अंतरराष्ट्रीय

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Date : 11-Nov-2019

ईरान, 11 नवंबर। ईरान ने कच्चे तेल का एक बेशकीमती भंडार ढूंढ निकाला है। ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने रविवार को बताया कि उनके देश में करीब 50 अरब बैरल के कच्चे तेल के भंडार की खोज की गई है। इस नए तेल क्षेत्र की खोज के बाद ईरान के प्रामाणिक तेल भंडारों में करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाएगी। हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच ईरान के लिए तेल की बिक्री करना मुश्किल हो गया है।
पिछले साल अमेरिका ने ईरान के साथ न्यूक्लियर डील को रद्द करके उस पर तमाम प्रतिबंध थोप दिए थे जिसके बाद से ईरान के सामने तेल बेचने की चुनौती पैदा हो गई है।
यह ऑयल फील्ड ईरान के दक्षिणी कुजेस्तान प्रांत में स्थित है जो ऑयल इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम है। रोहानी ने कहा, ईरान के 150 अरब बैरल के प्रामाणिक तेल भंडार में 53 अरब बैरल का इजाफा हो जाएगा।
रोहानी ने कहा, मैं व्हाइट हाउस को बताना चाहता हूं कि जब आप ईरान के तेल की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने में व्यस्त थे, तब हमारे देश के प्यारे मजदूरों और इंजीनियरों ने 53 अरब बैरल का एक तेल भंडार खोज निकाला।
ईरान के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल भंडार है और प्राकृतिक गैस का दूसरा सबसे बड़ा भंडार भी इसी देश के पास है।
अहवाज में 65 अरब बैरल तेल भंडार के बाद यह नया तेल क्षेत्र ईरान का दूसरा सबसे बड़ा ऑयल फील्ड बन सकता है। यह नया फील्ड 2400 वर्गकिमी में फैला है और करीब 80 मीटर गहरा है।
2015 की न्यूक्लियर डील से अमेरिका के अलग होने के बाद से इस समझौते में शामिल अन्य देश जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस और चीन इसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हर कोशिश बेकार रही।
ईरान से तेल खरीदने वाली कोई भी कंपनी या सरकार को अमेरिकी प्रतिबंधों का डर है जिसकी वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और ईरान की मुद्रा रियाल में तेजी से गिरावट आई है।
न्यूक्लियर डील रद्द होने के बाद से ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बढ़ाने की तरफ आगे बढ़ रहा है। ईरान ने एक अंडरग्राउंड फैसिलिटी में यूरेनियम भंडार इकठ्ठा करना भी शुरू कर दिया है।
पिछले कुछ महीनों से खाड़ी में तेल टैंकरों और सऊदी के तेल संयंत्रों पर हमले हुए हैं जिनके लिए अमेरिका ईरान को जिम्मेदार ठहराता है। दूसरी तरफ, तेहरान इन आरोपों को खारिज करता रहा है लेकिन उसने एक ब्रिटिश टैंकर पर कब्जे और अमेरिकी सेना के सर्विलांस ड्रोन को मार गिराने की बात स्वीकार की थी। (आजतक)
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Date : 11-Nov-2019

रविवार के दिन फिनलैंड के द्वीप पर हजारों की संख्या में अंडे के आकार की दुर्लभ चीज मिली है इस द्वीप का नाम हैलुओतो द्वीप है । बताया जा रहा है कि ये चीज और कोई नहीं बल्कि दुर्लभ बर्फ के गोले हैं । तस्वीर खींचने वाले रिस्तो मतीला ने बताया कि गोले बर्फ के अंडे जैसे दिखाई दे रहे थे और ये अंडे समुद्र के किनारे करीब 30 मीटर तक फैले हुए थें । दिखने में ये गोले ऐसे दिखाई दे रहे थे मानो जैसे मैदान में किसी ने फुटबाल रख दी हो।
फिनिश मौसम विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञ, जौनी वेनियो ने कहा कि यह घटना सामान्य नहीं, बल्कि चिंता का विषय है। इलिनोइस स्टेट यूनिवर्सिटी में भूगोल-भूविज्ञान के एमेरिटस प्रोफेसर डॉ. जेम्स कार्टर के अनुसार, शरद ऋतु में ऐसा देखने के लिए मिल जाता है, क्योंकि यह तब जब पानी की सतह पर बर्फ बनना शुरू हो जाती है।
 


Date : 10-Nov-2019

नई दिल्ली, 10 नवंबर । स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीयों के करीब एक दर्जन निष्क्रिय खातों के लिए कोई दावेदार सामने नहीं आया है। ऐसे में यह आशंका बन रही है कि इन खातों में पड़े धन को स्विट्जरलैंड सरकार को ट्रांसफर किया जा सकता है। स्विट्जरलैंड सरकार ने 2015 में निष्क्रिया खातों के ब्योरे को सार्वजनिक करना शुरू किया था। 
इसके तहत इन खातों के दावेदारों को खाते के धन को हासिल करने के लिए आवश्यक प्रमाण उपलब्ध कराने थे। इनमें से दस खाते भारतीयों के भी हैं। इनमें से कुछ खाते भारतीय निवासियों और ब्रिटिश राज के दौर के नागरिकों से जुड़े हैं। स्विस प्राधिकरणों के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले छह साल के दौरान इनमें से एक भी खाते पर किसी भारतीय के 'वारिसÓ ने सफलतापूर्वक दावा नहीं किया है। मिली जानकारी के मुताबिक, इनमें दो खाते कोलकाता, एक देहरादून, दो मुंबई से हैं। कुछ ऐसे हैं जिनके मालिक फिलहाल फ्रांस या यूके में रहने लगे। 
इनमें से कुछ खातों के लिए दावा करने की अवधि अगले महीने समाप्त हो जाएगी। वहीं कुछ अन्य खातों पर 2020 के अंत तक दावा किया जा सकता है। दिलचस्प यह है कि निष्क्रिय खातों में से पाकिस्तानी निवासियों से संबंधित कुछ खातों पर दावा किया गया है। इसके अलावा खुद स्विट्जरलैंड सहित कुछ और देशों के निवासियों के खातों पर भी दावा किया गया है। 
जमा हैं 300 करोड़ रुपये से ज्यादा 
दिसंबर, 2015 में पहली बार ऐसे खातों को सार्वजनिक किया गया था। सूची में करीब 2,600 खाते हैं जिनमें 4.5 करोड़ स्विस फ्रैंक या करीब 300 करोड़ रुपये की राशि पड़ी है। 1955 से इस राशि पर दावा नहीं किया गया है। सूची को पहली बार सार्वजनिक किए जाते समय करीब 80 सुरक्षा जमा बॉक्स थे। स्विस बैंकिंग कानून के तहत इस सूची में हर साल नए खाते जुड़ रहे हैं। अब इस सूची में खातों की संख्या करीब 3,500 हो गई है। 
स्विस बैंक खाते पिछले कई साल से भारत में राजनीतिक बहस का विषय हैं। माना जाता है कि भारतीयों द्वारा स्विट्जरलैंड के बैंकों में अपने बेहिसाबी धन को रखा जाता है। ऐसे भी संदेह जताया जाता रहा है कि पूर्ववर्ती रियासतों की ओर से भी स्विट्जरलैंड के बैंक खातों में धन रखा जाता था। 
हाल के बरसों में वैश्विक दबाव की वजह से स्विट्जरलैंड ने अपनी बैंकिंग प्रणाली को नियामकीय जांच के लिए खोला है। साथ ही स्विट्जरलैंड ने भारत सहित विभिन्न देशों के साथ वित्तीय मामलों पर सूचनाओं के स्वत: आदान प्रदान के लिए समझौता भी किया है। भारत को सूचनाओं के स्वत: आदान प्रदान की व्यवस्था के तहत हाल में स्विट्जरलैंड स्थित वित्तीय संस्थानों में भारतीयों के खातों की पहली सूची मिली है। इस बारे में दूसरी सूची सितंबर, 2020 में मिलेगी। इस बीच, निष्क्रिय खातों के दावों का प्रबंधन स्विस बैंकिंग ओम्बुड्समैन द्वारा स्विस बैंकर्स असोसिएशन के सहयोग से किया जा रहा है। (भाषा)


Date : 10-Nov-2019

नई दिल्ली, 10 नवंबर । शनिवार को भारत के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से विवादित जमीन पर फैसला रामलला के पक्ष में सुनाया और मुस्लिम पक्ष को अलग पांच एकड़ जमीन मस्जिद के लिए देने का निर्देश दिया है।
इस फ़ैसले पर भारत में सभी पक्षों से सधी और संतुलित प्रतिक्रिया आ रही है लेकिन पाकिस्तान से आक्रामक प्रतिक्रिया आई है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ गफूर ने ट्वीट कर कहा दुनिया ने एक बार फिर से अतिवादी भारत का असली चेहरा देख लिया है। पांच अगस्त को कश्मीर का भारत ने संवैधानिक दर्जा खत्म किया और आज बाबरी मस्जिद पर फैसला आया। दूसरी तरफ पाकिस्तान दूसरे धर्म का आदर करते हुए गुरु नानक के सेवकों के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोल दिया।
रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक अयोध्या के फैसले पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि इससे मोदी सरकार की कट्टरता झलकती है। कुरैशी ने इस पर भी हैरानी जताई कि जिस दिन करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया उसी दिन भारत के सुप्रीम कोर्ट ने इस पर फैसला क्यों सुनाया। कुरैशी ने कहा भारत में मुसलमान पहले से ही दबाव में हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद और दबाव बढ़ेगा। कुरैशी ने कहा कि इस फैसले से भारत के सेक्युलर छवि की हकीकत सामने आ गई है।
भारत के खिलाफ अक्सर विवादित बयान देने वाले पाकिस्तान के विज्ञान और तकनीक मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को शर्मनाक, फालतू, अवैध और अनैतिक है।
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने भी ट्वीट कर कहा, बाबरी मस्जिद पर जिस वक्त फैसला आया उससे कई सवाल खड़े होते हैं। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने इस हफ्ते फैसला क्यों सुनाया? क्या पाकिस्तान ने सिखों के लिए करतारपुर में जो किया उसकी प्रतिक्रिया में यह है? यह फैसला कानून के आधार पर है या बीजेपी के घोषणापत्र के आधार पर।
पाकिस्तान में समा टीवी के वरिष्ठ पत्रकार नदीम मलिक ने ट्वीट कर कहा है भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक विवादित फैसला दिया है। विवादित जमीन हिन्दुओं को मंदिर के लिए दे दी गई है। 460 साल पुरानी मस्जिद हिंदुओं ने 1992 में गिरा दी थी। मुसलमानों को मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन अलग से दी गई है।
बशीर अहमद ग्वाख नाम के पत्रकार ने इन हैशटैग के साथ एक ट्वीट में पाकिस्तान से अयोध्या पर आ रही प्रतिक्रिया की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा दिलचस्प है कि पाकिस्तान बाबरी मस्जिद पर भारत के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज है जबकि यहां अहमदिया मस्जिद पंजाब के हासिलपुर में तोड़ दी गई थी। (बीबीसी)


Date : 08-Nov-2019

इस्लामाबाद, 8 नवंबर। सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव के मौके पर भारत और पाकिस्तान के बीच नवनिर्मित करतारपुर गलियारे के उद्घाटन की पूर्व संध्या पर भी दोनों देशों के बीच जुबानी जंग जारी रही। 
पाकिस्तान ने इस मौके पर करतारपुर गलियारे का दौरा करने वाले सिख श्रद्धालुओं के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से दिये गये ‘रियायतों’ को ठुकराने के नरेंद्र मोदी सरकार के निर्णय पर खेद जताया है। 
पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने कहा, ‘‘एक विशेष प्रोत्साहन के रूप में, पाकिस्तान ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए बाबा गुरु नानक की 550वीं जयंती के शुभ अवसर पर रियायतों की घोषणा की। लेकिन सिख भावनाओं की घोर उपेक्षा करते हुए भारत ने इसे साफ ठुकरा दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारत तीर्थयात्रियों के लिए इन सुविधाजनक उपायों का लाभ नहीं उठाना चाहता है, तो यह भारत की पसंद है।’’
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया भारतीय विदेश मंत्रालय के उस  कथन के बाद आई जिसमें कहा गया कि नव स्थापित गलियारे के माध्यम से करतारपुर गुरुद्वारे के लिए सिख तीर्थयात्रियों की यात्रा गलियारे के संचालन को नियंत्रित करने वाले  द्विपक्षीय समझौते के अनुसार आयोजित की जाएगी।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इससे पहले कहा, ‘‘पाकिस्तान से विरोधाभासी रिपोर्टें आ रहीं हैं।’’
श्री कुमार की यह टिप्पणी पाकिस्तान की सेना के बयान के बाद आयी है जिसमें सेना के प्रवक्ता ने कहा कि करतारपुर आने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए वीजा जरूरी होगा। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट््वीट करके घोषणा की थी कि उद्घाटन के मौके पर नौ से 12 नवंबर के बीच तीर्थयात्रियों को पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी।
वास्तविक स्थिति पूछे जाने पर श्री कुमार ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक करार पर दस्तखत किये गये हैं और उसमें पासपोर्ट की अनिवार्यता लिखी है। वास्तविकता में यात्रा का यह नियम तब तक लागू होगा जब तक कि समझौते के संशोधित स्वरूप पर दस्तखत ना हो जाएं। पाकिस्तान या भारत को समझौते में एकतरफा बदलाव करने या घोषणा करने का कोई हक नहीं है।
डॉ फैसल ने अपने साप्ताहिक मीडिया ब्रीङ्क्षफग में कहा था कि पाकिस्तान सरकार ने विशेष रियायत देते हुए पासपोर्ट की आवश्यकता और तीर्थयात्रियों के तीर्थयात्रा से 10 दिन की अग्रिम सूचना देने की अनिवार्यता को माफ कर दिया था। इसके अलावा, प्रति तीर्थयात्रियों के लिए 20 डॉलर सेवा शुल्क भी 9 से 12 नवंबर के बीच तक माफ किए गए थे।
विशेष रियायतें, जिनकी घोषणा प्रधानमंत्री की ओर से ट््िवटर के माध्यम से की गयीं विशेष रियायतों के बारे में पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग और भारत सरकार को औपचारिक रूप से अवगत करा दिया है।
सरकार शनिवार को वीजा मुक्त गलियारे के उद्घाटन के अवसर पर लगभग 10,000 सिखों के गुरुद्वारे का दौरा करने की उम्मीद कर रही है। 
क्रिकेटर से राजनेता बने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की चर्चा करते हुए श्री फैसल ने कहा, उन्हें वीजा जारी किया गया है और उद्घाटन समारोह में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया जाएगा। सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने श्री सिद्धू के साथ करतारपुर कॉरिडोर खोलने का विचार पहली बार साझा किया था जब उन्होंने पिछले साल श्री इमरान खान के आमंत्रण पर पाकिस्तान का दौरा किया था। बाद में, श्री सिद्धू इस परियोजना के आधारशिला समारोह के लिए भी आए।
भारतीय मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान सरकार की ओर से श्री सिद्धू को जारी किया गया निमंत्रण कार्ड का क्रम संख्या 01 0001 है।
श्री फैसल इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक के उस बयान के संबंध में सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग करने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए पासपोर्ट को आवश्यक बताया था। उन्होंने कहा,‘‘यह विदेश कार्यालय की औपचारिक स्थिति है और आईएसपीआर का बयान भी इसके अनुरूप है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान सीमा पार रहने वाले परिवारों की सुविधा के लिए कारगिल और लद्दाख के साथ भी ऐसा ही गलियारे खोलना चाहेगा, तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अधिक मार्ग खोलने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कई मामलों पर चर्चा करने में भारत की झिझक एक बड़ी बाधा है।’’ (वार्ता)
 


Date : 08-Nov-2019

लाहौर, 8 नवंबर। भ्रष्टाचार मामले में जेल की सजा काट रहे एवं गंभीर रूप से बीमार होने के कारण अस्पताल में भर्ती पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-नवाज) के अध्यक्ष नवाज शरीफ डाक्टरों के मशविरे और परिजनों के दबाव में इलाज कराने के लिए विदेश जाने पर राजी हो गये हैं। 
शरीफ परिवार के एक सूत्र ने डॉन को बताया कि श्री शरीफ आखिरकार लंदन जाने को तैयार हो गए हैं, क्योंकि डॉक्टरों ने उन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया है कि वे पहले ही पाकिस्तान में उपलब्ध सभी चिकित्सा उपचार (विकल्पों) करा चुके हैं इसलिए उनके पास विदेश जाना ही एकमात्र विकल्प बचा है।
इसके बाद पीएमएल-एन ने इमरान खान सरकार के साथ श्री शरीफ की विदेश यात्रा के बारे में डॉक्टरों की सिफारिशों को साझा किया था। उन्होंने कहा,‘‘डॉक्टरों की रिपोर्टों के अनुसार, सरकार की ओर से एक या दो दिन में श्री शरीफ का नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) से हटाने की संभावना है ताकि वह देश से बाहर जाने में सक्षम हो सकें।’’
सूत्र ने कहा कि श्री शरीफ ईसीएल से अपना नाम हटाये जाने के बाद इसी सप्ताह लंदन के लिए रवाना हो सकते हैं। उन्होंने कहा,‘‘हालांकि श्री शरीफ सैन्य अस्पताल के मेडिकल बोर्ड की सिफारिशों और शरीफ मेडिकल सिटी के मेडिक्स एवं अपने परिवार के सदस्यों के अनुरोध के बाद भी विदेश जाने के लिए तैयार नहीं थे। अब वह आखिरकार विदेश जाने पर सहमत हो गए।’’
सूत्र ने कहा कि श्री शरीफ की बेटी मरियम नवाज अपने पिता के साथ नहीं जा सकेंगी क्योंकि उन्होंने चौधरी शुगर मिल घोटाला मामले में जमानत के खिलाफ अपना पासपोर्ट लाहौर उच्च न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। सूत्र ने कहा,‘‘इस समय श्री शरीफ का स्वास्थ्य अधिक मायने रखता है क्योंकि वह अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सुश्री मरियम नवाज बाद में अपने पिता की देखभाल के लिए लंदन जाने का विकल्प तलाश सकती हैं।’’ (वार्ता)
 


Date : 08-Nov-2019

हनोई, 8 नवंबर । वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि ब्रिटेन के एसेक्स में ट्रक ट्रॉली में पाए गए सभी 39 शव वियतनाम नागरिकों के है। 
शुरूआती रिपोट््र्स में हालांकि मतृक चीन के नागरिक बताए जा रहे थे लेकिन शुरूआती जांच के बाद पुलिस ने इनके वियतनाम नागरिक होने की आशंका जताई थी। 
मंत्रालय ने वेबसाइट पर जानकारी देते हुए कहा कि मृतक हाई फोंग, है डुओंग, नंगे आन, हा तिन्ह, क्वांग बिन्ह और थुआ थिएन ह्यू क्षेत्रों के निवासी है। 
पीडि़तों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक ने वियतनाम के अधिकारियों तथा नागरिकों से बड़ी क्षति से उबरने के लिए सहायता करने का आह्वान किया है। 
प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्रालय, सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय और अन्य प्राधिकरणों को ब्रिटेन के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया है ताकि सभी शवों की जल्द से जल्द पहचान की जा सके। उन्होंने सभी शवों को स्वदेश लाने के लिए उचित कदम उठाने के भी निर्देश दिए है। 
गौरतलब है कि 23 अक्टूबर को ग्रेस एसेक्स में एक ट्रक कंटेनर में 39 महिला तथा पुरुष मृत पाये गये थे। इस मामले को लेकर ब्रिटेन पुलिस की जांच अभी भी जारी है। (शिन्हुआ)

 


Date : 08-Nov-2019

न्यूयॉर्क, 8 नवंबर । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर न्यूयॉर्क की एक अदालत ने करीब 15 करोड़ रुपये का भारी भरकम जुर्माना लगाया है। 
श्री ट्रंप को उनके चैरिटेबल फाउंडेशन के गलत इस्तेमाल के लिए 20 लाख डॉलर (करीब 15 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट में ट्रंप पर यह आरोप सही साबित हुए हैं कि उन्होंने अपने चैरिटेबल फाउंडेशन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक और बिजनस से जुड़े हितों को साधने के लिए किया था। 
रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायाधीश सैलियन स्क्रापुला ने गुरुवार को इस मामले पर अपना निर्णय सुनाते हुए यह भी आदेश दिया कि ट्रंप फाउंडेशन को बंद कर दिया जाए और इस फाउंडेशन के बाकी बचे हुए फंड (करीब 17 लाख डॉलर) को अन्य गैर लाभकारी संगठनों में बांट दिया जाए। 
मामले की सुनवाई के दौरान श्री ट्रंप ने आरोप स्वीकार कर लिया था।
गौरतलब है कि श्री ट्रंप पर यह मुकदमा पिछले साल  दायर हुआ था। श्री ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने अपने चैरिटी फाउंडेशन का पैसा 2016 संसदीय चुनाव प्रचार में खर्च किया था।  
अटॉर्नी जनरल जेम्स ने यह मुकदमा दायर करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप पर 2.8 मिलियन (28 लाख) डॉलर क्षतिपूर्ति लगाने की मांग की थी। न्यायाधीश स्क्रापुला ने इस राशि को कम करते हुए 20 लाख डॉलर कर दिया। फाउंडेशन के वकील ने पहले कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप पर यह मुकदमा राजनीति से प्रेरित है। (वार्ता)
 


Date : 08-Nov-2019

ब्रिटेन, 8 नवंबर । ब्रिटेन में महिला सांसदों पर अभद्र टिप्पणियों के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कुछ महिला नेताओं का कहना है कि आज तक वो ऐसी टिप्पणियों से उबर नहीं पाई हैं।
अ हिस्ट्री ऑफ विमेन इन पार्लियामेंट लिखने वाली लेबर पार्टी की सांसद रेचल रिव्स बताती हैं कि पहली महिला सांसद नैनसी एस्टर ने पुरुष सांसदों के बीच एक लंबी कोशिशों के बाद जगह बनाई थी।
लेकिन हालिया वक्त में महिला सांसदों को बलात्कार और हत्या की धमकियां मिलनी आम होती जा रही हैं। 50 से ज़्यादा सांसदों ने कहा है कि वो 12 दिसंबर को होने वाले आम चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगी। इनमें से 18 महिला सांसद हैं।
इनमें से कई महिलाओं का मानना है कि इस फैसले के पीछे उन पर होने वाली टिप्पणियां सबसे अहम वजह है। यूके की संस्कृति सचिव निक्की मॉर्गन को कई धमकियां मिलती रही हैं। उन्हें 64 साल के एक शख़्स रॉबर्ट विडलर ने फोन पर धमकी देते हुए कहा था, उनके पास गिनती के दिन बचे हैं। उस शख्स को 18 हफ्तों के लिए जेल की सजा मिली।
निक्की कहती हैं कि उनका सांसद होना उनके परिवार पर सीधे प्रभाव डालता है। पिछले एक दशक में लोगों पर की जाने वाली अभद्र टिप्पणियां काफी हद तक बदल गई हैं क्योंकि ऐसे वक्त में जब देश में ब्रेग्जिट पर बहस गरम है, लोगों की राजनीति के वर्तमान परिदृश्य पर एक खास राय है।
लिबरल डेमोक्रेट और पूर्व टॉरी सांसद हेडी एलेन ने भी चुनाव नहीं लडऩे का फैसला किया है। उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। ब्रेग्जिट को लेकर उनके रुख पर 51 साल के शख्स ने एक फेक ईमेल आईडी से मेल भेजा था। हालांकि इस शख़्स को भी 42 हफ्तों के लिए जेल की सजा सुनाई गई।
एलेन ने अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों को लिखे पत्र में कहा, किसी भी नौकरी में किसी को भी धमकी, डराने वाले ईमेल, सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी और घर पर पैनिक अलार्म लगाने की ज़रूरत नहीं पडऩी चाहिए। बेशक, सार्वजनिक जांच की उम्मीद की जानी है, लेकिन कई बार लोग तय दायरा पार कर जाते हैं। इसका असर बेहद बुरा और कभी- कभी अमानवीय होता है।
ऐसा नहीं है कि उन्हीं को टारगेट किया जा रहा हो जो यूके के ईयू में रहने के पक्षधर हैं।
टोरी नेता और ब्रेग्जिट की पक्षधर एंड्रिया जेनकिंस ने ऐसी कई अभद्र टिप्पणियां झेली हैं। उन्हें ना सिफऱ् धमकियों भरे ईमेल मिले बल्कि उनके चुनावी क्षेत्र में मौजूद उनके दफ़्तर पर आत्महत्या को दर्शाता एक पेंटिंग भी बनाई गई।
उन्होंने बताया कि उन पर कई व्यक्तिगत टिप्पणियां की गईं और उन्हें एक बुरी मां तक कह दिया गया। इसके वाबजूद उन्होंने हार नहीं मानी और वो इस चुनाव में भी मोरली और आउटवुड सीट से चुनाव लड़ेंगी।
वह कहती हैं, मैं यहां अपनी नौकरी करने के लिए हूं। मुझे अपने चुनावी क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व करना पसंद है। मैं कई स्थानीय मुद्दों को ख़त्म करने में जुटी हुई हूं और उनमें से एक है बच्चों के शोषण का मुद्दा। ऐसे मुद्दों के लिए लड़ते हुए मैं हमेशा ज़मीन और अपने लोगों से जुड़ी रहती हूं। अगर मैं चुनाव लडऩा छोड़ दूं तो इसका मतलब होगा कि मैंने अपने लोगों को बीच राह में छोड़ दिया।
लिब्रल डेमोक्रेटिक सांसद सारा वोलास्टन ने जब कंज़र्वेटिव पार्टी छोड़ी तो पुलिस ने उनको अपने निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक मुलाक़ात और प्रचार ना करने का सुझाव दिया।
लेकिन, एंड्रिया जेनकिंस ने बीबीसी के रेडियो फ़ोर के एक कार्यक्रम में कहा, आप इस तरह सबकुछ छोड़ कर ऐसे लोगों का जवाब नहीं दे सकते। आपको आगे बढ़ते हुए ऐसे लोगों को सबक सिखाना होगा।
एमनेस्टी इंटरनेशनल के एक अध्ययन के मुताबिक महिला सांसदों पर होने वाली अभद्र टिप्पणियों में सबसे ज़्यादा टिप्पणियों का शिकार हुई हैं शैडो होम सेक्रेटरी डिएन एबट। इन टिप्पणियों का 50 फीसदी हिस्सा उन्हें ट्वीट के जरिए मिला। इसके बावजूद वो आने वाले चुनावों में भी अपनी पार्टी की दमदार आवाज बनी रहेंगी।
2019 के चुनावों से पहले अब तक 57 सांसदों ने कहा है कि वह अब चुनाव नहीं लड़ेंगे। पिछले चुनावों की तुलना में ये आंकड़े कम हैं। साल 2010 में 149 सांसदों ने और 1997 में 117 सांसदों ने चुनाव ना लडऩे का ऐलान किया था। लेकिन इस बार ऐसा करने वालों में महिला सांसदों की संख्या बढ़ी है।
टोरी चेयरमैन जेम्स क्लेवर्ली ने एक ट्वीट को रीट्विट किया। जिसमें बताया जा रहा है कि चुनाव ना लडऩे का फ़ैसला करने वालों में 32त्न महिला सांसद शामिल हैं। ये आंकड़े सही है क्योंकि कुल 18 महिलाओं ने चुनाव ना लडऩे का ऐलान किया है, प्रतिशत में ये आंकड़ा 31 या 32 फ़ीसदी है।
ब्रितानी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ कॉमंस छोडऩे वाले पुरुष सांसदों की औसत उम्र 63 है वहीं महिलाओं के लिए ये आंकड़ा 59 साल है। एक बेहद दिलचस्प बात ये है कि जिन नेताओं ने इस बार चुनाव नहीं लडऩे का फ़ैसला लिया है उनमें से 89 फ़ीसदी सांसदों ने ईयू के साथ बने रहने के पक्ष में वोट किया था।(बीबीसी)
 


Date : 08-Nov-2019

पाकिस्तान, 8 नवंबर। पाकिस्तान में सिंध प्रांत के शहर लरकाना में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं निमरिता कौर की ऑटोप्सी रिपोर्ट में उनकी हत्या और इससे पहले उनके साथ बलात्कार होने की पुष्टि हुई है। एक डेंटल कॉलेज में बीडीएस की पढ़ाई कर रहीं निमरिता का शव 16 सितंबर को उनके छात्रावास में मिला था।
शुरुआती शव परीक्षण में उनकी हत्या का अंदेशा जताया गया था। अब उनकी ऑटोप्सी की अंतिम रिपोर्ट आई है जिसमें हत्या की पुष्टि हो गई है। साथ ही इसमें यह भी बताया गया है कि हत्या से पहले रेप किया गया था। शव परीक्षण की अंतिम रिपोर्ट लरकाना के चंदका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ने जारी की है।
निमरिता के शव का पोस्टमॉर्टम करने वाली चंदका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (लरकाना) की महिला मेडिकलऑफिसर डॉ। अमृता ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उनकी मौत का कारण दम घुटना था, गला घोंटने या लटकाए जाने से ऐसे निशान बन सकते हैं।
इसके साथ ही शुरुआती डीएनए रिपोर्ट के अनुसार उनके जननांग में पुरुष डीएनए पाया गया है। साथ ही उनके कपड़ों पर वीर्य के धब्बे भी पाए गए हैं। निमरिता डेंटल कॉलेज में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) के अंतिम वर्ष की छात्रा थीं।
पाकिस्तान के अखबार डॉन को पुलिस सर्जन डॉ। कऱार अहमद अब्बासी ने बताया कि छात्रा के साथ रेप के बाद गला दबा कर उनकी हत्या की गई थी। शुरुआती जांच में छात्रा निमरिता की मौत का कारण भी गला घोंटना बताया गया था। उनके गले पर निशान मौजूद थे।
पुलिस सर्जन डॉ। अब्बासी ने यह भी कहा कि पोस्टमॉर्टम से यह स्पष्ट है कि दम घुटने से उनकी मौत हुई थी लेकिन यह पुलिस जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि निमरिता की मौत गला घोटने से हुई या फंदे पर लटकाए जाने से।
उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम में निमरिता के गले पर जो निशान थे उन्हें पतला बताया गया है, इससे यह साफ है कि यह दुपट्टा की वजह से नहीं था बल्कि रस्सी या उस जैसी किसी अन्य चीज से हुआ था।
डॉ. अब्बासी ने कहा कि पुरुष डीएनए के मिलने से निमरिता के साथ रेप की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि सिंध के फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है ताकि घटनास्थल की जांच से शव परीक्षण की रिपोर्ट का मिलान किया जा सके।
16 सितंबर को निमरिता का शव उनके छात्रावास के कमरे में पाया गया था। पुलिस ने शुरू में अनुमान लगाया था कि निमरिता ने खुदकुशी की है। हालांकि, उनके परिवार के सदस्यों और हिंदू समुदाय के नेताओं ने कहा कि उनकी हत्या की गई है और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
कराची के एक मेडिकल कॉलेज में सलाहकार निमरिता के भाई डॉ। विशाल ने मीडिया से कहा कि उनके गले पर पड़े निशान यह स्पष्ट करते हैं कि उन्होंने आत्महत्या नहीं की है। उन्होंने तब कहा था कि गले के निशान से ऐसा लगता है कि ये केबल के तार से पड़े हैं।
इस मामले के बाद कई जगह विरोध प्रदर्शन भी किए गए।
17 सितंबर को लरकाना पुलिस ने डेंटल कॉलेज के दो छात्रों को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक ये दोनों निमरिता के सहपाठी हैं।
एक दिन बाद सिंध सरकार में सेक्शन ऑफिसर एज़ाज अली भट्टी ने जि़ला एवं सत्र न्यायाधीश को चि_ी लिखकर सेशन कोर्ट से इस मामले में न्यायिक जांच का अनुरोध किया। उन्होंने लरकाना के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी को चि_ी लिखी जिसमें उनसे न्यायिक जांच में पूरा सहयोग करने को कहा गया। हालांकि जांच के आदेश को लेकर शुरुआती उलझन के बाद जब सिंध हाई कोर्ट ने आदेश जारी किया तो जज ने इस मामले में न्यायिक जांच शुरू की। (बीबीसी)

 


Date : 07-Nov-2019

इस्लामाबाद, 7 नवंबर । करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को पाकिस्तानी सेना ने झूठा साबित कर दिया है। सेना ने भारतीय श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट को अनिवार्य कर दिया है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट की जरूरत होगी।
इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक नवंबर को अपने ट्वीट में कहा था कि करतारपुर आने वाले भारतीयों को पासपोर्ट की जरूरत नहीं है, बस उनके पास एक वैध दस्तावेज होना चाहिए। इसके साथ ही इमरान खान ने कहा था कि श्रद्धालुओं को 10 दिन पहले रजिस्ट्रेशन कराने की बाध्यता से छूट दे दी गई है। इमरान की पासपोर्ट छूट को उनकी सेना ने ही मानने से इनकार कर दिया है।
भारत ने बुधवार को पाकिस्तान से स्पष्ट करने को कहा है कि करतारपुर साहिब के लिए पासपोर्ट की जरूरत पड़ेगी या नहीं। हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और श्रद्धालुओं को अपने साथ पासपोर्ट ले जाने का निर्देश जारी किया गया था।
पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के ट्वीट ने पूरी तरह भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर दी है कि तीर्थ के लिए पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। जबकि रूश में इस जरूरत का जिक्र है। इमरान के ट्वीट के मद्देनजर पाकिस्तान की ओर से रूश को संशोधित करने के लिए कोई पेशकश नहीं की गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं को साफ नहीं है कि तीर्थ के लिए कौन से दस्तावेज साथ ले जाने हैं।
करतारपुर कॉरिडोर पर दोनों देशों के बीच 23 अक्टूबर को हस्ताक्षर किए गए रूश  में साफ तौर पर कहा गया है कि पासपोर्ट जरूरी होगा और 20 डॉलर की फीस हर श्रद्धालु से ली जाएगी। इसमें कोई भी बदलाव, किसी विशेष दिन के लिए भी भारतीय पक्ष को सूचित किए बिना नहीं किया जा सकता। (आजतक)
 


Date : 07-Nov-2019

रूस, 7 नवंबर। चालीस साल की महिला ने सोचा कि उसके गर्भवती होने का आखिरी मौका है। इसलिए उसने एक छ फीट लंबे स्पर्म डोनर से स्पर्म लिया, इस शर्त पर कि उसका होने वाला बच्चा भी इतना ही लंबा-चौड़ा हो और दिखने में भी सुंदर हो। स्पर्म लेने के बाद वह एक सक्सेसफुल आईवीएफ ट्रीटमेंट से गुजरी और मां बनी। 
लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब उसे अपनी प्रेग्नेंसी रिपोर्ट से पता चला कि उसका होने वाला बच्चा बौना होगा। रिपोर्ट में पता चला कि उसके बच्चे को एक अनुवांशिक बीमारी एकॉड्रोप्लासिया है। इस बीमारी में हड्डियों की ग्रोथ रुक जाती है। इस बीमारी में खासकर मस्तिष्क का आकार बड़ा और अंगुलियां छोटी होती है।
बच्चे के पैदा होने के बाद डॉक्टरों ने महिला को बताया कि उसका बच्चा 4 फीट से ज्यादा ग्रो नहीं कर पाएगा। बच्चे के चेहरे और हाथ-पैरों का साइज भी छोटा ही रहेगा। 
महिला इस बात से काफी गुस्सा हुई और उसने स्पर्म बैंक के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। उसका कहना है आगे कोई महिला मेरी तरह ना फंसे, इसलिए मैं इस स्पर्म बैंक पर केस कर रही हूं।
डेली मेल के मुताबिक, रूस के डिस्ट्रिक कोर्ट ने इस स्पर्म बैंक को बंद करने का ऑर्डर दिया। वहीं, अपना पक्ष रखते हुए स्पर्म बैंक ने कहा कि हमारे स्पर्म डोनर्स 46 कॉमन जेनेटिक बीमारियों के स्क्रीन से गुजरते हैं। इसलिए सभी स्पर्म बढिय़ा क्वालिटी के ही होते हैं।
वहीं, लोकल मीडियो को डॉक्टरों ने बताया कि यह जरूरी नहीं कि बच्चे में बोनापन स्पर्म की वजह से ही हो।  (एनडीटीवी)
 


Date : 07-Nov-2019

सैन फ्रांसिस्को, 7 नवंबर। सैन फ्रांसिस्को में बुधवार को सामने आए इस मामले में आरोप है कि सऊदी एजेंटों ने सऊदी अरब की सरकार के आलोचकों समेत ट्विटर के कई यूजर्स की व्यक्तिगत सूचनाएं मांगी थीं। इन दो एजेंटों के नाम अमरीकी नागरिक अहमद अबुउआमो और सऊदी अरब के नागरिक अली अलजबरा बताया गया है।
इन दो लोगों के अलावा सऊदी नागरिक अहमद अलमुतैरी पर भी जासूसी का आरोप लगा है। अलमुतैरी पर आरोप है कि वे दोनों एजेंट्स और सऊदी अधिकारियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे।
बुधवार को सिएटल की अदालत ने अहमद अबुउआमो को हिरासत में भेज दिया। उन पर डॉक्युमेंट्स में हेराफेरी और एफबीआई से गलतबयानी का भी आरोप है।
खाशोज्जी 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास गए थे जहां उनकी हत्या कर दी गई थी। वे सऊदी सरकार के आलोचक माने जाने वाले पत्रकार थे। बताया जाता है कि अबुउआमो ने 2015 में ट्विटर की अपनी मीडिया पार्टनरशिप मैनेजर की नौकरी छोड़ दी थी।
यह भी माना जा रहा है कि अली अलजबरा और अहमद अलमुतैरी दोनों इस वक्त सऊदी अरब में है। ट्विटर में इंजीनियर रह चुके अलजबरा ने 2015 में छह हजार से अधिक ट्विटर यूजर्स के पर्सनल डेटा को खंगाला था।
जांचकर्ताओं ने कहा कि तब उस मामले में सुपरवाइजर्स ने दखल दी और अलजबरा को छुट्टी पर भेज दिया गया। उसके बाद अलजबरा, उनकी पत्नी और बेटी सभी सऊदी अरब चले गए। ट्विटर ने एक बयान में कहा कि वो यह देख रहा है कि उसकी सर्विस को कमजोर करने की कोशिशों में लोग किस हद तक जा सकते हैं।
ट्विटर ने लिखा, हम दुनिया के साथ अपना नजरिया साझा करने और सत्ता में जवाबदेही रखने के लिए ट्विटर का उपयोग करने वालों के लिए अविश्वसनीय ख़तरे को समझते हैं। हमारे पास हमारे यूजर्स की गोपनीयता और महत्वपूर्ण कार्य करने की उनकी क्षमताओं की रक्षा करने लायक टूल्स हैं। 
सऊदी अरब मध्य पूर्व में अमरीका का एक महत्वपूर्ण साझीदार देश है। पत्रकार जमाल खाशोज्जी की हत्या के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की निंदा के बावजूद उन्होंने सऊदी अरब से घनिष्ठ संबंध बनाए रखा। खाशोज्जी 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास गए थे जहां उनकी हत्या कर दी गई थी। वे सऊदी सरकार के आलोचक माने जाने वाले पत्रकार थे। (बीबीसी)
 

 


Date : 06-Nov-2019

नई दिल्ली, 6 नवंबर । अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में फ्रांस की बेहतरीन और उच्च गुणवत्ता वाली बोर्दो रेड वाइन पहुंचाई गई है। हालांकि, यह शराब अंतरिक्षयात्रियों के पीने के लिए नहीं है। अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचाई गईं रेड वाइन की ये 12 बोतलें एक साल तक वहां रखी जाएंगी। वैज्ञानिक यह पता करना चाहते हैं कि अंतरिक्ष में रेड वाइन की बोतलों पर क्या असर पड़ता है? अगले तीन सालों तक छह अंतरिक्ष मिशन में ये शराब की बोतलें भेजी जाएंगी। ताकि विस्तृत अध्ययन किया जा सकेगा।
वैज्ञानिक यह अध्ययन करेंगे कि एक साल तक इन बोतलों को अंतरिक्ष स्टेशन में शून्य गुरुत्वाकर्षण यानी भारहीनता और अंतरिक्षीय विकिरण के बीच रखने पर क्या होता है? क्या उनके स्वाद में बदलाव आता है? क्या वे खराब हो जाएंगी? या उनकी गुणवत्ता में और इजाफा होता है। अगर इन बोतलों में भरी शराब के स्वाद और गुणवत्ता में इजाफा होता है तो शराब उद्योग में एक नई क्रांति आएगी। साथ ही आपको अंतरिक्ष में रखी गई शराब की बोतल पीने को मिल सकती है।
शनिवार यानी 2 नवंबर को वर्जीनिया से नॉर्थरोप गु्रमेन के स्पेस कैप्सूल से इन बोतलों को अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना किया गया था। जो सोमवार यानी 4 नवंबर को अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची। इन बोतलों को एक खास धातु के डिब्बे में बंद करके अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजा गया था, ताकि वे रास्ते में टूटे नहीं। रेड वाइन पर चल रहे अध्ययन में फ्रांस की बोर्दो यूनिवर्सिटी, जर्मनी स्थित बेवेरिया यूनिवर्सटी और लग्जमबर्ग स्थित एक स्टार्टअप स्पेस कार्गो अनलिमिटेड शामिल हैं।
एर्लांगेन-न्यूरेमबर्ग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और इस अध्ययन से जुड़े माइकल लेबर्ट ने बताया कि इस शराब के बनाने में यीस्ट एवं जीवाणुओं दोनों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें विभिन्न प्रकार की रासायनिक प्रक्रियाएं शामिल हैं। इसीलिए इसका अंतरिक्ष में अध्ययन सही है। अंतरिक्ष में रखी गई शराब की तुलना पृथ्वी पर इतने ही समय के लिए रखी गई बोर्दो की शराब से की जाएगी। ताकि, यह पता चल सके कि पृथ्वी पर रखी शराब बेहतर है या अंतरिक्ष में रखी गई। वहीं, स्पेस कार्गो अनलिमिटेड के सह संस्थापक निकोलस गौम ने कहा कि यह एक बार किया जाने वाला जीवनभर का साहसिक कार्य है।(आजतक)
 


Date : 06-Nov-2019

न्यू मेक्सिको, 6 नवंबर । उत्तरी मेक्सिको में हमलावरों ने एक ही परिवार के 9 लोगों की हत्या कर दी है। मरने वालों में 3 महिलाएं और 6 बच्चे शामिल हैं। ये सारे लोग मॉरमॉन समुदाय के बताए जाते हैं। इन सबके पास अमेरिका और मेक्सिको दोनों की नागरिकता थी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बंदूकधारियों ने मां और उनके चार बच्चों को एक गाड़ी में मार दिया। इसमें 8 महीने का एक जुड़वां बच्चा भी शामिल है। इसके बाद इस गाड़ी में आग लगा दी। वहां से कुछ ही दूरी पर पुलिस को एक और गाड़ी मिली, जिसमें एक मां और उसके तीन साल के बच्चे की लाश थी। कहा जा रहा है कि हमले के दौरान कई बच्चे जान बचाकर भाग निकले। फिलहाल इन बच्चों का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, जहां वे सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
हमले को लेकर कई तरह की खबरें आ रही है। कहा जा रहा है कि परिवार पर जानबूझ कर हमला किया गया, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि ड्रग्स का कारोबार करने वाले लोगों ने गलती से इन पर हमला कर दिया। परिवार के सारे लोग किसी शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परिवारवालों को मदद की पेशकश की है। फिलहाल इस घटना को लेकर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।(न्यूज18)
 


Date : 06-Nov-2019

नई दिल्ली, 6 नवंबर । करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन से ठीक पहले पाकिस्तान ने एक वीडियो संगीत गीत जारी किया है। इस पर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, इस वीडियो में खालिस्तानी आतंकवादी भिंडरावाले समेत 3 आतंकवादियों की तस्वीर भी शामिल है। इससे पाकिस्तान की वह छुपी हुई मंशा भी जाहिर हो गई है, जिसको लेकर भारत की तरफ से लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। अंदेशा जताया जाता रहा है कि पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थकों की भावनाओं को भडक़ाने का काम करना चाहता है। हालांकि पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा है, लेकिन इस वीडियो गीत में भिंडरावाले और दो और आतंकवादियों की तस्वीर को शामिल किए जाने से पाकिस्तान की मंशा उजागर हो गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 4 नवंबर को अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर करतारपुर कॉरिडोर के ऑफिशियल सॉन्ग का वीडियो पोस्ट किया है।
करीब 4 मिनट के इस वीडियो में 3 मिनट 30 सेकेंड पर खालिस्तानी आतंकवादियों की तस्वीर नजर आती है। आपको बता दें कि भारत पिछले 70 सालों से लगातार करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग करता रहा है, लेकिन 2 साल पहले पाकिस्तान ने अचानक यह फैसला लेकर और इसमें तेजी से आगे बढक़र सबको अचंभित कर दिया था। हालांकि यह सिखों की धार्मिक भावना से जुड़ा मामला है और भारत लगातार कॉरिडोर खोलने की मांग करता रहा था, ऐसे में भारत ने भी अपनी तरफ से तेजी दिखाई और करतारपुर कॉरिडोर समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। अब जब कि यह बनकर तैयार होने जा रहा है, पाकिस्तान की तरफ से इस तरह का वीडियो आना कई सवाल खड़े करता है। भारत की चिंता हमेशा इस बात को लेकर रही है कि खालिस्तानी आतंकवादियों को पाकिस्तान की तरफ से लगातार सह मिलती रही है। 
पंजाब से भले ही खालिस्तानी आतंकवादियों को खत्म कर दिया गया हो, लेकिन पाकिस्तान लगातार इस कोशिश में जुटा रहता है कि पंजाब में फिर अलगाववाद की भावना भडक़ाई जाए। दोनों देशों के अधिकारियों की मीटिंग में भारत की तरफ से बार-बार यह चिंता जताई जाती रही है, लेकिन पाकिस्तान इस बात से इनकार करता रहा है कि उसकी ऐसे किसी मामले में हाथ है। जब करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के लिए पाकिस्तान में कार्यक्रम हुआ था, तब भी वहां भिंडरावाले के पोस्टर जगह-जगह नजर आए थे। इस पर भारत की तरफ से कड़ी आपत्ति के बाद पाकिस्तान ने आश्वासन दिया था कि ऐसी चीजें नहीं होने दी जाएंगी। लेकिन हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि पाकिस्तान के नरोवाल जिले में कुछ ऐसे कैंप बनाए गए हैं, जहां खालिस्तानी भावनाओं को लेकर सिखों को भडक़ाया जा सके। हालांकि पाकिस्तान ने इससे इनकार किया है, लेकिन एक बार फिर पाकिस्तान की मंशा जाहिर हो गई है। (एनडीटीवी)
 

 


Date : 05-Nov-2019

वाशिंगटन, 5 नवंबर । आईएसआईएस आतंकी अबु बकर अल बगदादी के खात्मे के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों की नजर उसके परिवार वालों पर है। इसी सिलसिले में बगदादी की बहन को उत्तरी सीरिया के शहर से गिरफ्तार किया गया है। तुर्की की सेना ने उत्तरी सीरिया के अजाज शहर से बगदादी की बहन रशमिया अवद को एक छापे के दौरान गिरफ्तार करने का दावा किया है। छापे के दौरान बगदादी की बहन एक कंटेनर में छुपी बैठी थी।
समाचार एजेंसी रायटर के मुताबिक तुर्की के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि छापे के दौरान बगदादी की बहन, उसका पति और उसकी बहू को गिरफ्तार किया है। तुर्की की एजेंसियां इनसे गहन पूछताछ कर रही हैं। इस अधिकारी ने कहा कि रशमिया अवद को अजाज के नजदीक एक छापेमारी की कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया। इस अधिकारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान बगदादी की बहन ढ्ढस्ढ्ढस् के कामकाज और उसकी खुफिया जानकारियों का खुलासा करेगी।
इससे पहले 27 अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ढ्ढस्ढ्ढस् सरगना अबु बकर अल बगदादी को एक ऑपरेशन में मारने का दावा किया था। ट्रंप ने कहा था कि इडलिब में अमेरिकी डेल्टा फोर्स के एक ऑपरेशन में बगदादी मारा गया है। ऑपरेशन के वक्त बगदादी एक मकान में था। जब अमेरिकी सेना ने उस पर हमला किया तो वो अपने तीन बच्चों के साथ एक सुरंग में भागने लगा। अमेरिका सेना और अमेरिकन आर्मी के कुत्तों ने कुछ देर तक उसे दौड़ाया इसके बाद चारों ओर से घिरा देख बगदादी ने खुद को उड़ा लिया था।(आजतक)
 


Date : 04-Nov-2019

बैंकॉक, 4 नवम्बर। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में चल रहे आसियान शिखर सम्मेलन में आसियान देश के नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता में भारत के योगदान की सराहना की है। 
विदेश सचिव विजय ठाकुर सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा कि आसियान देशों के नेताओं ने भारत को दीर्घकालिक मित्र और गतिशील साझीदार बताया है और क्षेत्र में शांति और स्थिरता में भारत के योगदान को सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘आरसीईपी पर प्रश्नों के लिये सोमवार तक इंतजार करना होगा लेकिन भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा को लेकर देशों के साथ चर्चा हुयी है।
  सुश्री सिंह ने कहा कि आसियान शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आसियान देशों के नेताओं ने आतंकवाद और दक्षिण चीन सागर से जुड़े मुद्दो पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिये  आतंकवाद को खतरा बताया है। आसियान देशों के नेताओं ने कहा कि आतंकवाद को हराने के लिये मिलकर काम करेंगे। (वार्ता)
 


Date : 04-Nov-2019

इस्लामाबाद, 4 नवंबर । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन लगातार जारी है। पीएम इमरान खान के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने उन्हें इस्तीफे देने के लिए जो समयसीमा दी थी वह रविवार को समाप्त हो गई है। अब प्रदर्शनकारियों ने पूरे देश को बंद करने की धमकी दी है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे धर्मगुरु एवं जमीयत उलेमा ए इस्लाम फजल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने दो दिवसीय समयसीमा समाप्त होने के बाद एक प्रदर्शन रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उद्देश्य पूरा होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, यह साफ है कि शासक (इमरान खान) को जाना होगा और लोगों को निष्पक्ष चुनाव के जरिए नया शासक चुनने का मौका देना होगा। यह स्पष्ट है कि इससे अलावा और कोई विकल्प नहीं है। रहमान ने कहा, अभी इस्लामाबाद बंद है, फिर हम पूरा देश बंद करेंगे। हम रुकेंगे नहीं और अपना संघर्ष जारी रखेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह सोमवार को विपक्ष के अन्य नेताओं से मुलाकात की योजना बना रहे हैं ताकि आगे के कदम के बारे में सर्वसम्मति से फैसला किया जा सके। उन्होंने कहा, यह आंदोलन और लोगों की भीड़ इमरान खान को सत्ता से बाहर करने तक बनी रहेगी।
मौलाना फजलुर रहमान ने खान पर इस्तीफे का दबाव बनाने के लिए पिछले सप्ताह इस्लामाबाद तक अपने समर्थकों के आजादी मार्च का नेतृत्व किया था। उन्होंने खान को अवैध शासक बताया था। रहमान ने प्रधानमंत्री खान के पद छोडऩे के लिए रविवार तक की समयसीमा दी थी। रहमान का दावा है कि 2018 में हुए चुनाव में धांधली हुई थी और पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना ने खान को समर्थन दिया था। हालांकि सेना ने इन आरोपों से इनकार किया है। वहीं पीएम इमरान खान ने कहा कि उनकी इस्तीफा देने की कोई योजना नहीं है। इस बीच सरकार ने राजधानी में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए है। (भाषा)
 


Date : 04-Nov-2019

लंदन, 4 नवंबर (भाषा)। ब्रिटेन की एक अदालत ने दक्षिण-पूर्वी इंग्लैंड में चाकू की नोक पर एक महिला से बलात्कार और लूट के लिये भारतीय मूल के एक व्यक्ति को 15 साल जेल की सजा सुनाई है। आइस्लेवथ क्राउन अदालत ने दिलजीत ग्रेवाल को बलात्कार, यौन उत्पीडऩ और चोरी का दोषी पाया और शुक्रवार को उसे 15 साल के लिये सलाखों के पीछे भेज दिया। सजा पूरी करने के बाद पांच साल तक उसपर नजर रखी जाएगी। अदालत को बताया गया कि किस तरह ग्रेवाल (28) इस साल अप्रैल में 30 वर्षीय महिला के हिलिगंडन स्थित घर गया और फिर चाकू दिखाकर उसे जान से मारने की धमकी दी। 
ग्रेवाल निरंतर ढाई घंटे तक महिला के साथ मारपीट करता रहा और फिर उसका फोन चुराकर पैसे की मांग करने लगा। महिला ने उसे अपने बैग से पैसे निकालकर दे दिये, लेकिन वह फिर भी और पैसे के लिये उसके घर की छानबीन करता रहा। इसके बाद वह फरार हो गया। ग्रेवाल के जाने के बाद महिला ने ब्रिटेन से बाहर अपने दोस्त को फोन पर आपबीती सुनाई जिसने पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 
मामले की जांच करने वाले अधिकारी ने मार्क पालमेर ने कहा, मुझे यह भी उम्मीद है कि यह यौन उत्पीडऩ के शिकार लोगों को आगे आने के लिये प्रोत्साहित करेगा। साथ ही उन्हें यह विश्वास दिलाएगा कि अधिकारी इस प्रकार के अपराधों को गंभीरता से लेते हैं।
 

 


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