सूरजपुर
अम्बिकापुर,25 मई। कलेक्टर एवं ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के जिला समिति के अध्यक्ष अजीत वसंत के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत सीईओ एवं समिति के सदस्य सचिव विनय अग्रवाल के निर्देशन में जिले में चल रहे पांडुलिपि सर्वेक्षण एवं संरक्षण अभियान के दौरान सीतापुर विकासखंड के रजपुरी गांव से चार पांडुलिपियां प्राप्त हुईं। पांडुलिपियां होने जानकारी पर सर्वेयर शिक्षक सुशील मिश्र और जनपद कार्यालय के तकनीकी सहायक मुजफ्फर हुसैन संरक्षक परिवार से मिले। ग्राम रजपुरी निवासी लेखनकर प्रधान के पास ताड़पत्रों के चार बंडल मिले। जिनमें गौ शास्त्र, भागवत पुराण, इन्द्रजीत कथा (रामायण) तथा रामरत्न गीता से संबंधित पांडुलिपियां शामिल हैं। यह पांडुलिपियां लगभग वर्ष 1800 के आसपास की हो सकती हैं और कई पीढिय़ों से विरासत के रूप में सुरक्षित रखी गई थीं। इस दौरान बताया गया कि वर्ष 1955 के आसपास हीराकुंड बांध निर्माण के कारण उड़ीसा से बड़ी संख्या में लोगों का विस्थापन हुआ था। संभावना जताई जा रही है कि उसी दौरान यह साहित्य सरगुजा क्षेत्र तक पहुंचा।


