सूरजपुर
गन्ना परिवहन और अवैध गुड़ उद्योगों पर कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवाल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
प्रतापपुर, 15 जनवरी। सूरजपुर जिले में गन्ना परिवहन और गुड़ उद्योगों से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जिले से प्रतिदिन गन्ना लोड ट्रकों के उत्तरप्रदेश, कोलकाता सहित अन्य राज्यों की ओर जाने की जानकारी सामने आ रही है।
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, 14 जनवरी को ग्राम कल्याणपुर से उत्तरप्रदेश जा रहे गन्ना लोड ट्रक क्रमांक सीजी 15 ईए 6788 को प्रशासनिक टीम द्वारा रोका गया। इस कार्रवाई के बाद गन्ना परिवहन से जुड़े मामलों पर चर्चा शुरू हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में लंबे समय से गन्ना परिवहन की गतिविधियां जारी हैं और केवल एक ट्रक पर की गई कार्रवाई से पूरे परिवहन तंत्र पर प्रभाव पडऩे की संभावना कम है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रतिदिन कई ट्रक गन्ना लेकर जिले से बाहर जा रहे हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि कुछ मामलों में मंडी अनुमति और दस्तावेजों को लेकर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। पकड़े गए ट्रक के चालक ने पूछताछ के दौरान बताया कि गन्ना स्थानीय स्तर पर लोड कराया गया था। इस संबंध में प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
प्रशासनिक आदेशों के अनुसार, सूरजपुर कलेक्टर द्वारा खंडसारी और गुड़ उद्योग संचालकों को 31 दिसंबर तक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। समय सीमा के बाद भी जिले में कुछ गुड़ उद्योगों के संचालन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। अब तक किन-किन इकाइयों के दस्तावेजों की जांच हुई है, इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ गुड़ उद्योगों के पास लाइसेंस, पर्यावरण स्वीकृति और मंडी पंजीयन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। राजस्व, खाद्य, उद्योग और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
कृषि और उद्योग क्षेत्र से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि जिले में उपलब्ध गन्ने का उपयोग स्थानीय स्तर पर होना किसानों और संबंधित उद्योगों के लिए लाभकारी हो सकता है। वहीं, गन्ना परिवहन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और नियमों के पालन की आवश्यकता बताई जा रही है।
कल्याणपुर से पकड़े गए ट्रक के बाद यह अपेक्षा जताई जा रही है कि प्रशासन द्वारा गन्ना परिवहन और गुड़ उद्योगों से जुड़े मामलों में नियमों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से इस विषय में आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी शेष है।


