रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 15 अप्रैल। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, रायपुर द्वारा रक्षक पाठ्यक्रम को लागू करने विश्वविद्यालयीन परामर्श बैठक का आयोजन किया।
आयोग के सचिव प्रतीक खरे एवं आयोग की डायरेक्टर श्रीमती संगीता बिंद ने कुलपतियों, कुलसचिवों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत किया । आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि रक्षक पाठ्यक्रम केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त सामाजिक अभियान है। हम सभी का सामूहिक प्रयास है कि इस पहल को अंतिम स्वरूप देकर इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाए, जिससे आने वाली पीढ़ी सुरक्षित एवं जागरूक बन सके।
इस बैठक में रविशंकर शुक्ल विवि,पत्रकारिता एवं जनसंचार विवि, गहिरा गुरु विवि (सरगुजा), श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (भिलाई), एमिटी यूनिवर्सिटी एवं अंजनेय यूनिवर्सिटी के कुलपति, कुलसचिव और अधिकृत प्रतिनिधि एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य रक्षक पाठ्यक्रम को आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रभावी रूप से लागू करने की तैयारी है। विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए पाठ्यक्रम की उपयोगिता, संरचना एवं व्यवहारिक पहलुओं पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।


