अंतरराष्ट्रीय

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • लंदन, 15 जुलाई। लगता है कि फुटबॉल वल्र्ड कप में ग्लैमर के दिन ढलने वाले हैं, तभी तो फीफा अधिकारी भी मॉरल पुलिसिंग के रास्ते चल पड़े हैं। दरअसल एथिक्स को लेकर चिंतित अधिकारी चाहते हैं कि टीवी स्टेशनों को फुटबॉल के गेम के दौरान क्राउड में मौजूद हॉट महिलाओं पर ज्यादा फोकस नहीं करना चाहिए। 
    ग्लॅमर से करोड़ों की कमाई होती है। लोग खेल के साथ कुछ नई चीजें देखना चाहते हैं। अगर फीफा से ग्लॅमर हट जायेगा तो लोगों मे इसका मोह कम होगा।
    इनका आकलन है कि मौजूदा वल्र्ड कप के दौरान टीवी चैनलों ने दर्शकों में मौजूद दिलकश हसीनाओं को दिखाने में काफी टाइम खराब किया है और पिच पर हो रहे गेम पर पूरा फोकस नहीं किया। अब अधिकारियों ने कवरेज देखने के बाद ऐक्शन लेने का आदेश दिया है। खासकर रूसी टीवी ब्रॉडकास्टर्स पर आरोप है कि वे मैच के दौरान महिला दर्शकों पर कैमरा फोकस ज्यादा करते हैं। 
    बताया गया कि रूस और सऊदी अरब के बीच ग्रुप स्टेज के मैच के दौरान स्टैंड में बैठी एक ग्लैमरस मॉडल ने खूब फुटेज लूटा। फीफा के डायवर्सिटी बॉस फेडेरिको एदिएची से जब इस बाबत पूछा गया तो उनका कहना था कि ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं और उनमें साफतौर पर इसका सबूत मिल रहा है। हालांकि उन्होंने यह तो नहीं कहा कि ऐसे टेलिकास्ट पर पाबंदी लगाई जाएगी, मगर यह जरूर स्वीकार किया कि भविष्य में इस पर जरूर नजर रहेगी। फेडेरिको ने कहा कि जो भी गलत चीजें होंगी, हम उस पर ऐक्शन लेंगे। (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • ह्यूस्टन, 15 जुलाई। अमरीका में ट्रंप प्रशासन की प्रवासी परिवारों को सीमा पर अलग करने की नीति के खिलाफ विरोध की प्रतीक बनकर उभरी अल-सलवाडोर की छह साल की एक बच्ची को उसकी मां से मिला दिया गया है। अमरीका में अवैध तरीके से घुसने के आरोप में अमरीकी अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिये जाने के बाद 13 जून को टेक्सस में हरलिंगेन के पास एलिसन जिमेना वालेंसिया मैड्रिड और उसकी मां सिंडी मैड्रिड को अलग कर दिया गया था। जब उन्हें अलग किया जा रहा था तब बच्ची के रोने की आवाज सबसे पहले प्रो-पब्लिका ने प्रसारित की और बाद में असोसिएटेड प्रेस ने परिवारों को अलग किये जाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। एलिसन ने सीमा गश्ती दल के सदस्यों से अपनी एक रिश्तेदार से बात कराने का अनुरोध किया जिनका नंबर उसे याद था।
    अमरीका में अवैध प्रवासियों को कतई बर्दाश्त ना करने की नीति में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जून को परिवारों को अलग करने के फैसले में बदलाव किया। ह्यूस्टन में शुक्रवार को मां-बेटी का फिर से मिलन हुआ। एलिसन ने बताया कि परिवार से अलग किये जाने के बाद वह हताश थी और परिवार से फिर मिलकर वह खुश है। उसकी मां ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त किए। (भाषा)

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • इंग्लैंड, 15 जुलाई । एक मंत्री को दो महिलाओं को करीब 2000 सेक्स मैसेज भेजने की वजह से इस्तीफा देना पड़ा है। मंत्री महिलाओं से अश्लील फोटो और वीडियो की डिमांड करते थे। मामला इंग्लैंड का है। रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापार मामलों के मंत्री एन्ड्रू ग्रिफिथ ने कहा है- मैं अपने बर्ताव से बहुत अधिक शर्मिंदा दूं। इससे मेरी पत्नी और परिवार को काफी तनाव हुआ है।
    रिपोर्ट के मुताबिक, मैसेजेज में मंत्री खुद को डैडी बोलने के लिए कहते थे। उन्होंने बार में काम करने वाली वेट्रेस इमोगन त्रेहारने और उनकी एक साथी महिला को 63 हजार रुपये भी दिए।
    47 साल के मंत्री ने यह भी स्वीकार किया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री और सरकार को शर्मिंदा किया है। उन्होंने महिलाओं को एक किराए का घर देने की पेशकश भी की थी, जहां मंत्री उनसे मिल सकते थे। 
    इससे पहले मंत्री एन्ड्रू ने महिलाओं के लिए एक कैंपेन भी चलाया था जिसका मकसद था संसद में अधिक महिलाएं चुनी जा सकें। उन्होंने कंपनियों को बोर्ड में कम महिलाओं को जगह देने के लिए आलोचना की थी। 
    सोशल मीडिया पर महिलाओं से कनेक्ट होने के बाद उन्होंने करीब 3 हफ्ते तक रोज मैसेज भेजा। उन्होंने महिलाओं को कई ऑफर दिया ताकि वे अपनी सेक्सी तस्वीरें भेज सकें। (मिरर)

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • कैलिफॉर्निया, 15 जुलाई । हफ्ते भर पहले लापता हुई ओरेगन की एक महिला को कैलिफॉर्निया में एक तटीय चट्टान के पास से बचा लिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि महिला की एसयूवी खाई में गिर गई थी और वह क्षतिग्रस्त एसयूवी के रेडिएटर का पानी पीकर एक हफ्ते तक जिंदा रही। पुलिस के मुताबिक हर्नांडेज पोर्टलैंड स्थित अपने घर से अपनी लॉस ऐंजिलिस के लंकैस्टर स्थित अपनी बहन इसाबेल के यहां जा रही थीं तभी उनकी एसयूवी चट्टान से नीचे गिर गई।  
    पोर्टलैंड की रहने वाली 23 साल की अंगेला हर्नांडेज को शुक्रवार शाम को एक कपल ने चट्टान की तलहटी में फंसे देखा। वह चट्टान की तलहटी में 200 फीट नीचे फंसी हुई थी। पास ही में उसकी क्षतिग्रस्त एसयूवी भी थी। हर्नांडेज की सांसे चल रही थी और वह होश में थीं। उनके कंधों पर जख्म थे। 
    हफ्ते भर पहले लापता हुई अंगेला हर्नांडेज को आखिरी बार 6 जुलाई के कार्मल गैस स्टेशन के पास देखा गया था। पुलिस की टीम हफ्ते भर से उनकी तलाश कर रही थी। उनके चट्टान के नीचे फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और उन्हें सकुशल बचा लिया गया। (रॉयटर्स)

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Posted Date : 14-Jul-2018
  • क्वेटा, 14 जुलाई । पाकिस्तान में शुक्रवार को हुए दो बम धमाकों में मरने वालों की संख्या अब तक 130 के पार पहुंच गई है। बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी च्ेटा के मस्तंग कस्बे में हुए धमाके में सबसे ज्यादा मारे गए हैं। इसे 2014 के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है।
    बलूचिस्तान प्रांत के गृह मंत्री आगा उमर बंगलजई के मुताबिक मस्तंग कस्बे में हुए धमाके में 128 लोगों की मौत हो चुकी है। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकियों ने ली है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में 150 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। ऐसे में मरने वालों की संख्या और बढऩे से इंकार नहीं किया जा सकता। मरने वालों में बलूचिस्तान अवामी पार्टी का एक उम्मीदवार भी शामिल है। यह एक आत्मघाती हमला था।
    इससे पहले पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में भी एक बम धमाका हुआ था। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। यह धमाका उस वक्त हुआ जब जमीयत-ए-उलेमा इस्लाम (एफ) के नेता अकरम खान दुर्रानी एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। दुर्रानी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। स्थानीय पुलिस के मुताबिक इस धमाके में दुर्रानी को कोई चोट नहीं पहुंची है।
    पाकिस्तान में इसी महीने की 25 तारीख को आम चुनाव होने हैं। इस चुनाव के प्रचार के दौरान खैबर पख्तूनवा प्रांत में हुआ यह दूसरा आतंकी हमला है। इससे पहले इसी सोमवार को एक चुनावी सभा के दौरान एक शक्तिशाली आत्मघाती बम धमाके के जरिए आतंकियों ने अवामी नेशनल पार्टी के प्रत्याशी हारून बिलौर की हत्या कर दी थी। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकियों ने यह हमला किया था। इसमें बिलौर के अलावा 19 अन्य लोग भी मारे गए थे। (एएफपी)

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Posted Date : 13-Jul-2018
  • पेशावर, 13 जुलाई: पाकिस्तान में शुक्रवार को दो अलग-अलग जगह पर हुई चुनावी रैली में बम विस्फोट से 75 लोगों की मौत हो गई जबकि 62 लोग घायल हो गए। पहला हमला पाक के उत्तर पश्चिम में अंजाम दिया गया।इस बम धमाके में कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी के वरिष्ठ नेता तो बच निकले लेकिन इसमें पांच लोगों की मौत हो गई और 37 अन्य घायल हो गए।
    उत्तरी वजीरिस्तान कबाइली जिले से सटे बन्नू जिले में हुए इस विस्फोट में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अकरम दुर्रानी मामूली रूप से घायल हो गए। दुर्रानी को मामूली चोटें आई हैं। 

    विस्फोटक एक मोटर साइकल पर लगाए गए थे। यह मोटर साइकल जैसे ही दुर्रानी के वाहन के करीब आई वैसे ही उसमें विस्फोट हो गया।

    इस हमले के बाद बलूचिस्तान के दारेनगढ़ इलाके में बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) के उम्मीदवार नवाबजादा सिराज रायसैनी की चुनाव रैली के दौरान दूसरा विस्फोट हुआ। जिसमें बीएपी उम्मीदवार समेत 70 लोगों की मौत हो गई। हाल ही में गठित बलूचिस्तान अवामी पार्टी के उम्मीदवार सिराज रायसैनी पूर्व बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री नवाब असलम रायसैनी के छोटे भाई थे। 

    बता दें कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम के स्वदेश लौटने से पहले इन दो बड़े बम धमाकों से पाकिस्तान दहल उठा है। हालांकि देश में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है। बता दें कि नवाज और मरियम को भ्रष्टाचार मामले में जेल की सजा सुनाई गई है। (अमर उजाला)

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Posted Date : 13-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 13 जुलाई । चीन के सिचुआन प्रांत में एक औद्योगिक पार्क में हुए विस्फोट में 19 लोगों की मौत हो गई जबकि 12 घायल हो गए। प्रांतीय कार्यसुरक्षा प्रशासन के मुताबिक, यह विस्फोट गुरुवार को शाम लगभग 6.30 बजे जियांगान काउंटी के एक औद्योगिक पार्क में हेंगडा कंपनी के रासायनिक संयंत्र में हुआ। काउंटी प्रशासन का कहना है कि शुक्रवार सुबह आग पर काबू पाया गया। घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। मामले की जांच चल रही है। चीन में कार्य सुरक्षा मानकों की स्थिति में सुधार के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन चीन में जानलेवा औद्योगिक हादसे अब भी आम बात हैं।  (आईएएनएस)

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Posted Date : 13-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 13 जुलाई । पूर्व पीएम नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम के इंटरव्यू और टीवी कवरेज पर पाकिस्तान सरकार ने रोक लगा दी है। बता दें कि भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए गए नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम शुक्रवार को पाकिस्तान लौटेंगे। नवाज शरीफ और मरियम की गिरफ्तारी पाकिस्तान में उतरते ही होगी। पाकिस्तान के सरकारी चैनल पीटीवी ने आदेश जारी कर कहा है कि किसी भी कार्यक्रम में दोषी लोगों को न तो दिखाया जाएगा और न ही उनका जिक्र किया जाएगा। 
    बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को 10 साल और उनकी बेटी मरियम को 7  साल जेल की सजा हुई है।
    सरकारी चैनल की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, दोषी साबित किए गए व्यक्ति के बारे में चैनल पर जिक्र नहीं किया जाएगा और न ही उसके बारे में कुछ दिखाया जाएगा, चाहे वह विज्ञापन, न्यूज या फिर समसामायिक घटनाक्रम हो। इसे कड़ाई से लागू किया जाना है।
    पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ को 6 जुलाई को लंदन के एवियन फील्ड में 4 फ्लैट के मामले में सजा सुनाई गई है। नवाज शरीफ और उनकी बेटी उस समय लंदन में थीं। पाकिस्तान की एकाउंटिबिलिटी कोर्ट ने नवाज शरीफ और उनकी बेटी को यह सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद नवाज शरीफ ने कहा था कि वह चोर नहीं हैं और जल्द ही पाकिस्तान लौटेंगे। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 13-Jul-2018
  • नवाज और मरियम पाक के लिए रवाना
    लाहौर, 13 जुलाई। भ्रष्टाचार मामले में जेल की सजा पाए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और बेटी मरियम नवाज शुक्रवार को पाकिस्तान लौट रहे हैं। खबर है कि वह अपनी बेटी के साथ अबू धाबी पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो की एक टीम शरीफ के प्लेन में ही मौजूद रहेगी और ऐसे में लाहौर में लैंड करने से पहले ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। लाहौर एयरपोर्ट से सीधे उन्हें जेल ले जाया जाएगा। नवाज और मरियम की गिरफ्तारी के लिए पाकिस्तान में व्यापक तैयारियां की गई हैं। लाहौर को एक तरह से सील कर दिया गया है।  
    लाहौर में 10,000 से ज्यादा पुलिस ऑफिसरों की तैनाती हुई है। प्रशासन ने आदेश दिया है कि शहर में शाम 3 बजे से रात 12 बजे तक मोबाइल फोन्स बंद रहेंगे। पाकिस्तानी अखबार द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक नवाज की गिरफ्तारी के लिए 3 हेलिकॉप्टर और पंजाब चीफ मिनिस्टर के प्लेन को तैयार रखा गया है। एयरपोर्ट की निगरानी के लिए 2000 से अधिक रेंजर्स की तैनाती की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक एक हेलिकॉप्टर लाहौर एयरपोर्ट पर, एक इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर और एक रावलपिंडी में नूर खान एयरबेस में रखा गया है। पंजाब सीएम का प्लेन लाहौर एयरपोर्ट पर रखा गया है। 
    रिपोर्ट के मुताबिक लाहौर एयरपोर्ट से नवाज और मरियम को रावलपिंडी ले जाया जाएगा। अगर मौसम खराब रहा तो नवाज की फ्लाइट इस्लामाबाद भी ले जाई जा सकती है। इससे पहले प्रशासन ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर कारवाई शुरू कर दी है। अब तक करीब 300 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। 
    दरअसल, पीएमएल-एन की अपने शीर्ष नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की लंदन से स्वदेश वापसी पर लाहौर हवाई अड्डे पर बड़ी रैली की तैयारी के मद्देनजर यह कारवाई शुरू की गई है। शरीफ और मरियम को पाकिस्तान की एक अदालत ने ऐवनफील्ड अपार्टमेंट मामले में दोषी ठहराते हुए 10 और 7 साल की सजा सुनाई थी। पीएमएल-एन प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने बताया कि पुलिस ने करीब 300 कार्यकर्ताओं, जिनमें से ज्यादातर लाहौर के हैं, को गिरफ्तार किया है ताकि वे अपने नेताओं के स्वागत के लिए हवाई अड्डे नहीं पहुंच सकें। 
    औरंगजेब ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर पीएमएल-एन कार्यकर्ताओं के खिलाफ कभी कारवाई नहीं की गई। मार्शल लॉ के दौरान भी नहीं। इसके बावजूद कार्यकर्ता अपने नेताओं के भव्य स्वागत के लिए जरूर पहुंचेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाहबाज शरीफ ने कहा कि पीएमएल-एन के विरोधी दलों को रैली आयोजित करने की खुली छूट दी गई है, जबकि हमारे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए लाहौर में धारा 144 लागू कर दी गई है। 
    वहीं, राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के चेयरमैन जावेद इकबाल ने नवाज शरीफ और मरियम की हवाई अड्डे पर गिरफ्तारी के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी के लिए एक 16 सदस्यीय कमिटी का भी गठन किया गया है। इसके अलावा दो हेलिकॉप्टर भी तैनात हैं जो नवाज और मरियम को लाहौर एयरपोर्ट से सीधे इस्लामाबाद जेल ले जाएंगे। 
    देश में 25 जुलाई को चुनाव होने हैं। इस बीच, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान के बयान को लेकर विवाद छिड़ गया है। दरअसल, इमरान ने बयान दिया था कि जो भी नवाज शरीफ को एयरपोर्ट पर लेने जाएगा, उनमें और गधों में कोई फर्क नहीं होगा। इमरान खान ने यह बयान एक रैली में दिया। अब उनके इस बयान की आलोचना हो रही है। 
    उधर, लाहौर के लिए रवाना होने से पहले नवाज शरीफ ने लंदन में कहा कि हम उन लोगों से पाकिस्तान को आजाद कराएंगे जो राज्य के ऊपर राज्य चला रहे हैं। पत्रकारों से बाचतीच के दौरान शरीफ ने कहा कि खुद को कैद किए जाने की आशंकाओं के बावजूद मैं पाकिस्तान जा रहा हूं।  (एजेंसियां)

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Posted Date : 13-Jul-2018
  •  नई दिल्ली, 13 जुलाई  पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता और पूर्व पाक क्रिकेटर इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान की ऑटोबायोग्राफी का ई-वर्जन गुरुवार को अमेजन किडले पर लॉन्च हो गया है। इस किताब को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। इस किताब से एक और खुलासा हुआ है। रेहम ने इस किताब के माध्यम से दावा किया है कि इमरान खान को पांच अवैध बच्चे थे, उनमें से कुछ भारतीय थे।इस किताब के मुताबिक रेहम ने दावा किया कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के चीफ ने वर्ष 2015 में मुझसे शादी करने के बाद अपने अवैध बच्चों के बारे में कुछ नहीं बताया। मुझ से छिपाए रखा। इमरान ने कथित रूप से टायरियन व्हाइट पर चर्चा करते हुए टिप्पणी की, बेटी सीता व्हाइट अब वह हमारे पास नहीं है। रेहम ने इमरान के हवाले से बताया, तुम जानती हो मेरे लिए सिर्फ वही एक मात्र संतान नहीं है मेरे पास कुल पांच संतानें हैं, मुझे पता है।
    इस किताब में आगे इमरान खान के हवाले से लिखा गया है कि उन बच्चों के मांओं में से एक मुझसे गर्भवती होने के लिए वर्षों से कोशिश कर रही थी। गर्भवती होने के बाद वह काफी खुश थी और गर्भवती होने के बाद उसने किसी को भी नहीं बताया। इमरान ने डेक्कन क्रॉनिकल द्वारा उद्धृत पुस्तक के अंश के मुताबिक कहा, वह खुशी से पागल थी क्योंकि उसकी शादी के कई साल हो गए थे लेकिन वह गर्भवती नहीं हो पाई थी। वह बहुत खुश थी और उसने वादा किया था कि यह सीक्रेट रखूंगी और मुझसे भी सीक्रेट रखने के लिए कही थी। इसलिए मैंने कहा ठीक है।रेहम खान ने अपने इस विवादास्पद किताब के जरिए यह भी दावा किया कि इमरान खान की पहली पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ उनके अवैध संतानों के बारे में जानती थी क्योंकि उसने उसे बताया था। 
    डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक इमरान खान ने पाकिस्तान चुनाव के लिए दायर हलफनामे में दो वैध बच्चों का जिक्र किया है।  यह विवादास्पद किताब सुर्खियों में आ गई और दुनिया ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इसके ऑफिशियल रिलीज से कुछ सप्ताह पहले रेहम खान ने कुछ बेहद सनसनीखेज दावे किए थे। रेहम ने आरोप लगाया था कि इमरान खान समलैंगिक है उसका एक पाकिस्तानी अभिनेता और एक पीटीआई नेता के साथ संबंध था।अपने किताब में उसने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान वसीम अकरम अपनी दिवंगत पत्नी का उसके यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए इस्तेमाल करते थे। चौकाने वाले खुलासे के बाद, अकरम ने अपमानजनक बयान के लिए रेहम खान को लीगल नोटिस भेजा। अकरम ने कहा, उसका दावा पूरी तरह से मेरी दिवंगत पत्नी के लिए अश्लील और अपमानजनक है। इमरान खान और रेहम खान ने जनवरी 2015 में शादी की थी। लेकिन अक्टूबर 2015 में दोनों का तलाक हो गया। इमरान खान की यह दूसरी शादी थी। बाद में इमरान ने बुशरा मेनका से शादी थी।(टाईम्स नाऊ हिंदी)

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Posted Date : 13-Jul-2018
  • न्यूयार्क, 13 जुलाई। अमरीका में रह रही दो भारतवंशी महिलाओं ने प्रतिष्ठित पत्रिका फोब्र्स की सूची में जगह बनाई है। इनके नाम हैं- जयश्री उलाल और नीरजा सेठी। अपने बलबूते सबसे धनवान बनी 60 अमरीकी महिलाओं की सूची में इन दोनों को भी शामिल किया गया है।
    फोब्र्स की 2018 की इस सूची में उलाल को 18वां और सेठी को 21वां स्थान मिला है। उलाल 57 साल की हैं। वे लंदन में पैदा हुई और भारत में पली-बढ़ीं। फिलहाल वे 2008 से कंप्यूटर नेटवर्किंग फर्म- अरिस्टा नेटवक्र्स की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। उनके मालिकाना हक वाली संपत्ति का कुल मूल्य करीब 1.3 अरब डॉलर (लगभग 89.10 अरब रुपए) आंका गया है। वहीं सेठी 63 साल की हैं। वे सूचना-प्रौद्योगिकी सलाहकार एवं आउटसोर्सिंग कंपनी- सिंटेल की उपाध्यक्ष हैं।
    सेठी ने 1980 में पति भरत देसाई के साथ मिलकर मिशिगन के ट्रॉय स्थित अपने घर में ही महज 2,000 डॉलर ( करीब 1.37 लाख रुपए) की पूंजी से सिंटेल की स्थापना की थी। स्थापना के बाद पहले साल उनकी इस कंपनी ने महज 30,000 डॉलर (लगभग 20.56 लाख रुपए) का कारोबार किया। लेकिन 2017 में उनकी यही कंपनी लगभग 92.4 करोड़ डॉलर (करीब 63.34 अरब रुपए) का कारोबार कर चुकी थी। उनकी कंपनी में इस वक्त 23,000 के आसपास कर्मचारी हैं। इनमें लगभग 80 फीसदी भारत में हैं। फोब्र्स  ने उनके मालिकाना वाली संपत्ति का कुल मूल्य एक अरब डॉलर (करीब 68.55 अरब रुपए) के आसपास आंका है।
    वैसे फोब्र्स की इस सूची में जगह बनाने वाली 21 साल की रियलिटी टीवी-स्टार और उद्यमी कायली जेनर सबसे युवा हैं। जबकि सभी 60 महिला उद्यमियों के मालिकाने वाली कुल संपत्ति का मूल्य 71 अरब डॉलर (करीब 48.67 खरब रुपए) के आसपास आंका गया है। यह संपत्ति 2017 की तुलना में 15 फीसदी अधिक है। (पीटीआई)

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Posted Date : 13-Jul-2018
  • वाशिंगटन, 13 जुलाई। अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की लिखी एक चि_ी ट्विटर पर साझा की है। इस चि_ी में किम जोंग-उन ने अमरीका से द्विपक्षीय संबंधों में एक नए भविष्य की उम्मीदें जताई है।
    6 जुलाई की तारीख वाले इस खत को अमरीकी राष्ट्रपति ने बहुत अच्छी चिट्ठी लिखकर साझा किया है, लेकिन इस चि_ी में उत्तर कोरिया की ओर से परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयासों का कोई जिक्र नहीं है। जबकि पिछले महीने जून में ट्रंप और किम की सिंगापुर में हुई ऐतिहासिक मुलाकात का मुख्य मुद्दा यही था।
    बल्कि अलग से अमरीका ने उत्तर कोरिया पर परिष्कृत तेल उत्पादों पर संयुक्त राष्ट्र की पाबंदियों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया है। अमरीका का कहना है कि उत्तर कोरिया ने 89 टैंकरों के इस्तेमाल से जहाज से जहाज तक तेल उत्पाद हासिल करके पाबंदियों का उल्लंघन किया है। अमरीका ने उन देशों का जिक्र नहीं किया जो उत्तर कोरिया को ये उत्पाद पहुंचा रहे हैं।
    दिसंबर में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया को ऐसे तेल उत्पादों की निर्यात सीमा पांच लाख बैरल सालाना तक सीमित कर दी थी। ट्रंप ने चार पैराग्राफ में लिखी गई इस चि_ी का अंग्रेजी अनुवाद भी ट्वीट किया है। इसमें किम लिखते हैं कि मिस्टर प्रेसिडेंट, मैं ऊर्जा से लबरेज आपके असाधारण प्रयासों की प्रशंसा करता हूं।
    किम ने यह भी लिखा कि भविष्य में व्यावहारिक फैसले लेते समय परस्पर भरोसे को और मजबूत होना चाहिए। चि_ी साझा करते हुए ट्रंप ने लिखा है कि हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने इसे विस्तार से नहीं बताया।
    12 जून को सिंगापुर में दोनों नेताओं ने एक समझौते पर दस्तखत किए थे, जिसमें कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण का वचन भी शामिल था। बदले में अमरीका दक्षिण कोरिया में अपना सैन्य अभ्यास बंद करने पर राजी हुआ था।
    हालांकि बाद में कई आलोचकों का कहना था कि डोनल्ड ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता से परमाणु हथियारों को नष्ट करने के संबंध में ठोस आश्वासन लेने में नाकाम रहे। पिछले हफ्ते ही उत्तर कोरिया ने अमरीका पर आरोप लगाया था कि निरस्त्रीकरण के लिए वह गैंगस्टर जैसे हथकंडे अपना रहा है। (बीबीसी)

     

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Posted Date : 12-Jul-2018
  • शुमाइला जाफरी
    नगरपारकर, पाकिस्तान से, 12 जुलाई। पूजा शुरू करने से पहले माचिस जलाने में उन्हें कुछ मुश्किल तो हुई लेकिन एक दो मर्तबा कोशिश के बाद अगरबत्ती जलने लगी जिसके धुएं के पीछे उनका धुंधलाया हुआ चेहरा नजर आने लगा।
    घनश्याम भारतीय सीमा के पास बसे पाकिस्तान के नगरपारकर इलाके के मंदिर में जाते हैं। ये मंदिर 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद हिंदू परिवारों के यहां से चले जाने के बाद से वीरान पड़ा है।
    पूजा पूरी करने के बाद घनश्याम ने कहा, मेरे पिता बताते थे कि ये 12 हजार वर्ग फुट जगह थी। अब जमींदार कहता है कि ये उसकी जमीन है और सिर्फ ये मंदिर हमारा है। मेरे भाई ने उससे बात की तो वो नाराज हो गया और उसने कहा कि अदालत जाओ। घनश्याम कहते हैं, हम बहुत गरीब हैं। हम अदालत का खर्च नहीं उठा सकते।
    घनश्याम भारतीय सीमा के पास बसे नगरपारकर के इलाके के मंदिर में जाते हैं। यहां से 100 किलोमीटर के फासले पर मि_ी शहर में सुनीता परमार अपनी चुनावी मुहिम चला रही हैं। उनका ताल्लुक थरपारकर में आबाद दलित हिंदू बिरादरी से है।
    एक मोटरसाइकिल रिक्शे (एक तरह की जुगाड़ गाड़ी) पर सुनीता की सास भी उनके साथ हैं। वो चुनावी मुहिम शुरू करने से पहले एक सूफी की दरगाह पर रुकती हैं।
    साड़ी पहने जब वे दरगाह में दाखिल हुईं तो उन्होंने अपने आंचल से घूंघट कर लिया। उनके साथ कुछ और लोग भी थे। सिंध में मुसलमान और गैर मुस्लिमों दोनों में सूफी दरगाहों पर जाने का रिवाज है। सुनीता ने दरगाह में दाखिल होकर अपनी कामयाबी के लिए दुआ की।
    दरगाह में मौजूद करीब 50 समर्थकों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो इस जागीरदाराना व्यवस्था को चुनौती देंगी, जो गरीबों के साथ भेदभाव करता है और महिलाओं को उनका हक नहीं देता। उन्होंने कहा, मैंने स्थानीय 

    जमींदारों को चुनौती देने का फैसला किया है ताकि उनसे छुटकारा मिल सके।
    सुनीता का दावा है कि उनकी बिरादरी की औरतों ने उन्हें आगे बढ़ाया है ताकि वो उनके लिए आवाज उठाएं और उनके हक के लिए लड़ सकें। लेकिन सुनीता के चुनाव जीतने के आसार बहुत कम हैं। हालांकि थरपारकर की आबादी में हिंदुओं की अच्छी खासी संख्या है लेकिन राजनीति में उनकी भागीदारी बिल्कुल नगण्य है।
    किसी बड़े राजनीतिक दल के समर्थन के बिना किसी हिंदू उम्मीदवार का आम सीट से चुनाव जीतने का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। पाकिस्तान के दलित आंदोलन के नेता डॉक्टर सोनू खिंगरानी का कहना है कि थरपारकर के कुल मतदाताओं में 23 फीसदी दलित हैं लेकिन उनकी किसी तरह की नुमाइंदगी वहाँ नहीं है। डॉक्टर खिंगरानी ने बताया कि 20 दलितों ने टिकट के लिए अर्जी लगाई थी लेकिन बड़े राजनीतिक दलों में किसी ने उनका साथ नहीं दिया।
    उन्होंने बताया कि पहले उनकी बिरादरी के कुछ लोग संसद तक पहुंचे थे लेकिन बड़े राजनीतिक नेताओं से संबंधों के कारण। इसीलिए वो बिरादरी की समस्याओं के बारे में कुछ नहीं कर सके। लेकिन हिंदू बिरादरी की एक ऊंची जाति से ताल्लुक रखने वाले डॉक्टर महेश कुमार को पाकिस्तान पीपल्स पार्टी ने असेंबली में नॉमिनेट किया है।
    महेश कुमार मलानी लंबे अरसे से पीपीपी से जुड़े हैं और पूर्व में असेंबली के सदस्य रह चुके हैं। मि_ी के मिलानी हाउस में जश्न जैसा माहौल है। महेश कुमार मलानी अपने समर्थकों से हाथ मिलाते हुए कहते हैं, हिंदू और मुसलमान वोटरों में कोई मतभेद नहीं है।
    महेश कुमार लंबे अरसे से पीपीपी से जुड़े हैं और असेंबली के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि पीपीपी के समर्थकों को मेरे मजहब से कोई फर्क नहीं पड़ता। वो पार्टी को वोट देंगे। हम जीत के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। बहुत से दलित स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर भी चुनाव लड़ रहे हैं। हो सकता है कि वो जीत हासिल न कर सकें लेकिन अपनी मौजूदगी जरूर दर्ज करा रहे हैं। (बीबीसी)

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Posted Date : 12-Jul-2018
  • चिआंग राइ, 12 जुलाई ।  थाइलैंड की गुफा में फंसे अंडर-16 फुटबॉल खिलाडिय़ों को बचाने के लिए चलाए गए अभियान से जुड़ा पहला वीडियो फुटेज जारी किया गया है। वीडियो में गोताखोर गुफा में फंसे बच्चों को बाहर लाते हुए दिख रहे हैं। थाइ नेवी सील के फेसबुक पेज पर जारी इस वीडियो में वेटसूट पहने बचावकर्मी स्ट्रेचर की मदद से गुफा में फंसे फुटबॉल टीम के सदस्यों को निकाल रहे हैं। वहीं, थाइलैंड की मेडिकल टीम ने बताया है कि गुफा से निकाले गए 12 बच्चों और उनके कोच का वजन औसत 2 किलो तक घट गया है। हालांकि, उनका स्वास्थ्य ठीक है।  
    बचावकर्मियों में थाइ और विदेशी शामिल हैं, जो गुफा में फंसे सदस्यों को सुरक्षित निकालने के रस्सी और रबर के पाइप के साथ अन्य बचाव उपकरणों का उपयोग करते हुए दिख रहे हैं। 
    मेडिकल टीम के एक सदस्य ने प्रेस वार्ता में कहा, कुछ बच्चों को निमोनिया हो गया, लेकिन किसी को भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है। गुफा से बाहर निकालने के लिए चलाया गया राहत एवं बचाव कार्य मंगलवार को गुफा में अंतिम बचे चार बच्चों को बाहर निकालने के साथ ही पूरा हो गया। मंगलवार को अस्पताल पहुंचे युवा फुटबॉल टीम 'वाइल्ड बोर्सÓ के पांच सदस्यों में हाइपोथर्मिया के लक्षण पाए गए, क्योंकि इन्हें गुफा में 18 दिनों तक कठिन परिस्थितियों और पानी के ठंडे तापमान का सामना करना पड़ा। ग्रुप के सदस्यों को 8 जुलाई से 10 जुलाई के बीच तीन अलग-अलग समूहों में गुफा से बाहर निकाला गया। 
    बच्चों और उनके कोच के गुफा से सुरक्षित बाहर आने से पूरे थाईलैंड में खुशी की लहर है, 18 दिन तक गुफा में फंसे रहने के बाद चार बच्चों और उनके कोच के अंतिम समूह के बाहर आने के साथ ही यह बचाव अभियान मंगलवार को पूरा हुआ। यह अभियान थाइ मीडिया, अखबारों में छाया रहा। वाइल्ड बोर्स को कई विटामिन सप्लिमेंट के साथ चावल और चिकन का हल्का भोजन दिया जा रहा है। बच्चे और कोच का उत्साह बना हुआ है और अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले ये लोग कम से कम सात दिन मेडिकल केंद्र में बिताएंगे। (एजेंसियां)

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Posted Date : 12-Jul-2018
  • पिछले कुछ दिनोंं से हो रही लगातार भारी बारिश और फिर इससे आई बाढ़ ने जापान में तबाही मचा रखी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक मरने वालों की संख्या 199 तक पहुंच गई है। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
    जापान के एक शीर्ष अधिकारी ने इसे मौसम संबंधी बीते तीन दशकों की सबसे बड़ी आपदा बताया है। उन्होंने कहा कि बुधवार को जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने बारिश और बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों का दौरा किया। शुक्रवार को भी वे कुछ इलाकों की स्थिति का जायजा लेंगे। इस आपदा के मद्देनजर शिंजो आबे ने अपनी विदेश यात्रा रद्द कर दी हैं। इस दौरान उन्होंने कहा है, शिविरों में असुविधाजनक जिंदगी जीने को मजबूर लोगों को बहुत ज्यादा समय तक यहां नहीं रहना होगा। लोगों की मदद के लिए सरकार हर आवश्यक उपाय कर रही है। इसके साथ ही राहत और बचाव में तेजी के लिए सरकार ने एक आपातकालीन फंड भी जारी किया है।
    खबरों के मुताबिक हिरोशिमा में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कुराशाकी शहर में हर तरफ पानी भरा हुआ है। यहां लोगों को अपने घरों की छतों पर शरण लेनी पड़ी है। कई अन्य शहरों में भी बाढ़ व भूस्खलन की वजह से जापान के करीब 10 हजार लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ा है। ये लोग सरकार की तरफ से बनाए शिविरों में रह रहे हैं। (द नेशनल )

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Posted Date : 11-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 11 जुलाई । अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ट्विटर पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले विश्वनेता हैं जबकि पोप फ्रांसिस दूसरे स्थान पर और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीसरे स्थान पर हैं। संचार कंपनी बुरसान कोह्न ऐंड वुल्फ (बीसीडब्ल्यू) के एक अध्ययन के अनुसार, राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप के फॉलोअरों की संख्या दोगुना से ज्यादा हो गई। बीसीडब्ल्यू के नवीनतम अध्ययन 'ट्विप्लोमेसीÓ के अनुसार, ट्रंप के ट्विटर हैंडल को पांच करोड़ 20 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। पोप के फॉलोअरों की संख्या ट्रंप से 45 लाख कम है जबकि मोदी के फॉलोअरों की संख्या उनसे एक करोड़ कम है। 
    अध्ययन के अनुसार, अपने फॉलोअरों के साथ संपर्क-लाइक और रीट्वीट-के मामले में तो ट्रंप दूसरों से बहुत आगे हैं। पिछले 12 महीने के दौरान अपने फॉलोअरों के साथ अमरीकी राष्ट्रपति के तकरीबन 26 करोड़ 45 लाख संपर्क हुए। इस मायने में मोदी दूसरे स्थान पर रहे जबकि पोप तीसरे स्थान पर। बहरहाल, ट्रंप का संपर्क मोदी की तुलना में पांच गुना ज्यादा और पोप की तुलना में 12 गुना ज्यादा रहा।
    बहरहाल, अकेले रीट्वीट के मामले में सऊदी अरब के शाह सलमान सबसे आगे रहे। उन्होंने मई 2017 से मई 2018 में बीच महज 11 ट्वीट किए , लेकिन उनके हर ट्वीट ट्रंप ने औसतन 1,54,294 रीट्वीट दिए। रीट्वीट के मामले में ट्रंप का औसत उनसे बहुत कम, महज 20,319 रहा। अमरीकी विदेश मंत्रालय एकमात्र अमरीका का एकमात्र सरकारी विभाग है जो ट्रंप के निजी खाते को फॉलो नहीं करता। दिलचस्प बात यह है कि यह विभाग ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी और ईरानी विदेशमंत्री जवाद जरीफ को फॉलो करता है।(भाषा)

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Posted Date : 11-Jul-2018
  • पेशावर, 11 जुलाई। पाकिस्तान में हुए एक आत्मघाती हमले में वहां की अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) के नेता बैरिस्टर हारून बिलौर समेत 12 लोगों की मौत हो गई और करीब 50 लोग घायल हो गए। मंगलवार को पेशावर में एक चुनावी सभा के दौरान एक शख्स ने खुद को बम से उड़ा लिया। पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव हैं।
    पुलिस के मुताबिक फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है। हमले के पीछे हालांकि तालिबान का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। एएनपी पहले से ही तालिबान का विरोध करता रही है। इससे पहले साल 2013 के आम चुनाव के दौरान तालिबान आतंकवादियों ने एएनपी के वरिष्ठ नेता और हारून बिलौर के पिता बशीर बिलौर की एक आत्मघाती हमले के जरिये हत्या कर दी थी।
    पाकिस्तान में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव करवाने के लिए वहां की सेना ने 3,71,000 जवानों को तैनात करने की घोषणा की है। सेना प्रवक्ता ने जवानों की इस संख्या को साल 2013 के चुनाव के मुकाबले पांच गुना अधिक बताया है। (इंडियन एक्सप्रेस)

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Posted Date : 11-Jul-2018
  • लाहौर, 11 जुलाई। एवनफील्ड भ्रष्टाचार मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम शरीफ की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बीते हफ्ते पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) ने इस मामले में उन दोनों को 10 और सात साल जेल की सजा सुनाई थी। अब उनका नाम पाकिस्तान की एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ऐसे लोगों की सूची जो देश छोड़कर नहीं जा सकते) में शामिल कर दिया गया है।
    एनएबी ने इससे पहले इसी साल फरवरी, जून और जुलाई के दौरान सरकार से नवाज शरीफ और मरियम का नाम इस सूची में डालने को कहा था, लेकिन तब सरकार के कान पर जूं नहीं रेंगी थी। ऐसा न होने से ही बीते महीने की 14 तारीख को नवाज शरीफ अपनी पत्नी कुलसुम नवाज के इलाज के लिए लंदन चले गए थे। फिलहाल मरियम शरीफ भी वहीं हैं। खबरों के मुताबिक नवाज और मरियम इसी हफ्ते 13 तारीख को इंग्लैंड से पाकिस्तान पहुंच सकते हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तान पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बताया गया है कि लाहौर में गिरफ्तार करने के बाद उन्हें रावलपिंडी स्थित एक जेल में रखा जाएगा।
    इससे पहले बीते शुक्रवार नवाज शरीफ को 10 और मरियम शरीफ को सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी। इसी मामले में नवाज शरीफ के दोनों बेटों को भगोड़ा करार देते हुए एनएबी ने उनके दामाद मोहम्मद सफदर को भी एक साल की सजा दी थी। इसी सोमवार को पाकिस्तान पुलिस ने मोहम्मद सफदर को रावलपिंडी से गिरफ्तार किया था। फिलहाल उन्हें अदियाला जेल में रखा गया है। इस दौरान पाकिस्तान पहुंचने से पहले ही नवाज शरीफ इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की घोषणा कर चुके हैं। (एएनआई)
     

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Posted Date : 10-Jul-2018
  • थाइलैंड, 10 जुलाई :  'हम नहीं जानते कि ये चमत्कार है, विज्ञान है या और क्या है. सभी 13 लोग अब गुफा से बाहर हैं.'

    थाईलैंड की घुप्प अंधेरी पानी से भरी और बेहद संकरे रास्ते वाली गुफा में 18 दिन से फंसे 12 फ़ुटबॉल खिलाड़ियों और उनके कोच के सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान में जुटी थाई नेवी सील की ओर से ये शब्द कहे गए.
    12 फ़ुटबॉल खिलाड़ी अपने कोच के साथ 23 जून को इस गुफा में गए थे और वहीं फंस कर रह गए थे. ये सब अब बाहर आ गए हैं.
    हालांकि उनकी देखभाल के लिए गए थाई नेवी के चार गोताखोर, जिनमें एक डॉक्टर भी हैं, अभी अंदर ही हैं.
    घुप्प अंधेरी पानी से भरी और बेहद संकरे रास्तों वाली इस गुफा से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान पर दुनिया भर की नज़रें टिकी रहीं.
    बच्चों के सुरक्षित बाहर आने की इस ख़बर का थाईलैंड और दुनियाभर के करोड़ों लोग बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे.
    ये बेहद मुश्किल हालात पर मानवीय उम्मीद और हौसले की जीत की कहानी है.
    मिशन पूरा होने पर चियांग राय प्रांत के गवर्नर नारोंगसक ओसोटानकोर्न ने अभियान में शामिल टीम को 'संयुक्त राष्ट्र टीम' कहा.
    बच्चों को सुरक्षित निकालने के अभियान में थाईलैंड की नौसेना और वायुसेना के अलावा ब्रिटेन, चीन, म्यांमार लाओस, ऑस्ट्रेलिया, अमरीका और जापान समेत कई देशों के विशेषज्ञ लगे थे.
    गुफा के पास रहने वाले स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान में जुटे स्वयंसेवकों के लिए खाना बनाया और गोताखोरों के कपड़े तक धोए.
    दुनियाभर से आए विशेषज्ञ गोताखोरों ने अपनी जान का जोख़िम उठाकर गुफा के भीतर बच्चों और उनके कोच को खोजा और फिर लंबे और जटिल अभियान के बाद उन्हें आख़िरकार सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
    गुफा के बाहर इस समय जश्न का माहौल है लेकिन बहुत से लोग इस अभियान में जान गंवाने वाले स्वयंसेवक गोताखोर समन गुनान के बारे में भी सोच रहे होंगे.
    थाईलैंड की सरकार अब उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करेगी.
    गुफा से बचाए गए सभी खिलाड़ी और उनके कोच अब अस्पताल में एक साथ हैं. रविवार को चार बच्चों को गुफा से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया था. सोमवार को चार अन्य खिलाड़ियों को निकालकर अस्पताल पाया गया और मंगलवार को बाक़ी बचे चार खिलाड़ियों और कोच को सुरक्षित अस्पताल पहुंचा दिया गया.
    इसे के साथ वो अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया जिसे शुरुआत में असंभव सा माना गया था. अस्पताल में मौजूद बीबीसी संवाददाता निकल बीके के मुताबिक बचाए गए इन बच्चों के परिजन अस्पताल में जुटे हैं.
    हालांकि अभी तक परिजनों को उनसे मिलने नहीं दिया गया है. कुछ परिजनों का कहना था कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है जबकि अन्य का कहना था कि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी थी. सभी के चेहरे पर चमकीली मुस्कान है.
    पहले आए आठ बच्चों की देखभाल करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि वो ठीक है. हालांकि दो सप्ताह से अधिक तक अंधेरी गुफा में रहने से मानसिक स्थिति पर हुए असर की जांच अभी की जाएगी.
    ये बारह फुटबॉल खिलाड़ी एक टीम की तरह गुफा में गए थे. वहां एक टीम की तरह ही मुश्किल हालात में जीवित रहे और अब 72 घंटे चले बेहद मुश्किल बचाव अभियान के बाद वो फिर से टीम पूरी हो गई है.
    अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अभियान पूरा होने पर थाई नेवी सील को मुबारकबाद देते हुए लिखा, "अमरीका की ओर से 12 लड़कों और उनके कोच को सुरक्षित निकालने पर थाई नेवी सील को मुबारकबाद. ये कितना ख़ूबसूरत पल है- सभी आज़ाद हैं. अच्छा काम."
    जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल के प्रवक्ता ने ट्वीट किया, "प्रशंसा करने के लिए कितना कुछ है- बहादुर बच्चों और उनके कोच की दृढ़ता, बचावकर्मियों की क्षमता और दृढ़ संकल्प."
    ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने भी बचावक्रमियों को मुबारकबाद देते हुए ट्वीट किया, "थाईलैंड की गुफा में फंसे लोगों को बचाए जाने से प्रसन्न हूं. पूरी दुनिया ये देख रही थी और हम इस अभियान में शामिल लोगों की बहादुरी को सलाम करते हैं." (bbc)

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Posted Date : 10-Jul-2018
  • थाईलैंड, 10 जुलाई। उत्तरी थाईलैंड की थाम लुआंग गुफा में 15 दिन से फंसे फुटबॉल खिलाडिय़ों और उनके कोच इकापोल चांथावोंग पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है, 25 साल के इस कोच ने अंधेरी, पानी से भरी गुफा में 15 दिन तक 12 बच्चों का मनोबल बनाए रखा और उन्हें जीवित रखा। इन मुश्किल दिनों में जो एक कला उनके काम आई वह है- मेडिटेशन यानी ध्यान लगाना।
    इस दौरान वह खुद भी ध्यान लगाते और अपने स्टूडेंट्स को भी इसके लिए प्रेरित करते। वाइल्ड बोर्स फुटबॉल टीम का कोच बनने से पहले इकापोल करीब एक दशक तक बौद्ध भिक्षु रह चुके हैं। वह अब भी अक्सर मंदिर में रहते हैं और वहां अन्य भिक्षुओं के साथ ध्यान लगाते हैं।
    इकापोल की आंटी थाम चांथावोंग कहती हैं, वह एक घंटे तक ध्यान लगा सकता है। इससे जाहिर है कि उसे और उन लड़कों को अपना दिमाग शांत रखने में मदद मिली होगी।
    इकापोल और लड़कों के गुफा में फंसने के करीब 15 दिन बाद रविवार को 4 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं वहां फंसे कोच समेत 9 लोगों को रेस्क्यू करने के लिए सोमवार को ऑपरेशन दोबारा शुरू होगा।
    इकापोल गुफा से बाहर आने वाले आखिरी लोगों में शामिल होंगे। 13 लोगों का यह गु्रप 23 जून से लापता था। इस गु्रप में इकापोल एकमात्र वयस्क हैं, उनके अलावा 11 से 16 की उम्र के 12 लड़के शामिल हैं। बाद में लड़कों की साइकिल गुफा के बाहर मिली, इससे अंदाजा लगाया गया कि वे सभी गुफा के अंदर हो सकते हैं।
    इन लोगों को 2 जुलाई को गुफा के अंदर खोजा गया था। इससे पहले नौ दिनों तक इकापोल ने पानी से भरी, अंधेरी-खतरनाक गुफा में न सिर्फ सभी बच्चों को जीवित रखा बल्कि उनका मनोबल भी बनाए रखा। उन्होंने अपने हिस्से का खाना भी लड़कों में बांट दिया था। इस बात को लेकर उनकी खासी तारीफ भी हो रही है। हालांकि कुछ लोग इस बात को लेकर उनकी आलोचना भी कर रहे हैं कि उन्होंने बारिश के मौसम में बच्चों को लेकर गुफा के अंदर जाने पर हामी क्यों भरी?
    इसके लिए वह खुद को दुर्भाग्यशाली मानते हैं। वह बच्चों को इसलिए बाहर लेकर गए क्योंकि 23 जून की सुबह उनके हेड कोच की एक अपॉइंमेंट थी। इसी दिन यह सभी फंस गए थे।
    गुफा में फंसे एक बच्चे की मां ने कहा कहा वह कभी इकापोल पर आरोप नहीं लगाएंगी। उन्होंने कहा, अगर इकापोल साथ नहीं गए होते तो मेरे बच्चे के साथ क्या होता? मैं उन पर कभी आरोप नहीं लगाउंगी।
    इकापोल के साथ कॉफी स्टैंड पर काम करने वाले उनके दोस्त जॉय ने बताया कि उन्होंने 10 साल की उम्र में अपने परिजन खो दिए थे। इसके बाद इकापोल ने बौद्ध भिक्षु की शिक्षा ग्रहण की हालांकि अपनी दादी की देखभाल के लिए उन्होंने मॉनेस्ट्री छोड़ दिया। जॉय ने कहा कि वह खुद से ज्यादा टीम के बच्चों को प्यार करते हैं।
    जॉय ने कहा, इकापोल ना तो शराब पीते हैं, ना ही धूम्रपान करते हैं। शनिवार को थाई नेवी ने इकापोल की ओर से लिखी एक चि_ी की तस्वीर जारी की थी। इसमें उन्होंने सभी बच्चों के परिजनों से माफी मांगी थी।  इकापोल ने लिखा था, मैं बच्चों की देखभाल करने का वादा करता हूं। मैं आप सभी के समर्थन के लिए शुक्रिया अदा करता हूं और मैं माफी मांगना चाहता हूं।  (न्यूज 18)

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