‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजपुर/शंकरगढ़। लक्ष्य शिक्षण संस्थान, बचवार (शंकरगढ़) परिसर में भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती हर्षोल्लास एवं गौरव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव के निर्देश एवं शंकरगढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मद इस्माइल खान के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं स्थानीय प्रबुद्धजनों ने डॉ. अंबेडकर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संचालक सुदर्शन यादव द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संचालक सुदर्शन यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति के सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान ग्रामीण अंचल के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में संस्थान में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। भाषण प्रतियोगिता में ‘अंबेडकर और आधुनिक भारत’ विषय पर विकास यादव ने ओजस्वी विचार प्रस्तुत किए। निबंध लेखन प्रतियोगिता में ‘संविधान और हमारे मौलिक अधिकार’ विषय पर अनुष्का, संजना, अर्चना एवं ईशा मिरी ने अपने विचार साझा किए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने भीम गीत एवं लघु नाटकों की प्रस्तुति देकर सामाजिक एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान देवंदन पन्ना ने बाबा साहेब के सामाजिक न्याय, समानता एवं महिला सशक्तिकरण में योगदान पर प्रकाश डाला।
वहीं रतु पैकरा ने जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर शिक्षित एवं सशक्त समाज निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सरिता यादव, हिमांशु हिमाचल, प्रियांशु, सूर्यकांत, रिफत, प्रतिभा, प्रांजल यादव, देवनारायण, सचिन, नीरज, रंजीत, रोहित, प्रीतम, सेजल यादव, कुनाल गुप्ता, महक, विनम, मनीष, प्रताप, अमरदीप, सोहन, रोशन, सतपाल, दीपक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।