बलरामपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजपुर, 5 मई। क्षेत्र में इन दिनों लकड़ी माफियाओं की गतिविधियां तेज हो गई हैं। बिना अनुमति के पेड़ों की कटाई कर लकड़ी की तस्करी धड़ल्ले से की जा रही है। तस्कर गांव-गांव घूमकर ग्रामीणों को लालच देकर निजी भूमि पर लगे पेड़ों को सस्ते दामों में खरीदते हैं और फिर अवैध रूप से काटकर ले जाते हैं।
जानकारी के अनुसार, लकड़ी तस्कर पहले गांवों में जाकर सेमल सहित अन्य पेड़ों का निरीक्षण करते हैं और जमीन मालिकों से सौदा तय करते हैं। इसके बाद बिना किसी अनुमति के मशीनों की मदद से पेड़ों को काटकर तुरंत टुकड़ों में विभाजित कर ट्रकों में लोड कर फरार हो जाते हैं। यह पूरा घटनाक्रम इतनी तेजी से अंजाम दिया जाता है कि प्रशासन को भनक लगने से पहले ही लकड़ी पार कर दी जाती है।
तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि यदि एक पेड़ की अनुमति ली भी जाती है तो उसकी आड़ में कई पेड़ों की अवैध कटाई कर ली जाती है। हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां समय रहते अधिकारियों को सूचना मिल गई और मौके पर पहुंचकर एक हाइड्रा क्रेन जब्त कर ली गई, हालांकि तस्कर ट्रक लेकर भागने में सफल रहे।
वन विभाग ने 2 मई को कार्रवाई करते हुए ग्राम घोरघड़ी से एक हाइड्रा क्रेन सहित सेमल प्रजाति के 26 ल_े (कुल 13.883 घन मीटर) जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपये बताई जा रही है। इस संबंध में हाइड्रा चालक इजहार अंसारी के खिलाफ विभिन्न वन अधिनियमों के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
राजपुर वन परिक्षेत्राधिकारी अजय वर्मा ने बताया कि ट्रक चालक मौके से वाहन लेकर फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि ट्रक शंकरगढ़ क्षेत्र का है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी घोरघड़ी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध लकड़ी कटाई के मामले सामने आ चुके हैं, जिन पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए ट्रक और क्रेन जब्त की थी।
उक्त कार्रवाई वन मंडलाधिकारी के निर्देश एवं उप वनमंडलाधिकारी के मार्गदर्शन में राजस्व एवं पुलिस विभाग के सहयोग से की गई, जिसमें वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


