राजनांदगांव
जिले के अलावा राज्य के कई हिस्सों में दे चुके हैं प्रस्तुति
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 12 फरवरी। नवनीत मित्र मानस परिवार चौकीपारा मोतीपुर से जुड़े युवा भाई-बहन मानस को नई पहचान दे रहे हैं। निहारिका गढ़ेवाल गायन में नयापन के माध्यम से मानस का गान करती हैं। वहीं संगीत के छात्र उद्देश्य गढ़ेवाल गायन के साथ तबला में संगत देकर उसे संजोते हैं। उनकी मंडली जिले के अलावा राज्य के कई हिस्सों में सराहनीय प्रस्तुति दे चुके हैं।
बीते छह दशक से नवनीत मित्र मंडल परिवार भक्ति संगीत का सफर कर रहा है। बुजुर्गों की विरासत को अब युवा भाई-बहन निहारिका व उद्देश्य संजीदगी के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। इस वर्ष की हालिया प्रस्तुति में उनकी मंडली ने ग्राम भंवरमरा में मानस प्रतियोगिता में चौथा स्थान पाया। नर्रा गांव में उन्हें दूसरा स्थान मिला था। घुमका में तीसरा, पाररास में उनकी मंडली ने गायन के साथ तबला में विशेष पुरस्कार हासिल किया था।
हर कलाकार हैं मंझे हुए
नवनीत मित्र मानस परिवार से जुड़ा हर कलाकार अपने क्षेत्र में पारंगत हैं। सभी मंझे हुए हैं। यही कारण है कि मंडली हर जगह नई छाप छोड़ रही है। टीम में डीआर वर्मा टीकाकार की भूमिका निभाते हैं। पेड पर कौशल साहू और आर्गन पर निर्मल गढ़ेवाल बेहतर संगीत संयोजन करते हैं। वहीं कोरस में शैलेंद्र गढ़ेवाल के साथ बांसुरी में भगवती गंभीर की प्रस्तुति बेजोड़ होती है।
मंडली के कमल गढ़ेवाल ने बताया कि आने वाले दिन में नवनीत परिवार सिहावा नगरी, कोंडागांव, कुंबाजी, श्रृंगी आश्रम धमतरी के सांकरा में मानस का मर्मज्ञ सुनाएगा। महाशिवरात्रि पर यह मंडली शंकर-भोले की भक्ति से सराबोर कार्यक्रम देगी। बताया गया कि मानस सम्मेलनों में इस टीम ने इस वर्ष गैंदाटोला, पठानढोडग़ी, चिखली, बोरी, मुड़पार, आलीखूंटा, बोईरडीह, आरकुंड व पैलीमेटा में शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया था।


