बलरामपुर

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर सांस्कृतिक विरासत से जुडऩे का दिया संदेश
11-May-2026 10:52 PM
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर सांस्कृतिक विरासत से जुडऩे का दिया संदेश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलरामपुर, 11 मई। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर अटूट आस्था के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकासखंड शंकरगढ़ स्थित पुरातात्विक एवं धार्मिक स्थल सामंत सरना डीपाडीह में जिला स्तरीय राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं से जुडऩे का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सामरी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरामुनी निकुंज सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने डीपाडीह में पूजा-अर्चना की। स्थानीय पुजारी द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों से विधिवत पूजा संपन्न कराई गई।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सोमनाथ आस्था के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा विशेष डाक टिकट तथा 75 रुपये का स्मारक चांदी का सिक्का भी जारी किया गया, जिसे देश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के सम्मान का प्रतीक बताया गया।

कार्यक्रम में स्कूली बालिकाओं ने आकर्षक शिव तांडव नृत्य की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरी आयोजन स्थली भक्तिमय वातावरण से सराबोर रही।

सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि भारत की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, प्राचीन सभ्यता और आध्यात्मिक परंपराओं से है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया गया और आज देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को गर्व के साथ आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने सामंत सरना डीपाडीह को भी ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व का स्थल बताते हुए इसे आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक कहा।

विधायक उद्देश्वरी पैंकरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि सामंत सरना आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र है तथा यह गलफुला, कन्हर और सुरिया नदियों के संगम पर स्थित होने से और अधिक पवित्र माना जाता है।

रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल ने कहा कि देश के धार्मिक एवं आस्था केंद्रों का व्यवस्थित विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार सोमनाथ मंदिर को तोडऩे का प्रयास हुआ, लेकिन भारतीयों की आस्था कभी कमजोर नहीं हुई।

जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर का प्रतीक है। उन्होंने नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से जोडऩे की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए सांस्कृतिक प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में पारंपरिक वाद्य यंत्र, आभूषण, लोक सामग्री और जनजातीय कला का प्रदर्शन किया गया। वहीं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान समूह की महिलाओं ने अपने उत्पादों एवं हस्तशिल्प कला कृतियों का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष चिंतामणि भगत, जनपद उपाध्यक्ष  प्रियंगदा देव, अनुविभागीय अधिकारी  अनमोल विवेक टोप्पो, जनपद सीईओ  वेद प्रकाश पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।


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