सामान्य सभा में विरोध के बाद 80 फीसदी प्रस्ताव बहुमत से पारित
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 18 मार्च। नगर निगम की सामान्य सभा बुधवार को निगम कार्यालय में आयोजित हुई, जिसमें शहर से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए गए। बैठक में कुछ प्रस्तावों पर विपक्षी पार्षदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जबकि कई प्रस्ताव बहुमत के आधार पर पारित कर दिए गए।
बैठक में नगर निगम की दुकानों की निविदा, जल कनेक्शन नियमितीकरण, जलकर बकाया पर छूट और सफाई व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से विचार किया गया।
सभा में संजय बाजार परिसर स्थित एक्स-वाई ब्लॉक के पीछे की दुकानों के लिए प्राप्त निविदाओं पर निर्णय लिया गया, यहां पांच दुकानों के लिए उच्चतम बोली लगाने वालों के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। दुकान क्रमांक-1 के लिए एल श्रीनिवास राव ने 6 लाख रुपये की शासकीय दर के मुकाबले 15 लाख 51 हजार रुपये की बोली लगाई। दुकान क्रमांक -2 के लिए श्रीमती एल सुनीता राव ने 11 लाख 51 हजार 151 रुपये की बोली दी।दुकान क्रमांक-4 के लिए शोभा सेन ने 6 लाख 60 हजार 600 रुपये की बोली लगाई, जबकि दुकान क्रमांक 8 के लिए श्रीमती चित्रशोभा राव की 6 लाख 56 हजार 990 रुपये और दुकान क्रमांक 9 के लिए श्रीमती मीना की 6 लाख 10 हजार रुपये की बोली को स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया।
इसी प्रकार नया बस स्टैंड परिसर के पीछे स्थित दुकान क्रमांक-12 के लिए अजय सिंह ने 5 लाख रुपये की शासकीय दर के मुकाबले 12 लाख 28 हजार रुपये की उच्चतम बोली लगाई, वहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय व्यावसायिक परिसर (बैलाडिला कॉम्प्लेक्स) की जी-15 दुकान के लिए राजेश कुमार मंडावी ने 13 लाख 83 हजार 481 रुपये की शासकीय दर के मुकाबले 14 लाख 40 हजार 100 रुपये की बोली लगाई, जिसे स्वीकृति देने पर सहमति बनी।
बैठक में इतवारी बाजार परिसर की दुकानों के लिए भी प्राप्त निविदाओं पर चर्चा हुई। यहां दुकान क्रमांक 2 के लिए विवेक पासर ने 23 लाख 20 हजार रुपये की शासकीय दर के मुकाबले 26 लाख 11 हजार 111 रुपये की बोली लगाई, जबकि महिला वर्ग की दुकान क्रमांक 19 के लिए श्रीमती लक्ष्मी देवी पासर ने 23 लाख 20 हजार रुपये की दर के मुकाबले 24 लाख 11 हजार 111 रुपये की बोली दी।इन प्रस्तावों को भी सदन में स्वीकृति दी गई।
सभा में अवैध जल कनेक्शनों को वैध करने के लिए जुर्माना और शुल्क की नई दरों पर भी चर्चा हुई।
प्रस्ताव के अनुसार सामान्य उपभोक्ताओं के लिए फार्म शुल्क 50 रुपये और अमानत राशि 2000 रुपये रखी गई।पूर्व व्यवस्था में मासिक दर 200 रुपये के हिसाब से 6 माह के लिए 1200 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 36 माह के हिसाब से 7200 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया, वहीं जुर्माना राशि 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने का निर्णय लिया गया। इस प्रकार कुल राशि पहले 5250 रुपये होती थी, जो अब 14250 रुपये प्रस्तावित की गई।इस प्रस्ताव पर विपक्षी पार्षदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, लेकिन बहुमत से इसे पारित कर दिया गया।
बीपीएल कार्डधारकों के अवैध जल कनेक्शन के नियमितीकरण के लिए अलग व्यवस्था का प्रस्ताव भी रखा गया।इसमें फार्म शुल्क 50 रुपये, अमानत राशि 2000 रुपये और मासिक दर 200 रुपये के हिसाब से 6 माह के लिए 1200 रुपये तय की गई।
जुर्माना राशि 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया। इस श्रेणी में कुल राशि पहले 5250 रुपये थी, जिसे संशोधित कर 8250 रुपये निर्धारित किया गया।
जलकर बकाया के मामले में भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया। निगम क्षेत्र में लंबे समय से बकाया जलकर राशि को देखते हुए एकमुश्त भुगतान करने पर 25 प्रतिशत अधिभार राशि में छूट देने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया, यह छूट उन उपभोक्ताओं को दी जाएगी जिनकी बकाया राशि दो वर्ष से अधिक की है और जो निर्धारित अवधि तक भुगतान करेंगे। यह व्यवस्था 30 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगी।
इसके अलावा नगर निगम द्वारा सडक़ सफाई और बीट हार्वेस्टर मशीन के संचालन एवं संधारण कार्य के लिए वार्षिक निविदा आमंत्रित करने के प्रस्ताव को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने और जन-जागरूकता के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी पर आधारित मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में शहर के सिटी ग्राउंड और गांधी मैदान में खेल एवं अन्य आयोजनों के लिए शुल्क निर्धारण का प्रस्ताव भी रखा गया। दिन के समय मैदान उपयोग शुल्क 1000 रुपये प्रतिदिन, साप्ताहिक शुल्क 2000 रुपये और सफाई शुल्क 500 रुपये प्रतिदिन तय किया गया, वहीं रात्रि आयोजन के लिए लाइट शुल्क 3000 से 3500 रुपये प्रतिदिन, मैदान शुल्क 1000 रुपये प्रतिदिन तथा सफाई शुल्क 2000 रुपये प्रति सप्ताह और 500 रुपये प्रतिदिन निर्धारित करने पर सहमति बनी।
सामान्य सभा में कई प्रस्तावों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, कुछ मामलों में विपक्ष ने शुल्क बढ़ोतरी और आर्थिक भार को लेकर विरोध जताया, लेकिन अंतत: अधिकांश प्रस्ताव बहुमत के आधार पर पारित कर दिए गए। निगम प्रशासन का कहना है कि इन निर्णयों से शहर की व्यवस्था और राजस्व प्रणाली को मजबूत करने में मदद मिलेगी।