सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 27 फरवरी। अंबिकापुर-अनूपपुर के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन के लगातार विलंब से परिचालन को लेकर यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गुरुवार को ट्रेन संख्या 68758 का इंजन बीच रास्ते फेल हो जाने से सैकड़ों यात्री करीब दो घंटे तक जंगल क्षेत्र में फंसे रहे। बाद में ट्रेन को कोतमा तक लाकर रद्द कर दिया गया। शुक्रवार को भी उक्त मेमू ट्रेन निरस्त रही।
जानकारी के अनुसार मेमू ट्रेन संख्या 68758 गुरुवार शाम 6.10 बजे अंबिकापुर से अनूपपुर के लिए रवाना हुई थी, जिसका निर्धारित आगमन समय रात 10 बजे अनूपपुर है। लेकिन बिजुरी और कोतमा के बीच भैयाटोला के पास अचानक पावर इंजन के पाइप में खराबी आ गई, जिससे ट्रेन बीच जंगल में रुक गई।
करीब दो घंटे बाद दूसरे इंजन की व्यवस्था कर ट्रेन को कोतमा तक लाया गया, जहां से उसे रद्द कर दिया गया। अचानक ट्रेन निरस्त होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ट्रेन में सवार बिश्रामपुर निवासी चरणजीत सिंह ने बताया कि वे अपनी पुत्री श्रेया को बी.कॉम ऑनर्स की परीक्षा दिलाने भोपाल ले जा रहे थे। उन्हें अनूपपुर से अमरकंटक एक्सप्रेस पकडऩी थी, लेकिन मेमू ट्रेन की देरी के कारण वे समय पर अनूपपुर नहीं पहुंच सके। कोतमा में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के ट्रेन रद्द कर दी गई, जिससे उनकी पुत्री की परीक्षा छूट गई।
यात्रियों का कहना है कि अंबिकापुर-अनूपपुर मेमू अक्सर विलंब से चलती है, जिससे कनेक्टिंग ट्रेनें छूट जाती हैं और आगे की यात्रा प्रभावित होती है। लगातार लेटलतीफी और अब तकनीकी खराबी के कारण लोग मेमू ट्रेन की उपयोगिता पर सवाल उठा रहे हैं। यात्रियों ने आरोप लगाया कि रेल प्रबंधन मालगाडिय़ों को प्राथमिकता देता है, जबकि यात्री ट्रेनों को बीच रास्ते खड़ा कर दिया जाता है। इधर, रेल प्रशासन की ओर से शुक्रवार को भी मेमू ट्रेन रद्द कर दी गई, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है।


