सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
प्रतापपुर,18 नवंबर। सूरजपुर जिला के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत स्थित भैसामुंडा महानदी पुल की मरम्मत में लापरवाही और गुणवत्ता की अनदेखी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। मरम्मत कार्य तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल के एक हिस्से की मरम्मत को 6-7 दिन हो चुके हैं, लेकिन न तो उस पर पर्याप्त पानी डाला गया और न ही किसी अधिकारी ने स्थल पर निरीक्षण किया। मरम्मत पूरी न होने से प्रतिदिन लंबा जाम लग रहा है और आवागमन बाधित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के घटिया निर्माण से पुल कुछ ही दिनों में दोबारा गड्ढों में तब्दील हो जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की खराब स्थिति और घटिया मरम्मत किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उनका कहना है कि घटिया सामग्री का उपयोग,तकनीकी मानकों की अनदेखी और निगरानी का अभाव के कारण पुल की संरचना और भी कमजोर होती जा रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि वर्तमान मरम्मत को रोककर, तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में नई शुरुआत के साथ मजबूत मरम्मत कराई जाए, क्योंकि यह पुल बनारस मार्ग का सबसे व्यस्त और इकलौता मार्ग है।
1977 में निर्मित पुल, 2016 की बारिश के बाद से हालत और जर्जर
भैसामुंडा महानदी पुल का निर्माण वर्ष 1977 में हुआ था। वर्ष 2016 की भारी बारिश में आसपास के ब्लॉकों में कई छोटी नदियाँ और पुल बह गए थे,जिससे यह पुल भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ था। तभी से इसकी मरम्मत की मांग लगातार उठती रही है, लेकिन कभी भी इसे मजबूत तरीके से नहीं सुधारा गया।


