बलरामपुर

मानसून से पहले सडक़ मरम्मत पूरी करें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं- साय
04-May-2026 10:33 PM
मानसून से पहले सडक़ मरम्मत पूरी करें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं- साय

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलरामपुर, 4 मई। सुशासन तिहार के तहत बलरामपुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग  का एक अधिकारी सडक़ मरम्मत संबंधी सही जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए उसे सही जानकारी लेकर आने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का विकास कार्य सडक़ों से दिखाई देता है, इसलिए मानसून से पहले सभी सडक़ों की मरम्मत हर हाल में पूर्ण की जाए। उन्होंने विशेष रूप से आबादी वाले क्षेत्रों की सडक़ों को प्राथमिकता देने तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी शासकीय कार्यालय जनता की सेवा के केंद्र हैं और यहां आने वाले लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के सेवक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

जनहित से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को घर बैठे डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त खसरा-नक्शा उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा शुरू की जाएगी, जिसमें टोल फ्री नंबर के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।

जिला खनिज न्यास (ष्ठरूस्न) निधि के उपयोग को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 70 प्रतिशत राशि खदान प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्यों पर ही खर्च की जाए। मुख्यालय स्तर पर अनावश्यक खर्च को उन्होंने अस्वीकार्य बताया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में पेयजल संकट की स्थिति न बनने पाए और आवश्यकता पडऩे पर टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम, स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी तथा किसानों के लिए बीज और खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कलेक्टरों को अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करने तथा आवश्यकता पडऩे पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री के इस दौरे में प्रशासनिक सख्ती और जनहित के प्रति संवेदनशीलता दोनों का संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला।


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