अंतरराष्ट्रीय

Previous12Next
Date : 22-Sep-2019

यूएई, 22 सितंबर। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारतीय मूल की 20 वर्षीय महिला दुलर्भ बीमारी की वजह से पिछले छह महीने से जीवन रक्षक प्रणाली पर है। खलीज टाईम्स की खबर के अनुसार अपने पति से मिलने शारजाह पहुंची नीतू शाही पनिक्कर को मार्च में ऑटोइम्यून इंसेफलाइटिस से पीडि़त होने का पता चला।
इस बीमारी में शरीर का प्रतिरोधी तंत्र मस्तिष्क की स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करती है जिससे दिमाग में सूजन आ जाती है। नीतू को तबीयत बिगडऩे के बाद अबूधाबी के शेख खलीफा अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां वह 27 मार्च से जीवन रक्षक प्रणाली पर है।
इस बीमारी में प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ मस्तिष्क कोशिकाओं पर हमला करती है, जिससे मस्तिष्क में सूजन आ जाती है।
नीतू की मां ललिता ने कहा, मैंने दस साल पहले यूएई आने के बाद से अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए कड़ी मेहनत की। मेरी बेटी की पिछले साल दिसंबर में जितिन से शादी हुई थी, जो शारजाह में रहता है। वह जनवरी के आखिर में यूएई आई थी और 17 मार्च को बीमार हो गई।
दर्जी की दुकान में काम करने वाली ललिता ने कहा कि पति के छोड़ जाने के बाद उन्होंने अपने दो बच्चों को बड़ी मुश्किलों से पाला।
ललिता ने कहा, अस्पताल के चिकित्सकों ने हमारे लिये बहुत कुछ किया है। मैं उनका शुक्रिया करते नहीं थकती। मैं उनका कितना भी शुक्रिया अदा करूं, वो काफी नहीं होगा।
ऑटोइम्यून इंसेफलाइटिस का इलाज प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को कम करने वाले उपायों और आवश्यकता पडऩे पर ट्यूमर को हटाकर किया जा सकता है। (भाषा)


Date : 22-Sep-2019

लाहौर, 22 सितंबर । पाकिस्तान में अपने छात्रावास के कमरे में मृत मिली हिन्दू छात्रा के मामले में हिरासत में लिए गए आरोपियों में से एक का कहना है कि लड़की उससे प्यार करती थी और दोनों शादी करना चाहते थे। लरकाना जिले में स्थित बीबी आसिफा डेंटल कॉलेज में अंतिम वर्ष की छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता निमृता चांदनी का शव सोमवार को उसके कमरे से मिला। उसके गले में रस्सी लिपटी हुई थी और शव बिस्तर पर पड़ा था। पुलिस ने इस सिलसिले में अभी तक चांदनी के दो सहपाठियों सहित 32 लोगों को हिरासत में लिया है। 
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, मेहरान अब्रो का दावा है कि चांदनी उससे प्यार करती थी और दोनों शादी करना चाहते थे। डेंटल कॉलेज के एक प्रोफेसर ने भी दावा किया है कि चांदनी अपनी निजी जिन्दगी में किसी बात को लेकर परेशान थी और उनसे कई बार बात भी की थी। उनसे बात करने के दौरान वह रोयी भी। उन्होंने बताया कि चांदनी ने कहा था, मुझे इस झमेले से बाहर निकलने के लिए हिम्मत चाहिए। लेकिन प्रोफेसर का कहना है कि चांदनी ने कभी अपनी परेशानी की वजह उन्हें नहीं बतायी। 
खबर के अनुसार, पुलिस ने वसिम मेमन नामक व्यक्ति से भी पूछताछ की है और वह चांदनी के साथ प्रेम में दिलचस्पी रखता था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मसूद बंगश ने इस संबंध में चांदनी के परिवार से संपर्क पर विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए कहा है। जिस वक्त चांदनी के दोस्तों को उसका शव मिला, छात्रावास का कमरा भीतर से बंद था। ऐसे में पुलिस अभी तय नहीं कर सकी है कि यह आत्महत्या का मामला है या उसकी हत्या की गई। (भाषा)


Date : 22-Sep-2019

इंडोनेशिया, 22 सितंबर । लाखों लोगों के लिए जेल जाने का खतरा पैदा हो सकता है, क्योंकि इंडोनेशिया शादी के इतर सेक्स संबंधों को गैरकानूनी करार देने जा रहा है। विवाहेतर संबंधों को अपराध बनाने वाले कानून को अगले हफ्ते लागू किया जा सकता है। देश के चार सासंदों ने बताया कि बुधवार को सरकार और संसद के बीच आखिरी ड्राफ्ट पर सहमति बन गई। 
बालिग लोगों के बीच सहमति से बने विवाहेतर संबंधों को भी अब अपराध के तौर पर ट्रीट किया जाएगा। इसकी वजह से बड़ी संख्या में बाली घूमने आने वाले टूरिस्टों पर भी जेल जाने का खतरा होगा। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने टूरिस्ट के लिए चेतावनी भी जारी कर दी है।
इंडोनेशिया के प्रॉसपेरस जस्टिस पार्टी के नेता नासिर जामिल ने कहा- तमाम धर्मों के नेताओं से बदलाव को लेकर चर्चा की गई है। इंडोनेशिया की आजादी के वक्त से ही यहां ऐसे कानून की मांग होती रही है। राज्य का काम है कि वह नागरिकों को अल्लाह के विचारों के उलट व्यवहार करने से रोके।
नए प्रस्तावित कानून के तहत, अगर अविवाहित कपल पति-पत्नी की तरह साथ रहते हैं तो 6 महीने तक की जेल हो सकती है या 50 हजार रुपये का जुर्माना हो सकता है। 
पैरेंट्स, बच्चे, पति-पत्नी या फिर गांव का प्रमुख पुलिस को कानून तोडऩे के बारे में सूचना दे सकते हैं। दी इंस्टीट्यूट फॉर क्रिमिनल जस्टिस रिफॉर्म नाम के एनजीओ ने कहा है कि नए कानून से लाखों लोगों को फंसाया जा सकता है। एक स्टडी में सामने आया था कि यहां के 40 फीसदी किशोर शादी से पहले सेक्स करते हैं। 
नए कानून में कहा गया है कि अगर कोई महिला या पुरुष, अन्य महिला या पुरुष के साथ संबंध बनाए जिनसे उनकी शादी नहीं हुई है तो परिवार के सदस्य की ओर से शिकायत दर्ज कराने पर कार्रवाई होगी। इंडोनेशिया में होमोसेक्शुअलिटी भी अपराध है। वहीं, टूरिस्टों पर भी नया कानून लागू होगा। नए कानून के तहत, अगर रेप जैसी घटना न हुई हो और मेडिकल इमरजेंसी भी न हो तो अबॉर्शन कराने पर महिला को 4 सालों की जेल की सजा हो सकती है।
नए कानून पर सवाल उठने के बाद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने इसे कुछ दिनों तक सस्पेंड करने का फैसला किया है। अब अगले महीने संसद शुरू होने के बाद ही इस पर विचार किया जाएगा। मतलब ये हुआ कि इस पर फिर से डिबेट होगी और वोटिंग भी कराई जाएगी। (आजतक)


Date : 22-Sep-2019

ह्यूस्टन 22 सितंबर । अमेरिका पहुंचने के चंद घंटे के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रविवार को कश्मीरी पंडितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर सरकार की ओर से आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी अनुच्छेद 370 को समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र प्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के कदम का पुरजोर समर्थन किया। 
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट््वीट कर कहा ह्यूस्टन में कश्मीरी पंडित समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने भारत की प्रगति और हर भारतीय के सशक्तीकरण के लिए उठाए जा रहे कदमों का पुरजोर समर्थन किया।
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी अनुच्छेद 370 को समाप्त करने तथा राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र प्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के पांच अगस्त को किये गये फैसलों के बाद श्री मोदी की यह पहली अमेरिका यात्रा है। 
प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका में अपनी सात दिवसीय यात्रा के पहले दिन यहां दाऊदी बोहरा समुदाय और सिख समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा सम्मानित भी किया गया।
प्रधानमंत्री ने दाऊदी बोहरा समुदाय से मुलाकात की और पिछले साल दाउदी बोहरा समुदाय की ओर से इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने को याद किया। (वार्ता)


Date : 22-Sep-2019

ह्यूस्टन 22 सितंबर । भारत और अमेरिकी कंपनीयों के बीच उर्जा के क्षेत्र में रविवार को एक समझौता हुआ। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान मौजूद थे। उन्होंने ट््वीट कर बताया, 'टेलुरियन और पेट्रोनेट एलएनजी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने का गवाह बना।Ó
भारतीय पेट्रोलियम कंपनी पेट्रोनेट ने यहां अमेरिका की प्राकृतिक गैस (एलएनजी) कंपनी टेलुरियन से  50 लाख टन एलएनजी प्रति वर्ष आयात करने के समझौते पर हस्ताक्षर किये। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को सात दिन के दौरे पर अमेरिका पहुचें। उनके यहां पहुंचने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट््वीट कर बताया कि श्री मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र के शीर्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारीयों के साथ सार्थक मुलकात की है। 
श्री कुमार ने ट््वीट कर कहा श्री मोदी ने हूस्टन में ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों के शीर्ष अधिकारीयों के साथ सार्थक बातचीत की है। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और दोनों देशों में आपसी निवेश के मौकों को बढ़ावा देने के लिए साथ में काम करने के मुद्दे पर भी बातचीत की है।
इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट््वीट कर कहा गया, भारत-अमेरिका मित्रता को और मजबूत करना है तथा दोनों देश ऊर्जा क्षेत्र में परस्पर सहयोग में विविधता लाने की संभावनाओं को तलाश करेंगे।
श्री मोदी के शनिवार को यहां पहुंचने पर भव्य स्वागत हुआ। इस मौके पर प्रमुख ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों जैसे बीपी, एक्सॉन मोबिल, स्क्लूमबरजर, बेकर ह्यूजेस, ङ्क्षवमर इंटरनेशनल, चेनियर एनर्जी, डोमिनियन एनर्जी, आईएचएस मार्किट और एमर्सन इलेक्ट्रिक कंपनी के शीर्ष प्रतिनिधि और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा भारत में अमेरिका के राजदूत केन जस्टर भी इस मौके पर मौजूद थे। 
श्री मोदी एक सप्ताह के अमेरिका के दौरे पर हैं। उनके साथ विदेश मंत्री डॉ. एस. जशंकर, विदेश सचिव अजय गोखले और अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला भी यहां आये हैं। 
श्री मोदी ने अपने पहले ट््वीट में कहा, यहां ह्यूस्टन में एक चमकदार दोपहर है। इस गतिशील और ऊर्जावान शहर में कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला की प्रतीक्षा कर रहा हूं।
गौरतलब है कि श्री मोदी ने भारत में ऊर्जा क्षेत्र में प्राकर्तिक गैस के भंडार को आने वाले वर्षों में15 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है जो वर्तमान में लगभग 6.5 फीसदी है। मई 2019 में दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद श्री मोदी की यह पहली अमेरिका यात्रा है। (वार्ता)


Date : 21-Sep-2019

वाशिंगटन, 21 सितंबर । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से सोमवार को मुलाकात करेंगे। इससे पहले रविवार को ट्रंप पीएम मोदी के साथ हाउडी मोदी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। ट्रंप मंगलवार को भी न्यूयॉर्क में पीएम मोदी के साथ मीटिंग करेंगे। एक सीनियर अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र के मौके पर, भारत और पाकिस्तान के नेताओं के साथ ट्रंप न्यूयॉर्क में ही मुलाकात करेंगे।' संभावना है कि ट्रंप रविवार रात को न्यूयॉर्क पहुंचेंगे। इससे पहले वह ह्यूसटन में पीएम मोदी के साथ हाउडी मोदी कार्यक्रम में भाग लेंगे और दोनों नेता 50 हजार से ज्यादा भारतीय अमेरिकी को संबोधित करेंगे।
इसके बाद ट्रंप ओहियो भी जाएंगे जहां वह आस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मोरिसन से मुलाकात करेंगे। अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाउडी मोदी कार्यक्रम के लिए ह्यूसटन जाएंगे। इसके बाद वह ओहियो जाएंगे और ऑस्ट्रेलिया के पीएम मोरिसन से मिलेंगे। वह यहां प्रैट इंडस्ट्री जाएंगे और ऑस्ट्रेलिया के साथ यूएस इकोनॉमिक रिलेशनशिप पर चर्चा करेंगे।
अधिकारी ने बताया, डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के पीएम इमरान खान, पोलेंड के राष्ट्रपति आंद्ररेज सेबस्तिआन, सिंगापुर के पीएम, इजिप्ट के राष्ट्रपति, साउथ कोरिया के राष्ट्रपति और न्यूजीलैंड के पीएम से मुलाकात करेंगे। 24 सितंबर (मंगलवार) को ट्रंप यूएन जनरल असेंबली को संबोधित करेंगे।(एनडीटीवी)
 


Date : 21-Sep-2019

पेरिस, 20 सितंबर।  जलवायु परिर्वतन के खिलाफ और अपने लिए बेहतर भविष्य और खुशहाल ग्रह की मांग को लेकर पूरी दुनिया में लाखों स्कूलों बच्चों सहित अन्य लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। पर्यावरण और बेहतर भविष्य को लेकर आवाज बुलंद कर रही किशोर कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग की इस बात से सभी सहमत नजर आए कि धरती सिर्फ मौजूदा पीढ़ी की नहीं है, वह आने वाली पीढिय़ों की भी धरोहर है। ऐसे में आपको इसे बर्बाद करने का कोई हक नहीं है। आपको इसे संवारना होगा और भविष्य की पीढिय़ों के लिए तोहफे के रूप में छोडऩा होगा। दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे 15 वर्षीय विहान अग्रवाल का कहना है, ‘‘हम भविष्य हैं।’’ उसका कहना है, ‘‘हमें लगता है कि स्कूल जाने का कोई फायदा नहीं है अगर हमें जीने लायक भविष्य ही ना मिले।’’ 
दुनिया भर में प्रदर्शनों का आयोजन करने वालों का अनुमान है कि करीब 10 लाख लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। अकेले ऑस्ट्रेलिया में ही 3,00,000 लाख से ज्यादा बच्चों, अभिभावकों और समर्थकों ने रैलियों में भाग लिया। स्लोवाकिया में 500 प्रदर्शनकारियों में शामिल पांच साल के थिओ का कहना है, ‘‘मैं आपसे कहना चाहूंगा कि आप पेड़ों को नहीं काटें, कचरा कम निकालें और पेट्रोल से चलने वाली गाडिय़ों का इस्तेमाल कम करें।’’ 
तोक्यो के सेन्ट्रल शॉपिंग डिस्ट्रिक्ट में मौजूद प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिनपर लिखा था... ‘जलवायु परिवर्तन को अभी रोकें’ और ‘कोई दूसरा ग्रह नहीं है।’ एक कॉस्मेटिक कंपनी में काम करने वाली 32 वर्षीय चिका मरुता अपने सहकर्मियों के साथ इस प्रदर्शन में हिस्सा ले रही हैं। उनका कहना है, ‘‘इस ग्रह की खराब हालत के लिए हम वयस्क जिम्मेदार हैं।’’ मरुता ने कहा कि हमे अगली पीढ़ी के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। 
स्वीडन की 16 वर्षीय स्कूली छात्रा थुनबर्ग ने नेताओं पर आरोप लगाया कि वे नुकसानदेह जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए समुचित प्रयास नहीं कर रहे हैं।’’ हड़ताल की पूर्व संध्या पर उसने कहा कि समाधान को नजरअंदाज किया जा रहा है। अपने समर्थकों को भेजे गए एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, ‘‘सबकुछ मायने रखता है, आपके लिए क्या मायने रखता है।’’ प्रदर्शन में शामिल बच्चों से लेकर बजुर्गों तक सभी उनसे सहमत हैं। 
घाना की राजधानी अकरा में करीब 200 लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। एफ्रोबैरोमीटर के अध्ययन के मुताबिक देश की 44 प्रतिशत आबादी ने जलवायु परिवर्तन का नाम तक नहीं सुना है। प्रदर्शन का आयोजन करने वाली 29 वर्षीय एलेन लिंडसे अवुकु ने कहा, ‘‘घाना जैसे विकासशील देश सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हमारे पास जलवायु परिवर्तन से निपटने लायक संसाधन नहीं हैं।’’ 
केन्या और उगांडा में भी सैकड़ों की संख्या में लोग सडक़ों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों के न्यूयॉर्क में बड़ी संख्या में जमा होने की संभावना है। वहां करीब 1,800 स्कूलों के 11 लाख छात्रों को कक्षाओं से छूट दी गयी है। जलवायु परिवर्तन के खिलाफ इन प्रदर्शनों का सिलसिला वानुआतु, सोलोमन और किरिबाती द्वीपों से शुरू हुआ। वहां बच्चों ने नारे दिए, ‘‘हम डूब नहीं रहे हैं, हम लड़ रहे हैं।’’ 
मॉल में प्लास्टिक बैग के खिलाफ आंदोलन करने वाली थाईलैंड की ग्रेटा के नाम से मशहूर 12 वर्षीय लिली सतिद्तनसरन का कहना है, ‘हम भविष्य हैं और हमें बेहतर पाने का हक है।’’ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 1,000 लोगों के साथ प्रदर्शन में शामिल 16 वर्षीय रीजान अहमद का कहना है, ‘‘यह (समस्या) हमसे पहले की पीढिय़ों ने पैदा की है... सिर्फ एक पीढ़ी के कारण बहुत कुछ दांव पर लगा है और इन सभी को बदलना अगली पीढ़ी के हाथ में है।’’ 
गौरतलब है कि शनिवार को संयुक्त राष्ट्र में ‘यूथ क्लाइमेट समिट’ होनी है। शुक्रवार को पूरी दुनिया में हुए प्रदर्शनों ने इस और दिलचस्प बना दिया है। (एएफपी)
 


Date : 20-Sep-2019

अर्जेंटीना को दक्षिण अमेरिका की प्यार की राजधानी कहा जाता है। लेकिन यह प्रेम की नगरी महंगाई से त्रस्त है। प्रेमी जोड़े गर्भनिरोधक की खरीद पर भी कटौती कर रहे हैं। दवा विक्रेता और निर्माता कहते हैं कि मंदी और बढ़ती महंगाई की वजह से कंडोम और बर्थ कंट्रोल करने वाली गोलियों की बिक्री काफी कम हो गई है।
अभिनेता और हास्य कलाकार गिलर्मो एक्विनो का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते नजर आ रहे हैं, पेसो की कीमत में गिरावट मुझे मार रहा है। इस वायरल वीडियो में एक युवक अपने पार्टनर से माफी मांगता दिखता है। युवक कहता है कि उसके पास साल के अंत तक के लिए सिर्फ एक कंडोम बचा है। इसमें आगे कहा गया, मैं तुमसे प्यार करता हूं, यह तुम नहीं हो, यह सामाजिक-आर्थिक स्थिति है। यह सिर्फ कॉमेडी नहीं बल्कि वास्तविकता की झलक है।
दक्षिण अमेरिका की नंबर 2 अर्थव्यवस्था इस साल के अंत तक 2।6 प्रतिशत सिकुड़ सकती है। साथ ही अर्जेंटीना 50 प्रतिशत वार्षिक महंगाई दर से जूझ रहा है। 2018 से देश की मुद्रा पेसो की कीमत डॉलर के मुकाबले दो तिहाई कम हो गई है। इससे आयात और खपत पर गहरा असर पड़ा है। पैसे की कमी होने की वजह से देश में कार, शराब और मीट की बिक्री काफी कम हो गई है। औद्योगिक सूत्रों ने अनुमान लगाया कि 2018 के मुकाबले इस साल की शुरुआत में कंडोम की बिक्री 8 प्रतिशत तक गिर गई। आर्थिक हालात बिगडऩे के साथ ही हाल के महीनों में कंडोम की बिक्री में और एक चौथाई तक की कमी आई।
ट्यूलिपन और जेंटलमैन कंडोम ब्रांड का निर्माण करने वाली कंपनी कोपेल्को के अध्यक्ष फिलिप कोपेलोवित्स कहते हैं, अर्जेंटीना में ज्यादातर कंडोम और उसे बनाने वाले सामान आयात होते थे। ऐसे में देश की मुद्रा कमजोर होते ही इसके आयात पर तुरंत असर पड़ा। इस साल की शुरुआत के बाद कीमतें 36 प्रतिशत तक बढ़ गई। दवा विक्रेता कहते हैं कि बर्थ कंट्रोल की दवाओं की बिक्री भी इस साल 6 प्रतिशत तक गिर गई और हाल के दिनों में इसमें 20 प्रतिशत तक की कमी आई है। अर्जेंटीना फार्मास्युटिकल कंफेडरेशन की अध्यक्ष इसाबेल रेनोसो ने कहा कि कीमत बढऩे के बाद से हजारों महिलाओं ने गोलियां लेना छोड़ दी। वे कहती हैं, ऐसी महिलाओं की संख्या करीब एक लाख 44 हजार है जो पहले हर महीने गर्भनिरोधक दवाईयां लेती थीं लेकिन अब छोड़ दिया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में यौन संचारित बीमारियों के बढऩे का खतरा है। एचआईवी को लेकर काम करने वाली एक गैर सरकारी संस्था में काम कर रही मार लुकास कहती हैं, जब आप किसी तरह रोजमर्रा की जिंदगी काट रहे हों, तो स्वास्थ्य प्राथमिकता में नीचे चला जाता है और यौन स्वास्थ्य तो और भी। जो अभी भी टैबू है।
लुकास कहती हैं, सरकारी अस्पतालों में कंडोम का मुफ्त वितरण होता है लेकिन काफी कम लोगों को इसके बारे में जानकारी है। हम जानते हैं वे प्राय: उपयोग किए हुए, दुरुपयोग और गलत तरीके से इस्तेमाल किए हुए होते हैं। और ऐसे में यौन संचारित संक्रमण होने का खतरा काफी ज्यादा होता है।(रॉयटर्स)
 


Date : 20-Sep-2019

रियाद, 20 सितंबर । ट्यूनीशिया के निर्वासित राष्ट्रपति काीन एल अबिडीन बेन अली का लंबी बीमारी के बाद को सऊदी अरब में निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्टो ने गुरुवार को यह जानकारी दी है। वे 83 वर्ष के थे। 
मोसाइक एफएम रेडियो स्टेशन ने बताया कि श्री बेन अली पिछले कुछ समय से अस्पताल में भर्ती थे और तीन महीनों से उन्हें सघन चिकित्सा में रखा गया था।
श्री अली ने उत्तरी अफ्रीका पर 23 वर्षो तक शासन किया था। दिसंबर 2010 और जनवरी 2011 में तीन सप्ताह की क्रांति के बाद उन्हें पद छोडऩा पड़ा था। उसके बाद से वह सऊदी अरब में रह रहे थे।(स्पूतनिक)
 


Date : 20-Sep-2019

लंदन, 20 सितंबर । ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने अपने संस्मरण का विमोचन किया जिसमें उन्होंने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को संत पुरुष बताया है और कहा है कि सिंह ने उन्हें बताया था कि अगर मुंबई की तरह दूसरा आतंकवादी हमला हुआ तो पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करनी होगी। कैमरन ने फॉर द रिकॉर्ड में अपने 52 वर्ष के निजी एवं व्यावसायिक जीवन के घटनाक्रम को लिपिबद्ध किया है और इसमें 2010 से 2016 के बीच का विशेष तौर पर जिक्र है जब वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थे। इस दौरान उनके सिंह के साथ ही मोदी के साथ भी अच्छे रिश्ते रहे। कैमरन ने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मेरे रिश्ते अच्छे रहे। वह संत पुरुष हैं लेकिन भारत के खतरों के प्रति वह कड़ा रुख भी रखते थे। 
भारत के एक यात्रा के दौरान उन्होंने मुझसे कहा कि मुंबई में 2008 के आतंकवादी हमले की तरह कोई दूसरा आतंकवादी हमला होता है तो भारत को पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा, भारत के संदर्भ में मैंने कहा था कि हमें आधुनिक सहभागिता की जरूरत है न कि औपनिवेशिक अपराध की भावना के साथ। यह सहभागिता दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ हो। ब्रिटेन के कई सफल व्यवसायी और सांस्कृतिक हस्तियां भारतीय मूल के रहे हैं और इस प्रयास में वे काफी सहायक साबित हो सकते हैं।
अपने संस्मरण में भारत- ब्रिटेन संबंधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कंजरवेटिव पार्टी के 52 वर्षीय पूर्व नेता ने भारत के दो नेताओं की प्रशंसा की। उन्होंने नवम्बर में वेम्बले स्टेडियम में संबोधन के दौरान स्टेज पर मोदी से गले मिलने की घटना को याद किया। उन्होंने कहा, कई क्षण रहे जिसमें वेम्बले स्टेडियम में भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी भीड़ का इक_ा होना भी शामिल है। कैमरन ने कहा, मोदी के संबोधन से पहले मैंने 60 हजार की भीड़ से कहा कि मुझे लगता है कि किसी दिन भारतीय मूल का ब्रिटिश व्यक्ति दस डाउनिंग स्ट्रीट में प्रधानमंत्री के तौर पर आएगा। लोगों की भीड़ ने चिल्लाकर इसे मंजूरी दी जो अद्भुत था और जैसे ही स्टेज पर मोदी और मैंने एक- दूसरे को गले लगाया मुझे उम्मीद जगी कि यह ब्रिटेन द्वारा दुनिया को खुले हृदय से स्वागत करने का संकेत देगा।
कैमरन ने दिल्ली में टुक टुक से यात्रा करने और मुंबई की झुग्गी- झोपडिय़ों घूमने का भी जिक्र किया। उन्होंने अमृतसर में ऐतिहासिक स्वर्ण मंदिर के दौरे का भी ब्यौरा दिया है जिस दौरान 2013 में उन्होंने ब्रिटेन के सबसे बड़े व्यवसाय मिशन का नेतृत्व किया और ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने जालियांवाला बाग नरसंहार पर दुख जताया था। कैमरन ने लिखा है, काफी समय से ब्रिटिश भारतीय समुदाय के मित्र प्रोत्साहित कर रहे थे कि मैं अमृतसर में स्वर्ण मंदिर जाऊं। सिखों के पवित्र स्थल पर औपनिवेशिक काल में ब्रिटेन के सैनिकों ने एक शांतिपूर्ण बैठक पर गोलीबारी की थी जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा, कोई भी वर्तमान प्रधानमंत्री अभी तक अमृतसर नहीं पहुंचा था और जो हुआ उस पर दुख व्यक्त नहीं किया था। मैं दोनों चीजों को बदलना चाहता था।
उन्होंने संस्मरण में लिखा है, मेरे दौरे से पहले इस बात को लेकर विवाद था कि मुझे खेद जताना चाहिए अथवा नहीं। लेकिन मुझे महसूस हुआ कि शहीद स्मारक की संवेदना पुस्तिका में जिसे मैंने ब्रिटेन के इतिहास में काफी शर्मनाक घटना बताया, वह उपयुक्त था। मुझे पता है कि ब्रिटेन के सिखों के लिए यह काफी मायने रखता है कि उनके प्रधानमंत्री ने यह सौहार्द दिखाया और ऐसा कर मैं खुश हूं। एक जनमत संग्रह में यूरोपीय संघ छोडऩे के लिए हुए मतदान के बाद कैमरन ने जून 2016 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और उसके बाद से राजनीति से अलग हैं।(भाषा)
 


Date : 19-Sep-2019

वॉशिंगटन, 19 सितंबर । अमेरिकी राज्य ओक्लाहोमा में अपने मनोरंजन के लिए 400 लोगों को गोली मारने की धमकी देने वाली एक किशोरी को राइफल के साथ गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों को लडक़ी ने धमकी दी थी, उनमें उसके पूर्व विद्यालय के कुछ विद्यार्थी भी शामिल हैं। अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक एलेक्सिस विल्सन (18) पर इस झूठे आतंकी हमले के आरोप लगाते हुए स्थानीय जेल में दो लाख पचास हजार डॉलर के बॉन्ड पर रखा गया है।
पिट्सबर्ग काउंटी शेरिफ कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी लडक़ी ने एक पिज्जा रेस्तरां में अपने सहकर्मी को बताया कि उसने एक सेमी ऑटोमेटिक एके-47 राइफल खरीदी है।
लडक़ी के साथ काम करने वाले दो कर्मियों ने अधिकारियों को सूचित किया कि विल्सन ने उन्हें राइफल पकड़े हुए तस्वीरें दिखाई और कहा कि मैकएलेस्टर में उसके पुराने स्कूल के लोगों पर वह बंदूक चलाना चाहती है।
इसके बाद अधिकारियों ने विल्सन को उसके घर के पास पकड़ा। इस दौरान विल्सन ने बताया कि वह अपने सहकर्मी को बता रही थी कि हथियार से डरने की जरूरत नहीं है। मगर वह यह बताने में विफल रही कि उसने स्कूल के संबंध वह धमकी भरी बात क्यों कही।
अधिकारियों ने विल्सन के कमरे से राइफल के साथ ही छह उच्च क्षमता वाली मैगजीन और कई तरह के अन्य शस्त्र भी बरामद किए।
स्थानीय रिपोर्ट्स में स्कूल के अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा गया कि विल्सन को उसके हाई स्कूल से निकाल दिया गया था।
जांचकर्ताओं ने बताया कि किशोरी को स्कूल में चाकू लाने और उसके कुछ सामान पर स्वस्तिक चिन्ह रखने के लिए निलंबित कर दिया गया था। दोषी साबित होने पर विल्सन को 10 साल तक की जेल की सजा काटनी पड़ सकती है।(भाषा)
 


Date : 19-Sep-2019

कोलंबो, 19 सितंबर । श्रीलंका में 16 नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराए जाएंगे। श्रीलंका चुनाव आयोग ने बुधवार की देर रात इसकी घोषणा की। 
मौजूदा राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना का कार्यकाल लगभग दो महीने का बचा है। चुनाव आयोग ने कहा कि सभी उम्मीदवारों को सात अक्टूबर तक अपना नामांकन पत्र जमा कराना होगा।  
श्रीलंका के मुख्य विपक्षी पार्टी ने राष्ट्रपति पद के लिए पूर्व राष्ट्रपति मङ्क्षहदा राजपक्षे के छोटे भाई और पूर्व रक्षा सचिव गोटाबाया राजपक्षे को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।  
प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंधे की पार्टी यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) ने बयान जारी कर कहा कि उनकी पार्टी अपने उम्मीदवार की घोषणा अगले सप्ताह करेगी जबकि जनथा विमुक्थी पेरामुना (जेवीपी) ने अनुरा कुमारा दिसानायके को अपना उम्मीदवार बनाया है। 
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबित चुनाव आयोग का कहना है कि इस वर्ष राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिकॉर्ड 18 उम्मीदवार उतर सकते हैं। (शिन्हुआ)
 


Date : 19-Sep-2019

काबुल, 19 सितम्बर। अफगानिस्तान के जाबुल प्रांत के कलात-ए-गिलजे शहर में गुरुवार को एक कार बम विस्फोट में कम से कम सात लोग मारे गए और 85 से अधिक अन्य घायल हुए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हमला खुफिया सुरक्षा  कार्यालय अफगान नेशनल डायरेक्टरेट को निशाना बनाकर किया गया। स्थानीय अधिकारियों और लोगों के हवाले से आई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कार्यालय क्षेत्र से लगे  जाबुल प्रोङ्क्षवशियल होस्पिटल भी इस विस्फोट की चपेट में आया है। 
टोलो न्यूज ब्रोडकास्टर ने जाबुल प्रांत के  गर्वनर रामातुल्ला यारमल के हवाले से बताया कि इस घटना में सात लोग मरे गये  हैं और 85 अन्य घायल हैं।
 इसके पहले अस्पताल के डिप्टी गवर्नर मालिम तवाब ने   हताहतों की संख्या की पूरी जानकारी नहीं दी थी लेकिन उन्होंने बताया था कि घायलों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और आवश्यकता हुई तो उन्हें कंधार के अस्पतालों में स्थानांतरित किया जायेगा।
किसी आतंकवादी संगठन ने फिलहाल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। (स्पूतनिक)
 


Date : 18-Sep-2019

पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर भारत के बयान का गंभीर संज्ञान लिये जाने की अपील की है। पीटीआई के मुताबिक उसका कहना है कि इस तरह के ‘गैर जिम्मेदाराना और उग्र’ बयानों से तनाव और बढ़ेगा और क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होगा।
मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि पीओके भारत का हिस्सा है और वे उम्मीद करते हैं कि एक दिन यह इलाका भारत के भौतिक अधिकार क्षेत्र में होगा। जयशंकर ने इसके साथ ही यह भी कहा था, ‘एक सीमा के बाद इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि कश्मीर पर लोग क्या कहेंगे क्योंकि ये भारत का आंतरिक मामला है और अपने आंतरिक मामलों में भारत की स्थिति मजबूत रही है और मजबूत रहेगी।’
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में विदेश मंत्री के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने पाकिस्तान पर निशाना साधा था। उनका कहना था कि भारत पड़ोसी को सबसे ज्यादा अहमियत देने की नीति को आगे बढ़ा रहा है लेकिन उसके सामने एक पड़ोसी की ‘अलग तरह की चुनौती’ है। एस जयशंकर का कहना था, ‘ये तब तक चुनौती रहेगी जब तक वह सामान्य व्यवहार नहीं करता और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता।’
एस जयशंकर के बयान पर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘हम पाकिस्तान और पीओके के बारे में भारतीय विदेश मंत्री द्वारा दिये गये भडक़ाऊ और गैरजिम्मेदाराना बयानों की कड़ी निंदा करते हैं और इन्हें खारिज करते हैं।’
बयान में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान शांति के लिए खड़ा है, लेकिन वह किसी भी तरह की आक्रामकता का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार रहेगा। (सत्याग्रह)
----


Date : 18-Sep-2019

वाशिंगटन, 18 सितंबर । अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों के 44 प्रभावशाली सांसदों ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से अनुरोध किया है कि अमेरिका और भारत के बीच होने वाले संभावित व्यापार समझौते के हिस्से के रूप में अहम जनरलाइज़्ड सिस्टम प्रेफरेंस या त्रस्क्क व्यापार कार्यक्रम के अंतर्गत भारत का लाभदायक विकासशील देश का दर्जा बहाल किया जाए। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने जून माह में त्रस्क्क के तहत लाभदायक विकासशील देश के रूप में भारत का दर्जा खत्म कर दिया था। त्रस्क्क अमेरिका का सबसे पुराना तथा सबसे बड़ा व्यापार प्राथमिकता कार्यक्रम है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिध रॉबर्ट लाइटाइजऱ को लिखे खत में संसद सदस्यों ने सुझाव दिया है कि अर्ली हारवेस्ट रुख अपनाने से लाभ मिलेगा।
बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाउडी मोदी कार्यक्रम होने वाला है। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल होंगे। वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां आगे की दिशा में नहीं प्रगति नहीं हुई हो और दोनों देशों के संबंध काफी बेहतर स्थिति में हैं। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरा होने पर विदेश मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध पिछले 20 वर्षो में लगातार आगे की ओर बढ़े हैं, चाहे बुश प्रशासन हो, ओबामा या अब ट्रंप के तहत प्रशासन हो। दोनों देशों के बीच वाणिज्य को लेकर एक सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच कारोबार समस्या सामान्य है।
उन्होंने कहा, ‘एक ही रास्ता है जब कारोबार समस्या नहीं होगी, जब हम कोई कारोबार नहीं करें । ऐसे में कारोबार समस्या, दोनों देशों के बीच: सामान्य बात है।'' उन्होंने कहा कि इस बारे में चर्चा हो रही है और वह इस बारे में आशावादी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका की छह दिवसीय यात्रा 22 सितंबर से शुरू हो रही है । इस यात्रा के दौरान उनका ह्यूस्टन में भारतीय समुदाय को संबोधित करने का कार्यक्रम भी है।
इस बारे में पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा कि यह भारतीय अमेरिकी समुदाय की बड़ी उपलब्धि है और यह स्पष्ट करता है कि उन्हें किस नजर से देखा जाता है और किस प्रकार का सम्मान दिया जाता है। अगर ऐसे किसी कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति शामिल होते हैं तब यह समुदाय की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा, ‘यह बड़े सम्मान की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी के ह्यूस्टन कार्यक्रम के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समुदाय का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि हम उनका (ट्रम्प) बेहद गर्मजोशी से स्वागत करेंगे।(एनडीटीवी)
 


Date : 18-Sep-2019

यरूशलम, 18 सितंबर। इजरायल में बेंजामिन नेतन्याहू का दौर क्या खत्म हो गया? एग्जिट पोल्स के नतीजों पर यकीन करें तो देश के सबसे ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू को संसद में बहुमत नहीं मिलेगा। ऐसे में रेकॉर्ड पांचवीं बार पीएम बनने का उनका सपना चकनाचूर हो सकता है। हालांकि चुनाव प्रचार में नेतन्याहू ने पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने अपनी विदेश नीति और दुनिया में इजरायल के कद को दिखाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात की तस्वीरों को भी अपने प्रचार में इस्तेमाल किया था। 
इस चुनाव को मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व पर एक जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा है। अगर ऐग्जिट पोल्स और नतीजों में समानता रहती है तो किसी को भी बहुमत मिलने नहीं जा रहा है। 120 सदस्यीय इजरायली संसद में नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गुट को 55-57 सीटें मिल सकती हैं। उधर, नेतन्याहू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी बेनी गैंट्ज की ब्लू ऐंड वाइट पार्टी भी 61 के जादुई आंकड़े से पिछड़ती दिख रही है। ऐसे में संभावना इस बात की बन रही है कि देश में मिलीजुली यूनिटी गवर्नमेंट बने। 
इस चुनाव पर भारत की भी नजर 
आपको बता दें कि इजरायल के इस चुनाव पर भारत में भी काफी दिलचस्पी ली जा रही थी। सरकार को भी उम्मीद होगी कि नेतन्याहू के साथ पीएम मोदी की जो केमिस्ट्री बनी है, वह आगे भी जारी रहे। दोनों नेताओं की दोस्ती काफी मशहूर है। हाल के वर्षों में भारत और इजरायल के संबंध काफी मजबूत हुए हैं। नेतन्याहू के चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी तस्वीरें खूब वायरल हुईं थीं। इजरायल की एक इमारत पर बड़ा बैनर भी लगाया गया था जो दोनों नेताओं के गर्मजोशी भरे संबंध के साथ द्विपक्षीय संबंध को भी दिखा रहा था। नेतन्याहू ने कई विदेशी नेताओं के साथ तस्वीरों वाले बैनर लगवाए थे जिससे जनता को संदेश दिया जा सके। 
कौन होगा किंगमेकर 
केंद्रीय चुनाव आयोग ने बताया है कि 69.4 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इजरायल के नागरिकों ने देश में पांच महीने में ही दूसरी बार हुए आम चुनाव में मंगलवार को वोट डाले। एग्जिट पोल्स से साफ है कि नेतन्याहू की सरकार में विदेश और रक्षा मंत्री रह चुके ए. लिबरमैन किंगमेकर बन सकते हैं। उनकी पार्टी वाईबीपी को 8 से 10 सीटें मिल सकती हैं। उन्होंने कहा है कि वह यूनिटी गवर्नमेंट का समर्थन करेंगे। 
5 महीने में ही फिर चुनाव क्यों? 
दरअसल, अप्रैल के चुनावों में 120 सदस्यीय संसद में 61 सदस्यों का गठबंधन बनाने में नेतन्याहू (69) के नाकाम रहने के चलते मध्यावधि चुनाव की जरूरत पड़ी। केंद्रीय चुनाव समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओर्ली अदास ने कहा, ‘9 अप्रैल के चुनाव के बाद से अब तक संक्षिप्त अवधि में योग्य मतदाताओं की संख्या में एक फीसदी की वृद्धि हुई है।’ चुनाव में करीब 63 लाख योग्य मतदाता थे। (नवभारत टाईम्स)
 


Date : 17-Sep-2019

कुआलालंपुर, 17 सितंबर। मलेशिया के प्रधानमंत्री एम। मोहम्मद ने मंगलवार को उस दावे का खंडन कर दिया,  जिसमें कहा जा रहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को भारत में प्रत्यर्पित करने के लिए कहा था। मलेशिया के एक रेडियो को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ज्यादा देशों (नाइक) को वह नहीं चाहिए। भारत ने जोर नहीं दिया। जब मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला, तो उन्होंने मुझसे यह नहीं कहा कि वह इस आदमी को वापस चाहते हैं। यह आदमी भारत के लिए खतरा हो सकते हैं।
मोदी ने इस महीने की शुरुआत में रूस में 5वें ईस्ट इकोनॉमिक फोरम के मौके पर महातिर मोहम्मद से मुलाकात की थी। उनकी बैठक के बाद, भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा था कि दोनों नेताओं ने नाइक के प्रत्यर्पण पर चर्चा की।
गोखले ने उस वक्त कहा था, प्रधानमंत्री मोदी ने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया। दोनों पक्षों ने फैसला किया है कि हमारे अधिकारी मामले के संबंध में संपर्क में रहेंगे और यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
पिछली सरकार के तहत जाकिर नाइक को स्थायी नागरिकता दिए जाने का जिक्र करते हुए मोहम्मद ने कहा कि नाइक को भेजने के लिए कुआलालंपुर एक जगह खोजने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, हम ऐसी जगह खोजने की कोशिश कर रहे हैं, जहां वह जा सकते हैं, लेकिन कोई उन्हें स्वीकार नहीं करना चाहता।
जाकिर नाइक पर मलेशिया में सार्वजनिक रूप से भाषण देने पर बैन लगा दिया गया। हालही मलेशिया के गृहमंत्री एम। यासीन ने कहा था कि वह कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, डॉ। जाकिर नाइक भी नहीं। इससे पहले मलेशिया की सरकार ने जाकिर नाइक के भाषण देने पर रोक लगा दी थी। मलेशियाई अधिकारियों ने जाकिर नाइक को हिंदुओं एवं चीनियों के खिलाफ कथित नस्ली टिप्पणी करने के मामले में दूसरी बार तलब किया था। इससे कुछ घंटे पहले प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने विवादित भारतीय इस्लामी धर्म उपदेशक को कहा था कि उसे देश में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने की इजाजत नहीं है। 
न्यूज एजेंसी ने पुलिस कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन के हेड दातुक असमावती अहमद के हवाले से लिखा है, हां, ऐसा आदेश सभी पुलिस थानों को दिया गया है, और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में और नस्लीय सौहार्द बनाए रखने के लिए किया गया है। (एनडीटीवी)
 

 


Date : 17-Sep-2019

ब्रिटेन, 17 सितंबर । मॉडल के रूप में चर्चित होने के बाद वेश्यावृत्ति करने वाली एक 23 साल की मां लुईस पोर्टोन ने अपने दो बच्चों को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि उसे अपने कस्टमरों के पास जाना था। इस निर्दयी मां को उम्रकैद की सजा हुई। 
मॉडल ने स्वीकारते हुए कहा कि शारीरिक भूख और सेक्स के व्यापार में उसके दोनों बच्चे बाधक बन रहे थे इसलिए तीन साल और 16 महीने के दो मासूम बच्चों को मौत के घाट उतार दिया। यह घटना ग्रेट ब्रिटेन के डर्बीशायर की है। (नवभारतटाईम्स)


Date : 17-Sep-2019

टेक्सास, 17 सितंबर। अमेरिका के टेक्सास में 10 साल की एक लडक़ी के लिए स्विमिंग सीखना जानलेवा हो गया। दरअसल यह लडक़ी स्विमिंग के लिए नदी में गई थी। इसी दौरान उसे सिर में दिमाग खाने वाले कीड़े घुस गए, जिससे उसकी मौत हो गई। 
लिली मे एवेंट सितंबर में लेबर डे की छुट्टी पर एक नदी में तैरने गई थी, जिसके बाद उसे सिरदर्द हुआ और बुखार आ गया। 
लिली की सेहत बेहद तेजी से खराब होने लगी। शुरुआत में उसे एक नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, हालांकि फिर उसे फोर्ट वर्थ में कुक चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल ट्रांसफर कर दिया गया, जहां वह कोमा में चली गई। 
टेक्सास डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट हेल्थ सर्विसेज ने बताया कि वह प्राथमिक स्तर पर अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस से पीडि़त थी, जो एक दुर्लभ किस्म के ब्रेन ईटिंग अमीबा नेगलेरिया फाउलेरी के कारण होने वाला मस्तिष्क संक्रमण है। यह एक ऐसा सूक्ष्म जीव है जो दिमाग के टिश्यू को बर्बाद करने लगता है। यह कीड़ा अक्सर नाक से शरीर के अंदर चला जाता है और धीरे-धीरे दिमाग तक पहुंच जाता है। 
परिवार ने फेसबुक पर एक बयान में कहा कि लिली अब यीशु की बाहों में है। उन्होंने कहा, परिवार के लिए पिछले हफ्ता कितना कष्टप्रद रहा, जिसे शब्दों से व्यक्त नहीं किया जा सकता।
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उस दिन नदी में 40 लोग उसी वक्त तैर रहे थे, लेकिन नन्हीं लिली ही इस खतरनाक संक्रमण का शिकार हुई। लिली के पिता जॉन क्रॉसन ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उनकी बेटी रिकवर कर लेगी। उन्होंने उसे एक फाइटर और मजबूत लडक़ी बताया। (न्यूज18)
 


Date : 17-Sep-2019

दोहा, 17 सितंबर । सऊदी अरब ने हाल ही में अरामको तेल संयंत्रों पर हुए हमले की जांच में शामिल होने के लिए अंतरराष्ट्रीय तथा सयुंक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया है। 
सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा, जांच चल रही है और जमीनी हकीकत को बारीकी से परखने तथा जांच में शामिल होने के लिए हमने सयुंक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालो के खिलाफ कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाने की भी अपील की है। 
गौरतलब है कि शनिवार को सऊदी की दो पेट्रोलियम कंपनियों में ड्रोन से हमला किया गया था। सऊदी दरअसल हौथी विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में यमन को हवाई क्षेत्र में मदद मुहैया करा रहा है जिसके वजह से माना जा रहा था की यह हमला हौथी विद्रोहियों ने किया है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे ईरान का हाथ होने की बात कही थी।  ईरान ने अमेरिका के इस आरोप को खारिज किया है।
पोप के बाद अमेरिका में किसी विदेशी नेता के लिए आयोजित होने वाला सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा। श्री मोदी के दोबारा सत्ता में आने के बाद अमेरिका में यह पहला कार्यक्रम होगा।
‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम दो ताकतवर देशों के और करीब आने की अमर कहानी रचने के साथ ही द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती और विस्तार देने में अहम भूमिका निभायेगा।
अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने श्री ट्रंप के इस कार्यक्रम में शामिल होने को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का यह कदम भारत और अमेरिका की दोस्ती की घनिष्ठता का परिचायक है।
इससे पहले श्री मोदी के लिए मैडिसन स्क्वायर गार्डन और कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें करीब 20 हजार लोग शामिल हुए थे।
‘हाउडी-मोदी’ कार्यक्रम का थीम ‘शेयर्ड ड्रीम्स एंड ब्राइट फ्यूचर: इंडिया अमेरिका स्टोरी’ रखा गया है।
श्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा करते हुए सोमवार को कहा कि श्री ट्रंप की सहमति अमेरिकी समाज और अर्थव्यवस्था के लिए भारतीय समुदाय के योगदान और संबंधों की ताकत दर्शाती है।
श्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के शामिल होने की पुष्टि होने पर खुशी व्यक्त करते हुए ट््वीट किया, ‘‘यह जानकर खुशी हुयी कि 22 सितम्बर को ह्यूस्टन में आयोजित होने वाले भारतीयवंशियों के कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति शामिल होगें। यह अमेरिकी समाज और अर्थव्यवस्था के लिए भारतीय समुदाय के योगदान और हमारे संबंधों की ताकत को दर्शाता है। मैं भारतीय समुदाय के साथ श्री ट्रम्प का कार्यक्रम में स्वागत करने के दिन का उत्सुकता से इंतजार कर रहा हूं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘टेक्सास इंडिया फोरम की ओर से इस कार्यक्रम को एक सामुदायिक शिखर सम्मेलन के तौर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारतीय समुदाय के हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। टेक्सास, अमेरिका में जनसंख्या और अर्थव्यवस्था के मामले में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ बड़ा राज्य है। ’’
व्हाइट हाउस ने रविवार देर रात श्री ट्रंप के इस कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि की। इस रैली को श्री ट्रम्प भी संबोधित करेंगे और संभवत: आधुनिक इतिहास का पहला मौका होगा जब दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों प्रमुख एक साथ किसी मंच को साझा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष फरवरी में पुलवामा आतंकवादी हमला, बालाकोट एयर स्ट्राइक्स और विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की घटनाओं के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंधों में आया तनाव पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाये जाने के बाद चरम पर पहुंच गया है। 
भारत ने कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के पाकिस्तान के प्रयासों का मुंहतोड़ जवाब दिया है और इस मसले में किसी ‘तीसरे पक्ष’ के हस्तक्षेप के प्रयासों का कड़ा विरोध किया है।(स्पूतनिक)
 


Previous12Next