अंतरराष्ट्रीय

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Date : 19-Jan-2020

इस्लामाबाद, 19 जनवरी। पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि उसके नागरिकों के साथ हुईं कुछ घटनाओं को भारत गलत ढंग से अल्पसंख्यकों के अधिकारों के मामले से जोड़ रहा है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारत को सलाह दी है कि दूसरों के यहां अल्पसंख्यकों की चिंता करने से पहले अपने यहां के हालात ठीक करे।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि शनिवार को भारत के एक वरिष्ठ राजनयिक को इस संबंध में तलब किया गया और अल्पसंख्यकों से जुड़े मामलों को शरारतपूर्ण रंग देने को लेकर नाख़ुशी जताई गई। भारतीय प्रशासन से कहा गया है कि वे संकुचित राजनीतिक अजेंडे के तहत दूसरी जगहों के अल्पसंख्यकों की चिंता करने से बचें।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, भारत से यह भी कहा गया कि अपना घर संभाले और सुनिश्चित करे कि भारत में रहने वाले अल्पसंख्यकों को मॉब लिंचिंग और नफरत भरे अपराधों से सुरक्षा मिले। 
बयान में लिखा है,  इस बात पर जोर दिया गया कि भारत सरकार अपने यहां अल्पसंख्यकों को लेकर भेदभाव भरी नीतियों और भारत अधिकृत जम्मू और कश्मीर में सरकार समर्थित आतंकवाद को लेकर हो रही आलोचनाओं से ध्यान नहीं बंटा सकती।
पाकिस्तान ने कहा कि हमारे संविधान के तहत अल्पसंख्यकों को पूरी सुरक्षा और अधिकार मिले हैं, साथ ही पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है। बयान में यह नहीं बताया गया कि भारतीय राजनयिक को किस घटना के संबंध में तलब किया गया। मगर हाल ही में पाकिस्तान के पेशावर में परविंदर सिंह नाम के सिख युवक की हत्या हुई थी, जिसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी थी।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इसकी निंदा की थी और कहा था कि पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहीं ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए। उस समय पाकिस्तान ने कहा था कि भारत इस हत्या के राजनीतीकरण की कोशिश कर रहा है। अब पाकिस्तान की ओर से उठाए गए कदम को इसी घटना से जोड़कर देखा जा रहा है।
भारत और पाकिस्तान अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मामले पर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। दोनों देशों अपने यहां अल्पसंख्यकों की स्थिति बेहतर होने का दावा करते हैं।  (बीबीसी)


Date : 19-Jan-2020

इस्लामाबाद, 19 जनवरी। पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों के दौरान ही 50 अल्पसंख्यक (हिंदू व सिख) लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मगर दुख की बात यह है कि इनमें से किसी भी घटना पर सरकार, स्थानीय प्रशासन या पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह दावा पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा फेसबुक पर किया जा रहा है। पाकिस्तानी हिंदूज यूथ फोरम और सिंधी हिंदू स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान नाम से चल रहे फेसबुक पेज पर पिछले कुछ महीनों के दौरान जबरन धर्मांतरण व अपहरण कर जबरदस्ती मुस्लिम बनाने जैसी 50 घटनाओं का जिक्र किया गया है।
अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा सोशल मीडिया पर जारी की गई सूची में पहले नंबर पर कोमल का नाम है, जोकि पाकिस्तान के टैंडो अलियार इलाके की रहने वाली है। इसके बाद कराची से लक्ष्मी व सोनिया का नाम है। इसमें पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों की रहने वाली लड़कियों का जिक्र है। हालिया मामलों की बात करें तो इस सूची में शांति, सरमी मेघवाड़ और महक का नाम है।
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू लड़कियों का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला हिंदू समुदाय से संबंध रखने वाली नाबालिग लड़की महक से जुड़ा है, जिसका 15 जनवरी को सिंध प्रांत के जैकोबाबाद जिले से अपहरण कर लिया गया। पाकिस्तान में इस मुद्दे को अब सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया जा रहा है।
ऐसे मामलों में पाकिस्तान सरकार का शुरू से ही ढुलमुल रवैया रहा है, मगर चिंताजनक बात यह है कि इस तरह के मामले स्थानीय मीडिया में भी सुर्खियां नहीं बन रही हैं, जिससे अल्पसंख्यक अपने आपको अकेला महसूस कर रहे हैं। मीडिया द्वारा कोई कवरेज न मिलने पर अल्पसंख्यक समुदाय अब इस तरह के मामलों को सोशल मीडिया के जरिए सामने लाने में जुट गया है।
पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय ने फेसबुक पर पाकिस्तानी हिंदूज यूथ फोरम नाम से एक पेज बनाया हुआ है। इस पेज पर 30,702 लाइक्स भी हैं। अब इस पेज की मदद से ही अभियान छेड़ा गया है, जिसमें पाकिस्तान के उदारवादी लोगों से महक का साथ देने की अपील की गई है।
इस पेज पर शनिवार (18 जनवरी) की शाम एक पोस्ट की गई, जिसमें लिखा गया, पाकिस्तानी हिंदुओं के साथ इस तरह की बर्बरता की जा रही है। नौवीं कक्षा में पढऩे वाली 14 वर्षीय महक कुमारी का कुछ दिनों पहले अपहरण कर लिया गया था। अब वह अमरोत शरीफ में मुल्लाओं के साथ दिखाई देती है और वे दावा कर रहे हैं कि उसे अली रजा सोलंगी से प्यार हो गया है।
पोस्ट में आगे कहा गया, सोलंगी पहले से शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। वह एक श्रमिक के तौर पर काम करता है। अब वह लड़की इस्लाम में परिवर्तित कर दी गई है। अब कृपया यह बताएं कि 14 साल की लड़की, जो एक व्यवसायी की बेटी है, वह एक अनपढ़ व श्रमिक के प्यार में कैसे पड़ सकती है? वह पहले से शादीशुदा व्यक्ति के लिए अपने घर और धर्म को कैसे छोडऩे के लिए तैयार हुई?
इसके बाद पोस्ट में कहा गया कि इस तरह के मामले बार-बार हो रहे हैं, मगर इनका कोई समाधान नहीं है। यही नहीं, इस पेज पर शनिवार की सुबह एक और पोस्ट की गई, जिसमें पिछले कुछ महीनों के दौरान अल्पसंख्यक लड़कियों के अपहरण व धर्मांतरण से जुड़ी सूची अपलोड की गई। इस सूची में इस तरह की कुल 50 पीडि़ताओं के नाम बताए गए हैं। सूची में महक का नाम 50वीं पीडि़ता के तौर पर दर्शाया गया है।
पाकिस्तान में केवल एक यही पेज नहीं है, जो इन मुद्दों को उठा रहा है। बल्कि सिंधी हिंदू स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान नामक पेज भी लगातार महक व अन्य मामलों को मुख्यधारा में लाने की कोशिशों में लगा हुआ है। (आईएएनएस)

 


Date : 18-Jan-2020

न्यूयॉर्क, 18 जनवरी। न्यूयॉर्क  में रहने वाले एक बधिर व्यक्ति ने तीन पॉर्न वेबसाइटों के खिलाफ वर्ग भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है। व्यक्ति ने अपनी अर्जी में कहा है कि सबटाइटल के बिना वह वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री का पूरा-पूरा लुत्फ नहीं उठा पाता है।
ब्रुकलीन फेडरल कोर्ट में गुरुवार को दी गई अर्जी में यारोस्लाव सुरिज ने विभिन्न पॉर्न वेबसाइट्स के खिलाफ मुकदमा दायर कर कहा है कि वे ‘अमेरिकंस विद डिसैबिलिटी एक्ट’ का उल्लंघन कर रहे हैं।
पॉर्न साइट के अधिकारी ने दिया बयान-इससे पहले भी सुरिज इसी बात को लेकर फॉक्स न्यूज के खिलाफ मुकदमा कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वह अक्टूबर और इस महीने कुछ वीडियो देखना चाहते थे, लेकिन नहीं देख पाए। सुरिज ने अपने 23 पन्ने की अर्जी में लिखा है, ‘सबटाइटल के बिना बधिरों और ऐसे लोगों को जिन्हें कम सुनाई देता है वे वीडियो का पूरा-पूरा लुत्फ नहीं उठा पाते हैं, जबकि सामान्य लोग ऐसा कर पाते हैं।’
सुरिज ने कहा कि वह चाहते हैं कि पॉर्न वेबसाइटें सबटाइटल दें और उन्होंने कुछ हर्जाने की भी मांग की है। इस संबंध में एक पॉर्न साइट के अधिकारी ने बयान जारी कर कहा है कि वेबसाइट पर सबटाइटल वाला भी एक सेक्शन है और उन्होंने उसका लिंक भी दिया है। (न्यूज 18)

 


Date : 16-Jan-2020

पाकिस्तान, 16 जनवरी। पाकिस्तान के बहावलपुर में एक शादी हॉल पुरुषों के लिए एक अनोखा ऑफर लेकर आया है, ये ऑफर उन्हीं पुरुषों के लिए हैं, जो दूसरी, तीसरा या फिर चौथी शादी करने के इच्छुक हैं। बहावलपुर में खुलने वाले नए शादी हॉल ने शादीशुदा पुरुषों को बंपर ऑफर पेश किया है। दूसरी शादी पर 50 प्रतिशत, तीसरी शादी पर 75 प्रतिशत और चौथी शादी का वलीमा मुफ्त करने की पेशकश की है। लेकिन शादी हॉल के मालिक ने इसके पीछे एक शर्त भी रखी है।
वीडियो न्यूज रिपोर्ट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। इस वीडियो को पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने ट्विटर पर शेयर किया है। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, बहावलपुर में शादियों पर स्पेशल ऑफर: दूसरी शादी पर 50 प्रतिशत, तीसरी शादी पर 75 प्रतिशत डिस्काउंट और चौथी शादी पर वलीमा फ्री। ओपन चैलेंज।
शादी हॉल के मालिक का कहना है कि पहली शादी में डिस्काउंट दिया जा सकता है तो दूसरी या उससे अधिक शादी पर क्यों नहीं दिया जा सकता है। ऑफर पाने के लिए शर्त ये है कि दूसरी या उससे अधिक शादी की बुकिंग पहली पत्नी खुद कराए। अगर पहली पत्नी हॉल बुक नहीं कराती है तो ये ऑफर नहीं मिलेंगे। पाकिस्तान में ये खबर तेजी से फैल गई है। शादी हॉल के पास खूब बुकिंग आ रही है।
इनायत का ट्वीट काफी वायरल हो रहा है, उनके ट्वीट पर अब तक 11 हजार से ज्यादा व्यूज हो चुके हैं। साथ ही 800 से ज्यादा लाइक्स और करीब 300 रि-ट्वीट्स हो चुके हैं। (एनडीटीवी)
 


Date : 16-Jan-2020

नई दिल्ली, 16 जनवरी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर मुद्दे को लेकर चीन अलग-थलग पड़ गया।
हिंदुस्तान टाईम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन और पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद की एक अनौपचारिक बैठक में कश्मीर का मसला उठाने की कोशिश की लेकिन उन्हें इस पर तीखी प्रतिक्रिया झेलनी पड़ी।
सुरक्षा परिषद की बैठक में मौजूद दूसरे देशों के सदस्यों ने कहा कि यह मंच कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के लिए माक़ूल नहीं है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूर सैय्यद अकबरुद्दीन ने इस बारे में एक ट्वीट भी किया है। उन्होंने लिखा, आज संयुक्त राष्ट्र में हमारा झंडा ऊंचा लहरा रहा है। जिन्होंने झूठे दावे करने की कोशिश की, उन्हें हमारे बहुत से सहयोगियों ने कड़ा जवाब दिया।
 


Date : 16-Jan-2020

वाशिंगटन, 16 जनवरी । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ संसद के निचले सदन में चल रही महाभियोग की कार्यवाही को ऊपरी सदन सीनेट भेजने के पक्ष में सांसदों ने बुधवार को वोट किया।
सत्ता के दुरुपयोग और संसद के काम में अवरोध पैदा करने के आरोप में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग अब सीनेट में चलेगा। ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही सीनेट में चलाए जाने के पक्ष में 228 सांसदों ने जबकि विपक्ष में 193 सांसदों ने वोट दिया।
प्रतिनिधि सभा ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया के दो आर्टिकल्स पारित किए थे। महाभियोग, सत्ता के दुरुपयोग का पहला आर्टिकल 197 के मुकाबले 230 वोटों से पास हुआ था, जो कि पार्टी लाइन के खिलाफ था। दूसरे आर्टिकल में 198 के मुकाबले 229 वोट पड़े थे।
व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था अमेरिकी लोगों की जरूरतों और प्राथमिकताओं के लिए अथक परिश्रम करते रहेंगे, क्योंकि जिस दिन से उन्होंने पदभार संभाला था, वह उन्हीं के लिए काम कर रहे हैं।
प्रस्ताव पर ट्रंप ने बयान दिया था। उन्होंने कहा है, ‘अमेरिकी लोकतंत्र के लिए यह खुलेआम युद्ध की घोषणा है।’ उन्होंने स्पीकर नैंसी पेलोसी से मांग की है कि वह तुरंत इस प्रस्ताव को रोकें।
गौरतलब है कि ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग कर यूक्रेन के 2020 के आम चुनावों में उनके संभावित प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन पर बदनाम करने का दबाव बनाया था।(भाषा)
 


Date : 15-Jan-2020

कैनबरा, 15 जनवरी । ऑस्ट्रेलिया में बुशफायर ने जिंदगी और संपत्ति को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। लेकिन इस बुशफायर से भी खतरनाक कुछ ऐसा है जिसके बारे में जान आप भी सोचने लगेंगे कि पर्यावरण को लेकर हम किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में 5,000 ऊंटों को मौत के घाट उतार दिया गया है। हेलीकॉप्टर से प्रोफेशनल शूटर ने इन जंगली ऊंटों को मार गिराया। दरअसल दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया सूखे की समस्या से गुजर रहा है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के अबॉर्जिनल नेताओं ने कहा कि सूखे के चलते बड़ी संख्या में ऊंट गांवों की तरफ जा रहे हैं जिससे गांवों में मौजूद सीमित भोजन और जल संसाधनों पर खतरा मंडरा रहा था। जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।  
इससे पहले दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया में पानी की कमी के कारण वहां के 10,000 जंगली ऊंटों को मारने का आदेश जारी किया गया था। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के अनंगु पीतजंतजतारा यनकुनितज्जतजरा लैंड्स यानी कि एपीवॉय के अबॉर्जिनल नेता ने यह आदेश जारी किया था। 
दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के लोग लगातार शिकायत कर रहे थे कि ये जानवर पानी की तलाश में उनके घरों में घुस जाया करते हैं। इसके बाद ही आदिवासी नेताओं ने 10,000 ऊंटों को मारने का फैसला किया। इसके साथ ही नेताओं को चिंता है कि ये जानवर ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ा रहे हैं क्योंकि वो एक साल में एक टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर मीथेन का उत्सर्जन करते हैं। 
राष्ट्रीय कीट ऊंट प्रबंधन योजना का दावा है कि जंगली ऊंट की आबादी हर नौ साल में दोगुनी हो जाती है। वहीं ऊंट अधिक पानी पीते हैं और इस वजह से इन जंगली ऊंटों को मारने का फैसला किया गया है। कार्बन खेती के विशेषज्ञों रेगेनोको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम मूर ने कहा कि ये जानवर प्रति वर्ष सीओडब्ल्यू के एक टन के प्रभाव से मीथेन का उत्सर्जन कर रहे हैं और यह सडक़ों पर अतिरिक्त 4,00,000 कारों के बराबर है।(भाषा)
 


Date : 15-Jan-2020

मेलबर्न, 15 जनवरी । ऑस्ट्रेलिया में जंगलों में लगी भीषण आग से निकलने वाले धुएं के कारण देश के दूसरे सबसे बड़े नगर मेलबर्न में मंगलवार (14 जनवरी) को वायु गुणवत्ता दुनिया में सबसे खराब हो गई। अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी जारी करते हुए सलाह दी है कि वे घरों में ही रहें और एहतियाती उपाय करें।
ऑस्ट्रेलिया में लगी आग को इतिहास में सबसे भीषण माना जा रहा है और आग के कारण अब तक कम से कम 26 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा करीब एक करोड़ हेक्टेयर भूमि जल गई, 2,000 से अधिक घर नष्ट हो गए और कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गयी हैं।
इस बीच, मौसम विज्ञान ब्यूरो ने अपने पूर्वानुमान में इस सप्ताह बारिश होने की बात की है जिससे आग से प्रभावित क्षेत्रों और अग्निशमन कर्मियों को कुछ राहत मिली है।
ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एबीसी) की रिपोर्ट के अनुसार देश के पूर्वी तट पर एक बड़े क्षेत्र में वर्षा होने की उम्मीद है। मंगलवार से सप्ताहांत तक बारिश होने की संभावना है।
मेलबर्न सिडनी के बाद दूसरा सबसे बड़ा शहर है और यहां की आबादी करीब 42 लाख है।
विक्टोरिया के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ब्रेट सटन ने कहा कि कल रात से मेलबर्न दुनिया में सबसे खराब स्थिति में पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि तापमान बढऩे से वायु की गुणवत्ता खराब हो गई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि खराब वायु गुणवत्ता के कारण लोगों की तबियत खराब हो सकती है। उन्होंने 65 साल से ज्यादा और 15 साल से कम आयु के लोगों के साथ ही गर्भवती महिलाओं और फेफड़े, हृदय रोगी या मधुमेह से पीडि़त लोगों से कहा कि वे घर के अंदर रहें और शारीरिक गतिविधियां सीमित कर धुएं के संपर्क में आने से बचें।
एबीसी की रिपोर्ट के अनुसार कई स्विमिंग पूल बंद कर दिए गए हैं और घुड़दौड़ आदि भी रद्द कर दिए गए हैं।
ऑस्ट्रेलियाई ओपन के आयोजकों ने मंगलवार सुबह क्वालीफाइंग मैचों और खिलाडिय़ों के अभ्यास सत्रों को रद्द कर दिया।(भाषा)


Date : 15-Jan-2020

नई दिल्ली, 15 जनवरी। अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस  मंगलवार को भारत आने के बाद राजधानी दिल्ली में महात्मा गांधी के स्मारक स्थान पहुंचे। इसका एक वीडियो जेफ ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर भी पोस्ट किया। इस वीडियो के साथ जेफ बेजोस ने लिखा, बस अभी-अभी भारत में लैंड किया और जिन्होंने वास्तव में दुनिया को बदल दी उन्हें श्रद्धांजलि दी, उनके स्मारक पर एक अच्छी दोपहर बिताई। अपने ट्वीट में अमेजन के सीईओ ने महात्मा गांधी का एक विचार भी शेयर किया। उन्होंने लिखा, जी भर के जीयें। इस तरह से सीखिए जैसे कि आपको यहां हमेशा रहना है- महात्मा गांधी।
अमेजन सीईओ जेफ बेजोस ने सफेद कुर्ता और नारंगी रंग का हाफ जैकेट पहन रखा था। सेंट्रल दिल्ली स्थित राजघाट पर महात्मा गांधी के स्मारक पर पुष्पांजलि के लिए वह अपने साथ फूलों का गुलदस्ता लाए थे। जेफ बेजोस ने हाथ जोडक़र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने यही मैसेज और वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट किया।
दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ने हाल ही में 98.5 मिलियन यानी 704 करोड़ रुपये गरीबों की मदद के लिए दान किए। फोब्र्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक जेफ बेजोस ने यह दान 23 राज्यों की 32 संस्थानों में दिया, जो बेघर लोगों की मदद करते हैं। जेफ बेजोस दुनिया के सबसे अमीर आदमियों में से एक हैं। जेफ की वर्तमान कुल संपत्ति 109 बिलियन डॉलर है। (एनडीटीवी)
 


Date : 15-Jan-2020

लॉस एंजिल्स, 15 जनवरी। अमेरिका के लॉस एंजिल्स में एक स्कूल पर हवाई जहाज से ईंधन गिरने से स्कूली बच्चों सहित 40 लोग घायल हो गए।
दमकल विभाग के मुताबिक इस हादसे में एलिमेंटरी स्कूल के 20 बच्चे और अन्य 11 लोग घायल हुए हैं। इससे पहले उन्होंने बताया था कि इस हादसे में 17 बच्चे और नौ अन्य घायल हुए हैं जिनका अस्पताल में इलाज कराया गया है।  स्थानीय मीडिया के अनुसार कुल 60 लोगों का इलाज कराया गया है। 
इस बीच ईंधन गिराने वाले विमान से जुड़ी कंपनी डेल्टा एयरलाइन्स ने बयान जारी कर कहा कि लॉस एंजिलस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से मंगलवार को विमान 89 ने शांघाई के लिए उड़ान भरी थी लेकिन उसके तुरंत बाद ही इंजन में समस्या के बाद उसे लैंडिंग करनी पड़ी। लैंडिंग के लिए वजन कम करने के कारण ईंधन छोडऩा पड़ा था।
इस हादसे के बाद स्कूली बच्चों ने त्वचा संबंधित बीमारी की शिकायत की जिसके बाद उनका इलाज कराया गया। (स्पूतनिक)

 


Date : 14-Jan-2020

कुछ भी बड़ा करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। उम्र कम हो या ज्यादा आप कभी भी कुछ बेहद हैरतअंगेज और बड़ा कर सकते हैं। इसी का उदाहरण है वोल्फ ककियर। ये एक 17 साल के लडक़ा है जिसने 2019 में अपना हाईस्कूल पूरा किया है। वोल्फ अमेरिका का रहने वाला है। जिस उम्र में बच्चे वीडियो गेम्स आदि में व्यस्त रहते हैं, वोल्फ ने अंतरिक्ष में एक दूसरी दुनिया ही खोज ली। वोल्फ नासा के गोडार्ड स्पेस सेंटर में इंटर्नशिप कर रहा था और इंटर्नशिप के तीसरे दिन ही इस बच्चे ने कमाल कर दिया। आइए जानते हैं वोल्फ की खोज के बारे में।
वोल्फ ककियर ने 2019 में न्यूयॉर्क के स्कारडेल स्कूल से हाईस्कूल पूरा करने के बाद इंटर्नशिप करने के लिए मैरीलैंड के ग्रीनबेल्ट में स्थित गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में इंटर्नशिप करनी शुरू की। इंटर्नशिप में वोल्फ का सबजेक्ट था सितारों और ग्रहों से निकलने वाली रोशनी का अध्ययन करना। 
वोल्फ ने गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में नासा ट्रांसजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट की मदद से अपने सबजेक्ट पर काम करना शुरू किया। वोल्फ ने बताया कि वह ग्रहों की रोशनी के साथ-साथ दो ग्रहों वाली दुनिया को खोज रहा था। मुझे यहां इंटर्नशिप करते हुए तीन दिन ही हुए थे कि मुझे ञ्जह्रढ्ढ 1388 सिस्टम से एक सिग्नल मिला। 
वोल्फ ककियर ने बताया कि पहले मुझे लगा कि यह कोई अंतरिक्षीय ग्रहण है। लेकिन उसकी टाइमिंग कुछ गड़बड़ है। जब मैंने जांच की और आंकड़ों को मिलाया तो पता चला कि वह ग्रह है। ञ्जह्रढ्ढ 1388 एक बाइनरी स्टार सिस्टम है। 
टीओआई 1388 पृथ्वी से करीब 1300 प्रकाश वर्ष दूर मौजूद पिक्टर नक्षत्र में है। ञ्जह्रढ्ढ 1388बी ग्रह अपनी पृथ्वी से 6।9 गुना बड़ा है। यह अपने सूर्य से बेहद करीब है। वोल्फ ने बताया कि पहले मुझे यह तारों का एक गुच्छा लगा। इसे प्रमाणित करने में मुझे कुछ देर जांच करनी पड़ी इसके बाद पता चला कि यह बोनाफाइड ग्रह है। 
वोल्फ ने बताया कि उसे अंतरिक्ष के उस हिस्से में 100 से ज्यादा चमकीली चीजें दिखाई पड़ी। वोल्फ ने सभी चमकीली चीजों पर काम किया। तब पता चला कि वहां एक ग्रह भी मौजूद है। टीओआई 1388 हमारे सूर्य से करीब 10 फीसदी ज्यादा बड़ा है। 
टीओआई 1388 बी ग्रह अपने सूर्य टीओआई 1388 का हर 15 दिन में एक चक्कर लगाता है। टीओआई 1388 बी अपने सूर्य के मुकाबले एक तिहाई ज्यादा ठंडा है। यह ग्रह हमारे सौर मंडल के नेपच्यून और शनि ग्रह के बीच के आकार का है। 
वोल्फ ने गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर इस खोज पर लेख भी प्रकाशित किया है। जिसे 6 जनवरी को हुए 235वें अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी मीटिंग में प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा इसका यह लेख साइंटिफिक जर्नल में भी प्रकाशित किया जाएगा। 
 

 


Date : 13-Jan-2020

फिलीपींस, 13 जनवरी । फिलीपींस के बाटनगैस प्रांत के तागेते शहर में स्थित ताल ज्वालामुखी रविवार को फट पड़ा। यह इतना भयावह नजारा था कि आसपास के शहरों के लोग घबरा गए। इस ज्वालामुखी के फटने के बाद करीब 50 हजार फीट ऊंचा राख का बादल बन गया। राख का बादल इतना ज्यादा चार्ज था कि उसने तीन से चार बार आसमान से बिजलियां खींच लीं।
ताल ज्वालामुखी का राख 110 किलोमीटर दूर स्थित फिलीपींस की राजधानी मनीला तक पहुंच गया। ज्वालामुखी फटने के बाद पूरे इलाके में 75 से ज्यादा भूकंप के झटके के आए। भूकंप, राख और खराब मौसम से बचने के लिए 2534 से ज्यादा परिवारों को बचाया गया है। 
ताल ज्वालामुखी 1977 से लगातार समय-समय पर फट रहा है। इस बार वह 44वीं बार फटा है। रविवार को सुबह 4।33 बजे ज्वालामुखी फटने के बाद से अब तक आसपास के इलाकों में 75 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। सबसे ताकतवर झटका रिक्टर पैमाने पर 6 का आंका गया है। 
फिलीपींस की राजधानी मनीला के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से पिछले 24 घंटों में 242 उड़ानें रद्द की गई हैं। फिलहाल इस एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रोक दी गई हैं। क्योंकि राख के बादलों से 2.5 इंच व्यास तक के लावे के पत्थर गिर रहे हैं। ये पत्थर गोल्फ बॉल से भी बड़े हैं। अगर ये किसी आदमी, वाहन या प्लेन से टकराते हैं तो जानलेवा साबित हो सकते हैं। 
फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वॉल्कैनेलॉजी एंड सीसमोलॉजी ने ज्वालामुखी की वजह से अलर्ट का स्तर 4 कर दिया है यानी बेहद खतरनाक स्थिति। इस अलर्ट को तब जारी किया जाता है जब लगता है कि ज्वालामुखी से अगले कुछ दिनों तक और नुकसान की आशंका होती है।
ताल ज्वालामुखी के फटने के बाद उससे निकली राख और गैसों ने 60 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से फैलना शुरू किया। इसके बाद ज्वालामुखी से करीब 110 किलोमीटर दूर राजधानी मनीला तक राख के चादर बिछ गए। ज्वालामुखी के आसपास और बाटनगैस प्रांत में रहने वाले करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। (आजतक)

 


Date : 13-Jan-2020

बाल्टीमोर (अमेरिका) 13 जनवरी । प्राधिकारियों ने बताया कि बाल्टीमोर में सप्ताहांत में गोलीबारी की आठ घटनाएं हुईं जिनमें पांच लोगों की मौत हो गई और सात अन्य लोग घायल हो गए।करीब 24 घंटे के अंतराल में गोलीबारी की आठ घटनाएं हुईं। पहली घटना शुक्रवार देर रात ढाई बजे हुई और आखिरी घटना शनिवार देर रात करीब 11 बजे हुई। (एपी)
 


Date : 13-Jan-2020

बगदाद, 13 जनवरी। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम नहीं हो रहा है। हाल ही में ईरान ने रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स के मुखिया जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेते हुए इराक स्थित दो अमेरिकी बेस पर एक दर्जन से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि इस अटैक में करीब 80 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। यूएस ने इसका खंडन किया था। इराक की राजधानी बगदाद में बीते रविवार एक बार फिर अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर रॉकेट दागे जाने का मामला सामने आया है।
अल जजीरा की खबर के अनुसार, इस हमले में चार इराकी सैनिकों के घायल होने की खबर है। अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने से जुड़ी अभी कोई खबर नहीं है। मिली जानकारी के मुताबिक, रॉकेट यहां स्थित अल-बलाद एयरबेस पर दागे गए। इस बेस में अमेरिकन ट्रेनर, सलाहकार और एफ-16 लड़ाकू विमान की मेंनटेंस सर्विस से जुड़े सैनिक रहते हैं। अल-बलाद एफ-16 लड़ाकू विमानों का मुख्य एयरबेस है। बताया जा रहा है कि कुछ रॉकेट एयरबेस स्थित रेस्टोरेंट में आकर गिरे थे।
इस हमले में एयरबेस का रन-वे भी क्षतिग्रस्त हुआ है। रॉकेट अटैक में घायल हुए इराकी सैनिक एयरबेस के गेट पर तैनात थे। बेस में अमेरिकन एक्सपर्ट्स, ट्रेनर और एडवाइजर समेत काफी लोग थे। हमले में किसी के मारे जाने की खबर नहीं है। अभी तक किसी ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए हाल ही में यूएस ने अपने अधिकारियों और सैनिकों को इस एयरबेस से हटाना शुरू कर दिया था। बताया जा रहा है कि जिस समय यह हमला हुआ उस समय एयरबेस पर अमेरिकी नागरिक नहीं थे।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को धमकी दे चुके हैं कि वह युद्ध के पक्ष में नहीं हैं लेकिन अगर ईरान ने किसी भी अमेरिकी नागरिक या उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। दूसरी ओर ईरानी मंत्रियों ने भी अमेरिका को जवाब देते हुए कहा कि वह भी युद्ध नहीं चाहते लेकिन अपनी आत्मरक्षा में हर मुमकिन जवाब जरूर देंगे। हाल ही में ईरान ने मिसाइल अटैक में यूक्रेन के एक यात्री प्लेन को मार गिराया था। इसमें 176 लोगों की मौत हो गई थी। ईरान ने अपनी गलती स्वीकारते हुए इसे मानवीय चूक बताया था। (भाषा)
 


Date : 13-Jan-2020

तेहरान, 13 जनवरी । ईरान की इकलौती महिला ओलंपिक पदक विजेता किमिया अलीजादेह ने देश छोडऩे का फैसला लिया है।
21 साल की किमिया ने इस बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा है जिसके मुताबिक वह ईरान में, पाखंड, झूठ, अन्याय और चापलूसी का हिस्सा नहीं बनाना चाहती हैं। उन्होंने खुद को ईरान की लाखों सताई हुई महिलाओं में एक माना है। किमिया इस वक्त कहां हैं, इसके बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन ईरानी मीडिया की खबरों में कहा जा रहा है कि वह ट्रेनिंग के सिलसिले में नीदरलैंड्स में हो सकती हैं। उन्होंने 2016 के रियो ओलंपिक में ताइक्वांडो में कांस्य पदक जीतकर ईरान के लिए इतिहास रचा था। अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा है कि ईरान के अधिकारियों ने उनकी कामयाबी को अपने प्रोपगैंडा के लिए इस्तेमाल किया।
यूक्रेन के यात्री विमान को ईरान ने अपने मिसाइल से मार गिराया, गलती के लिए माफी मांगी। किमिया ने ईरान छोडऩे का फैसला तब लिया है जब ईरान में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है, बुधवार को यूक्रेन के एक यात्री विमान को ग़लती से मिसाइल से मार गिराने और अगले दो दिनों तक इससे इनकार करने के चलते ईरान की जनता सडक़ों पर उतरकर अपनी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। इसके अलावा ईरान और अमरीका के बीच संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।
किमिया ने अपनी सोशल पोस्ट में लिखा है, मैं ईरान की लाखों सताई गई महिलाओं में से एक हूं जो सालों तक देश के लिए खेलती रही हूं। अधिकारियों ने जो भी कहा मैं उसे मानती रही। हर आदेश का पालन किया है, लेकिन उनके लिए हममें से कोई भी अहमियत नहीं रखता। हम उनके लिए केवल इस्तेमाल होने वाले हथियार भर हैं।
किमिया अलीजादेह ने ये भी लिखा है कि सरकार उनकी कामयाबी को राजनीतिक तौर पर भुनाती रही लेकिन अधिकारी उनका अपमान करते रहे। उन्होंने यह बताया है कि अधिकारी उनपर कमेंट करते थे, किसी महिला के लिए अपने पैरों को स्ट्रेच करना पुण्य का काम नहीं है।
अलीजादेह ने इससे भी इनकार किया है कि उन्हें यूरोप से कोई आकर्षक प्रस्ताव मिला है और ना ही उन्होंने यह बताया है कि वह कहां जाएंगी। पिछले सप्ताह जब उनके गायब होने की खबर आई थी तब ईरान के लोगों ने झटका लगने जैसी प्रतिक्रियाएं दी थीं।
ईरान के राजनेता अब्दुलकरीम हुसेनजादेह ने मानव संसाधन के देश छोडऩे के लिए अयोग्य अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था। बीते गुरुवार को ईरान की समाचार एजेंसी इसना की एक रिपोर्ट में कहा गया, ईरानी ताइक्वांडो को झटका। किमिया अलीजादेह नीदरलैंड्स में बसीं।
इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अलीजादेह को उम्मीद है कि वो 2020 के टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेंगी लेकिन वह वहां ईरान के बैनर तले नहीं होंगी। ईरान छोडऩे के अपने इरादे की घोषणा करते हुए किमिया ने अपने आगे की योजनाओं के बारे में जानकारी तो नहीं दी है लेकिन उन्होंने कहा है कि वह जहां भी रहेंगी ईरान की बेटी बनकर रहेंगी।(बीबीसी)
 


Date : 13-Jan-2020

अमरीका, 13 जनवरी । अमरीका में बीते 24 घंटे में गोलीबारी की आठ घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। पीटीआई के मुताबिक ये सभी घटनाएं बाल्टीमोर शहर में हुईं। शहर की परिषद के अध्यक्ष ब्रैंडन स्कॉट ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा, ‘यह हिंसा दुखदायी है और ऐसी घटनाएं अब नहीं होनी चाहिए।’ अमेरिका में गोलीबारी की घटनाएं नियमित रूप से सुर्खियां बनती रहती हैं। इससे पहले नए साल के मौके पर फ्लोरिडा के एक क्लब में हुई गोलीबारी से दो लोगों की मौत हो गई थी। उसी दिन ओमाहा में हुई ऐसी एक घटना में भी दो लोग मारे गए थे।
अफ्रीकी देश नाइजर में सेना के एक शिविर पर तीन दिन पहले हुए जिहादी हमले में मारे जाने वाले सैनिकों की संख्या बढक़र 89 हो गई है। सरकार ने रविवार को इसकी जानकारी दी। उसके प्रवक्ता जकारिया अब्दुर्रहमान ने कहा, ‘पूरी तलाशी के बाद मित्र पक्ष के 89 और दुश्मन पक्ष के 77 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।’ घटना के बाद देश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। पश्चिमी नाइजर में एक सैन्य शिविर पर बृहस्पतिवार को हथियारों से लैस हमलावरों ने हमला कर दिया था। तब 25 सैनिकों के मारे जाने की बात कही गई थी।
अमेरिका में भारत के मौजूदा राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने स्वदेश लौटने से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ओवल हाउस में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा किया। पीटीआई के मुताबिक ऐसा संभवत: पहली बार है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने निवर्तमान भारतीय राजदूत से मुलाकात की। विशेषज्ञों के मुताबिक यह इस बात को दर्शाता है कि डोनाल्ड ट्रंप भारत-अमेरिका के संबंधों को कितना महत्व देते हैं। हर्षवर्धन श्रृंगला भारत के 33वें विदेश सचिव के तौर पर नयी जिम्मेदारी संभालने के लिए रविवार को वाशिंगटन से रवाना हो गए। वे 29 जनवरी को अपना कार्यभार संभालेंगे। हर्षवर्धन श्रृंगला विदेश सेवा के 1984 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने करीब एक साल तक अमेरिका में भारतीय राजदूत की जिम्मेदारी निभाई।
फिलीपींस की राजधानी मनीला के नजदीक सोमवार को एक ज्वालामुखी से राख और धुंआ निकलने के कारण अलर्ट घोषित किया गया है। इसके कारण अब तक करीब 250 उड़ानें प्रभावित हुई हैं। भूकंप के झटकों और गर्जन की आवाज के मद्देनजर कई इलाकों को खाली कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि ज्वालामुखी अब कभी भी फट सकता है।(सत्याग्रह ब्यूरो)
 


Date : 12-Jan-2020

ओमान के नए सुल्तानदोहा, 12 जनवरी (स्पूतनिक)। ओमान के सुल्तान काबूस बिन सईद अल सईद के निधन के बाद उनके चचेरे भाई और पूर्व संस्कृति मंत्री हैयथम बिन तारिक अल सईद को देश का नया सुल्तान बनाया गया है। 
सरकार की ओर से दी गयी जानकारी के मुताबिक शनिवार को हैयथम बिन तारिक अल सईद ने शाही परिवार परिषद से मुलाकात करने के बाद पद की शपथ ली। 
सुल्तान काबूस बिन सईद का शुक्रवार को 79 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। ओमान के संविधान के अनुसार तीन दिनों के भीतर ही शाही परिवार के सदस्यों को नए सुल्तान का चुनाव करना था। 
अल रोया समाचारपत्र की रिपोर्ट के मुताबिक नए सुल्तान हैयथम बिन तारिक अल सईद ने कहा, 'सल्तनत के विकास और प्रगति के लिए सुल्तान काबूस बिन सईद के बताए गए नेक रास्ते पर आगे बढ़ेंगे।Ó
नए सुल्तान हैयथम ने संस्कृति मंत्रालय के अलावा विदेश मंत्रालय में भी कई अहम पदों पर काम किया है।  गौरतलब है कि सुल्तान काबूस 1970 में ब्रिटेन के समर्थन से अपने पिता को गद्दी से हटकार स्वयं सुल्तान बने थे। सुल्तान काबूस शादीशुदा नहीं थे। उन्होंने ओमान के विकास के लिए तेल से होने वाली कमाई का इस्तेमाल किया। 


Date : 11-Jan-2020

ओमान, 11 जनवरी। ओमान के सुल्तान काबूस बिन सईद का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। शनिवार को उन्होंने आखिरी सांस ली। पूरे अरब जगत में वो सबसे लंबे वक्त तक शासन करने वाले सुल्तान रहे हैं। ओमान पर उन्होंने करीब 50 वर्षों तक राज किया। अपने शासनकाल में उन्होंने ओमान को मॉर्डन देश के तौर पर विकसित किया। उनके राज में ओमान ने जबरदस्त तरक्की की। इसलिए काबूस बिन सईद को मॉर्डन ओमान का निर्माता कहा जाता है। ओमान में काबूस बिन सईद के निधन पर शोक की लहर है।
काबूस बिन सईद संसार छोडक़र चले गए लेकिन वो पूरी दुनिया के लिए एक सस्पेंस छोड़ गए हैं। ओमान के लोग अपने सुल्तान की मौत पर शोक की लहर के बीच भी सस्पेंस में डूबे हैं। सस्पेंस की वजह है वो लिफाफा, जो काबूस बिन सईद अपने निधन से पहले छोडक़र गए हैं। उसी लिफाफे में बंद है ओमान की किस्मत। अब ओमान के लोग इंतजार कर रहे हैं कि वो लिफाफा खुले तो ओमान के भविष्य का पता चले।
सुल्तान काबूस बिन सईद की कोई संतान नहीं है। उन्होंने शादी तो की थी लेकिन उन्हें कोई औलाद नहीं हुई। उनके निधन से काफी पहले ही उनके उत्तराधिकारी को लेकर सवाल उठ रहे थे। सुल्तान ने अपने उत्तराधिकारी की घोषणा आखिरी वक्त तक नहीं की।
सुल्तान काबूस बिन सईद कैंसर से जूझ रहे थे। उन्होंने यूरोप जाकर अपना इलाज करवाया लेकिन कैंसर जैसी भयावह बीमारी से वो लड़ नहीं पाए। उन्हें पता था कि मौत उनके बिल्कुल करीब है लेकिन फिर भी उन्होंने देश को अपने उत्तराधिकारी का नाम नहीं बताया। उत्तराधिकारी के नाम पर वो लिफाफा छोड़ गए हैं।
सुल्तान के लिफाफे में लिखा है ओमान के उत्तराधिकारी का नामसुल्तान काबूस बिन सईद ने ओमान को अपने उत्तराधिकारी का नाम तो नहीं बताया लेकिन उसका नाम लिफाफे में लिखकर छोड़ गए। वो चाहते तो अपने जिंदा रहते हुए ओमान को उसका सुल्तान सौंप सकते थे। लेकिन उन्होंने इसके लिए एक अजीबोगरीब तरीका चुना। किसी गेम की तरह उन्होंने ओमान के उत्तराधिकारी का नाम लिफाफे में लिखकर छोड़ गए। उन्होंने निर्देश दिया था कि उनके निधन के बाद ही लिफाफा खोला जाए।
मस्कट के राजमहल में वो लिफाफा रखा हुआ है। अब वो लिफाफा खुलेगा तभी ओमान को उसके उत्तराधिकारी के बारे में पता चलेगा। बताया जाता है कि एक दूसरा लिफाफा भी है। उसे ओमान के दक्षिणी इलाके सलालाह के राजमहल में रखा गया है। उसमें भी सुल्तान ने अपने उत्तराधिकारी का नाम रख छोड़ा है।
कहा जा रहा है कि अगर किसी वजह से पहला लिफाफा नहीं मिलता है तो दूसरे लिफाफे के जरिए ओमान को उसका सुल्तान मिलेगा। एक दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक दूसरे लिफाफे में सुल्तान ने दूसरा नाम लिखा है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया है कि अगर पहले नाम पर सबकी रजामंदी नहीं हो पाती है तो दूसरे उत्तराधिकारी के नाम पर विचार कर उसे सुल्तान बनाया जाएगा।
ओमान के कानून के मुताबिक सुल्तान के निधन के बाद सबसे पहले ओमान का राजपरिवार उत्तराधिकारी को लेकर बैठक करेगा। अगर बैठक में किसी नाम पर सबकी सहमति बन जाती है तो उसे ही ओमान का सुल्तान घोषित कर दिया जाएगा। लेकिन सहमति नहीं बन पाने की स्थिति में सुल्तान के निधन के तीन दिन बाद लिफाफे को खोला जाएगा। लिफाफे में सुल्तान ने जिसका भी नाम लिख रखा है, उसे ओमान का सुल्तान घोषित कर दिया जाएगा। मॉर्डन ओमान में सुल्तान चुनने का ये तरीका अजीब लग सकता है। लेकिन हकीकत यही है।
ओमान में अल बू सैद वंश का शासन रहा है। इस परिवार के लोग 14 पीढिय़ों से ओमान पर राज कर रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात है कि सुल्तान चुनने को कोई तय फॉर्मूला नहीं है। काबूस बिन सईद 1970 में ओमान के सुल्तान बने। उनके सुल्तान बनने की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है। ओमान की सल्तनत उन्हें विरासत में नहीं मिली बल्कि उन्हें अपने ही पिता से इसे छीननी पड़ी।
1970 से पहले ओमान पर काबूस बिन सईद के पिता सुल्तान सैद बिन तैमूर का शासन था। वो बीमार और मानसिक तौर पर कमजोर हो चुके थे। लेकिन फिर भी राजगद्दी छोडऩे को तैयार नहीं थे। ओमान उस वक्त काफी पिछड़ा था। उस दौर में ब्रिटेन ने काबूस बिन सईद के उत्तराधिकार का समर्थन किया। सुल्तान सैद बिन तैमूर से राजगद्दी छोडऩे के लिए कहा गया।
इस बात पर वो इतना गुस्सा हो गए कि उन्होंने अपनी पिस्तौल निकाल ली। कहा जाता है कि गलती से पिस्तौल निकालते वक्त गोली चल गई और उनका पैर जख्मी हो गया। वो इलाज करवाने के लिए लंदन चले गए। दो साल बाद वहीं उनका निधन हो गया।
काबूस बिन सईद ने जिस वक्त सत्ता संभाली, ओमान काफी पिछड़ा राष्ट्र था। पूरे ओमान में सिर्फ 3 स्कूल थे। बस कुछ किलोमीटर तक सडक़ें बनी थी। काबूस बिन सईद ने ओमान का कायापलट कर दिया। 1970 के पहले वहां के ज्यादातर लोग खेती किया करते थे। काबूस बिन सईद ने ओमान के तेल और गैस के भंडारों से कमाई की और ओमान का कायापलट कर दिया।
ओमान की आबादी करीब 33 लाख है। खाड़ी के इलाके के ये बेहतरीन देशों में शामिल है। ओमान ने शिक्षा से लेकर सामाजिक कार्यों में जोरदार प्रदर्शन किया है। ओमान की अर्थव्यवस्था मजबूत है और देश में अमीरों की भरमार है। (न्यूज18)
 


Date : 11-Jan-2020

तेहरान, 11 जनवरी। ईरान ने शनिवार को स्वीकार किया कि उसकी सेना ने मानवीय चूक के चलते अनजाने में यूक्रेन के विमान को मार गिराया था, जिससे उसमें सवार 176 लोगों की मौत हो गई थी। यह बयान शनिवार सुबह आया, जिसमें कहा गया कि मानवीय चूक के चलते यह दुर्घटना हुई। इससे पहले ईरान ने कई दिनों तक विमान को गिराने की बात से इनकार किया, लेकिन अमेरिकी और कनाडा ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि ईरान ने ही विमान को मार गिराया है।
ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने कहा कि ये एक दुखद दिन है, हमारी सेना द्वारा की गई शुरूआती जांच में ये पाया गया है कि अमेरिकी दुस्साहस की वजह से इंसानी गलती हुई जो एक बड़े हादसे में तब्दील हो गई। हमें इसका दुख है और हम अपने लोगों, उनके परिवारों और उन देशों से माफी मांगते हैं जो इस हादसे का शिकार हुए हैं।
गौरतलब है कि यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस का बोइंग 737 विमान तेहरान से उड़ान भरने के कुछ समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। ईरान द्वारा इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमले के कुछ देर बाद यह विमान हादसा हुआ था। यह विमान यूक्रेन की राजधानी कीव जा रहा था। बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए इस विमान में ईरान के 82, कनाडा के 63, यूक्रेन के 11, स्वीडन के 10, अफगानिस्तान के चार, जर्मनी के तीन और ब्रिटेन के तीन नागरिक सवार थे।
इससे पहले ईरान ने इराक में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागी थीं। अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडाई अधिकारियों ने दावा किया था कि उनके पास इस तरह के वीडियो हैं जिनमें इस बात का प्रमाण है कि यह ईरान से छोड़ी गई मिसाइलों की चपेट में आकर गिरा था लेकिन ईरान का कहना था कि यह तकनीकी खराबी की वजह से गिरा था। 
ईरान के नागरिक विमानन संगठन (सीएओआई) प्रमुख अली आबेदजादेह ने शुक्रवार को कहा था कि ईरान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ यूक्रेन का विमान तकनीकी खराबी की वजह से गिरा था और पश्चिमी देशों का यह दावा गलत है कि वह हमारे मिसाइल हमले की चपेट में आकर नष्ट हुआ था। आबेदजादेह ने कहा था अगर इस विमान पर कोई मिसाइल हमला हुआ होता तो इसके टुकड़े काफी बड़े क्षेत्र में बिखरे होते लेकिन सारे टुकड़े एक ही स्थान पर मिले हैं। उन्होंने कहा कि जांच दल विमान के ब्लैक बॉक्स से प्राप्त होने वाली जानकारी का इंतजार कर रहा है। विमान के  पायलट ने  उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद वापिस लौटने के लिए कंट्रोल टावर को सूचना दी थी लेकिन बीच हवा में ही इसके इंजन में आग लग गई थी और दो मिनट बाद यह पूरी तरह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। (एजेंसी)
 


Date : 11-Jan-2020

कराची, 11 जनवरी। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार को शाम की नमाज के दौरान एक मस्जिद में हुए एक शक्तिशाली बम विस्फोट में एक इमाम और एक पुलिस अधिकारी समेत कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य जख्मी हो गए। डॉन अखबार ने खबर दी कि गौसाबाद इलाके स्थित मस्जिद में यह विस्फोट मगरीब (सूरज डूबते ही पढ़ी जाने वाली) नमाज के दौरान हुआ। विस्फोट की प्रकृति का फौरन पता नहीं चल सका है। क्वेटा के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अब्दुल रज्जाक चीमा ने बताया कि 15 मृतकों में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अमानुल्ला शामिल हैं।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, मृत पुलिस अधिकारी को निशाना बनाने के लिए विस्फोट किया गया हो सकता है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने खबर दी कि अज्ञात बंदूकधारियों ने पिछले महीने डीएसपी के बेटे की क्वेटा में हत्या कर दी थी। खबर में बताया गया है कि विस्फोट में 20 लोग जख्मी हुए हैं। कानून प्रवर्तक एजेंसियों ने इलाके की घेराबंदी कर ली है और घटना की जांच कर रही हैं।
इस बीच, इलाके के सभी अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। किसी भी संगठन ने विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। पाकिस्तानी फौज की मीडिया इकाई आईएसपीआर ने कहा कि फ्रंटियर कोर (एफसी) बलूचिस्तान के सैनिक मौके पर पहुंच गए हैं और पुलिस के साथ संयुक्त रूप से खोज अभियान चला रहे हैं।
आईएसपीआर ने सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा के हवाले से कहा, जिन लोगों ने मस्जिद में बेगुनाहों को निशाना बनाया, वे कभी सच्चे मुसलमान नहीं हो सकते। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जे कमाल खान ने हिंसा की निंदा की और जनहानि पर दुख जताया। गौरतलब है कि करीब तीन दिन पहले क्वेटा में सुरक्षा बलों की एक गाड़ी के पास हुए विस्फोट में दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी और कई जख्मी हो गए थे। (भाषा)
 


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