राजनांदगांव
कोहलाटोला की बेटी प्रज्ञा के व्यवहार न्यायाधीश पद पर चयन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 26 फरवरी। खैरागढ़ जिले के छुईखदान से लगे कोहलाटोला ग्राम ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। प्रज्ञा वैष्णव ने व्यवहार न्यायाधीश की परीक्षा पास कर लिया है।
प्रज्ञा वैष्णव स्व. गंगादास वैष्णव की पोती एवं अधिवक्ता भरत दास वैष्णव की सुपुत्री है। उनके इस चयन से न केवल परिवार, बल्कि पूरे ग्राम और क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। ग्रामवासियों का कहना है कि कोहलाटोला शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है और यहां के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं।
ग्राम कोहलाटोला को क्षेत्र का सबसे शिक्षित ग्राम माना जाता है। यहां से सैकड़ों लोग शिक्षक, पटवारी, आरआई, पंचायत सचिव, वकील, खाद्य निरीक्षक, डिप्टी कलेक्टर, प्राचार्य सहित विभिन्न प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अब प्रज्ञा वैष्णव के न्यायाधीश बनने से गांव को एक नई पहचान मिली है, जो आने वाले समय क्षेत्र के छात्रों के लिए लिए ड्रीम बनेगी। इस उपलब्धि पर जिला वैष्णव समाज के अध्यक्ष देवराज किशोर दास ने कहा कि समाज की बेटी ने क्षेत्र का मान बढ़ाया है। समाज द्वारा शीघ्र ही एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित कर प्रज्ञा वैष्णव को सम्मानित किया जाएगा। प्रज्ञा वैष्णव ने बताया कि वे अपने पिता को वकालत करते देखकर न्यायधीश बनने की कल्पना की थी, जो आज साकार हो गया है।


