सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 26 फरवरी। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र अंतर्गत आमगांव खदान में बुधवार दोपहर पटना सरपंच द्वारा ग्रामीणों के साथ पहुंचकर उत्पादन कार्य बाधित करने के कारण खदान लगभग 26 घंटे तक बंद रही। इस दौरान कोयला उत्पादन और ओबी रिमूवल का कार्य पूरी तरह ठप हो गया, जिससे कंपनी को भारी क्षति उठानी पड़ी।
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर सरपंच 40-50 ग्रामीणों के साथ खदान पहुंचीं और कोयला उत्पादन व ओबी हटाने का कार्य रुकवा दिया। प्रबंधन की ओर से कई बार बातचीत कर खदान शुरू कराने का प्रयास किया गया, लेकिन सरपंच अपने रुख पर अड़ी रहीं। सूचना मिलने पर तहसीलदार एवं रामानुजनगर थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से चर्चा की, परंतु तत्काल कोई समाधान नहीं निकल सका।
बताया जाता है कि दूसरे दिन उत्पादन कार्य में लगी निजी कंपनी आशीर्वाद द्वारा आगामी माह में स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार देने का आश्वासन देने के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद गुरुवार दोपहर बाद खदान का संचालन पुन: शुरू हो सका। खदान बंद रहने से करीब 4 हजार टन कोयला उत्पादन प्रभावित हुआ। साथ ही मशीनें बंद रहने से ओबी रिमूवल कार्य भी बाधित रहा, जिससे कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ है।
गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही सरपंच महाप्रबंधक कार्यालय पहुंची थीं, जहां गांव के नौ ग्रामीणों में से चार को नियुक्ति पत्र तथा पांच को मेडिकल परीक्षण हेतु पत्र सौंपे गए थे। उस दौरान प्रबंधन से सकारात्मक चर्चा हुई थी और सरपंच ने नौकरी एवं मुआवजा प्रकरणों के चरणबद्ध निराकरण की सराहना भी की थी। इसके बावजूद अचानक खदान बंद कराने की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार इससे पहले भी पांच-छह बार विभिन्न मांगों को लेकर खदान का कार्य बाधित किया जा चुका है। प्रबंधन ने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर सहित उच्चाधिकारियों से कर दी है।
गुरुवार दोपहर खदान पुन: प्रारंभ होने के बाद प्रबंधन ने राहत की सांस ली है।


