धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 6 फरवरी। धमतरी जिला स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ़ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में बच्चों में मधुमेह की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने हेतु एएनएम और मितानिन समूह का विशेष एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। गुरुवार को सिविल हॉस्पिटल कुरुद में हुई इस कार्यशाला में चिकित्सक एवं यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम द्वारा ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक एवं मितानिन, स्वास्थ्यकर्मियों को टाइप-1 डायबिटीज़-बाल मधुमेह का स्वास्थ्य पर पडऩे वाले विपरीत प्रभाव और इसकी जल्द से जल्द पहचान, उसके अनुरूप इलाज और विभिन्न पहलुओं के बारे में तकनीकी जानकारी प्रदान की गई, ताकि वे अपने-अपने स्तर पर बेहतर सेवाएँ प्रदान कर सकें। साथ ही मुख्य रूप से टाइप-1 डायबिटीज की पहचान, उपचार व प्रबंधन, काउंसलिंग, रोगी सहायता समूह की भूमिका, समुदाय आधारित जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य तथा पारिवारिक सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यूएल कौशिक ने प्रशिक्षण के संदर्भ में कहा कि यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरक कदम बताया। बीएमओ डॉ. हेमराज देवांगन डॉ. गजेंद्र सिंग ने भी प्रशिक्षण में योगदान दिया। इस मौके पर डॉ. जेपी दीवान, प्रिया कंवर, रोहित पांडेय, पुष्पेंद्र साहू आदि उपस्थित थे।


