राजनांदगांव

बूढ़ासागर सौंदर्यीकरण घोटाले में शामिल दो ईई समेत सब इंजीनियर और लेखापाल होंगे निलंबित
26-Aug-2022 1:10 PM
बूढ़ासागर सौंदर्यीकरण घोटाले में शामिल दो ईई समेत सब इंजीनियर और लेखापाल होंगे निलंबित

सामान्य सभा में ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने व दोषियों पर एफआईआर का ऐलान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 26 अगस्त।
राजनांदगांव नगर निगम की सामान्य सभा अब तक की सबसे हंगामेदार सभा साबित हुई। गुरुवार सुबह से शुरू हुए सामान्य सभा की बैठक गुजरी रात एक बजे तक शोरगुल के साथ खत्म हुई। दरअसल विपक्ष इस बात पर अड़ा रहा कि 17 करोड़ की लागत से बूढ़ासागर में हुए सौंदर्यीकरण की जांच के बाद दोषी अफसरों और ठेकेदार के खिलाफ  निलंबन और एफआईआर दर्ज हो। विपक्षी पार्षदों की मांग को आखिरकार सदन में सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।

यानी घोटाले के मुद्दे को लेकर आक्रामक भाजपा पार्षदों की मांग पर सदन ने मुहर लगा दी। माना जा रहा है कि पक्ष और विपक्षी पार्षदों ने सर्वसम्मति से तत्कालिन ईई दीपक जोशी, वर्तमान कार्यपालन अभियंता यूके रामटेके, इंजीनियर कामना यादव, सब इंजीनियर, दीपक नहला तथा लेखापाल राकेश नंदे को निलंबित करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया है। वहीं इस पूरे मामले को लेकर आयुक्त को कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है।

बताया जा रहा है कि विधिसम्मत कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकार से अभिमत मांगेगा। इसके बाद कार्रवाई होगी। विपक्ष की एफआईआर दर्ज करने की मांग को भी सदन ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले गुरुवार को पूरे दिन पक्ष-विपक्षी पार्षदों ने कई बार आपस में   भिड़े। पार्षद संतोष पिल्ले के कथित रूप से भाजपा पार्षद गगन आईच को थप्पड़ जडऩे का मामला सदन में गरमाया रहा। इस मामले को लेकर काफी देर तक  सदन स्थगित करना पड़ा। दोनों पार्षदों ने माफीनामा  देकर सदन की कार्रवाई को शुरू करने का आग्रह किया।

बताया जा रहा है कि पार्षद पिल्ले पर निजी तौर पर टिप्पणी करने के मामले में गगन आईच को सत्तापक्ष ने घेरा और इसके बाद पिल्ले आईच के निर्धारित सीट पर बहस करने के लिए पहुंच गए। हालांकि सदन की कार्रवाई के लिए बनाए गए वीडियो  में पिल्ले सीधे तौर पर हाथ उठाते दिखाई दे रहे हैं। तथाकथित थप्पड़ मारने के मामले में विपक्ष भी एकजुट  हो गया। आखिरकार दोनों ने सदन में अपने व्यवहार पर माफी मांगा। इस बीच 17 विषयों पर आयोजित बैठक में अलग-अलग चर्चाएं हुई। जिसमें कुछ विषयों को लेकर विपक्ष ने ऐतराज जताया। 17 विषयों में मेडिकल कॉलेज वार्ड का नामकरण पं. काशीनाथ बाजपेयी, बजरंगपुर नवागांव शासकीय हाईस्कूल का नाम स्वतंत्रता सेनानी स्व. दशरथलाल चौबे के नाम करने जैसे अन्य विषय सर्वसम्मति से पास हो गए। उधर देर रात एक बजे तक निगम की सामान्य सभा चलती रही। अंतिम समय में बूढ़ासागर सौंदर्यीकरण  भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई करने की घोषणा की गई। माना जा रहा है कि जल्द ही अफसरों पर एफआईआर दर्ज भी होगी।

सभी विषय सर्वसम्मति से पारित - मेयर
महापौर हेमा देशमुख ने कहा कि शहर विकास से जुड़े विषयों को लेकर सत्तापक्ष ने प्रस्ताव रखा। जिसमें  पं. काशीनाथ बाजपेयी के नाम पर पेंड्री वार्ड का नामकरण को मंजूरी दी गई है। वहीं अन्य विषयों को लेकर भी आम राय बनी। महापौर ने कहा कि बूढ़ासागर सौंदर्यीकरण में घोटाले के मामले में सत्तापक्ष ने भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की विपक्ष की मांग को स्वीकार किया है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।



विपक्ष की एकजुटता से अफसरों पर कार्रवाई - किशुन
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने अफसरों पर कार्रवाई की अनुशंसा को एक तरह से विपक्ष की एकजुटता का परिणाम करार देते कहा कि सौंदर्यीकरण के नाम पर दोषियों ने भ्रष्टाचार किए। जिसमें 17 में से 15 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए हैं। इस मांग को लेकर विपक्ष काफी आवाज उठाता रहा है। सदन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित होना विपक्ष की मांग को  जायज ठहराता है।
 


अन्य पोस्ट