रायपुर

भिक्षावृत्ति, बाल श्रम और कचरा बिनने वाले बच्चों की पहचान होगी जून में
25-May-2026 6:24 PM
भिक्षावृत्ति, बाल श्रम और कचरा बिनने वाले बच्चों की पहचान होगी जून में

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 25 मई। छत्तीसगढ़ शासन ने सडक़ जैसी परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों को सुरक्षित बचपन, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से जोडऩे की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बाल सक्षम नीति, 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत 01 जून से 30 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में विशेष सघन अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से सडक़ पर रहने वाले, भिक्षावृत्ति, बाल श्रम और अपशिष्ट संग्रहण में संलग्न बच्चों की पहचान कर उनका रेस्क्यू, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जोडऩे की व्यापक कार्रवाई की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह अभियान केवल बच्चों की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, आश्रय और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वित प्रयास किया जाएगा। राज्य शासन ने ऐसे बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं संशोधित नियम 2022 के तहत देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक की श्रेणी में शामिल करते हुए उनके स्थायी पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में सभी जिलों में विशेष रेस्क्यू टीम गठित की जाएगी। विभिन्न विभागों के अधिकारियों को वार्ड एवं संकुल स्तर पर जिम्मेदारी दी जाएगी।  सडक़ जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान के दौरान रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।  अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस , श्रम , रेलवे, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य , पंचायत एवं ग्रामीण विकास, चाइल्ड लाइन, स्वयंसेवी संस्थाओं और विधिक सेवा प्राधिकरण       का समन्वित सहयोग लिया जाएगा।

दिल मिले या न मिले हाथ मिलाते रहिये- अग्रवाल

कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रही खींचतान पर भाजपा  प्रवक्ता दाऊ अनुराग अग्रवाल ने तंज कसा है कि  दुश्मनी लाख सही, ख़त्म न कीजिए रिश्ता । दिल मिले या न मिले हाथ मिलाते रहिये।  कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज व वरिष्ठ नेता टी एस सिंहदेव ने साथ भोजन करके यह संदेश देने का प्रयत्न किया कि कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक चल रहा है । परंतु कांग्रेस अपनी संस्कृतियों के अनुसार हाथ खींचतान के लिए ही मिलाती है ।


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