कोण्डागांव
राज्यपाल और सीएम के नाम एसडीएम को ज्ञापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 30 अप्रैल। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई), जिला परिषद कोण्डागांव ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोण्डागांव को सौंपा। ज्ञापन में कोण्डागांव जिला सहित बस्तर संभाग के आदिवासी बहुल क्षेत्रों से जुड़ी 12 समस्याओं और मांगों को उठाते हुए उनके समाधान की मांग की गई है।
सीपीआई के अनुसार, इन मांगों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और वनाधिकार से जुड़े मुद्दों का समाधान करना है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं- प्रत्येक ग्राम पंचायत में सचिव और रोजगार सहायक की नियुक्ति की जाए। आधार कार्ड में त्रुटियों के सुधार की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। बस्तर संभाग में उद्योग स्थापना के लिए भूरिया समिति की सिफारिशों को लागू किया जाए और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए। वनाधिकार कानून के तहत पात्र लोगों को अधिकार पत्र प्रदान किए जाएं। शासकीय भूमि पर लंबे समय से निवासरत लोगों को पट्टा दिया जाए। कुछ स्थानीय जातियों को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने की मांग। वनों की कटाई पर रोक और ग्राम सभा की सहमति को अनिवार्य करने की मांग। चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार। मनरेगा के तहत रोजगार अवधि बढ़ाने और बजट में वृद्धि की मांग। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की मांग। 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को पेंशन प्रदान करने की मांग। सीपीआई ने ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की जाए। संगठन ने यह भी कहा कि मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने की स्थिति में आंदोलन किया जा सकता है।


