राजनांदगांव

नई पेंशन स्कीम के लिए 16 हजार सरकारी कर्मी में आवेदन करने मची होड़
13-Feb-2023 1:44 PM
नई पेंशन स्कीम के लिए 16 हजार सरकारी कर्मी में आवेदन करने मची होड़

 24 फरवरी अंतिम तारीख, रेवन्यू टिकट की किल्लत से कर्मी परेशान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 13 फरवरी।
राजनांदगांव समेत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों में राज्य सरकार की नई पेंशन स्कीम के लिए आवेदन जमा करने के लिए होड़ मची हुई है। तीनों जिलों में  एक अप्रैल 2004 से कार्यरत कर्मियों की कुल संख्या 16 हजार 602 है। वर्तमान में राजनांदगांव से पृथक हुए एमएमसी और केसीजी जिले के कर्मियों के लिए नवीन कोषालय की स्थापना नहीं होने से स्थानीय कोषालय से ही वेतन आहरित किए जा रहे हैं। जिसके चलते कर्मियों की संख्या राजनांदगांव जिले में ही दर्ज है।

बताया जा रहा है कि आगामी 24 फरवरी तक पेंशन योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख है। 2004 के बाद अलग-अलग पदों में कार्यरत कर्मियों के लिए पेंशन व्यवस्था खत्म कर दी गई थी। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को पेंशन देने का ऐलान किया है। जिसके चलते अब कर्मचारियों को नई और पुरानी पेश्ंान योजना को लेकर विकल्प दी गई है। जिन कर्मचारियों की कुल सेवा 10 वर्ष से कम है, उनमें दोनों में से एक विकल्प को चुनना मुश्किल हो रहा है। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने ओल्ड पेंशन योजना को लागू करने का ऐलान किया है।

साल 2004 के पहले कर्मचारियों को ओपीएस मिल रही थी, लेकिन केंद्र सरकार ने उसे एनपीएस में बदल दिया। यहां यह बता दें कि एनपीएस स्कीम में पेंशन शेयर बाजार के मार्केट पर निर्भर करता है। इसमें कर्मचारियों द्वारा 10 प्रतिशत अंशदान और नियोक्ता के द्वारा 14 प्रतिशत का अंशदान जमा कराया जाता है। बताया जा रहा है कि राजनंादगांव जिले के कोषालय में जीपीएफ और डीपीएफ स्कीम के तहत क्रमश: 3647 और 1534 कर्मचारियों को पेंशन की व्यवस्था प्रदाय की जा रही है। सीपीएस के तहत 16 हजार 602 कर्मचारी कार्यरत हैं। उक्त कर्मचारियों में ही नई पेंशन योजना का लाभ उठाने आवेदन जमा करने के लिए होड़ मची हुई है। राज्य सरकार ने नई और पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर कर्मचारियों को विकल्प भी दिया है। ज्यादातर नए कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को स्वीकार करने के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया है।

रेवन्यू टिकट को लेकर गहराया संकट
पेंशन के लिए आवेदन जमा करने के लिए कर्मचारियों को रेवेन्यू टिकट का सामना करना पड़ रहा है। कोर्ट और अन्य सरकारी दफ्तरों में रेवेन्यू टिकट के लिए कर्मचारी भटक रहे हैं। कतिपय नोटरी ने रेवेन्यू टिकट की जमाखोरी शुरू कर दी है। 5 से 10 रुपए के मूल्य वाले रेवन्यू टिकट को 50 से 60 रुपए में बेचा जा रहा है। बताया जा रहा है कि दुर्ग से भी रेवन्यू टिकट की बड़ी मात्रा में खरीददारी की गई है। स्थानीय तहसील कार्यालय में कर्मचारियों से रेवेन्यू टिकट 5 से 6 गुना दाम पर वसूले जा रहे हैं। जिसके चलते सरकारी कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी है।
 


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