राजनांदगांव
1 लाख से ढाई 2 लाख तक की सहायता
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 11 जनवरी। जिले में श्रमिकों एवं उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से श्रम विभाग के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इनमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजन शामिल हैं।
इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं असंगठित कर्मकारों तथा उनके परिवारों को दुख की घड़ी में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना के तहत यदि पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता होती है, तो अधिसूचना में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उन्हें सहायता राशि प्रदान की जाती है। योजनांतर्गत पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु होने पर 1 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 50 हजार रुपये से 2 लाख 50 हजार रुपये तक की सहायता राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
वहीं, अपंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 1 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। हालांकि,योजना के तहत परिवार के अन्य सदस्य की मृत्यु पर कोई लाभ नहीं दिया जाता है। साथ ही आत्महत्या, मादक पदार्थों के सेवन से हुई मृत्यु, अपराध के उद्देश्य से कानून उल्लंघन के दौरान हुई मृत्यु, आपसी मारपीट या बलवा में हुई मृत्यु की स्थिति में किसी भी प्रकार की सहायता राशि देय नहीं होगी। योजना का लाभ लेने के लिए यह अनिवार्य है कि हिताधिकारी का पंजीयन मृत्यु अथवा दिव्यांगता की तिथि से कम से कम 90 दिवस पूर्व किया गया हो। उत्तराधिकारी द्वारा योजना के अंतर्गत आवेदन विभागीय वेब पोर्टल, श्रम एव जयते मोबाइल एप, किसी भी चॉइस सेंटर/अटल डिजिटल केंद्र, संबंधित श्रम कार्यालय अथवा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के साथ पंजीयन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, नामिनी का आधार कार्ड, पूर्ण स्थायी पता प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर, मृत्यु प्रमाण पत्र तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में चिकित्सक द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करना अनिवार्य होगा।
आवेदन की जांच के पश्चात पात्रता अनुसार स्वीकृत सहायता राशि डीबीटी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे हितग्राही के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है।


