सूरजपुर

एसईसीएल क्षेत्रों में नए श्रम संहिताओं के विरोध में श्रमिक संगठनों का प्रदर्शन
29-Nov-2025 10:31 PM
  एसईसीएल क्षेत्रों में नए श्रम संहिताओं के विरोध में श्रमिक संगठनों का प्रदर्शन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

विश्रामपुर, 29 नवंबर। एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए चार श्रम संहिताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने गेट मीटिंग, धरना और काला फीता तथा काला झंडा लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन में शामिल श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की कि चारों श्रम संहिताओं को वापस लिया जाए। संगठनों ने कहा कि विरोध प्रदर्शन में कोयला क्षेत्रों के श्रमिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

एटक की इकाई एसकेएमएस के महासचिव अजय विश्वकर्मा, एचएमएस के महामंत्री नाथूलाल पांडेय, एसईकेएमसी के महासचिव गोपाल नारायण और सीटू के महासचिव वी.एम. मनोहर ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि स्वतंत्रता के पूर्व और बाद में श्रमिकों के लिए बने कई मौजूदा कानूनों को हटाकर लाया गया यह नया ढांचा ‘‘श्रमिक हितों को प्रभावित कर सकता है’’। नेताओं का कहना है कि इन संहिताओं के लागू होने से ‘‘स्थाई नौकरी, सुरक्षा और ट्रेड यूनियन गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा’’।

नेताओं ने दावा किया कि एसईसीएल सहित कोयला उद्योगों में श्रमिकों ने चारों संहिताओं को लेकर व्यापक विरोध जताया। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार इन संहिताओं को लागू करने पर अडिग रही, तो श्रमिक ‘‘आंदोलन को और तेज करने और हड़ताल जैसे कार्यक्रमों के लिए तैयार हैं।’’

संयुक्त बयान में यह भी कहा गया है कि 26 नवंबर को देशभर में श्रमिक संगठन कोयला खदानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रवेश द्वार पर काला फीता लगाकर तथा श्रम कोड की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज करेंगे।


अन्य पोस्ट