राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 9 मार्च। विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से बेईमानी से प्रवंचना कर सायबर धोखाधड़ी कर राशि प्राप्त करने के लालच में किया गया कृत्य के मामले में पुलिस ने एक और म्यूल एकाउंट धारक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
मिली जानकारी के अनुसार भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल के माध्यम से विभिन्न म्यूल एकाउंट धारकों के विरूद्ध कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय राजनांदगांव से प्राप्त पत्र जिसमें वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त निर्देशानुसार भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र समन्वय पोर्टल को पुलिस के लिए अनुसंधान प्रयोजन में सायबर अपराध की जानकारी साझा करने प्रशस्त मार्गदर्शक में ऐसे म्यूल बैंक एकाउंट जिसका इस्तेमाल सायबर धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का व्ययन करने, उपयोग करने व संवर्धन करने के लिए उपयोग में लाया गया है। उक्त सेसंबंधित जानकारी समन्वय पोर्टल से एकत्रित की गई।
सायबर धोखाधड़ी से प्राप्त धन राशि का उपयोग बैंक खाता धारका संवर्धक व मोबाइल नंबर धारक द्वारा किया गया है। उक्त संबंधित बैंक खाता के धारक के संबंध में वांछित जानकारी प्राप्त की गई है। उक्त धनराशि की प्राप्ति हेतु खाता खुलवाने व सहायता पहुंचाने वाले धारक/संपर्थक द्वारा साधारणत: उक्त कार्य में अग्रसर रहकर अवैध धन जो साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को यह जानते हुए कि वह सम्पति बेईमानी व किसी प्रवंचनापूर्ण उपायों द्वारा प्राप्त की गई है, ऐसे संपत्ति को अभ्यासत: प्राप्त करना पाए जाने से अप.क्र. 105/25 धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) भारतीय न्याय संहिता कायम कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पूर्व मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार न्यायिक रिमांड में भेजकर प्रकरण में अन्य आरोपी शामिल होने से धारा 193 (9) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत विवेचना जारी रखते चालान न्यायालय पेश किया गया है। प्रकरण में विवेचना के दौरान आरोपी भरत कुमार वैष्णव 20 वर्ष निवासी ग्राम किरगी थाना लालबाग को 8 मार्च को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार करने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।
जेल वारंट प्राप्त होने पर जिला जेल राजनांदगांव में दाखिल किया गया है।


