सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 8 मई। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जिला मुख्यालय स्थित रंगमंच मैदान में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 100 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फेरे, सिंदूरदान और वरमाला की रस्में पूरी कराई गईं। समारोह स्थल शहनाइयों, बैंड-बाजों और पुष्पवर्षा से गूंज उठा, जहां नवदंपत्तियों ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नवविवाहित जोड़ों को सुखमय दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विवाह भारतीय संस्कृति का सबसे पवित्र संस्कार है, जो दो आत्माओं को सात जन्मों के बंधन में जोड़ता है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा इस वर्ष दो चरणों में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर महिला ही मजबूत परिवार और समृद्ध समाज की नींव होती है। उन्होंने महिलाओं से शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वावलंबी बनने का आह्वान किया।
राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए सूरजपुर को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने का संकल्प दिलाया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने बाल विवाह रोकने और जागरूकता फैलाने की शपथ भी ली।
विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि राज्य शासन अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रहा है और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान को बढ़ावा देने के साथ दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी सकारात्मक संदेश देती है।
समारोह के दौरान नवदंपत्तियों और उनके परिजनों में उत्साह का माहौल रहा। विदाई के समय कई परिजनों की आंखें नम हो गईं। नवविवाहित जोड़ों और उनके परिवारों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष रेखालाल राजवाड़े, जनपद अध्यक्ष स्वाति सिंह, मुरली मनोहर सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


