राजनांदगांव
कांग्रेस कल बढ़ते अपराधों के खिलाफ काली पट्टी लगाकर करेगी मौन प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ संवाददाता
राजनांदगांव, 2 सितंबर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराध और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य की महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उनके मन में डर पैदा हो गया है।
सोमवार को कांग्रेस शहर अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 9 माह के कार्यकाल में भाजपा सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को ताक में रख दिया। जिससे राज्य में रोज सामुहिक बलात्कार और महिला प्रताडऩा के मामले सामने आ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह दुर्भाग्यजनक है कि राजधानी रायपुर में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। रायपुर के नए बस स्टैंड में एक महिला के साथ सामुहिक दुष्कर्म हो जाता है। महिलाएं खुले वातावरण में निकलने से भयभीत हैं। बस्तर, जशपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर में महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही है।
एक आंकड़ा पेश करते कांग्रेस ने कहा कि 8 माह में प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ 3 हजार 94 अपराध हुए तथा 600 से ज्यादा बलात्कार की घटनाएं हुई। भिलाई के डीपीएस स्कूल में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुराचार की घटना हो गई। कांग्रेस का आरोप है कि बिना एफआईआर किए उचित तरीके जांच नहीं हुई। जबकि पॉस्को एक्ट में प्रावधान है कि ऐसी घटना होने पर एफआईआर दर्ज होना चाहिए, उसके बाद जांच होती है। कांग्रेस नेताओं ने भिलाई में हुई इस घटना से जुड़ी और भी सवाल किए हैं।
इस मामले में कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि सभी महिलाएं, युवतियां और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर सडक़ पर लड़ाई लड़ते आंदोलन किया जाएगा। सरकार को महिलाआं की सुरक्षा के लिए ठोस बंदोबस्त करने बाध्य होना पड़ेगा। शहर अध्यक्ष छाबड़ा ने बताया कि कल 3 सितंबर को कांग्रेस के समस्त कार्यकर्ता, पदाधिकारी महिलाओं पर बढ़ते अपराध के खिलाफ जिला स्तर पर काली पट्टी लगाकर मौन प्रदर्शन करेंगे। पत्रकारवार्ता में जिलाध्यक्ष भागवत साहू, थानेश्वर पटिला, मेहुल मारू, शारदा तिवारी, श्रीकिशन खंडेलवाल शामिल थे।


