओडिशा के 49,  सुकमा विकासखंड के 12, कोंटा विकासखंड के 27 दंतेवाड़ा के 4 लोगों को रखा गया है। इनके भोजन एवं आवास के साथ ही सभी जरूरी सुविधाएं प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन द्वारा यहां रह रहे लोगों के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी भी प्रशासन द्वारा की जा रही है।

कलेक्टर ने सभी लोगों को घरों में रह कर सहयोग करने का अपील की है और लॉक डाउन के दौरान फंसे लोगों के सहयोग के लिए सामाजिक संगठनों और मीडिया के प्रति आभार व्यक्त किया।
 


Date : 01-Apr-2020

गरीब परिवारों की मदद को जमीन पर उतरे कांग्रेसी, घर-घर जाकर पहुंचा रहे गऱीबों तक राशन

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 1 अप्रैल।
मंत्री कवासी लखमा एवं कांग्रेस की जि़ला अध्यक्ष माहेश्वरी बघेल के निर्देश पर कोरोना वायरस के रोकथाम, बचाव व गऱीबों की मदद के लिए कांग्रेस की सेना अब गांव-गांव व शहर के हर गली मोहल्लों में गरीब परिवारों की मदद को ज़मीन पर उतर चुकी है। कांग्रेस की इस सेना में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता, ऐसे परिवारों की मदद कर रहे हैं जो  दिहाड़ी मज़दूरी कर अपने परिवार का गुजर बसर करते हैं।

सुकमा जि़ला मुख्यालय दोरनापाल, ऐर्राबोर,कोन्टा, मरईगुड़ा, छिंदगढ़, तोंगपाल, कुकानार, गादीरास जैसे इलाक़ों में घर-घर जाकर कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि गऱीबों तक राशन पहुंचा रहे हैं। कांग्रेसियों द्वारा की गई इस पहल से अब तक सैकड़ों गरीब परिवारों को इस लॉकडाउन के दौरान राहत मिली है। दोरनापाल में रहने वाले कुछ गऱीब परिवारों ने बताया कि लॉकडाउन के दुसरे दिन ही उनके घरों में दाल समेत अन्य राशन सामग्रियां ख़त्म हो चुकी थी। आगे घर के भोजन की उन्हें चिंता सता रही थी, पर कांग्रेस के कुछ लोगों ने उनके घर पर राशन पहुंचाई और कहा है कि राशन ख़त्म होने की भी सूचना देने पर फिर से राशन पहुंचा दी जाएगी। 

ग़ौरतलब है कि लॉकडाउन के दौरान गऱीबों की चिंता बढऩे लगी, ऐसे गरीब जो रोज कमाने रोज़ खाने की परिस्थितियों पर गुजर-बसर कर रहे थे। इस पर गंभीरता दिखाते हुए प्रदेश की भूपेश सरकार एंव मंत्री कवासी लखमा व सुकमा कांग्रेसाध्यक्ष माहेश्वरी बघेल के निर्देश पर गऱीबों की मदद करने उतरी कांग्रेस की सेना ने हालात को क़ाबू में लिया है।

रायपुर से पल-पल की जानकारी ले रहे मंत्री लखमा
इधर कोरोना के चलते रायपुर में मंत्री कवासी लखमा है। हाल में कोरोना के चलते मंत्री कवासी लखमा का दो बार सुकमा कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। वहीं रायपुर में रहने के बावजूद मंत्री कवासी लखमा अपने विधानसभा के एक-एक गांव के हालात की जानकारियां फ़ोन पर ही ले रहे हैं और हर गांव के गऱीबों की मदद करने का निर्देश अपने कार्यकर्ताओं को दे रहे हैं। 
कुछ कार्यकर्ताओं ने बताया कि मंत्री दिन भर में कई-कई बार कार्यकर्ताओं को फ़ोन कर जानकारी ले रहे हैं और हालात पर नजऱ बनाए हुए है। कोरोना के रोकथाम के लिए हमारी पार्टी ने पूरे देश में गऱीबों के मदद के लिए जो दिशानिर्देश दिए है। उसी के आधार पर कांग्रेस के हर प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता गऱीबों की मदद करने हर गांव-गांव शहर मोहल्ले पर गऱीबों के घर घर पहुंच राहत सामग्रियां पहुंचाई है आगे भी हमारी टीम गऱीबों की मदद को तैयार है। हालात पर हम नजऱ बनाए हुए हैं। एक भी आदमी इस लॉकडाउन भूखे पेट ना सोए, हमारी यही प्राथमिकता है।

 


Date : 31-Mar-2020

वृद्धजन और निराश्रितों को बांटे राशन सामान

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 31 मार्च।
जिले के ग्राम पंचायत केरलापाल में शुक्रवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार बंद होने के कारण ग्राम के अति गरीब परिवार, वृद्धजन और निराश्रितों को बहुत प्रभाव पड़ा, उक्त प्रभावित परिवार को ग्राम पंचायत केरलापाल द्वारा जरूरत की सामाग्री (चावल, दाल, तेल, आलू, प्याज, साबुन) वितरण किया गया। सामाग्री वितरण के दौरान पंचायत सचिव  गोपाल सिंह अजमेरा, सरपंच  कीर्ति मरकाम, उपसरपंच  रतन बघेल, रोजगार सहायक, सेल्समेन व युवा जागृति सदस्य आदि मेरी पूरी टीम उपस्थित रही। जरूरतमंद को सामाग्री वितरण के दौरान जागरूकता संबंधी सुझाव भी दिए गए। 

पंचायत सचिव गोपाल सिंह अजमेरा ने कहा कि पिछले तीन दिनों से लगातार ग्राम पंचायत में जागरूकता का कार्य किया जा रहा है। ग्राम पंचायत मुख्यालय में जरूरत की सभी सामग्री को स्टाक में रखा गया है और ग्राम में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश करना ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिबंध किया गया है। 

 


Date : 30-Mar-2020

कोरोना के खिलाफ जंग में कारोबारियों ने मदद के लिए प्रशासन की ओर बढ़ाया हाथ, राहत के लिए दिया फंड

सुकमा, 30 मार्च। कोरोना से पूरी दुनिया लड़ रही है और भारत में शासन-प्रशासन अपने स्तर पर लड़ाई लड़ रही है और इनका साथ देने के लिए लोग आगे आ रहे हैं। एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आह्वान पर बड़े कारोबारी और सेलेब्रेटी रकम दान कर रहे है। ठीक दूसरी और स्थानीय प्रशासन की मदद करने भी लोग सामने आ रहे हैं। सुकमा में एसडीएम नभ एल स्माइल और तहसीलदार आरपी बघेल को नगर के बंशीलाल नाहटा, हुक्मीचंद टाटिया, अनीश बोथरा, किरण ने दान राशि सहयोग की। सुकमा जिले के लोगों से अपील है कि इस मदद के लिए आगे आये और एसडीएम सुकमा/ कोंटा के पास रेड क्रॉस सोसायटी के नाम पर दान करें, ताकि इस मुश्किल की घड़ी में लोगों को राहत मिल सके।

 


Date : 30-Mar-2020

कोविड 19 से निपटने भवन को बना दिया आईसीयू, कलेक्टर ने लोगों से की लॉकडाउन का पालन करने की अपील

सुकमा, 30 मार्च। कोरोना से निपटने के लिए जिला अस्पताल परिसर के एक भवन को आईसीयू बना दिया गया और जिले के अलग-अलग जगहों पर 100 सीटर के पांच आश्रमों को स्वास्थ्य केन्द्र में तब्दील कर दिया गया ताकि लोगों को परेशानी का सामना करना पड़े। साथ ही कलेक्टर चंदन कुमार ने लोगों से घरों में रहने और सावधानी बरतने की अपील की है।

लॉकडाउन को देखते हुए बाहरी लोगों के आने की संख्या बढ़ गई है। कलेक्टर चंदन कुमार ने बताया कि जिले के पांच जगहों तोंगपाल, छिन्दगढ़, सुकमा, दोरनापाल व कोंटा में 100 सीटर आश्रमों को स्वास्थ्य केन्द्र में तब्दील किया जाएगा। उसके अलावा जिला अस्पताल परिसर में बना भवन मातृ एवं शिशु अस्पताल में 10 आईसीयू बेड बनाए गए ताकि कोरोना के संदिग्ध मरीजों को यहां पर राहत दे सके।


Date : 29-Mar-2020

बाहर से आए मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण करवा रहे ग्रामीण

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 29 मार्च।
देशभर में कोरोना वायरस से चल रहे जंग में शासन प्रशासन के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी अपने भागीदारी निभा रहे हैं। सुकमा में शहरी क्षेत्रों से ज्यादा ग्रामीण अंचलों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए ग्रामीण ज्यादा जागरूक नजर आ रहे हैं। 

ग्रामीणों का मानना है कि कोरोना से चल रहे जंग में एक छोटा सा प्रयास पूरे गांव को संक्रमण से बचा सकता है और ऐसा प्रयास सुकमा  के कई ग्राम पंचायतों में भी देखने को मिल रहा है। जिले के तालनार पंचायत में ग्रामीणों ने निगरानी समिति का गठन कर गांव में बाहरी लोगों का प्रवेश निषेध कर दिया है। समिति द्वारा गांव की बाहरी सीमा में अस्थाई बेरियर लगाकर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किए हुए है। साथ ही बाहर अन्य जगहों में मजदूरी करने गए लोग यदि वापस गांव आ रहे है तो उसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं। 

जिले के ऐसे कई ग्राम पंचायत के जागरूक ग्रामीण बाहर से आए मजदूरों को स्वास्थ्य केंद्रों में ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण भी करवा रहे हंै। साथ ही बेवजह घरों से निकलने वाले लोगों पर हल्के बल का प्रयोग भी कर रहे हैं, ताकि ग्रामीण बेवजह घरों से न निकले और कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सके। इधर ग्रामीणों ने शहरवासियों का भी गांव में बेवजह आने-जाने पर भी रोक लगा दी है और बाहरी व्यक्तियों में ग्राम में आना वर्जित कर दिया है।

 


Date : 29-Mar-2020

कोरोना वायरस के रोकथाम और बचाव की मॉनिटरिंग के लिए जिला-विखं स्तरीय टॉस्क फोर्स गठित

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 29 मार्च।
कलेक्टर चंदन कुमार द्वारा कोरोना वायरस के रोकथाम और बचाव की मॉनिटरिंग के लिए जिला और विकासखंड स्तरीय टॉस्क फोर्स गठित की गई है। जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  नूतन कुमार कंवर को नोडल अधिकारी नोडल अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर  रवि साहू व जिला दिव्यांग पुनर्वास अधिकारी  अविनाश कुमार सिंग सदस्य नियुक्त किए गए हैं। सुकमा विकासखंड के टॉस्क फोर्स के इंसिडेंट कमांडर के तौर पर अनुविभागीय दंडाधिकारी नभ एल इस्माइल तथा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहदेव सिंह व खण्ड स्त्रोत समन्वयक अल्फ्ऱेड सूना को सदस्य नियुक्त किया गया है। छिंदगढ़ विकासखंड स्तरीय टॉस्क फोर्स का इंसिडेंट कमांडर अनुविभागीय दंडाधिकारी नभ एल इस्माइल तथा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  एसएल देवांगन व खण्ड स्त्रोत समन्वयक  वसीम खान को सदस्य नियुक्त किया गया है। कोंटा विकासखंड स्तरीय टॉस्क फोर्स का इंसिडेंट कमांडर अनुविभागीय दंडाधिकारी  हिमांचल साहू एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपेंद्र पटेल, खंड स्त्रोत समन्वयक महेंद्र बहादुर सिंह व मण्डल संयोजक  राजू टांडिया को सदस्य नियुक्त किया गया है।


Date : 29-Mar-2020

मुठभेड़ में जख्मी 15 जवानों की मदद के लिए दो पुलिस अफसरों ने दिया एक माह का वेतन

सुकमा, 29 मार्च। सुकमा जिले के मिनपा इलाके में हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 17 जवान शहीद हो गए थे, वहीं 15 जवान घायल हुए, जिनका इलाज रायपुर में चल रहा है। इन जख्मी जवानों की मदद के लिए अब दो पुलिस अधिकारी आगे आए हैं। सुकमा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी प्रतीक चतुर्वेदी और सहायक उप निरीक्षक अतुलेश राय ने अपने एक महीने का वेतन घायल जवानों के इलाज के लिए दिया है।

कृषकों की समस्याओं के निराकरण के लिए हेल्प लाईन शुरूअधिकारियों की लगाई गई ड्यूटी


Date : 29-Mar-2020

सुकमा जिले के 2 उप निरीक्षकों का राज्य शासन द्वारा क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान करते हुए निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया

सुकमा, 29 मार्च। जिले के नक्सल मोर्चे पर पिछले 4 वर्षों से तैनात रहते हुए कई नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व करते हुए, अदम्य साहस एवं वीरता पूर्ण कार्रवाई के दौरान कई दुर्दांत इनामी माओवादियों को मार गिराने तथा आधुनिक हथियार बरामद करने जैसे कार्यों के फलस्वरूप सुकमा जिले के 2 उप निरीक्षकों आशीष राजपूत एवं नितेश सिंह को राज्य शासन द्वारा क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान करते हुए निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया। पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों अधिकारियों को निरीक्षक रैंक लगाकर कार्यभार सौंपते हुए शुभकामनाएं दी गई एवं उज्जवल भविष्य की कामना की गई।

 


Date : 29-Mar-2020

साधना स्व-सहायता समूह की महिलाएं अहम भूमिका

सुकमा, 29 मार्चदेश में जहां कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। वायरस के संक्रमण से बचने लोग घरों में कैद हैं। जरूरी कामों से कोई बाहर निकल भी रहे हंै तो पूरी एहतियात के साथ। ऐसी विषम परिस्थितियों में भी स्व सहायता समूह की महिलाएं अपनी ड्यूटी और फर्ज दोनों बखूबी निभा रही है। ज्ञात हो कि कोरोना संदिग्ध मरीजों को जिला हॉस्पिटल में विशेष चिकित्सा दिया जा रहा है। इसमें अभूतपूर्व कार्य डॉक्टर एवं नर्स का है, परंतु इसी अस्पताल में मरीजों का ख्याल रखने के लिए साधना स्व-सहायता समूह की महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं।

 


Date : 25-Mar-2020

मुठभेड़ के बाद नक्सल-बयान, मारे गए 3 का अंतिम संस्कार

लूटे हथियार व अंतिम संस्कार की तस्वीरें, ऑडियो जारी

छत्तीसगढ़ संवाददाता

दोरनापाल, 25 मार्च। सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र अंतर्गत मिनपा गांव के पास हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ में जहां 17 जवान शहीद हुए और 14 जवान घायल हो गए। वहीं नक्सली संगठन ने मुठभेड़ में मारे गए साथियों के नाम समेत जानकारी व लूटे गए हथियार और मारे गए नक्सली साथियों के अंतिम संस्कार की तस्वीर जारी की है। नक्सली संगठन के अनुसार मुठभेड़ में उनके कुल 4 साथी मारे गए, जिनमें से एक नक्सली का शव पुलिस जवानों ने मौके से बरामद कर लिया। वहीं तीन अन्य नक्सली साथी भी मारे गए हैं, जिनके शव नक्सली मौके से ले जाने में कामयाब हो गए। तीनों नक्सलियों का सुकमा जिले के सुदूर जंगलों में अंतिम संस्कार भी किया गया जिसमें बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद रहे ।

ज्ञात हो कि बीते दिनों 21 मार्च को चिंतागुफा अंतर्गत मिनपा के पास ऑपरेशन पर निकली डीआर सी व एसटीएफ की टीम नक्सलियों के एंबुश का शिकार हुई थी जिसमें 17 जवान शहीद हुए थे वह 14 जवान घायल हुए थे जिसके बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे मुठभेड़ में 10 से 15 नक्सलियों के मारे जाने की बात कही थी जिसके ठीक बाद नक्सली संगठन के प्रवक्ता विकल्प ने तस्वीर व ऑडियो जारी कर नक्सली संगठन की ओर से यह पुष्टि की कि इस पूरे मुद्दे में 3 साथी मारे गए व जिनका अंतिम संस्कार कर दिया गया इस मुठभेड़ में लूटे गए हथियारों व सामग्रियों की सूची ऑडियो के जरिए जारी की गई ।

तस्वीर के साथ-साथ दक्षिण बस्तर नक्सली संगठन के प्रवक्ता विकल्प ने एक ऑडियो भी जारी किया है इस ऑडियो में विकल्प ने मुठभेड़ में मारे गए साथियों के नाम के जिक्र के साथ पूरे मुठभेड़ में जवानों से लूटे गए हथियार व सामग्री की सूची भी जारी की गई है।

बयान में कहा गया है- जवानों के साथ मुठभेड़ में लड़ते हुए हमारे पीएलजीए के 3 साथी मारे गए जिसमें कामरेड कवासी सकरु पीपीसीएम कामरेड पोटम राजेश पीएम कामरेड करतम सुकू पीएम इस पूरे मुठभेड़ में मारे गए जिन का अंतिम संस्कार सुकमा जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाके में एक साथ किया गया और नक्सली प्रवक्ता विकल्प  के अनुसार इन के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि भी दी।

3 नक्सलियों के मरने की पुष्टि पर पुलिस ने कहा 10 से अधिक मरे

इस मुठभेड़ के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस के डीजी डीएम अवस्थी ने मीडिया से कहा कि इस मुठभेड़ में 10 से अधिक नक्सली मारे गए हैं। वहीं नक्सली प्रवक्ता विकल्प द्वारा 3 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि नाम समेत की गई है व इन मारे गए नक्सलियों के अंतिम संस्कार की पुष्टि भी ऑडियो और तस्वीरों के जरिए पहचान की गई है। इधर विकल्प द्वारा जारी तस्वीरों के बाद पुलिस का कहना है कि नक्सली संगठन मारे गए नक्सलियों के आंकड़े छुपा रहे है। असल आंकड़े सामने आने से नक्सली संगठन का मोरल डाउन होगा इस वजह से केवल तीन नक्सलियों के शब्द की जानकारी नक्सली दे रहे हैं। वहीं जवानों ने घटनास्थल से एक अन्य शव बरामद किया था इसके अलावा पूरे मुठभेड़ में जवानों ने बहादुरी के साथ नक्सलियों को जवाब दिया। पुलिस के अधिकारियों के अनुसार इस मुठभेड़ में 17 जवान शहीद हुए मगर इन जवानों ने बहादुरी के साथ नक्सलियों को एक बड़ा नुकसान भी पहुंचाया है जिसकी पुष्टि फिलहाल तो नक्सली संगठन नहीं कर रही लेकिन बाद में जरूर करेगी

इधर नक्सली प्रवक्ता विकल्प ने 3 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि की है। वहीं पुलिस की मानें तो इस पूरे मुद्दे में डीआरजी व एसटीएफ के जवानों ने 14 नक्सलियों को मरते देखा है 21 मार्च को नक्सलियों ने उस इलाके में तीन एंबुश लगाया था जिसमें से तीसरे मुठभेड़ में जवानों को बड़ा नुकसान हुआ मुठभेड़ में मौजूद जवानों ने बताया कि जिस दौरान मुठभेड़ हो रही थी तब डीआरजी व एसटीएफ की 2 टीम आगे पीछे थी मुठभेड़ के शुरुआत में ही जवानों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई जिसमें 4 से 5 महिला नक्सली व अन्य पुरुष कुल 14 से 15  नक्सलियों को मौके पर मरते देखा जिसके बाद अंधाधुंध फायरिंग कर नक्सलियों को पीछे हटा कर जवान नक्सलियों के शव तक पहुंचे रिकवर करने के लिए मगर शो रिकवर करने के दौरान ही दाएं और बाएं और ऊंचाइयों से नक्सलियों ने दोबारा गोलीबारी शुरू कर दी जिसमें कई जवान जख्मी व मौके पर कुछ जवान शहीद हो गए थे इसके बाद ही नक्सली जवानों को शवों से पीछे धकेल दिए जिसके बाद जवानों ने वापसी करना उचित समझा।

लूटे हथियारों और नक्सल-अंतिम संस्कार की तस्वीर

दोरनापाल, 25 मार्च (छत्तीसगढ़ संवाददाता)। सुकमा जिले के मिनपा मुठभेड़ में मारे गए तीन नक्सलियों की फ़ोटो नक्सली प्रवक्ता विकल्प ने जारी की है।  जवान के लूटे गए हथियार की तस्वीर भी जारी की गई है। नक्सलियों के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद थे।

 

 


Date : 24-Mar-2020

हरीश-राजू ने सावधानी बरतने का किया आह्वान, कोरोना से बचाव के तरीके बताए

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 24 मार्च।
कोरोना वायरस नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष कवासी हरीश लखमा एवं सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू ने संयुक्त रूप से अधिकारियों को विशेष दिशानिर्देश देते हुए नगरवासियों को  सावधानी बरतने का आह्वान किया।

सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष कवासी हरीश लखमा एवं सुकमा नगर पालिका के अध्यक्ष जगन्नाथ राजू साहू कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव व रोकथाम के लिए  किए जा रहे उपायों की लगातार मानीटरिंग कर रहे हैं, वहीं सुकमा जिले व नगर पालिका सुकमा के अधिकारी-कर्मचारियों से चर्चा कर आमजनों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर हैंड वाश सेंटर के अलावा  पालिका क्षेत्र  में साफ-सफाई के इंतजाम पर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। गणमान्य जनों एवं आमजनों से मुलाकात की और बचाव के तरीके बताए। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि बार बार अपने हाथों को साबुन से 20 सेकेंड तक अच्छी तरह साफ करें। अतिआवश्यक न हो तो घर से बाहर न निकलें क्योंकि यह वायरस एक दूसरे से फैल रहा है।
चूंकि आज से पुलिस प्रशासन बेवजह सड़कों पर घूमने वालों के ऊपर कड़ी कार्रवाई (सख्ती बरती) की तैयारी में है। क्योंकि हमें आपकी एंव आपके परिजनों की चिंता है। इसलिए बेवजह घरों से नहीं निकले, घर पर ही रहकर अपने एवं देश की रक्षा करें। समय-समय पर शासन-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने कहा कि अभी दो हफ्ते का समय ज्यादा संवेदनशील है। इस दौर में सभी को सजग व सतर्क रहने की जरूरत है।


Date : 23-Mar-2020

सुकमा में जनता कफ्र्यू को नागरिकों का समर्थन, सड़कें सूनी रही

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 23 मार्च।
रविवार को कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को घटाने प्रधानमंत्री के आह्वान पर देश में एक दिनी 'जनता कफ्र्यू' को बेहद ही ऐतिहासिक कामयाबी मिली। यह पहला अवसर है जब जनता द्वारा जनता के लिए लगाई गई कफ्र्यू से जनता घरों में ही सिमटे रही। प्रधानमंत्री ने देश की जनता से रविवार को एक दिन का जनता कफ्र्यू में शामिल होकर कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की दिशा में सहभागी बनने की अपील की थी। रविवार को सुकमा जिला सन्नाटे में पसरा रहा। मुख्य मार्गों के अलावा शहर की गलियां भी सूनी रही। सुनसान भरे मार्ग को देखकर ऐसा लग रहा था मानो पूरे शहर से इंसान नदारद हो गया है।

 कोरोना वायरस की कड़ी को तोडऩे के लिए जनता ने स्वस्फूर्त देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। खास बात यह रही कि तय समय  सुबह 7 बजे से शुरू हुआ कफ्र्यू निर्धारित वक्त रात 9 बजे तक नजर आया। इससे पहले शाम ढलते ही छतों और आंगन में लोग कोरोना वायरस के साथ चल रही जंग में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस, सफाई कर्मियों, मीडिया कर्मियों और प्रशासन के लिए ताली की गडग़ड़ाहट और थाली बजाकर हौसला अफजाई करते रहे। वहीं कुछ जगहों पर पटाखे भी फोड़े गए।


Date : 23-Mar-2020

नक्सलियों से लड़ते शहीद हो गए 17 जवान पर मैदान नहीं छोड़ा

अमन सिंह भदौरिया

दोरनापाल, 23 मार्च (छत्तीसगढ़)। सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मनपा में नक्सलियों ने साल का सबसे बड़ा हमला सुरक्षाबलों पर किया है जिसमें कुल 17 जवान शहीद हुए हैं। वहीं 14 जवान घायल हो गए। घटनास्थल से नक्सलियों ने जवानों से 1 एलएमजी ,12 एके 47, 2 यूबीजीएल व 2 इंसास लूट लिया। नक्सलियों ने हेंडमैड हथियारों का उपयोग भी जवानों पर किया था।  घटना के 24 घंटे के बाद कड़ी सुरक्षा में शहीद जवानों के शव को बुरकपाल कैंप लाया गया जिसके बाद शवों को एंबुलेंस के माध्यम से जिला मुख्यालय भेज दिया गया। वहीं घायल जवानों का उपचार प्रदेश मुख्यालय के अस्पताल में जारी है।

हमले में शहीद 13 डीआरजी जवान थे, जबकि 4 एसटीएस के हैं। जिसमें 12 जवान डीआरजी सुकमा के 1 बीजापुर का रहने वाला है। एसटीएस का 1 जवान कांकेर, 1 रायगढ़, 1 जशपुर और 1 जवान बालोद का रहने वाला था। ज्ञात हो कि सुकमा में शनिवार को मुठभेड़ में 17 जवान लापता हो गए थे। घटना के दूसरे दिन 20 घंटे बाद रविवार को मिनपा के जंगल में लापता 17 जवानों के शव मिले, 3 जवानों के शहीद होने की देर रात ही पुष्टि हो गई थी।  नक्सली 12 एके-47 सहित 15 हथियार भी लूटकर ले गए। आज सुकमा जिले के जगरगुंडा के तीन जवानों का शव समेत अन्य जिलों के चार जवानों के शव को हेलीकॉपटर से उनके गृह ग्राम भेजा गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारे जवानों ने बहादुरी के साथ लड़ाई लड़ी है। हमारी रणनीति में या इंटेलिजेंस पर चूक नहीं हुई। नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इन शहीदों की शहादत जाया नहीं जाएगा। नक्सलियों की जड़ें बस्तर से हम उखाडक़र रहेंगे। मैं इन शहीद जवानों को नमन करता हूं जिन्होंने नक्सलियों से लड़ते लड़ते प्राणों की आहुति दी। इसका करारा जवाब जल्द ही नक्सलियों को मिलेगा।

ज्ञात हो कि चिंतागुफा थाना क्षेत्र में बीते दिनों नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सुरक्षा बल के जवान सर्चिंग ऑपरेशन पर निकले हुए थे, जिसमें सीआरपीएफ एसटीएफ और डीआरजी की 270 जवान पूरे ऑपरेशन में थे। इस ऑपरेशन की भनक पहले से ही नक्सलियों को लग गई थी और मौके पर ही नक्सली एंबुश लगाए जवानों के लिए बैठे थे। जवानों के आने के बाद नक्सलियों ने एंबुश लगाकर गोलीबारी शुरू कर दी। नक्सलियों ने जवानों के लिए तीन एंबुश बना रखा था जिसमें जवान फंस गए और एक बड़ा नुकसान पहली बार डीआरजी और एसटीएफ की टीम को हुआ है। घटना के अगले दिन चारों को निकालने सुबह से ही ड्रोन से इलाके पर नजर रखी जा रही थी । मुठभेड़ के बाद से 17 जवान जवान लापता थे जिनके बाद उनका शव 9 घण्टे की मशक्कत के बाद घटनास्थल से निकाला गया ।

सोमवार को पुलिस लाइन में 17 जवानों की श्रद्धांजलि देने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, आबकारी मंत्री कवासी लखमा पहुंचे औऱ जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा आंतरिक सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार ने भी जवानों को श्रद्धांजलि दी और आला अफसरों की बन्द कमरे में समीक्षा बैठक ली गई। माना जा रहा है कि आगामी ऑपरेशन के लिए कुछ ठोस निर्णय भी लिए गए हैं। 

गौरतलब है कि मिनपा जैसे नक्सलियों की मांद में एंबुश में फंसने के बाद अपने लिए प्रतिकूल माहौल होने के बावजूद एसटीएफ और डीआरजी के 17 जवानों ने दिलेरी दिखाई और मजबूती के साथ मुठभेड़ का जवाब नक्सलियों को देते रहे। ‘छत्तीसगढ़’ की टीम ने मुठभेड़ में शामिल जवानों से बातचीत की जिसमें हमें पता चला कि इन 17 जवानों ने मोर्चा संभाला था। यह दोनों ओर से एंबुश में गिर चुके थे। बावजूद भागने की कोशिश नहीं की और जवानों द्वारा वापस आने को भी इन जवानों को कहा गया। मगर वे जवान बहादुरी के साथ लड़ते रहे। ऐसे ही एक जवान शहीद रमेश कुंजाम जगरगुंडा निवासी प्रधान आरक्षक नक्सलियों के एंबुश में दोनों ओर से घिरा हुआ था मगर बावजूद नक्सलियों को लगातार गोलीबारी कर मुठभेड़ का जवाब देता रहा। साथी जवान ने कहा कि रमेश मुठभेड़ स्थल में आखरी बार यही कहा था कि अब मंै तिरंगे के साथ ही जाऊंगा और अकेले नहीं जाऊंगा। इन नक्सलियों को भी मार कर जाऊंगा।

साथी जवान ने बताया कि रमेश अपनी एके 47 से खुलकर गोलीबारी करता रहा जिसमें 10 से 15 नक्सलियों को गोली लगी है। रमेश बहादुरी के साथ लड़ते-लड़ते मौके पर ही शहीद हो गया। शहीद होते ही साथी जवान हूंगा रमेश का हथियार अपने साथ ले गया, ताकि वह हथियार नक्सलियों के कब्जे में ना आ सके। इस तरह इन 17 जवानों ने दिलेरी दिखाते हुए एंबुश में फंसने के बावजूद इन जवानों ने नक्सलियों को बड़ा नुकसान पहुंचाया। हालांकि एक ही नक्सली का शव जवानों द्वारा बरामद किया गया मगर मिली जानकारी के अनुसार 15 से 20 नक्सलियों को भी गोली लगने की बात सामने आ रही है।

नक्सलियों ने रणनीति के साथ इन जवानों को निशाना बनाया था। बताया जा रहा है कि वहां पर बड़े कैडर के नक्सलियों की मौजूदगी और बड़ी भीड़ की सूचना पुलिस को मिली थी जिसके बाद एक ज्वाइंट ऑपरेशन सुकमा एसपी के नेतृत्व में किया गया जिसमें कोबरा एसटीएफ सीआरपीएफ व डीआरजी के जवान शामिल थे। घटनास्थल पर मौजूद जवानों ने बताया कि तीसरा एंबुश सबसे ज्यादा भारी था। इस एंबुश में जवान 3 बजे गोलीबारी शुरू हो गई जो रुक-रुक कर 5 बजे तक चलती रही। इसी मुद्दे में एंबुश में फंसने के बाद 14 जवान मौके पर घायल हो गए जिन्हें घटनास्थल से निकाला गया। वहीं 17 जवान मोर्चे पर आखरी सांस तक डटे रहे ।

मुठभेड़ में न केवल स्थानीय आदिवासी नक्सली बल्कि बाहरी नक्सलियों की भी मौजूदगी की जानकारी निकल कर आ रही है क्योंकि इन दिनों टीसीओसी के अंतर्गत नक्सलियों की ट्रेनिंग चल रही है जिसमें वह अपनी कमी खामी सुधारते हैं तो इसमें अलग-अलग राज्यों के नक्सली भी मौजूद रहते हैं जिस दौरान मुठभेड़ हो रही थी उस दौरान जवानों ने ओडिशा आंध्र प्रदेश व झारखंड की भाषा में दूसरे को आदेश देते नक्सलियों को भी सुना हालांकि इस मामले के अधिकारी पुष्टि नहीं है।

मिनपा मुठभेड़ में शहीद जवानों में एसटीएफ 7 एसटीएफ पीसी गीतराम राठिया पिता ग्राम सिंघनपुर, थाना भुपदेवपुर, परमानंद राठिया जिला रायगढ़। एसटीएफ एपीसी नारद निषाद पिता ग्रान सिवनी, थाना बालोद, जिला फगुआ राम निषाद बालोद। एसटीएफ आर. 3541 हेमंत पोया पिता ग्राम डबरखार, पोस्ट सरोना, थाना गुलाब राम पोया नरहरपुर, जिला कांकेर। एसटीएफ आर. 16 39 अमरजीत खलखो ग्राम औराजोर, पोस्ट हर्राडांड, पिता अमृत खलखो थाना कुनकुरी, जिला जशपुर। एसटीएफ सहा.आर. 234 मडक़म बुच्चा ग्राम टेटरई, पोस्ट आरगट्टा, थाना पिता मडक़म देवा एबिोर, जिला सुकमा डीआरजी आर. 1193 हेमंत दास मानिकपुरी पिता ग्राम छिंदगढ़ थाना छिंदगढ़ जिला सुखदास मानिकपुरी सुकमा। सहा.आर. 194 गंधम रमेश पिता गंधम ग्राम जगरगुंडा, थाना जगरगुंडा, मदना। जिला सुकमा। आर. 549 लिबरू राम बघेल पिता ग्राम लेदा. थाना तोंगपाल. जिला सुकालू राम। सुकमा। आर. 418  सोयम रमेश पिता श्री सोयम ग्राम एर्राबोर, थाना एबिोर, जिला लच्छा। सुकमा। सहा.आर. 36 8  उईका कमलेश पिता ग्राम जगरगुंडा, थाना जगरगुंडा, उईका भीमा। जिला सुकमा। सहा.आर. 8 04 पोडिय़म मुत्ता पिता ग्राम मुरलीगुड़ा, थाना कोंटा, जिला पोडियम सुब्बा। सुकमा। सहा.आर. 204 उईका पुरवा पिता ग्राम जगरगुंडा, थाना जगरगुंडा, उईका सुकलू। जिला सुकमा। आर. 1202 वंजाम नागेश पिता बंजाम ग्राम सुन्नमगड़ा, थाना कोंटा, जिला बुच्चा । सुकमा। प्र.आर. 46 3 मडक़म मासा पिता मडक़म ग्राम चिचोरगुड़ा पो0 मिसमा थाना माड़ा। दोरनापाल जिला सुकमा। आर. 126 8  पोडियाम लखमा पिता ग्राम जिडपल्ली, थाना पामेड़, जिला पोडियम हिड़मा। बीजापुर। आर. 1244 मडक़म हिड़मा पिता श्री ग्राम करीगुंडम, थाना चिंतागुफा, मडक़म दुला 7 जिला सुकमा। गो.सै. नितेन्द्र बंजामी पिता श्री देवा। ग्राम कन्हाईपाड़, थाना भेजी, जिला सुकमा थे।

टीसीओसी के तहत हुए कुछ बड़े हमले

फरवरी के बाद मौसम में बदलाव होता है। पतझड़ के मौसम के चलते जंगल में बड़े बदलाव आते हैं। पेड़ों पर पत्ते नहीं रहते। जिसके चलते दूर ऊंचाई पर बैठे नक्सली जवानों की मूवमेंट को आसानी से देखते रहते हैं। यही वजह है कि पूरे साल बड़े हमलों का इंतजार करने वाले नक्सली इस वक्त टीसीओसी को फरवरी-जून में अंजाम देते हैं। सुरक्षा बल रुटीन गश्त करते हैं, लेकिन खासतौर से नक्सली टीसीओसी के तहत सुरक्षा बलों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। अपने ही लोगों से सुरक्षा बलों तक कई तरह की झूठी सूचनाएं पहुंचवाते हैं, जैसे नक्सलियों के बड़े नेता एक जगह मीटिंग के लिए जमा होने वाले हैं । नक्सली बड़ी संख्या में जमा हो रहे हैं और किसी बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं ।

नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच हुईं अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ सुकमा की ही बताई जाती है। नक्सलियों ने 6  अप्रैल 2010 को टीसीओसी का फायदा उठाते हुए हमला किया था। नक्सलियों के इस हमले में 76  जवान शहीद हुए थे। अप्रैल 2017 बुरकापाल हमले में 25 जवान शहीद हुए थे। मार्च 2018  में पलोड़ी के हमले में 9 जवान शहीद हुए थे। सुकमा के ही भेज्जी इलाके में 11 मार्च 2017 को हुए हमले में 12 जवान शहीद हुए थे। जानकार बताते हैं कि ज्य़ादार बड़े हमले इसी मौसम का फायदा उठाते हुए ही किए गए हैं।

दोबारा स्टेट पुलिस व डीआरजी थी निशाने पर

अप्रैल 2015 में पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के पिड़मेल में राज्य पुलिस को बड़ा नुकसान हुआ था । इस घटना में एसटीएफ के 7 जवान शहीद हो गये थे। पिड़मेल की घटना के बाद राज्य पुलिस को दूसरा बड़ा नुकसान मिनपा के रेंगापारा में हुआ है। नक्सल मोर्चे पर डीआरजी को सफल माना जाता है। डीआरजी जवानों द्वारा चलाये गये ऑपरेशन में पुलिस को बड़ी सफलतायें मिली हैं। लेकिन मिनपा में हुए नक्सली हमले से जवानों के मनोबल को बड़ा धक्का लगा है। यह बड़ी घटना है जहां डीआरजी को नुकसान पहुंचा है।  मिली जानकारी के अनुसार इस बार डीआरजी और एसटीएफ की टीम पहले से ही निशाने पर थीं क्योंकि डीआरजी नक्सलियों के खिलाफ सबसे मजबूत बटालियन मानी जाती रही है और लगातार ऑपरेशनो में नक्सलियों को सबसे बड़ा नुकसान डीआरजी व एसटीएफ से ही होता रहा है।


Date : 21-Mar-2020

मुठभेड़ में 9 जवान घायल, 1 नक्सल ढेर
छत्तीसगढ़ संवाददाता
दोरनापाल, 21 मार्च।
सुकमा जिले के दूरस्थ नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। जिसमें नौ जवानों के घायल होने की खबर आ रही है, वहीं एक नक्सली का शव भी बरामद करने की जानकारी मिल रही है। हालांकि अब तक पुलिस के अधिकारियों ने किसी भी तरह की पुष्टि अब तक नहीं की है। पर मिली जानकारी के अनुसार नक्सलियों का एक बड़ा एंबुस उन इलाकों में सुरक्षाबलों के लिए लगाया गया था।

ज्ञात हो कि सुरक्षाबलों द्वारा नक्सलियों के खिलाफ ज्वाइंट ऑपरेशन दुलेड़-मिनपा इलाके में चलाया जा रहा था, जिसमें सीआरपीएफ और डीआरजी के 300 से अधिक जवानों द्वारा यह ऑपरेशन चलाया गया था जिसकी तैयारी बीते तीन-चार दिनों से चल रही थी। मिनपा इलाके में नक्सलियों को जवानों की मौजूदगी की खबर पहले ही मिल गई और मुठभेड़ शुरू हो गई। पहली मुठभेड़ मिनपा और दुलेड़ के बीच डीआरजी के जवानों से नक्सलियों की हुई, जिसमें 2 जवान डीआरजी के घायल हो गए, वहीं एक नक्सली का शव बरामद हुआ। जवान 7 किमी कंधे पर नक्सली के शव को लाया। 

ज्ञात हो कि जिन इलाके में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया जा रहा था वहां आधा दर्जन से अधिक नक्सली कमांडरों की भी मौजूदगी थी। वहां डेढ़ सौ से अधिक नक्सली मौजूद थे । उस इलाके में जहां दो बार जवानों से मुठभेड़ हुई वहां बटालियन की कम्पनी नम्बर 1 का कमांडर हिड़मा, प्रकाश, एर्रा, सोनू, राजेश, जगदीश जैसे नक्सली मौजूद रहे और इन नक्सलियों की मौजूदगी में डीआरजी के जवानों के लिए एक बड़ा एम्बुश तैयार किया गया था पहला एम्बुश मिनपा रहा जिसे तोड़कर जवान घायल जवानों और नक्सली के शव को ले जा रहे थे वहीं दूसरी बार कसलपाड़ इलाके में हुई जब घायल जवानों को निकाला जा रहा था इस दौरान जवानों को बड़ा नुकसान हुआ। 

 मिनपा, दुलेड़, कसलपाड़ से टीम संयुक्त ऑपरेशन की पहली मुठभेड़ मिनपा और दूसरी मुठभेड़ कसलपाड़ इलाके में हुई, ये दोनों इलाके नक्सलियों के बटालियन जोन में आते हैं।


Date : 21-Mar-2020

चाचा की पीट-पीट कर हत्या, बंदी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 21 मार्च।
जिले के गादीरास में भतीजे ने ही अपने चाचा की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई थी जो मारपीट तक आ पहुंची और भतीजे ने चाचा की हत्या कर डाली। इसकी जानकारी मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पीएम के लिए भेज आगे की कार्रवाई कर रही है। वहीं आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार घटना शनिवार सुबह की है, जहां पेंदलनार में रहने वाले चाचा भतीजे के बीच इमली तोडऩे को लेकर विवाद हो गया। दोनों के बीच बात इतना बढ़ा कि भतीजे ने चाचा को डंडे से पीटना शुरू कर दिया और उसे पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।


Date : 20-Mar-2020

सुकमा में 2 नक्सल आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 20 मार्च।
सुकमा में 2 नक्सल आरोपियों को मुखबिर की सूचना पर अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया है।
जिला सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 19 मार्च को नक्सल आरोपियों की उपस्थिति की मुखबिर की सूचना पर थाना तोंगपाल से एसी. रामचन्द्र राम, 227 वाहिनी सीआरपीएफ, जिला बल उनि. विजय पटेल थाना प्रभारी तोंगपाल के हमराह सीआरपीएफ एवं जिला बल का संयुक्त बल नक्सली आरोपियों की धरपकड़ हेतु ग्राम मारेंगा की ओर रवाना हुए थे। अभियान के दौरान ग्राम के पास एक नक्सली आरोपी हान्दा मड़कामी (20) मार्जुम जंगलपारा थाना तोंगपाल, जिला सुकमा को पकड़ा गया। 

पकड़ा गया नक्सली आरोपी थाना तोंगपाल क्षेत्रान्तर्गत कोटलापारा, चिड़पाल के पास अगजनी एवं लूटपाट करने की घटना में शामिल था, घटना पर थाना तोंगपाल में धारा 435, 395, 147, 148, 149, 25 आर्स एक्ट पंजीबद्ध है। उक्त आरोपी हांदा मड़कामी को गिरफ्तार कर आज न्यायालय सुकमा मे पेश कर जेल भेजा गया।

इसी क्रम में थाना फुलबगड़ी से 19 मार्च को नक्सल आरोपियों की उपस्थिति की मुखबिर की सूचना पर निरी. नरेन्द्र दुबे के हमराह जिलाबल+छसबल की संयुक्त पार्टी नक्सली आरोपियों की धरपकड़ हेतु ग्राम गंधारपारा, गोरगुंडा, मिसीपारा डोगिनपारा की ओर रवाना हुए थे। ग्राम गोरगुंडा की घेराबंदी कर एक नक्सली आरोपी मुचाकी हिड़मा (25) मिसीपारा, गोंगुंडा थाना केरलापाल को पकड़ा गया। 

पकड़ाया नक्सल आरोपी 01 मार्च को ग्राम मूलेर के जंगल में पुलिस गश्त पार्टी पर फायरिंग करना जिस पर थाना फुलबगड़ी में धारा 147, 148, 149, 307, 120 (बी) 25-27 आर्स एक्ट, एवं 2 मार्च को ग्राम पालोडी के जंगल में पुलिस गश्त पार्टी की हत्या करने की नीयत से आईईडी ब्लास्ट व फायरिंग की घटना थाना फुलबगड़ी में धारा 147,148,149, 307, 120 (बी) 25-27 आर्स एक्ट 3,5 विस्फोटक पदार्थ प्रकरण में शामिल था। उक्त नक्सल आरोपी को उपरोक्त दोनों प्रकरण में  20 मार्च को गिरफ्तार कर कर न्यायालय सुकमा में पेश कर जेल भेजा गया।


Date : 19-Mar-2020

सिविक एक्शन प्रोग्राम, सैकड़ों ग्रामीण लाभांवित

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 19 मार्च।
जिले के गादीरास थाना अंतर्गत कोर्रा में सीआरपीएफ  सेकेंड बटालियन के द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम आयोजित किया गया। जिसके तहत मेडिकल कैम्प व जनरल कैम्प लगाया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन सीआरपीएफ  सेकेंड बटालियन कमांडेंट टशी ज्ञालिक द्वारा किया गया।

मेडिकल कैम्प का संचालन वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी देवेन्द्र एम के नेतृत्व में किया गया। मेडिकल कैम्प में कोर्रा तथा इसके आस-पास के अन्य गांव से लगभग 300 व्यक्तियों ने इसका लाभ उठाया। मेडिकल कैम्प में भाग लेने वाले सभी व्यक्तियों की चिकित्सा जॉच व मुफ्त दवाईयों का वितरण किया गया। जनरल कैम्प का संचालन टशी ज्ञालिक कमाण्डेन्ट 02 वाहिनी केरिपुबल द्वारा किया गया। जनरल कैम्प में कोर्रा, डोडपाल, गोरीपारा, मेरीवाड़ा, महारपारा, छोटी मुरकी, मारूकी, धुरारास, कुचारास, मुंगा, पेरमारास गांव के लगभग 400 व्यक्तियों ने भाग लिया। 

कमांडेंट द्वारा जनरल कैम्प में भाग लेने वाले सदस्यों को खेलकूद का सामान कैरम वोर्ड, किकेट किट, वॉलीबाल एवं वॉलीबाल नेट, कपड़े का सामान,  मच्छरदानी, वनियान, लुंगी, महिलाओं के लिए साड़ी व बच्चों के लिए स्कूल यूनीफ ार्म तथा सोलर लाईटें आदि वितरित की गई।  इस सिविक एक्शन प्रोग्राम में भाग लेने वाले सभी लोगों के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जरूरत मंद लोगों को आवश्यक सामग्री पहुंचाना तथा आम लोगों को मुख्य धारा में जोडऩा व जागरूक करना है। 

इस मौके पर 02 वी वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी नवीन राणा,  संजीव कुमार उप कमाण्डेन्ट, देवेन्द्र एम, इमनातेमसू अय्यर सहायक कमाण्डेन्ट, थाना प्रभारी गादीरास तथा अन्य अधीनस्थ अधिकारी व जवान उपस्थित थे। साथ ही इस आयोजन को सफ ल बनाने में आस-पास के जनप्रतिनिधियों ने भी काफ ी बढ़-चढ़ कर भाग लिया। अंत में टशी ज्ञालिक कमाण्डेन्ट 02 वाहिनी केरिपुबल द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम में भाग लेने वाले सभी व्यक्तियों का अभिवादन किया और उनके उज्ववल भविष्य की शुभकामनाएं दी।


Date : 19-Mar-2020

जिले में धारा 144 तत्काल प्रभाव से लागू, जिले में सभा, धरना, रैली, जुलूस, धार्मिक सांस्कृतिक एवं राजनीतिक कार्यक्रम प्रतिबंधित

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 19 मार्च।
सुकमा जिले में धारा-144 लागू कर दी गई है। इसके साथ ही जिले में सभा, धरना, रैली, जुलूस, धार्मिक सांस्कृतिक एवं राजनितिक कार्यक्रम के आयोजन पर प्रतिबंध लग गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री चंदन कुमार ने आज धारा-144 लागू करते हुए आदेश में कहा है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) एक संक्रामक बीमारी है। जो विश्व के विभिन्न देशों में कुछ ही हप्तो में महामारी का रूप ले रही है। छत्तीसगढ़ शासन े द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि इससे बचने के सभी संभावित उपाय अमल में लाया जावे। 

संक्रमण से बचाव के लिए जिला सुकमा में स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियत्रंण में रखने हेतु विभिन्न प्रकार के सभा, घरना, रैली, जुलूस, धार्मिक सांस्कृतिक एवं राजनीतिक कार्यक्रम के आयोजन आदि को प्रतिबंधित कर दण्ड प्रकिया संहिता की धारा 144 करने हेतु अनुशंसा किया गया है। लोक प्रशांति बनाए रखने के लिए उपरोक्त क्षेत्रों में सभा, समारोह, प्रदर्शन, जुलुस अन्य प्रकार के प्रदर्शनों हेतु प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री चंदन कुमार द्वारा धारा-144 दण्ड प्रकिया संहिता में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये जिला सुकमामें धरना प्रदर्शन, रैली प्रदर्शन, संभाए, जुलूस आंदोलन एवं अन्य प्रकार के प्रदर्शनों के लिये प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। परिस्थिति के कारण प्रभावितों को सम्यक समय में तामिली संभव नहीं होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता में निहित प्रावधानों के तहत दण्डनीय होगा। यह आदेश पुलिस, सी.आर.पी.एफ. तथा कानून व्यवस्था में लगे कर्मियों पर लागू नहीं होगा। यह आदेश सुकमा जिले के लिए तत्काल प्रभावशील होगा, जो 31 मार्च 2020 या अग्रिम आदेश तक प्रभावशील होगा।

 


Previous12Next